हिंदी साहित्य

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आकाशदीप कहानी- जयशंकर प्रसाद

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"बंदी!”“क्या है? सोने दो।”“मुक्त होना चाहते हो?”“अभी नहीं, निद्रा खुलने पर, चुप रहो।”“फिर अवसर न मिलेगा।”“बडा शीत है, कहीं से एक कंबल डालकर कोई शीत से मुक्त करता।”“आंधी...
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भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है- भारतेंदु हरिश्चंद्र

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‘भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है’ निबंध के लेखक भारतेंदु हरिश्चंद हैं। भारतेंदु जी का यह निबंध (bharat varshonnati kaise ho sakti hai) बहुत महत्वपूर्ण है। इस...
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चंद्रदेव से मेरी बातें– राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला)

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भगवान चन्द्रदेव! आपके कमलवत् कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ।...
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एक टोकरी भर मिट्टी कहानी- माधवराव सप्रे

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किसी श्रीमान् जमींदार के महल के पास एक गरीब अनाथ विधवा की झोंपड़ी थी। जमींदार साहब को अपने महल का हाता उस झोंपड़ी तक...
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ईदगाह कहानी- प्रेमचंद

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रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक...
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दुनिया का सबसे अनमोल रत्न कहानी- प्रेमचंद

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दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किये बैठा हुआ खून के आँसू बहा रहा था। वह सौन्दर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब...
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राही कहानी- सुभद्रा कुमारी चौहान

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तेरा नाम क्या है?राही।तुझे किस अपराध में सज़ा हुई?चोरी की थी, सरकार।चोरी? क्या चुराया थानाज की गठरी।कितना अनाज था?होगा पाँच-छः सेर।और सज़ा कितने दिन की है?साल...
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दुलाईवाली कहानी- राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला)

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दुलाई वाली कहानी की लेखिका राजेंद्र बाला घोष हैं, जो बंग महिला के नाम से हिंदी साहित्य के इतिहास में चर्चित हैं। दुलाईवाली कहानी का...
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साहित्य का उद्देश्य | sahitya ka uddeshya | प्रेमचंद

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1936 लखनऊ में होने वाले प्रगतिशील लेखक संघ के पहले अधिवेशन में प्रेमचंद द्वारा दिया गया अध्यक्षीय भाषण।सज्जनों,यह सम्मेलन हमारे साहित्य के इतिहास में स्मरणीय घटना...
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बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ!- महादेवी वर्मा

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नींद थी मेरी अचल निस्पन्द कण कण में,प्रथम जागृति थी जगत के प्रथम स्पन्दन में,प्रलय में मेरा पता पदचिन्ह जीवन में,शाप हूँ जो बन...
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