आर्टिकल

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भक्ति आंदोलन उद्भव और विकास तथा विभिन्न विद्वानों के मत

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भक्ति आंदोलन: उद्भव और विकास भक्ति आंदोलन का उद्भव हिंदी साहित्येतिहास के सर्वाधिक विवादास्पद प्रसंगों में से एक है। पूर्व मध्यकाल में जिस भक्ति धारा...
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परिंदे कहानी की समीक्षा एवं सारांश | निर्मल वर्मा

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परिंदे कहानी और निर्मल वर्मा का परिचय निर्मल वर्मा को प्रायः स्मृति का कहानीकार माना गया है। 1956 ई. में परिदें कहानी का प्रकाशन होता है। इसी...
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राजा निरबंसिया कहानी की समीक्षा एवं सारांश | कमलेश्वर

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राजा निरबंसिया कहानी और कमलेश्वर का परिचय कमलेश्वर नयी कहानी आंदोलन के स्थापकों में रहे, जिसे नयी कहानी त्रयी कहा जाता है। कमलेश्वर के अलावा राजेंद्र यादव...
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महामारी और अकाल पर आधारित हिंदी साहित्य की प्रमुख रचनाएँ

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कोरोना के बहाने तमाम साहित्यकारों और विद्वानों का ध्यान महामारी और अकाल की तरफ गया है। यह चर्चा-परिचर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।...
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हिंदी साहित्य इतिहास लेखन की पद्धतियाँ | hindi sahity itihas lekhan ki paddhati

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हिंदी साहित्येतिहास (hindi sahity ka itihas) लेखन प्रमुख रूप से 5 दृष्टियों/पद्धतियों को आधार बनाकर लिखा गया है जो निम्न हैं-1.   वर्णानुक्रम पद्धति 2.   कालानुक्रम पद्धति 3.   वैज्ञानिक पद्धति 4.   विधेयवादी पद्धति 5.   नारीवादी पद्धति उपरोक्त पद्धतियों (itihas lekhan ki paddhati) का विस्तार से...
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रीतिकालीन काव्य की प्रमुख प्रवृतियाँ | reetikal

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रीतिकालीन काव्य की रचना सामंती परिवेश और छत्रछाया में हुई है इसलिए इसमें वे सारी विशेषताएँ पाई जाती हैं जो किसी भी सामंती और...
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संप्रेषण के विभिन्‍न मॉडल | sampreshan ke vibhinn model

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संप्रेषण मॉडल संप्रेषण पर अधिकतर पश्चिमी विचारकों ने ही अपना मत रखा है, भारतीय चिंतन परम्परा में इसका अभाव दिखाई देता है। पश्चिमी विद्वानों के प्रमुख...
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