वस्तुनिष्ठ इतिहास

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प्रगतिवादी काव्य और उनके प्रमुख कवि

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प्रगतिवादी काव्य धारा का समय (समय-सीमा) 1936 से 1943 ई. तक माना गया है। सन् 1934 ई. में गोर्की के नेतृत्व में रूस में...
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छायावादी युग के कवि और उनकी रचनाएं | राष्ट्रीय-सांस्कृतिक काव्य-धारा और प्रेम और मस्ती...

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छायावाद की कालावधि 1920 या 1918 से 1936 ई. तक मानी जाती है। वहीं इलाचंद्र जोशी, शिवनाथ और प्रभाकर माचवे ने छायावाद का आरंभ लगभग 1912-14...
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भारतेंदु युग के कवि और उनकी रचनाएँ

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हिन्दी साहित्य के इतिहास में आधुनिक काल के प्रथम चरण को ‘भारतेंदु युग’ के नाम से जाना जाता है। भारतेंदु हरिश्चंद्र को हिन्दी साहित्य...
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द्विवेदी युग के कवि और उनकी रचनाएँ

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आधुनिक कविता के दूसरे पड़ाव (सन् 1903 से 1916) को द्विवेदी-युग के नाम से जाना जाता है। डॉ. नगेन्द्र ने द्विवेदी युग को ‘जागरण-सुधार काल’ भी कहा जाता है...
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अलंकार सिद्धांत और उसके प्रमुख आचार्य

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अलंकार संप्रदाय के प्रतिष्ठापक आचार्य भामह हैं। हलांकि आचार्य भरत मुनि ने अलंकार संबंधी कई स्थापनाएं प्रस्तुत किया परंतु उन्होंने रस सिद्धांत को ही प्रमुखता...
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पाश्चात्य काव्यशास्त्र के प्रमुख सिद्धांत और उनके प्रवर्तक

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पाश्चात्य काव्यशास्त्र पाश्चात्य काव्यशात्र का इतिहास काफी समृद्ध है। 8वीं शदी ईसा पूर्व से ही काव्यशास्त्र संबंधी साक्ष्य उपलब्ध होने लगते हैं परंतु व्यवस्थित विचार...
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पाश्चात्य काव्यशास्त्र के प्रमुख ग्रंथ और उसके लेखक

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पाश्चात्य काव्यशास्त्र पाश्चात्य काव्यशास्त्र के उद्भव ईसा के आठ शताब्दी पूर्व से मिलने लगते हैं। होमर और हेसिओड जैसे कवियों के काव्य में पाश्चात्य काव्यशास्त्रीय...
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हिंदी के प्रमुख उपन्यासकार और उनके उपन्यास | hindi upanyas list

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लाला श्रीनिवासदास कृत ‘परीक्षा गुरु’ (1882 ई.) को हिन्दी का प्रथम उपन्यास माना जाता है। रामचंद्र शुक्ल भी इसे ही अंग्रेजी ढंग का प्रथम उपन्यास...
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हिन्दी साहित्य की मिलती-जुलती नामों वाली रचनाएँ और रचनाकार

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हिंदी साहित्य में कई लेखकों की रचनाओं के नामों में काफी साम्यता है, कई रचनाओं का एक ही नाम है। इसलिए अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं...
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हिंदी साहित्य के प्रमुख त्रयी | hindi sahity ke prmukh tryi

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हिंदी साहित्य में कई त्रयी प्रसिद्ध रहे, उनमें से कुछ त्रयी जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, जिनसे प्राय: प्रश्न पूछें जाते...
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