Hindi Quiz: UP TGT Hindi Question Paper 2021

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टीजीटी हिंदी प्रश्न-पत्र

UP TGT Hindi 2021 के question paper को यहाँ दिया जा रहा है। यह परीक्षा 08-08-2021 को आयोजित हुई थी। TGT, PGT Hindi की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्रों को इसे एक बार जरूर पढ़ना चाहिए। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज (UPSESSB) द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन परीक्षा (TGT Hindi) 2021 के question paper का Quiz हल कर आप अपना मूल्यांकन कर सकते हैं। up tgt hindi previous year question paper के अंतर्गत यह दसवाँ प्रश्न-पत्र है।

हिंदी साहित्य

1. एक ही कथानायक ‘चेतन’ उपेन्द्रनाथ के कई उपन्यासों का केन्द्रीय पात्र है। उनके किस उपन्यास का नायक ‘चेतन’ नहीं है?
गिरती दीवारें
शहर में घूमता एालरश्रा
एक नन्‍हीं कंदील
गर्म राख
‘उपेन्द्रनाथ अश्क के ‘गर्म राख’ उपन्यास का नायक ‘चेतन’ नहीं है।
2. ‘शिवराज भूषण’ में कितने अलंकारों का निरूपण हुआ है?
15
51
99
105
‘शिवराज भूषण’ में 105 अलंकारों का निरूपण हुआ है।
3. ‘आँखों का सपना’ यात्रावृत्त के लेखक है-
हरीसुमन विष्ट
सीतेश आलोक
वलल्‍लभ डोभाल
मरुधर मृदुल
‘आँखों का सपना’ यात्रावृत्त के लेखक ‘मरुधर मृदुल’ हैं।
4. निम्नलिखित में महाकाव्य के लक्षणों के विषय में एक कथन असत्य है-
इसमें सभी नाटक संधियाँ होती हैं
यह सर्गों में विभक्त होता है
इसके आरम्भ में देवादि को नमस्कार, आशीर्वाद या वस्तुनिर्देश होता है
इसमें सभी रस प्रधान रस के रूप में होते हैं
महाकाव्य में सभी रस प्रधान नहीं होते; शृंगार, वीर, शांत एवं करुण में से कोई एक रस अंगी रूप में और अन्य रस अंग रूप में रहते हैं।
5. ‘वध-स्थल से छलाँग’ किस लेखक की कहानी है?
प्रदीप जायसवाल
सत्यकेतु विद्यालंकार
डॉ. धर्मवीर
ऋषिकेश सुलभ
‘वध-स्थल से छलाँग’ ऋषिकेश सुलभ की कहानी है।
6. ‘पद्मावत’ का ‘बँगला’ अनुवाद किसने किया था?
मगन ठाकुर
नसरुददीन हुसैन
शुजाउद्दौला
आलोउजाला
‘पद्मावत’ का ‘बँगला’ अनुवाद ‘आलोउजाला’ ने किया था।
7. निम्न में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
प्रभा खेतान– अपने-अपने चेहरे
नासिरा शर्मा- ठीकरे की मँगनी
सूर्यबाला- अग्निपंखी
मृदुला गर्ग- एक जमीन अपनी
‘एक जमीन अपनी’ उपन्यास चित्रा मुदगल का है।
8. निम्नलिखित कृतियों को उनके प्रकाशनवर्ष के अनुसार आरोही क्रम में व्यक्त करने वाली श्रेणी है-
जयभारत, साकेत, भारत-भारती, यशोधरा
भारत-भारती, जयभारत, साकेत, यशोधरा
यशोधरा, साकेत, भारत-भारती, जयभारत
भारत-भारती, साकेत, यशोधरा, जयभारत
प्रकाशनवर्ष के अनुसार आरोही क्रम- भारत-भारती (1912), साकेत (1931), यशोधरा (1932), जयभारत (1952)
9. ‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक कौन है?
निर्मल वर्मा
रामविलास शर्मा
रघुवीर सहाय
शिवपूजन सहाय
‘वे दिन वे लोग’ शीर्षक संस्मरणात्मक रचना के लेखक ‘शिवपूजन सहाय’ हैं।
10. कलचुरि राजवंश की सात नायिकाओं के नखशिख वर्णन से संबंधित ग्रंथ है?
उक्ति व्यक्ति प्रकरण
कुबलय माला कथा
वर्णरत्नाकर
राउर बेलि
कलचुरि राजवंश की सात नायिकाओं के नखशिख वर्णन से संबंधित ग्रंथ राउर बेलि है।
11. गोस्वामी विट्ठलनाथ द्वारा ‘अष्टछाप’ की स्थापना का वर्ष है-
1555 ई.
1558 ई.
1560 ई.
1565 ई.
गोस्वामी विट्ठलनाथ ने वर्ष 1565 में ‘अष्टछाप’ की स्थापना किया था।
12. ‘सूरदास का प्रेमपक्ष लोक से न्‍यारा है’ यह कथन किस विद्वान का है?
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
डॉ. रामकुमार वर्मा
डॉ. बच्चन सिंह
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
‘सूरदास का प्रेमपक्ष लोक से न्‍यारा है’ यह कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है।
13. गुरु नानकदेव की माता का नाम था?
लक्ष्मी
वितस्ता
रूपना
तृप्ता
गुरु नानकदेव की माता का नाम ‘तृप्ता’ था, इनका जन्म ‘तलवंडी’ में हुआ था।
14. विधा की दृष्टि से कौन-सी रचना अन्य तीन से भिन्न है?
मुर्दहिया
मणिकर्णिका
कितनी धूप में कितनी बार
वटवृक्ष की छाया में
‘बटवृक्ष को छाया में’ अमृत लाल नागर (कुमुद नागर) की जीवनी है।
15. कबीर और तुलसी भाषा में एक मिशन के तहत लिख रहे थे।’ यह कथन किसका है?
रामचंद्र शुक्ल
हजारी प्रसाद द्विवेदी
रामविलास शर्मा
बच्चन सिंह
उपरोक्त कथन बच्चन सिंह का है।
16. आचार्य भरतमुनि ने नाटक में ‘अभिनय’ को किस वेद से लिया गया माना है?
ऋग्वेद
सामवेद
अथर्ववेद
यजुर्वेद
आचार्य भरतमुनि ने नाटक में ‘अभिनय’ को ‘यजुर्वेद’ से लिया गया माना है।
17. ‘भाषा योग वाशिष्ठ’ का रचनाकाल है-
1730 ई.
1750 ई.
1761 ई.
1741 ई.
रामप्रसाद निरंजनी कृत ‘भाषा योग वाशिष्ठ’ का रचनाकाल 1741 ई. है।
18. ज्ञानचंद्र जैन कृत ‘कथाशेष’ शीर्षक जीवनी किससे संबंधित है?
जैनेन्द्र कुमार
यशपाल
उषा प्रियंवदा
अमृतलाल नागर
ज्ञानचंद्र जैन कृत ‘कथाशेष’ शीर्षक जीवनी अमृतलाल नागर से संबंधित है।
19. ‘भारतेंदु नाटक मण्डली’ द्वारा अभिनीत पहला नाटक था-
विद्यासुंदर
भारत दुर्दशा
सतीप्रताप
सत्य हरिश्चंद्र
‘भारतेंदु नाटक मंडली’ द्वारा अभिनीत पहला नाटक ‘सत्य हरिश्चंद्र’ था। यह भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा लिखित चार अंकों का नाटक है।
20. ‘झोपड़ी से राजभवन’ किस साहित्यकार की आत्मकथा है?
श्योराज सिंह बेचैन
सोहनपाल सुमनाक्षर
हरपाल सिंह अरुष
माताप्रसाद
‘झोपड़ी से राजभवन’ माताप्रसाद की आत्मकथा है।
21. संत काव्य परंपरा का कौन-सा कवि अपनी विद्वता (सर्वाधिक शिक्षित होने) के कारण प्रसिद्ध है?
धर्मदास
रविदास
रज्जब
सुंदरदास
संत काव्य परंपरा के कवि सुंदरदास अपनी विद्वता (सर्वाधिक शिक्षित होने) के कारण प्रसिद्ध है।
22. भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना ‘हिंदी भाषा’ का प्रकाशन वर्ष है-
1890 ई.
1885 ई.
1850 ई.
1865 ई.
भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना ‘हिंदी भाषा’ का प्रकाशन वर्ष 1865 ई. है।
23. ‘ए डिक्शनरी ऑफ इंग्लिश एण्ड हिन्दुस्तानी’ के लेखक हैं?
जार्ज ग्रियर्सन
विलियम ग्राउस
फ्रेडरिक पिंकाट
जॉर्ज गिलक्राइस्ट
‘ए डिक्शनरी ऑफ इंग्लिश एण्ड हिन्दुस्तानी’ के लेखक जॉर्ज गिलक्राइस्ट हैं।
24. ‘तुम्हें सौंपता हूँ’ किसकी काव्य रचना है?
नागार्जुन
शमशेर
केदारनाथ अग्रवाल
त्रिलोचन
‘तुम्हें सौंपता हूँ’ त्रिलोचन की काव्य रचना है।
25. ‘पार्श्वनाथ चरित’ के लेखक हैं?
वीरनन्दी
धनंजय
मुनिजिनविजय
वादिराज
‘पार्श्वनाथ चरित’ के लेखक जैन कवि वादिराज (दसवीं शताब्दी) हैं।
26. निम्नलिखित में रचना और रचनाकारों के असंगत युग्म का चयन कीजिए-
हे मेरी तुम – केदारनाथ अग्रवाल
फूल नाम है एक – त्रिलोचन
नीली रेखा तक – भवानीप्रसाद मिश्र
लोग भूल गये हैं – शमशेर बहादुर सिंह
‘लोग भूल गए हैं’ रघुवीर सहाय का काव्य संग्रह है।
27. ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ उपन्यास में ‘सर्वोच्च देवलोक’ किसे कहा गया है?
पेरिस
न्यूयार्क
दिल्‍ली
लंदन
रणेंद्र कृत ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ (2006) उपन्यास में ‘सर्वोच्च देवलोक’ लंदन को कहा गया है।
28. तुलसीदास ने कौन-सी रचना अपनी शारीरिक पीड़ा के निवारणार्थ की थी?
विनय पत्रिका
रामचरित मानस
जानकी मंगल
हनुमान बाहुक
तुलसीदास ने ‘हनुमान बाहुक’ की रचना अपनी शारीरिक पीड़ा के निवारणार्थ की थी।
29. प्रेम कहानी में उठने वाले सामाजिक अवरोधों की पृष्ठभूमि पर लिखा गया उपन्यास है?
जुलूस- फणीश्वरनाथ रेणु
खुदा सही सलामत- रवींद्र कालिया
मुझे चाँद चाहिए- सुरेन्द्र वर्मा
नीलू नीलिमा नीलोफर- भीष्म साहनी
प्रेम कहानी में उठने वाले सामाजिक अवरोधों की पृष्ठभूमि पर लिखा गया उपन्यास भीष्म साहनी का ‘नीलू नीलिमा नीलोफर’ (2000) है।
30. ‘उनकी आलोचना की प्रमुख विशेषता है- उनकी अनाविल दृष्टि और निर्मल विवेचन’- यह कथन किस आलोचक के प्रति है?
रामचंद्र शुक्ल
महावीर प्रसाद द्विवेदी
नामवर सिंह
विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
यह कथन आलोचक ‘विश्वनाथ प्रसाद मिश्र’ के प्रति बच्चन सिंह ने ‘हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास’ में लिखा है।
31. ‘ब्रह्मसंप्रदाय’ के संस्थापक कौन है?
श्री निम्बार्काचार्य
शंकराचार्य
श्री रामानुजाचार्य
श्री मध्वाचार्य
ब्रह्मसंप्रदाय के संस्थापक श्री मध्वाचार्य हैं।
32. रामचंद्र शुक्ल का ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ पहले किस ग्रंथ की भूमिका के रूप में छपा था?
हिंदी साहित्य कोश
हिंदी साहित्य सागर
हिंदी सरित्सागर
हिंदी शब्द सागर
रामचंद्र शुक्ल का ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ पहले ‘हिंदी शब्द सागर’ की भूमिका के रूप में प्रकाशित हुआ था।
33. ‘उपन्यास-रहस्य’ शीर्षक से किसका निबंध संग्रह है?
बालकृष्ण भट्ट
प्रतापनारायण मिश्र
बालमुकुन्द गुप्त
महावीर प्रसाद द्विवेदी
‘उपन्यास-रहस्य’ शीर्षक से महावीर प्रसाद द्विवेदी का निबंध संग्रह है।
34. निम्नलिखित में से असत्य कथन है-
रामचंद्र शुक्ल ने प्रेमचंद को हिंदी का सर्वश्रेष्ठ उपन्यासकार कहा है।
‘दुलाई वाली’ कहानी ‘ग्यारह वर्ष का समय’ के बाद लिखी गयी।
‘उसने कहा था’ कहानी ‘सरस्वती’ में 1915 ई. में प्रकाशित हुई थी।
‘रक्षाबंधन’ कहानी हरिकृष्ण प्रेमी ने लिखी थी।
रक्षाबंधन (1939 ई.) हरिकृष्ण प्रेमी का नाटक है।
35. गार्सा द तासी के इतिहास ग्रंथ ‘द ला लितरेत्यूर ऐन्दुई ए ऐन्दुस्तानी’ का दूसरा संस्करण कब प्रकाशित हुआ था?
1848 ई.
1868 ई.
1888 ई.
1871 ई.
गार्सा द तासी के इतिहास ग्रंथ का दूसरा संस्करण 1871 ई. प्रकाशित हुआ था।
36. निम्नलिखित में से कौन-सा काव्य संग्रह नरेन्द्र शर्मा का नहीं है?
कर्णफूल
शूलफूल
प्रवासी के गीत
अपराजिता
‘अपराजिता’ निराला का गीत है जो अनामिका में संग्रहीत है और इसी नाम से रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’ का प्रबंध काव्य भी है।
37. विधा की दृष्टि से सुमेलित युग्म नहीं है-
अत्र कुशलं तत्रास्तु- पत्र साहित्य
अपनी धरती अपने लोग- आत्मकथा
व्यक्तित्व की झाँकियाँ- रेखाचित्र
शान्तिनिकेतन से शिवालिक- यात्रावृत्त
‘शांतिनिकेतन से शिवालिक’ शिवप्रसाद सिंह द्वारा संपादित निबंध संग्रह है जो हजारी प्रसाद द्विवेदी पर केंद्रित है।
38. ‘निर्भय-भीम-व्यायोग’ के लेखक हैं-
धनपाल
राजशेखर
धर्मप्रभ सूरि
रामचंद्र सूरि
‘निर्भय-भीम-व्यायोग’ के लेखक रामचंद्र सूरि हैं, यह रूपक ग्रंथ है जिसमें भीम द्वारा वनवास में बकासुर को मारने की कथा है।
39. ‘विनय और सोफिया’ किस प्रसिद्ध उपन्यास के पात्र हैं?
सेवासदन
कर्मभूमि
कायाकल्प
रंगभूमि
विनय, सोफिया, सूरदास, जॉन सेवक, प्रभु सेवक आदि रंगभूमि उपन्यास (प्रेमचंद) के पात्र हैं।
40. निम्नलिखित में एक मार्कण्डेय की कहानी नहीं है-
महुए का पेड़
पानफूल
हंसा जाई अकेला
रामलीला
रामलीला कहानी के लेखक प्रेमचंद हैं।
41. हिंदी काव्यशास्त्र में ‘बौद्धिक रस’ की स्थापना कल वाले विद्वान हैं-
माता प्रसाद गुप्त
भगीरथ मिश्र
भिखारीदास
गणपतिचंद्र गुप्त
हिंदी काव्यशास्त्र में ‘बौद्धिक रस’ की स्थापना कल वाले विद्वान गणपतिचंद्र गुप्त हैं।
42. हिंदी ‘नई चाल में ढली, सन्‌ 1873 ई.।’ भारतेंदु हरिश्चंद्र ने इसे किस पुस्तक में अंकित किया था?
विद्यासुंदर
नीलदेवी
भारतदुर्दशा
कालचक्र
भारतेंदु का हिंदी ‘नई चाल में ढली’ निबंध ‘कालचक्र’ पुस्तक में संग्रहित है।
43. ‘तुलसी गंग दुवौ भये सुकबिन के सरदार’– यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
ब्रजनाथ
रामचंद्र शुक्ल
रामकुमार वर्मा
भिखारीदास
उपरोक्त कथन ‘भिखारीदास’ का है।
44. ‘चेहरे अनेक’ किसकी आत्मकथा है?
नेमिचंद्र जैन
धर्मवीर भारती
इलाचंद्र जोशी
उपेंद्रनाथ अश्क
‘चेहरे अनेक’ उपेंद्रनाथ अश्क की आत्मकथा है। इसका पहला भाग वर्ष 1977 में प्रकाशित हुआ था।
45. प्रगतिवाद आंदोलन के ‘सैनिक रूप’ का उल्लेख किस साहित्यकार ने किया है?
प्रेमचंद
अज्ञेय
नागार्जुन
मुक्तिबोध
प्रगतिवाद आंदोलन के ‘सैनिक रूप’ का उल्लेख मुक्तिबोध ने किया है।
46. निम्नलिखित में से भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना नहीं है-
अपवर्ग पंचक
भक्ति सर्वस्व
हिंदी भाषा
अषाढ महात्म्य
‘आषाढ़ महात्म्य’ भारतेंदु हरिश्चंद्र की रचना नहीं है।
47. ‘प्रज्ञा नवनवोन्मेषशालिनी प्रतिभा मता’ किसकी उक्ति है?
कुन्तक
मम्मट
भट्टलोल्लट
श्री भट्टतौत
आचार्य भट्टतौत ने ‘साहित्यदर्पण’ में प्रतिभा को ‘प्रज्ञा नवनवोन्मेषशालिनी प्रतिभा मता’ कहा है।
48. निम्नलिखित में से किस रचना का रचनाकार फोर्ट विलियम कालेज से संबद्ध नहीं था?
प्रेम सागर
लालचन्द्रिका
नासिकेतोपाख्यान
रानी केतकी की कहानी
रानी केतकी की कहानी के लेखक ‘इंशा अल्ला खाँ’ है जो सीधे फोर्ट विलियम कालेज से संबद्ध नहीं थे।
49. ‘एक दिन बोलेगे पेड़’ काव्यकृति के रचनाकार हैं-
अरुण कमल
मंगलेश डबराल
उदय प्रकाश
राजेश जोशी
‘एक दिन बोलेगे पेड़’ काव्यकृति के रचनाकार ‘राजेश जोशी’ हैं।
50. ‘कविता की नई तारीख’ किसकी कहानी है?
ज्ञान रंजन
श्रीकान्त वर्मा
उदय प्रकाश
काशीनाथ सिंह
‘कविता की नई तारीख’ कहानी काशीनाथ सिंह की है।
51. ‘मर गया दीपनाथ’ नामक चर्चित कहानी के लेखक हैं?
रमाकान्त श्रीवास्तव
रमणिका गुप्ता
सजीव
चंद्रकिशोर जायसवाल
‘मर गया दीपनाथ’ नामक चर्चित कहानी के लेखक ‘चंद्रकिशोर जायसवाल’ हैं।
52. ‘विखण्डनवाद’ का जनक माना जाता है-
रूसो को
सस्युर को
रिचर्ड को
देरीदा को
‘विखण्डनवाद’ का जनक देरीदा को माना जाता है।
53. अपभ्रंश में दोहा-काव्य की परम्परा का आरंभ किस कवि ने किया?
हेमचंद्र
धनपाल
सोमनाथ
जोइन्दु
अपभ्रंश में दोहा-काव्य की परम्परा का आरंभ ‘जोइन्दु’ ने किया था।
54. नाटकों और नाटककारों का कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
रघुकुल रीति- जगदीशचंद्र माथुर
मिस्टर अभिमन्यु- लक्ष्मीनारायण लाल
गोपा का दान – विनोद रस्तोगी
एक सत्य हरिश्चंद्र – लक्ष्मीनारायण मिश्र
‘एक सत्य हरिश्चंद्र’ नाटक के नाटककार ‘लक्ष्मीनारायण लाल’ हैं।
55. निम्नलिखित में से कौन-सा नाम सिद्ध-परम्परा की योगिनी का नहीं बल्कि योगी का है?
मणिभद्रपा
कनखलापा
लक्ष्मीकरा
पुतलिपा
‘पुतलिपा’ 84 सिद्धों की परंपरा के योगी हैं, न की योगिनी।
56. ‘हम तौ भगति मुकति मैं आया, गुरु परसाद राम गुन गाया।’
पंक्तियाँ किस ग्रंथ से ली गई है?
पद्मावत
रामचरित मानस
बीजक
कबीर की परिचई
उपर्युक्त पंक्तियाँ ‘कबीर की परिचई’ की चौपाई है। कबीर की परिचई में आध्यात्मिक चमत्कारों का भी उल्लेख है।
57. ‘निबंध वह गद्य रचना है जिसमें लेखक किसी भी विषय पर स्वछंदतापूर्वक परन्तु एक विशेष सौष्ठव, संहिति और वैयक्तिकता के साथ अपने भावों, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करता है।’
-यह परिभाषा किस विद्वान की है?
श्यामसुंदर दास
भारतेंदु
डॉ. नगेंद्र
भगीरथ मिश्र
उपरोक्त परिभाषा भगीरथ मिश्र की है।
58. ‘शुद्ध कला के पारखी, कहते हैं उस पार की।’
पंक्ति के रचयिता कौन है?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’
नागार्जुन
मुक्तिबोध
रामविलास शर्मा
उपरोक्त पंक्तियां रामविलास शर्मा की कविता ‘सत्यं शिवं सुंदरम्’ की है।
59. ‘अन्तःकरण की वृत्तियों के चित्र का नाम कविता है’
-यह काव्य लक्षण किसने प्रस्तुत किया है?
रामचंद्र शुक्ल
श्यामसुंदर दास
हजारी प्रसाद द्विवेदी
महावीर प्रसाद द्विवेदी
यह काव्य लक्षण महावीर प्रसाद द्विवेदी ने प्रस्तुत किया है।
60. ‘काम-भाव और शरीर का सौंदर्य उनके यहाँ उत्सव-रूप में है।’
विद्यापति के संदर्भ में यह कथन किसका है?
रामस्वरूप चतुर्वेदी
डॉ. नगेंद्र
बच्चन सिंह
रामचंद्र शुक्ल
विद्यापति के संदर्भ में यह कथन रामचंद्र शुक्ल का है।
61. ‘उपन्यास का मोटापा उसके स्वास्थ्य पर वैसा ही असर डालता है, जैसे मनुष्यों का मोटापा।’
-यह कथन किस इतिहासकार का है?
बाबू गुलाब राय
डॉ. गणपतिचंद्र गुप्त
डॉ. नगेंद्र
डॉ. बच्चन सिंह
उपन्यास के संदर्भ में यह कथन बच्चन सिंह का है।
62. ‘प्रसंग गर्भत्व इनके गद्य की निजी विशेषता है। इनकी भाषा सरल और व्यंजना पूर्ण है। बीच-बीच में हास्य और व्यंग्य भी है।’
–यह कथन किसके प्रति है?
बाबू श्याम सुंदर दास
चंद्रधर शर्मा
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
अध्यापक पूर्णसिंह
यह कथन अध्यापक पूर्णसिंह के प्रति, रामचंद्र शुक्ल का कथन है।
63. ‘प्रसन्‍न पद-नव्यार्थ युक्‍त्युदूबोध विधायिनी। स्फुरन्ती सत्कवेुर्बुद्धि: प्रतिभा सर्वतोमुखी॥’
-उक्त कथन किसका है?
मम्मट
रुद्रट
विश्वनाथ
वाग्भट
उक्त कथन ‘वाग्भट’ का है।
64. ‘उदधि आइ तेइ बन्धन कीन्हा। इति दसमाथ अमर पद दीन्हा॥’
-पंक्तियों के रचनाकार हैं:
कुतुबन
तुलसी
सूरदास
जायसी
उपर्युक्त पंक्तियों के रचनाकार जायसी हैं। इसे पद्मावत के ‘लक्ष्मी समुद्र खंड’ से लिया गया है।
65. ‘किन्तु, उस दिन यह सिद्ध हुआ …. उस दिन नक्षत्रों की दिशा बदल जाती है।’
इन पंक्तियों के सृजेता तथा कृति का नाम बताइये-
एक कंठ विषपायी – दुष्यंत कुमार
एक आत्म वक्तव्य – मुक्तिबोध
आत्महत्या के विरुद्ध – रघुवीर सहाय
अंधा युग – धर्मवीर भारती
उपरोक्त पंक्तियों के सृजेता ‘धर्मवीर भारती’ और कृति का नाम ‘अंधा युग’ है।
66. ‘पौन मया करि घूँघट टारै, दया करी दामिनी दीप देखावै’
-काव्य पंक्ति किस कवि की है?
पद्माकर
देव
ग्वाल
नेही नागरिदास
उपरोक्त काव्य पंक्ति ‘नेही नागरिदास’ की है।
67. ‘लीक पर वे चलें जिनके ….. ऐसे अनिर्मित पंथ प्यारे हैं’
इन पंक्तियों के सृजेता हैं-
भारत भूषण अग्रवाल
चंद्रकांत देवताले
भवानी प्रसाद मिश्र
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
इन पंक्तियों के सृजेता ‘सर्वेश्वर दयाल सक्सेना’ हैं।
68. ‘वह उस शाखा का वन-विहंग / उड़ गया मुक्त नभ निरस्तरंग’
पंक्तियाँ किस छायावादी कवि की है?
जयशंकर प्रसाद
सुमित्रानंदन पंत
महादेवी वर्मा
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
उपर्युक्त पंक्तियाँ छायावादी कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की हैं।
69. साखी सबदी दोहरा, कहि कहनी उपखान।
भमति निरूपहिं भगत कलि, निंदहिं बेद पुरान॥
-उपर्युक्त पंक्तियों के रचनाकार हैं-
कबीर
मलिक मुहम्मद जायसी
कुतुबन
तुलसीदास
उपर्युक्त पंक्तियों के रचनाकार तुलसीदास हैं जो दोहावली में संग्रहीत है।
70. सनि कज्जल चख झख-लगन उपज्यौ सुदिन सनेहु। क्यौं न नृपति ह्वै भोगवै लहि सुदेसु सबु देहु॥
-बिहारी के उपर्युक्त दोहे में उनकी बहुज्ञता का कौन-सा पक्ष प्रकट हुआ है?
राजनीति
देशाटन
ज्योतिष ज्ञान
वैद्यक ज्ञान
बिहारी के उपर्युक्त दोहे में उनकी बहुज्ञता का ‘वैद्यक ज्ञान’ प्रकट हुआ है।
71. ‘सोभा सरसाने न बखाने जात कैहूँ भाँति / आने हैं पहार मानो काजर के ढोय कै॥’
-यह काव्य पंक्ति किसकी है?
देव
मतिराम
चिन्तामणि
सेनापति
यह काव्य पंक्ति सेनापति की है।
72. उर्दू को यामिनी भाषा कहने का श्रेय किसको है?
सदल मिश्र
इंशा अल्लाखाँ
सदासुखलाल नियाज
लल्लू लाल
उर्दू को यामिनी भाषा कहने का श्रेय ‘लल्लू लाल’ को है।
73. ‘ब्रजभाषा’ का विकास किस अपभ्रंश से हुआ?
मागधी अपभ्रंश से
अर्द्ध मागधी अपभ्रंश से
ब्राचड़ अपभ्रंश से
शौरसेनी अपभ्रंश से
‘ब्रजभाषा’ का विकास शौरसेनी अपभ्रंश से हुआ है।
74. ‘अंग्रेज’ किस भाषा का शब्द है?
अंग्रेजी
पुर्तगाली
डच
फ्रेंच
‘अंग्रेज’ फ्रेंच भाषा का शब्द है।
75. सभी स्वर होते हैं-
दीर्घ
अघोष
महाप्राण
अल्पप्राण
सभी स्वर अल्पप्राण होते हैं।
76. हिंदी के विकास के संबंध में निम्नांकित कथनों में एक असत्य है-
हिंदी का विकास लगभग 1000 ई. से माना जाता है।
हिंदी अपभ्रंश के बाद की भाषा है।
हिंदी एक वियोगात्मक भाषा है।
हिंदी का विकास संयोगात्मक भाषा के रूप में हुआ।
हिंदी का विकास वियोगात्मक भाषा के रूप में हुआ है न की संयोगात्मक।
77. लिपि के विकास का क्रमिक सोपान है-
सूत्र लिपि, चित्र लिपि, प्रतीकात्मक लिपि, भावमूलक लिपि
भावमूलक लिपि, सूत्र लिपि, चित्र लिपि, प्रतीकात्मक लिपि
सूत्र लिपि, भावमूलक लिपि, चित्र लिपि, प्रतीकात्मक लिपि
चित्र लिपि, सूत्र लिपि, प्रतीकात्मक लिपि, भावमूलक लिपि
लिपि के विकास का क्रमिक सोपान है- चित्र लिपि, सूत्र लिपि, प्रतीकात्मक लिपि, भावमूलक लिपि।
78. ‘खड़ी बोली’ का एक अन्य नाम है-
अन्तर्वेदी
प्राची
हरियाणवी
कौरवी
पश्चिमी हिंदी से उत्पन्न ‘खड़ी बोली’ का एक अन्य नाम ‘कौरवी’ है।
79. ‘हिंदवी’ शब्द का प्रथम प्रयोग किस इतिहासकार ने किया है?
रामचंद्र शुक्ल
इब्न बतूता
बदायूँनी
अबू सईद
‘हिंदवी’ शब्द का प्रथम प्रयोग इतिहासकार अबू सईद ने किया है।
80. निम्नलिखित में एक ओष्ठ्य ध्वनि नहीं है?
‘ध’ दंत्य ध्वनि है क्योंकि यह दाँत और जीभ के स्पर्श से बोला जाता है।
81. निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ण घोष-महाप्राण है?
दिये गए विकल्पों में ‘ह’ वर्ण ही घोष और महाप्राण दोनों है।
82. निम्न में से वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द कौन-सा है?
अभ्यन्तरिक
अभ्यान्तरिकि
आभ्यान्तरिकि
आभ्यन्तरिक
शुद्ध शब्द- आभ्यन्तरिक है।
83. निम्नलिखित में स्त्रीलिंग शब्द है-
जबाब
गुलाब
हिसाब
शराब
उपर्युक्त विकल्पों में स्त्रीलिंग शब्द ‘शराब’ है।
84. अर्थ निर्दिष्ट करने की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा उपसर्ग अन्य तीन से भिन्न है?
अव
अप
दुर्
परि
‘अव, अप और दुर’ हीनता बोधक उपसर्ग हैं जबकि ‘परि’ उपसर्ग हीनता बोधक नहीं है।
85. निम्न में से कौन-सा सात्विक अनुभाव नहीं है?
रोमांच
कंप
प्रलय
विषाद
सात्विक अनुभाव 8 हैं- रोमांस, वेपथु (कम्प), प्रलय, स्तम्भ, स्वेद, स्वरभंग, वैवर्ण्य और अश्रुपात।
86. ‘वीणापाणि’ में समास है-
कर्मधारय
तत्पुरुष
द्विगु
बहुव्रीहि
जिस समास में किसी अन्य पद की प्रधानता हो, वह बहुव्रीहि समास कहलाता है; जैसे- वीणापाणि = वीणा है जिसके पाणि (हाथ) में अर्थात सरस्वती।
87. जिस समस्त पद में पूर्व या उत्तर पद की बजाय किसी अन्य अर्थ की प्रधानता होती है, उसमें होता है-
तत्पुरुष समास
अव्ययीभाव समास
द्वंद्व समास
बहुव्रीहि समास
अन्यमनस्क = अन्य में है मन जिसका वह अर्थात बहुव्रीहि समास।
88. ‘अंतड़ियों में बल पड़ना’ मुहावरे का अर्थ है?
आँतों की बीमारी हो जाना
पेट में आँतों का न होना
मन में किसी प्रकार की शंका होना
हँसते-हँसते पेट में पीड़ा हो जाना
‘अंतड़ियों में बल पड़ना’ मुहावरे का अर्थ- ‘हँसते-हँसते पेट में पीड़ा हो जाना’ है।
89. निम्नलिखित में ‘तद्भव’ शब्द नहीं है?
खेत
किसान
दाहिना
राजा
‘राजा’ तत्सम शब्द है, इसका तद्भव शब्द राय होगा।
90. ‘पार्वती’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है-
गिरिजा
अर्पणा
शैलजा
शिवानी
‘पार्वती’ का पर्यायवाची शब्द शिवानी नहीं है।
91. विलोम की दृष्टि से असंगत युग्म है-
अज्ञ – विज्ञ
अद्यतन – पुरातन
अर्वाचीन – नवीन
अजय – अमर
अजय का विलोम शब्द विजय होता है।
92. कोई व्यक्ति या वस्तु जिस आधार से अलग होती है या दूर जाती है, उस आधार में कौन-सा कारक प्रयुक्त होता है?
सम्प्रदान कारक
संबंध कारक
करण कारक
अपादान कारक
कोई व्यक्ति या वस्तु जिस आधार से अलग होती है या दूर जाती है, वहाँ ‘अपादान कारक’ प्रयुक्त होता है; जैसे- पेड़ से पत्ते गिरते हैं।
93. निम्नलिखित शब्दों में से कौन-सा स्त्रीलिंग नहीं है?
वायु
रेणु
रज्जु
सेतु
वायु, रेणु और रज्जु स्त्रीलिंग शब्द हैं जबकि सेतु पुंल्लिंग शब्द है।
94. द्रुतविलंबित छंद का लक्षण है कि इसके प्रत्येक में होते हैं-
दो तगण, एक जगण तथा दो गुर के क्रम में 11 वर्ण
एक जगण, एक तगण, एक जगण तथा एक रगण के क्रम में 12 वर्ण
एक तगण, एक भगण, दो जगण तथा दो गुरु के क्रम में 14 वर्ण
एक नगण, दो भगण तथा एक रगण के क्रम में 12 वर्ण
द्रुतविलंबित छंद में एक नगण, दो भगण तथा एक रगण के क्रम में 12 वर्ण होते हैं।
95. ‘कूलंकषा’ किसका पर्यायवाची है?
नौका
बिजली
रात्रि
नदी
‘कूलंकषा’ नदी का पर्यायवाची है।
96. ‘पक्षी’ का पर्यायवाची नहीं है-
खग
शकुनि
शकुन्त
शकुंद
‘पक्षी’ का पर्यायवाची शकुंद नहीं है।
97. ‘सब कोऊ जानत तुम्हें सारे जगत जहान’– इस वाक्य में कौन-सा काव्य-दोष है?
न्यून पदत्व
क्लिष्टत्व
अक्रमत्व
पुनरुक्ति
एक ही अर्थ को प्रकट करने वाले शब्द या वाक्य का दो या दो से अधिक बार प्रयोग करना, पुनरुक्ति दोष कहलाता है।
98. निम्नलिखित में ‘तद्भव’ शब्द है-
रात्रि
कार्य
दैव
पंख
‘पंख’ तद्भव शब्द है, जबकि रात्री, कार्य और दैव तत्सम शब्द हैं।
99. ‘समस्त पृथ्वी से संबंध रखने वाला’ के लिए एक शब्द होगा-
सार्वकालिक
सार्वदैशिक
सार्वजनीन
सार्वभौमिक
‘समस्त पृथ्वी से संबंध रखने वाला’ के लिए एक शब्द ‘सार्वभौमिक’ होगा।
100. ‘ऊटपटांग’ शब्द में समास होता है?
बहुव्रीहि
द्वंद्व
द्विगु
तत्पुरुष
जिसका प्रथम पद गौण और उत्तरपद या अंतिम पद प्रधान हो, तत्पुरुष समास होता है।
101. निम्नलिखित में से कौन तद्धित प्रत्यय वाला शब्द नहीं है?
शिक्षक
पौरुषेय
मायावी
सजावट
‘सजावट’ तद्धित प्रत्यय वाला शब्द नहीं है जबकि शिक्षक, पौरुषेय और मायावी में तद्धति प्रत्यय है।
102. ‘लौटकर आया हुआ’ के लिए उपयुक्त एक शब्द होगा-
आगत
विगत
तथागत
प्रत्यागत
‘लौटकर आया हुआ’ के लिए एक शब्द ‘प्रत्यागत’ है।
103. ‘बैलगाड़ी’ में समास है-
द्वंद्व
द्विगु
कर्मधारय
तत्पुरुष
‘बैलगाड़ी’ में तत्पुरुष समास है। जिसका अंतिम या उत्तरपद पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
104. ‘बीती विभावरी जाग री। अम्बर-पनघट में डुबो रही तारा घट ऊषा नागरी।’
-उपर्युक्त पंक्तियों में अलंकार है?
उत्प्रेक्षा
श्लेष
यमक
रूपक
अत्यधिक समानता के कारण जब उपमेय को ही उपमान बता दिया जाए, तो वहाँ रूपक अलंकार होता है।
105. ‘हिमाद्रि तुंग श्रृंग से, प्रबुद्ध शुद्ध भारती …. स्वयं प्रभा समुज्ज्वला, स्वतंत्रता पुकारती’
-प्रस्तुत पंक्तियों में काव्य का कौन-सा गुण मौजूद है?
माधुर्य
प्रसाद
इनमें से कोई नहीं
ओज
प्रस्तुत पंक्तियों में काव्य का ‘ओज’ गुण मौजूद है।
106. अखिल भुवन चर-अचर जग हरिमुख में लखि मातु। चकित भयी, गदगद वचन, विकसित दृग पुलकातु॥
निम्न पंक्तियों में निहित रस है?
भयानक रस
वीभत्स रस
वात्सल्य रस
अद्भुत रस
किसी विचित्र अथवा आश्चर्यजनक वस्तु को देखकर मन में जो विस्मय आदि का भाव उत्पन्न होता है, उसे अद्भुत रस कहते हैं।
107. ‘जहाँ वक्रता-सर्प के चाल में थी। प्रजा में नहीं थी, न भूपाल में थी॥’
-उपर्युक्त पंक्तियाँ किस अलंकार की उदाहरण हैं?
अर्थान्तरन्यास
विभावना
अपह्नुति
परिसंख्या
उपरोक्त पंक्ति में वक्रता को सिर्फ सर्प तक सीमित कर दिया गया है इसलिए यहाँ ‘परिसंख्या अलंकार’ होगा।
108. ‘अवधि शिला का उस पर, था गुरु भार। तिल तिल काट रही थी, दृग जल धार॥’
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा छंद है?
दोहा
सोरठा
रोला
बरवै
अर्द्धसम मात्रिक छ्ंद बरवै के पहले और तीसरे चरण में 12-12 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 7-7 मात्राएँ होती हैं। सम चरणों के अन्त में ‘जगण’ (।S।) होता है।
109. ‘जहँ राधा आनन उदित, निसि बासर आनंद। / तहाँ कहा अरविन्द है, कहा बापुरो चंद॥’
पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
रूपक
अनन्वय
दीपक
प्रतीप
जब उपमेय को उपमान और उपमान को उपमेय बताया जाता है तब उसे प्रतीप अलंकार कहते हैं।
110. कालिदास ने ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम’ में कितने प्रकार के छंदों का प्रयोग किया है?
15
18
20.
24
कालिदास ने ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम’ में 24 प्रकार के छंदों का प्रयोग किया है।
111. संस्कृत के किस कवि ने अपने लिए ‘पद वाक्य प्रमाणज्ञ’ विशेषण का प्रयोग किया है?
कालिदास
भारवि
बाणभट्ट
भवभूति
संस्कृत के कवि भवभूति ने अपने लिए ‘पद वाक्य प्रमाणज्ञ’ विशेषण का प्रयोग किया है।
112. संस्कृत के किस ग्रंथ का आरम्भ ‘श्री’ शब्द से तथा समापन ‘लक्ष्मी’ शब्द से हुआ है?
रघुवंशम्‌
शिशुपालवधम्‌
कुमारसंभवम्‌
किराताजुनीयम्‌
भारवि के ‘किरातार्जुनीयम्’ महाकाव्य का आरम्भ ‘श्री’ शब्द से तथा समापन ‘लक्ष्मी’ शब्द से हुआ है।
113. ‘न धर्मवृद्वेषु वय: समीक्ष्यते’- यह सूक्ति किस कवि की है?
भारवि
माघ
श्रीहर्ष
कालिदास
यह सूक्ति कवि कालिदास की है।
114. टीकाकार मल्लिनाथ ने कालिदास कृत ‘कुमारसम्भवम्’ के कितने सर्गों पर संजीवनी लिखी है?
4
6
10
8
टीकाकार मल्लिनाथ ने कालिदास कृत ‘कुमारसम्भवम्’ के 8 सर्गों पर संजीवनी लिखी है।
115. संस्कृत के प्रथम नाटककार है-
कालिदास
शूद्रक
विशाखदत्त
भास
संस्कृत के प्रथम एकांकी और नाटककार ‘भास’ हैं जो कालिदास से पूर्ववर्ती हैं।
116. ‘नम:’ शब्द के योग में ‘विभक्ति’ होती है-
प्रथमा
द्वितीया
तृतीया
चतुर्थी
‘नम:’ शब्द के योग में ‘चतुर्थी’ विभक्ति होती है।
117. ‘नदी कोश भर टेढ़ी है’- का संस्कृत अनुवाद होगा?
नदी क्रोशेण कुटिला।
नदी क्रोशाय कुटिला।
नदी क्रोशात्‌ कुटिला।
नदी क्रोशं कुटिला।
‘नदी कोश भर टेढ़ी है’ का संस्कृत अनुवाद- ‘नदी क्रोशं कुटिला’ होगा।
118. ‘युष्मद्’ शब्द के चतुर्थी विभक्ति एकवचन के रूप हैं-
‘तुभ्यम्’ तथा ‘तव’
‘तुभ्यम्‌’ तथा ‘तौ’
‘त्वया’ तथा ‘त्वाम्‌’
‘तुभ्यम्‌’ तथा ‘ते’
‘युष्मद्’ शब्द के चतुर्थी विभक्ति एकवचन के रूप- ‘तुभ्यम्‌’ तथा ‘ते’ हैं।
119. गणनावाचक शब्द ‘अयुतम्‌’ किसके लिए प्रयुक्त होता है?
द्स लाख
एक लाख
पाँच हजार
दस हजार
गणनावाचक शब्द ‘अयुतम्‌’ 10 हजार के लिए प्रयुक्त होता है।
120. ‘द्रक्ष्यति’ शब्द ‘दृश्’ धातु के किस लकार, वचन एवं पुरुष का रूप है?
लट्‌ लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
लोट्‌ लकार, मध्यम पुरुष, द्विवचन
लङ् लकार, प्रथम पुष्प, बहुवचन
लृट्‌ लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
‘द्रक्ष्यति’ शब्द ‘दृश्’ धातु के लृट्‌ लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन का रूप है।
121. शयन में संधि है-
यण स्वर संधि
गुण स्वर संधि
वृद्धि स्वर संधि
अयादि स्वर संधि
शयन में आयादि स्वर संधि है।
122. लकार और उसके कालवाचक अर्थ का कौन-सा युग्म सही नहीं है?
लट् लकार- वर्तमान काल
लृट् लकार- भविष्य काल
लङ् लकार- भूतकाल
लोट् लकार- सम्भाव्य काल
यह युग्म सुमेलित नहीं है।
123. ‘गुरवे’ शब्द का सही संधि-विच्छेद होगा-
गुरु + वे
गुरु + ए
गुर + वे
गुरो + ए
‘गुरवे’ शब्द का सही संधि-विच्छेद होगा- ‘गुरो + ए’।
124. ‘तवल्कार:’ का सही संधि-विच्छेद है-
तव + लकार:
तव + ऋकार:
तवल् + कार
तव + लृकार:
‘तवल्कार:’ का सही संधि-विच्छेद ‘तव + लृकार:’ और इसमें गुण संधि है।
125. ‘पितृ’ शब्द के सप्तमी विभक्ति के तीनों वचनों के रूप हैं क्रमशः
पितरि, पितरो, पितृषु
पिते, पित्रो:, पितृषु
पितरि, पितरो, पितेषु
पितरि, पित्रो:, पितृषु
‘पितृ’ शब्द के सप्तमी विभक्ति के तीनों वचनों के रूप हैं- पितरि, पित्रो:, पितृषु है।

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