UP PGT Hindi Question Paper 2004

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यूपी पीजीटी हिंदी प्रश्न-पत्र

UP PGT Hindi 2004 का question paper हल करने के लिए इसे देख सकते हैं। TGT, PGT हिंदी की तैयारी कर रहे प्रतियोगी छात्रों को जरूर लाभ होगा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज (UPSESSB) द्वारा आयोजित PGT Hindi Exam- 2004 के question paper को यहाँ दिया जा रहा है। up pgt hindi previous year question paper के अंतर्गत यह चौथा प्रश्न-पत्र है।

पीजीटी हिंदी- 2004

1. जगदीश गुप्‍त को 1997 में किस सम्मान से विभूषित किया गया?
भारत-भारती सम्मान से
जगदीश गुप्त को 1997 में भारत-भारती सम्मान से विभूषित किया गया था।
ज्ञानपीठ सम्मान से
सरस्वती सम्मान से
व्यास सम्मान से
2. नरेश मेहता को ज्ञानपीठ पुरस्कार किस रचना पर प्राप्‍त हुआ?
महाप्रस्‍थान
सम्‍पूर्ण रचना कर्म
नरेश मेहता को ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके सम्‍पूर्ण रचनाकर्म पर मिला था।
वनपाखी सुनो
संशय की एक रात
3. निम्‍नांकित में से कौन-सा काव्‍य-संग्रह ‘अज्ञेय’ का नहीं है?
हरी घास पर क्षणभर
अरी ओ करुणा प्रभामय
सीढ़ियों पर धूप
‘सीढ़ियों पर धूप’ रघुवीर सहाय का काव्य-संग्रह है।
आँगन के पार द्वार
4. प्रगतिवाद के जन्‍म में किसका योगदान है?
छायावादी रोमानियत एवं पलायनवादी प्रवृति
प्रगतिशील लेखक संघ की स्थापना
मार्क्सवादी प्रभाव
उपर्युक्त सभी
प्रगतिवाद के जन्म में छायावादी रोमानियत, पलायनवादी प्रवृत्तियां, प्रगतिशील लेखक संघ की स्थापना और मार्क्सवादी प्रभाव सभी का योगदान रहा।
5. किस कवि की रचनाओं में छायावाद का पूर्वाभास संलक्षित हुआ?
रूपनारायण पाण्डेय
डॉ. गोपाल शरण
मुकुटधर पाण्‍डेय
छायावाद का पूर्वाभास मुकुटधर पाण्‍डेय की रचनाओं में प्रकट हुआ है।
लोचन प्रसाद पाण्‍डेय
6. निम्‍नांकित में से सिद्ध-साहित्‍य के विषय में कौन-सा कथन सत्‍य नहीं है?
सिद्ध साहित्‍य का झुकाव सहज साधना की ओर है
सिद्ध साहित्‍य के प्रथम कवि सरहप्रा हैं
सिद्ध साहित्‍य की रचना चर्यापदों तथा दोहों में हुई है
सिद्ध साहित्‍य का प्रणयन पिंगल भाषा में हुआ है
सिद्ध साहित्‍य का प्रणयन पिंगल भाषा में नहीं हुआ है।
7. लखनऊ में आयोजित प्रगतिशील लेखक संघ के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता की थी:
यशपाल ने
दिनकर ने
निराला ने
प्रेमचंद ने
लखनऊ में आयोजित प्रगतिशील लेखक संघ के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता प्रेमचंद ने की थी।
8. निम्‍नांकित कवियों का जन्‍म-काल के अनुसार क्रम निर्धारण कीजिये:
घनानंद, ठाकुर, रसलीन, रहीम
ठाकुर, रसलीन, रहीम, घनानंद
रहीम, रसलीन, ठाकुर, घनानंद
रहीम, घनानंद, रसलीन, ठाकुर
सही जन्मकाल का क्रम- ‘रहीम, घनानंद, रसलीन, ठाकुर’ है।
रहीम, रसलीन, ठाकुर, घनानंद
9. कवि ‘त्रिलोचन’ का पूरा नाम था:
वासुदेव सिंह
कवि त्रिलोचन का पूरा नाम वासुदेव सिंह था, और वे हिंदी कविता के प्रमुख कवि थे।
शिव प्रसाद सिंह
राधिका रमण
इनमें से कोई नहीं
10. निम्‍नांकित में से अपभ्रंश-प्रभावित हिंदी-रचना कौन-सी है?
खुमाण रासो
ढोला मारु रा दू‍हा
भरतेश्‍वर बाहुबली रास
‘भरतेश्‍वर बाहुबली रास’ अपभ्रंश-प्रभावित हिंदी रचना है, जो रासो साहित्य की शैली में लिखी गई है।
जयमयंक जस चंद्रिका
11. निम्‍नांकित में कौन अष्‍टछाप का कवि नहीं है?
कुंभनदास
स्‍वामी हरिदास
स्‍वामी हरिदास अष्‍टछाप के कवि नहीं थे, वे भक्ति और संगीत के लिए प्रसिद्ध थे।
परमानंददास
छीतस्‍वामी
12. निम्‍नांकित में से किस ग्रंथ के लेखक रामविलास शर्मा नहीं हैं?
भाषा और समाज
नयी कविता और अस्तित्‍ववाद
भारत में अंग्रेजी राज और मार्क्‍सवाद
कविता के नए प्रतिमान
‘कविता के नए प्रतिमान’ ग्रंथ के लेखक नामवर सिंह हैं।
13. निम्न प्रशंसापरक उक्ति किसने लिखी है?
‘कविता करके तुलसी न लसे,
कविता लसी पा तुलसी की कला।’
मैथलीशरण गुप्‍त
अयोध्‍या सिंह उपाध्‍याय ‘हरिऔध’
यह उक्ति अयोध्‍या सिंह उपाध्‍याय ‘हरिऔध’ द्वारा लिखी गई।
रामचंद्र शुक्‍ल
बालमुकुंद गुप्‍त
14. ‘साहित्‍य जनता की चित्तवृति का संचित प्रतिबिम्‍ब है।’ इस पंक्‍ति के सही लेखक हैं:
महावीर प्रसाद द्विवेद्वी
गुलाब राय
रामचंद्र शुक्‍ल
यह पंक्‍ति रामचंद्र शुक्‍ल की है।
प्रेमचंद
15. प्रगतिवाद के प्रमुख कवि नहीं हैं:
नागार्जुन
‘दिनकर’
‘अज्ञेय’
‘अज्ञेय’ प्रयोगवाद और नई कविता के प्रमुख कवि हैं।
‘मुक्‍तिबोध’
16. ‘रानी केतकी की कहानी’ के लेखक हैं:
सदल मिश्र
लल्‍लू लाल
इंशा अल्‍ला खाँ
‘रानी केतकी की कहानी’ के लेखक इंशा अल्‍ला खाँ हैं।
सदासुख लाल
17. ‘चारण-साहित्‍य’ किस साहित्य का दूसरा नाम है?
सिद्ध साहित्य का
नाथ साहित्य का
जैन साहित्य का
रासो साहित्य का
‘चारण-साहित्‍य’ को रासो साहित्य का दूसरा नाम है।
18. ‘कौलज्ञान निर्णय’ के रचनाकार हैं:
गोरखनाथ
जालंधरनाथ
मत्‍स्‍येन्‍द्रनाथ
‘कौलज्ञान निर्णय’ के रचनाकार मत्‍स्‍येन्‍द्रनाथ हैं।
गोपीचंद्र
19. ‘घनानंद’ रीतिकाव्‍य की किस धारा के कवि हैं?
रीतिबद्ध
रीतिमुक्‍त
घनानंद रीतिकाव्‍य के रीतिमुक्‍त धारा के कवि हैं।
रीतिसिद्ध
इनमें से कोई नहीं
20. भ्रमरगीत काव्‍य का मूल स्रोत है:
श्रीमद्भागवत् का पंचम स्‍कन्‍ध
श्रीमद्भागवत् का तृतीय स्‍कन्ध
श्रीमद्भागवत् का सप्‍तम स्‍कन्ध
श्रीमद्भागवत् का दशम स्‍कन्‍ध
भ्रमरगीत काव्‍य का मूल स्रोत श्रीमद्भागवत् का दशम स्‍कन्‍ध है।
21. ‘रामचरितमानस’ से किस संवाद का संबंध नहीं है?
शिव-पार्वती संवाद
याज्ञवल्‍क्‍य-भरद्वाज संवाद
राम-सीता संवाद
‘रामचरितमानस’ से ‘राम-सीता संवाद’ का कोई संबंध नहीं है।
काकभुशुण्डि-गरुड संवाद
22. ‘चाक’ उपन्‍यास की लेखिका हैं
मैत्रीयी पुष्‍पा
‘चाक’ उपन्‍यास की लेखिका मैत्रीयी पुष्‍पा हैं।
मृदुला गर्ग
ममता कालिया
मन्‍नू भण्‍डारी
23. ‘तार सप्‍तक’ में कौन-सा कवि सम्मिलित नहीं है?
भारत भूषण अग्रवाल
मुक्‍तिबोध
नेमिचंद्र जैन
रघुवीर सहाय
‘तार सप्‍तक’ में रघुवीर सहाय सम्मिलित नहीं है।
24. हिंदी के प्रथम पत्र ‘उदन्‍त मार्तण्‍ड’ के संपादक थे:
भारतेंदु हरिशचंद्र
राधाकृष्‍ण दास
बालकृष्‍ण भट्ट
बाबू युगलकिशोर
हिंदी के प्रथम पत्र ‘उदन्‍त मार्तण्‍ड’ के संपादक बाबू युगलकिशोर थे, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी।
25. ‘जहाँगीर-जस-चंद्रिका’ के रचनाकार हैं:
रहीम
आचार्य केशवदास
‘जहाँगीर-जस-चंद्रिका’ के रचनाकार आचार्य केशवदास हैं।
रसखान
मलिक मुहम्‍मद जायसी
26. ‘रीतिकाल’ को ‘अलंकृतकाल’ कहा है:
विश्‍वनाथ प्रसाद मिश्र
आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल ने
मिश्र-बन्‍धु ने
‘रीतिकाल’ को ‘अलंकृतकाल’ मिश्र-बन्‍धु ने कहा है, क्योंकि इस काल में काव्यशास्त्र और अलंकारों का अत्यधिक प्रयोग हुआ था।
डॉ. रामकुमार वर्मा
27. ‘केशव कहि न जाइ का कहिये’ पंक्‍ति के रचनाकार हैं:
आचार्य केशवदास
सूरदास
तुलसीदास
‘केशव कहि न जाइ का कहिये’ पंक्ति के रचनाकार तुलसीदास हैं।
रहीम
28. ‘आदिकाल’ को ‘सिद्ध-सामन्‍त युग’ कहा है-
राहुल सांकृत्‍यायन ने
‘आदिकाल’ को ‘सिद्ध-सामन्‍त युग’ राहुल सांकृत्‍यायन ने कहा है।
आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल ने
डॉ. रामकुमार वर्मा ने
जार्ज ग्रियर्सन ने
29. ‘द माडर्न वर्नाकुलर लिट्ररेचर ऑफ हिन्‍दुस्‍तान’ हिंदी-साहित्‍य के इतिहास-ग्रंथ के लेखक का नाम है-
जार्ज ग्रियर्सन
‘द माडर्न वर्नाकुलर लिट्ररेचर ऑफ हिन्‍दुस्‍तान’ इतिहास-ग्रंथ के लेखक जार्ज ग्रियर्सन हैं।
गार्सा-द-तासी
विलियम वर्ड्सवर्थ
आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल
30. ‘गंग’ कवि का जन्‍म स्‍थान है:
आगरा
प्रयाग
इटावा
‘गंग’ कवि का जन्‍म स्‍थान इटावा है।
गंगापुर नगर
31. ‘द्विवेदीयुग’ का नामकरण किसके नाम पर हुआ है?
शांतिप्रिय द्विवेदी
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
‘द्विवेदीयुग’ का नामकरण आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर हुआ है।
डॉ. राम अवध द्विवेदी
32. बिहारी के दोहों की चमत्‍कारपूर्ण तुलना संस्कृत, उर्दू, फारसी के कवियों से किसने की?
हजारी प्रसाद द्विवेदी
बिहारी के दोहों की चमत्‍कारपूर्ण तुलना संस्कृत, उर्दू, फारसी के कवियों से हजारी प्रसाद द्विवेदी ने की थी।
रामचंद्र शुक्ल
पद्मसिंह शर्मा
महावीर प्रसाद द्विवेदी
33. ‘कफन’ कहानी में घीसू और माधव कफन के पैसे का क्‍या करते हैं?
पूड़ियाँ खरीद कर खाते हैं
बोतल भर शराब पीते हैं
इनमें से कोई काम नहीं करते
उपर्युक्त दोनों काम करते हैं
‘कफन’ कहानी में घीसू और माधव कफन के पैसे से बोतल भर शराब पीते हैं और पूड़ियाँ खरीद कर खाते हैं।
34. ‘सूरदास’ प्रेमचंद के किस उपन्यास का पात्र है?
वरदान
प्रतिज्ञा
गोदान
रंगभूमि
‘सूरदास’ प्रेमचंद के उपन्यास ‘रंगभूमि’ का पात्र है।
35. ‘निराला’ का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर प्रदेश
उड़ीसा
बंगाल
‘निराला’ का जन्म बंगाल के महिषादल रियासत (जिला मेदिनीपुर) में हुआ था।
बिहार
36. ‘साकेत’ की कथा का मुख्‍य संबंध किसके चरित्र विकास से जुड़ा है?
राम और सीता के
लक्ष्‍मण और उर्मिला के
‘साकेत’ की कथा का मुख्‍य संबंध लक्ष्‍मण और उर्मिला के चरित्र विकास से जुड़ा है।
भरत और माण्‍डवी के
लक्ष्‍मण और सीता के
37. तुलसीदास द्वारा शारीरिक पीड़ा से मुक्ति हेतु लिखा गया ग्रंथ है:
रामलला नहछू
बरवै रामायण
हनुमान बाहुक
तुलसीदास द्वारा शारीरिक पीड़ा से मुक्ति हेतु लिखा गया ग्रंथ ‘हनुमान बाहुक’ है।
विनय पत्रिका
38. साधना की चार अवस्थाओं- शरीअत, तरीकत, मारीफत और हकीकत का संबंध है:
ज्ञान मार्गी साधना से
सूफी साधना से
साधना की चार अवस्थाओं- शरीअत, तरीकत, मारीफत और हकीकत का संबंध सूफी साधना से है।
इस्लाम धर्म साधना से
रीतिमुक्त काव्‍य से
39. निराला की निम्नलिखित कविताओं में से कौन ‘लम्‍बी कविता’ नहीं है?
भिक्षुक
निराला की कविता ‘भिक्षुक’ एक छोटी कविता है, जबकि अन्य कविताएँ लंबी कविताएँ हैं।
कुकुरमुत्ता
सरोज स्मृति
राम की शक्‍तिपूजा
40. आदिकालीन हिंदी काव्‍यधारा में उपलब्ध नहीं है:
जैन साहित्य
सिद्ध साहित्य
सिक्ख साहित्य
आदिकालीन हिंदी काव्‍यधारा में सिक्ख साहित्य उपलब्ध नहीं है, जबकि जैन और सिद्ध साहित्य मौजूद हैं।
नाथ साहित्य
41. ‘अवारा मसीहा’ किस उपन्यासकार की जीवनी से संबंधित है?
शरतचंद्र
‘अवारा मसीहा’ शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की जीवनी से संबंधित है, जो बंगला भाषा के प्रमुख उपन्यासकार थे।
बंकिमचंद्र
अमृतलाल नागर
विमल मित्र
42. ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित कौन रचनाकार नहीं है?
महादेवी वर्मा
हजारी प्रसाद द्विवेदी
हजारी प्रसाद द्विवेदी को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित नहीं किया गया है, जबकि अन्य रचनाकारों को यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
सुमित्रानंदन पंत
रामधारी सिंह ‘दिनकर’
43. ‘फोर्ट विलियम कॉलेज’ की स्थापना कब हुई थी?
सन् 1800 ई.
‘फोर्ट विलियम कॉलेज’ की स्थापना सन् 1800 ई. में हुई थी।
सन् 1857 ई.
सन् 1885 ई.
सन् 1900 ई.
44. ‘नवजागरण का अग्रदूत’ हिंदी के किस लेखक को कहा जाता है?
शिवप्रसाद सिंह सितारे हिंद
भारतेंदु हरिशचंद्र
‘नवजागरण का अग्रदूत’ भारतेंदु हरिशचंद्र को कहा जाता है।
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
बाबू मैथलीशरण गुप्‍त
45. हिंदी साहित्‍य के इतिहास को व्यवस्थित रूप देने का श्रेय किसको है-
शिवसिंह सरोज
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
हिंदी साहित्‍य के इतिहास को व्यवस्थित रूप देने का श्रेय आचार्य रामचंद्र शुक्ल को जाता है।
जार्ज ग्रियर्सन
मिश्र बंधु
46. हिंदी समाचार-पत्र ‘बंगदूत’ प्राकशित हुआ था:
1826 में
1829 में
हिंदी समाचार-पत्र ‘बंगदूत’ का प्रकाशन राजा राममोहन राय ने 9 मई, 1829 में किया था।
1834 में
1844 में
47. ‘भोलाराम का जीव’ व्यंग्य के लेखक हैं:
हरिशंकर परसाई
‘भोलाराम का जीव’ व्यंग्य के लेखक हरिशंकर परसाई हैं।
ज्ञान वाजपेयी
रामगोपाल
श्रीलाल शुक्ल
48. ‘माटी की मूरतें’ किस विधा की रचना है:
रेखाचित्र
आत्मकथा
संस्मरण
रामवृक्ष बेनीपुरी कृति ‘माटी की मूरतें’ संस्मरण विधा की रचना है।
जीवनी
49. ‘कलम का सिपाही’ कृति के लेखक हैं:
प्रेमचंद
विष्णु प्रभाकर
अमृत राय
‘कलम का सिपाही’ कृति के लेखक अमृत राय हैं।
रामविलास शर्मा
50. ‘नाखून क्‍यों बढ़ते हैं’ के निबंधकार हैं:
गुलाब राय
हजारी प्रसाद द्विवेदी
‘नाखून क्‍यों बढ़ते हैं’ के निबंधकार हजारी प्रसाद द्विवेदी हैं।
श्यामसुंदर दास
रामचंद्र शुक्ल
51. निम्नलिखित में से कौन-सी व्यंग्य रचना ‘हरिशंकर परसाई’ की नहीं है?
भूत के पाँव पीछे
नेताजी कहिन
‘नेताजी कहिन’ मनोहर श्याम जोशी की व्यंग्य रचना है।
निठल्ले के डायरी
बारात की वापसी
52. ‘सिंहावलोकन’ किसकी आत्मकथा है?
महादेवी वर्मा की
यशपाल की
‘सिंहावलोकन’ यशपाल की आत्मकथा है।
नागार्जुन की
हरिवंश राय ‘बच्चन’ की
53. ‘जगन्‍नाथ’ शब्‍द में सही संधि है:
स्‍वर संधि
विसर्ग संधि
व्‍यंजन संधि
‘जगन्‍नाथ’ शब्द में व्‍यंजन संधि का प्रयोग हुआ है।
इनमें से कोई नहीं
54. निम्‍नलिखित में से कौन-सी पुस्‍तक हजारी प्रसाद द्विवेदी ने नहीं लिखी है:
अशोक के फूल
कबीर
नया साहित्य
‘नया साहित्य’ हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा नहीं लिखी गई है।
कुटज
55. ‘ज्ञानपीठ’ पुरस्कार किससे संबंधित है:
हिंदी भाषा से
तमिल भाषा से
संस्कृत भाषा से
सभी भारतीय भाषाओं से
‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ सभी भारतीय भाषाओं के लिए है, यह भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
56. जयशंकर प्रसाद द्वारा संपादित पत्रिका का नाम था:
‘कहानी’
‘इंदु’
जयशंकर प्रसाद द्वारा संपादित पत्रिका का नाम ‘इंदु’ था।
‘सरस्‍वती’
‘ब्राह्मण’
UP PGT Hindi Question Paper 2021
UP TGT Hindi Question Paper 2021

57. निम्‍नांकित में मनोविश्‍लेषण प्रधान कथाकार कौन नहीं है?
इलाचंद्र जोशी
अज्ञेय
सुदर्शन
सुदर्शन मनोविश्‍लेषण प्रधान कथाकार नहीं हैं।
जैनेंद्र
58. किस प्रकार के निबंधों में समास शैली प्रयुक्त होती है?
भावात्मक
विवरणात्मक
वर्णनात्मक
विचारात्मक
समास शैली विचारात्मक निबंधों में प्रयुक्त होती है, जो विचारों को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में व्यक्त करती है।
59. नाटक को पंचम वेद की मान्यता प्रदान की:
भरतमुनि ने
नाटक को पंचम वेद की मान्यता भरतमुनि ने दी थी, जिन्होंने नाटक को वेदों के समान महत्व प्रदान किया।
विश्वनाथ ने
दशरथ ओझा ने
पाणिनी ने
60. आधुनिक एकांकी के जनक माने जाते हैं:
उदयशंकर भट्ट
जयशंकर प्रसाद
रामकुमार वर्मा
आधुनिक एकांकी के जनक रामकुमार वर्मा माने जाते हैं।
जगदीशचंद्र माथुर
61. निम्‍नांकित में से विद्यानिवास मिश्र की कृति नहीं हैं:
तुम चंदन हम पानी
रस आखेटक
‘रस आखेटक’ कुबेर नाथ राय की कृति है।
मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
शिरीष की याद आयी
62. ‘यदि प्रेम स्वप्न है तो श्रद्धा जागरण है’- यह पंक्ति किस निबंध से ली गयी है?
भाव या मनोविकार
श्रद्धा-भक्‍ति
यह पंक्ति ‘श्रद्धा-भक्‍ति’ (रामचंद्र शुक्ल) निबंध से ली गई है।
कविता क्‍या है?
करुणा
63. ‘काव्‍य-शोभया: कर्त्तारो धर्मा गुणा:’- काव्‍य गुण का यह सूत्र लिखा है:
आचार्य भरत ने
आचार्य दण्‍डी ने
आचार्य वामन ने
काव्‍य-गुणों के संदर्भ में ‘काव्‍य-शोभया: कर्त्तारो धर्मा गुणा:’ सूत्र आचार्य वामन ने लिखा है।
आचार्य मम्‍मट ने
64. ‘सुखदु: खात्‍मकोरस:’ कहने वाले आचार्य हैं:
भरतमुनि
रामचंद्र गुणचंद्र
‘सुखदु: खात्‍मकोरस:’ यह सूत्र रामचंद्र गुणचंद्र ने कहा है।
आचार्य विश्वनाथ
आनन्दवर्धन
65. ‘काव्य मीमांसा’ के रचनाकार हैं:
भारवि
भास
श्रीहर्ष
राजशेखर
‘काव्य मीमांसा’ के रचनाकार राजशेखर हैं।
66. निम्नलिखित में से कौन संस्कृत समीक्षा पद्धति से संबंधित नहीं है?
रस
अलंकार
ध्‍वनि
शैली विज्ञान
‘शैली विज्ञान’ संस्कृत समीक्षा पद्धति से संबंधित नहीं है।
67. आचार्य भरत मुनि के काव्‍य-गुणों की संख्या बतायी है?
3
5
10
आचार्य भरत मुनि ने काव्‍य-गुणों की संख्या 10 बतायी है।
8
68. ‘विभावानुभावव्‍यभिचारी संयोगद्रसनिष्‍पति:’- सूत्र किस आचार्य का है?
भट्ट लोल्‍लट
आचार्य भरतमुनि
यह सूत्र आचार्य भरतमुनि का है।
भट्ट नायक
अभिनव गुप्त
69. निम्न में कौन-सा अलंकार है-
‘बिनु पद चलै सुनै बिनु काना,
कर बिनु कर्म करै विधि नाना।’
विभावना
उपरोक्त पंक्ति में ‘विभावना’ अलंकार है।
विशेषोक्‍ति
असंगति
दृष्‍टांत
70. ‘वीभत्स’ रस का स्थायी भाव है-
विस्मय
विशेषोक्‍ति
जुगुप्सा
‘वीभत्स’ रस का स्थायी भाव ‘जुगुप्सा’ है, जो घृणा या वितृष्णा के भाव को व्यक्त करता है।
निर्वेद
71. ‘करुण’ के रसराजत्‍व का प्रतिष्‍ठापक है:
किरातार्जुनीयम्
मेघदूतम्
उत्तररामचरितम्
भवभूति कृति ‘उत्तररामचरितम्’ काव्य में ‘करुण’ के के रसराजत्‍व का प्रतिष्‍ठापक है।
कुमार संभवम्
72. निम्नांकित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार बताइये-
रनित भृंग घंटावली झरित दान मधुनीर।
मंद-मंद आवत चल्‍यों कुंजरु कुंज समीर॥
उत्‍प्रेक्षा
रुपक
यमक
इन पंक्तियों में ‘यमक’ अलंकार का प्रयोग किया गया है।
श्‍लेष
73. काव्‍य-रचना की दृष्‍टि से महाकवि माघ किन तीन गुणों से विभूषित स्‍वीकार किये जाते हैं?
सत्‍य, रज, तम
ओज, प्रसाद, माधुर्य
उपमा, अर्थगौरव, पद्लालित्‍य
महाकवि माघ को ‘उपमा, अर्थगौरव, पद्लालित्‍य’ तीन गुणों से विभूषित माना जाता है।
गौड़ी, वैदर्भी, पांचाली
74. ‘मगही’ किस उपभाषा की बोली है?
राजस्‍थानी
पश्‍चिमी हिंदी
पूर्वी हिंदी
बिहारी
‘मगही’ बिहारी उपभाषा की बोली है, जो बिहार क्षेत्र में बोली जाती है।
75. ‘ग्‍वालियर’ की बोली है:
बुंदेली
‘ग्‍वालियर’ की बोली बुंदेली है।
ब्रजभाषा
खड़ी बोली
कन्नौजी
76. ‘भोजपुरी’ बोली की उत्पत्ति हुई है:
अर्द्ध मागधी अपभ्रंश से
मागधी अपभ्रंश से
‘भोजपुरी’ बोली की उत्पत्ति मागधी अपभ्रंश से हुई है।
शौरसेनी अपभ्रंश से
ब्राचड़ अपभ्रंश से
77. कौन-सा शब्द देशज नहीं है?
कंचन
‘कंचन’ शब्द तत्सम शब्द है।
कचोट
कंजर
करवट
78. कौन-सी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।
बंगला
पंजाबी
मराठी
मराठी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।
गुजराती
79. हिंदी खड़ी बोली किस अपभ्रंश से विकसित हुई है?
मागधी
अर्द्धमागधी
शौरसेनी
हिंदी खड़ी बोली शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित हुई है।
पैशाची
80. ‘जिसका जन्म पहले हुआ हो’ वाक्य के लिए एक उपयुक्त शब्द का विकल्प चुनिये:
अग्रज
‘अग्रज’ शब्द का अर्थ होता है जो पहले जन्मा हो, यह वाक्य के संदर्भ में उपयुक्त है।
ज्येष्ठ
वरिष्ठ
श्रेष्ठ
81. ‘महात्मा’ शब्द का सही विलोम होगा:
दुष्‍ट
दुर्जन
दुरात्मा
‘महात्मा’ शब्द का विलोम ‘दुरात्मा’ होता है।
पापी
82. ‘स्‍वर ध्‍वनि’ के प्रकार है?
दीर्घ
प्‍लुत
हृस्व
उपर्युक्त तीनों
‘स्‍वर ध्‍वनि’ के तीन प्रकार होते हैं- दीर्घ, प्‍लुत, और हृस्व।
83. ‘जीतने की इच्छा’ हेतु एक शब्द लिखिये:
जिजीविषा
जिगीषा
‘जिगीषा’ शब्द का अर्थ है ‘जीतने की इच्छा’।
विजयेच्‍छा
जयेच्छु
84. निम्नांकित में योगरूढ़ शब्द है:
विशालकाय
पुष्प
कुमुदिनी
पंकज
‘पंकज’ शब्द योगरूढ़ है।
85. ‘छत्तीसगढ़ी’ बोली हिंदी के किस उपभाषा वर्ग के अंतर्गत आती है?
पश्चिमी हिंदी
पूर्वी हिंदी
‘छत्तीसगढ़ी’ बोली पूर्वी हिंदी उपभाषा वर्ग के अंतर्गत आती है।
बिहारी
पहाड़ी
86. ‘मेघदूत’ काव्‍य का खड़ी बोली में अनुवाद किया है:
सदल मिश्र ने
भारतेंदु हरिश्चंद्र ने
लल्‍लू लाल ने
राजा लक्ष्‍मण सिंह ने
‘मेघदूत’ काव्य का खड़ी बोली में अनुवाद राजा लक्ष्‍मण सिंह ने किया है।
87. ‘गोधूम’ का तद्भव है:
गेहूँ
‘गोधूम’ शब्द का तद्भव रूप ‘गेहूँ’ है।
गोबर
गाय
गोधन
88. ‘तल्लीन’ शब्‍द में सही उपसर्ग का विच्छेद है:
तल् + लीन
तद् + लीन
तत + लीन
तत् + लीन
‘तल्लीन’ शब्द का सही उपसर्ग का विच्छेद ‘तत् + लीन’ है, जिसमें ‘तत्’ का अर्थ है ‘वह’ और ‘लीन’ का अर्थ है ‘मग्न’।
89. ‘लृट्’ लकार किस काल का बोधक है:
वर्तमान काल का
भूतकाल का
भविष्‍यत् काल का
‘लृट्’ लकार भविष्‍यत् काल का बोधक होता है।
किसी काल का नहीं
90. यदि ए, ओ, ऐ, औ के आगे कोई भी स्‍वर हो तो इसके स्‍थान में क्रमश: अय्, अव्, आय्, आव हो जाता है, तो यह कौन-सी स्वर संधि कहलाती है?
वृद्धि स्वर संधि
यण स्वर संधि
अयादि स्वर संधि
यह अयादि स्वर संधि कहलाती है।
दीर्घ संधि
91. ‘हिंदी का पाणिनी’ किसको कहा जाता है?
कामताप्रसाद गुरु
‘हिंदी का पाणिनी’ कामताप्रसाद गुरु को कहा जाता है।
रामचंद्र वर्मा
भोलानाथ तिवारी
किशोरीदास बाजपेयी
92. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द ‘हंस’ का पर्यायवाची है:
कुरंग
भुजंग
मराल
‘हंस’ का पर्यायवाची शब्द ‘मराल’ है।
पंचवाण
93. ‘राजतरंगिणी’ किस कवि की रचना है?
कल्‍हण
‘राजतरंगिणी’ काव्य के रचनाकार ‘कल्‍हण’ हैं।
बिल्‍हण
आचार्य हेमचंद्र
क्षेमेन्‍द्र
94. निम्नलिखित शब्दों में कौन देशज है।
सुंदर
अँगूठा
फटाफट
‘फटाफट’ एक देशज शब्द है, जिसका अर्थ है जल्दी-जल्दी या तेजी से।
सायकिल
95. निम्नलिखित शब्दों में किस एक का लिंग परिवर्तन हिंदी भाषा में प्रचलित नहीं है?
चाचा
बहन
कोयल
‘कोयल’ शब्द का लिंग परिवर्तनहिंदी भाषा में प्रचलित नहीं है।
भैंसा
96. निम्नलिखित शब्दों में कौन स्त्रीलिंग नहीं है?
रोटी
पूड़ी
पानी
‘पानी’ शब्द पुल्लिंग है, जबकि ‘रोटी’, ‘पूड़ी’, और ‘नदी’ स्त्रीलिंग शब्द हैं।
नदी
97. निम्नलिखित में से एक वाक्य में क्रिया ‘भक्षण’ करने के अर्थ में प्रयुक्त हुई है। यह वाक्य है:
वह हराम का पैसा खाता है
वह जूते खाता है
वह कसम खाता है
वह आम खाता है
‘भक्षण’ का अर्थ ‘खाना’ से संबंधित है, ‘वह आम खाता है’ वाक्य में यही अर्थ व्यक्त हुआ है।
98. ‘तू डाल-डाल, मैं पात-पात’ का अर्थ है:
खतरा उठाना
आगे-आगे दौड़ना
पेड़ पर चढ़कर खेलना
चालाकी का जवाब चालाकी से देना
‘तू डाल-डाल, मैं पात-पात’ का अर्थ है- चालाकी का जवाब चालाकी से देना
99. ‘अकाल पीड़ित’ में समास होगा-
कर्मधारय
द्वन्‍द्व
तत्‍पुरुष
‘अकाल पीड़ित’ में ‘तत्‍पुरुष समास’ है।
बहुब्रीहि
100. ‘अन्‍वेषण’ का शुद्ध संधि-विच्‍छेद है:
अन्‍वेष + ण
अन्‍वे + षण
अनु + वेषण
अनु + एषण
‘अन्‍वेषण’ शब्द का संधि-विच्‍छेद ‘अनु + एषण’ है।
101. निम्नलिखित शब्दों में योगरूढ़ शब्द कौन-सा है?
चक्रपाणी
‘चक्रपाणी’ एक योगरूढ़ शब्द है, जो भगवान विष्णु का एक प्रसिद्ध नाम है।
पाठशाला
उपचार
अभिव्‍यक्‍ति
102. निम्न वाक्‍य का बिना अर्थ बदले निम्‍नलिखित में कौन-सा नकारात्‍मक वाक्‍य उपयुक्‍त होगा?
‘वह अपनी कक्षा का सर्वाधिक प्रतिभाशाली छात्र है।’
वह अपनी कक्षा का सर्वाधिक प्रतिभाशाली छात्र नहीं है
उसके समान अपनी कक्षा में कोई प्रतिभाशाली छात्र नहीं है
यह वाक्य वही अर्थ व्यक्त करता है, लेकिन नकारात्मक रूप में।
प्रतिभा में वह अपनी कक्षा के किसी छात्र से कम नहीं है
अपनी कक्षा के प्रतिभाशाली छात्रों में उसकी गिनती नहीं होती
103. निम्नलिखित मिश्र वाक्यों में से कौन-सा विशेषण उपवाक्‍य है?
मैं कहता हूँ कि तुम भोपाल जाओ
लखनऊ, जो उत्तर प्रदेश की राजधानी है, एक ऐतिहासिक नगर है
यह वाक्य विशेषण उपवाक्य है।
जब मैं स्‍टेशन पहुँचा, तभी ट्रेन आयी
मैं चाहता हूँ कि आप यहीं रहें
104. निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए नीचे दिये गये विकल्पों में से एक उचित विकल्प चुनिये:
वाक्य: युवा-असंतोष का कारण निरंतर-वृद्धि है।
अशिष्‍टता
भ्रष्‍टाचार
‘भ्रष्‍टाचार’ निरंतर वृद्धि का एक उपयुक्त कारण है, जिससे युवा असंतोषित होते हैं।
दुराचार
राजनीति
105. ‘ई’ प्रत्‍यय किस शब्‍द में नहीं है?
तेरी
चमेली
‘चमेली’ शब्द में ‘ई’ प्रत्यय नहीं है, जबकि ‘तेली’, ‘माली’, और ‘अलबेली’ में यह प्रत्यय है।
माली
अलबेली
106. ‘प्राचीन’ शब्‍द का विलोम है:
वर्तमान
अर्वाचीन
‘प्राचीन’ शब्द का विलोम ‘अर्वाचीन’ है, जिसका अर्थ होता है ‘आधुनिक’।
समीचीन
नवीन
107. शुद्ध रूप कौन-सा है?
तादात्‍म्‍य
‘तादात्‍म्‍य’ शब्द का शुद्ध रूप है, जबकि ‘तादात्‍मय’ और ‘तदात्‍म्‍य’ गलत रूप हैं।
तादात्‍मय
तदात्‍म्‍य
तथात्‍मक
108. ‘शिव’ का कौन-सा अर्थ नहीं है?
महादेव
पशुपति
चक्रपाणी
‘चक्रपाणी’ भगवान विष्णु का एक नाम है, जबकि ‘शिव’ का अर्थ महादेव, शंकर और पशुपति से जुड़ा है।
शंकर
109. कारक के भेद हैं:
पाँच
छ:
आठ
कारक के आठ भेद होते हैं: कर्ता, कर्म, सम्प्रदान, अधिकरण, अपादान, संबोधन, कारण और सम्प्रसारण।
सात
110. ‘चिन्‍ता एक …….. है’ वाक्‍यांश में रिक्‍त स्‍थान की पूर्ति हेतु सही शब्द है:
रोग
कष्‍ट
व्‍याधि
आधि
‘चिन्‍ता एक आधि है’ में ‘आधि’ का अर्थ है मानसिक कष्ट या दुःख।
111. ‘अदृश्‍य शत्रु’ अर्थ के अनुरूप उपयुक्त मुहावरा है:
मीठी छुरी
मुँह में राम बगल में छुरी
आस्तीन का साँप
‘आस्तीन का साँप’ का अर्थ होता है- छिपा हुआ शत्रु।
पेट में दाढ़ी
112. ‘आजानुबाहु’ शब्‍द निम्नलिखित में से किस वाक्यांश के लिए सही है?
जिसकी भुजाएँ छोटी हों
जिसकी भुजाएँ लम्बी हों
जिसकी भुजाएँ घुटनों तक लम्बी हों
‘आजानुबाहु’ का अर्थ होता है, जिसकी भुजाएँ घुटनों तक लम्बी हों।
उपर्युक्त में से कोई नहीं
113. ‘यण् संधि’ का संबंध किस संधि विशेष से है:
व्यंजन संधि
विसर्ग संधि
स्वर संधि
‘यण् संधि’ स्वर संधि से संबंधित है।
दीर्घ संधि
114. ‘जय-पराजय’ में कौन-सा समास है:
कर्मधारय समास
द्वन्द्व समास
‘जय-पराजय’ द्वन्द्व समास का उदाहरण है।
द्विगु समास
तत्पुरुष समास
115. ‘बहती गंगा में हाथ धोना’ का सही अर्थ है:
चातुर्यवृत्ति से काम निकालना
अपना काम निकालना
अवसर का लाभ उठाना
‘बहती गंगा में हाथ धोना’ का अर्थ होता है, उपलब्ध अवसर का लाभ उठाना।
पुण्‍य का कार्य करना
116. निम्नांकित में से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग नहीं है?
सुबह
दोपहर
सांझ
दिन
‘दिन’ शब्द पुल्लिंग है, जबकि ‘सुबह’, ‘दोपहर’, और ‘सांझ’ स्त्रीलिंग शब्द हैं।
117. ‘सर्वस्‍व’ रूप हैं:
चतुर्थी का
पंचमी का
षष्‍ठी का
‘सर्वस्‍व’ शब्द का रूप षष्‍ठी विभक्ति का है।
सप्तमी का
118. ‘तव्‍यत्’ और ‘अनीयर’ प्रत्‍यय का प्रयोग होता है-
करने के अर्थ में
चाहिए के अर्थ में
‘तव्‍यत्’ और ‘अनीयर’ प्रत्‍यय का प्रयोग ‘चाहिए’ के अर्थ में होता है।
चुका है के अर्थ में
इनमें से कोई नहीं
119. नवोढ़ा का संधि विच्छेद है:
नव + उढ़ा
नवो + ढ़ा
नव + ऊढ़ा
‘नवोढ़ा’ का संधि विच्छेद ‘नव + ऊढ़ा’ है, जिसका अर्थ है नवविवाहित कन्या।
न + ओढ़ा
120. निम्नलिखित में से कौन-सी एक रचना कालिदास की नहीं है?
मेघदूतम्
अभिज्ञान शाकुन्‍तलम्
दशकुमारचरितम्
‘दशकुमारचरितम्’ दंडी की रचना है।
रघुवंशम्
121. ‘बृहत्‍त्रयी’ में कौन-सा महाकाव्य नहीं आता है:
किरातार्जुनीय
शिशुपाल वध
नैषधीयचरित
कुमार सम्‍भव
‘बृहत्‍त्रयी’ में ‘कुमार सम्‍भव’ (कालिदास) शामिल नहीं है।

122. निम्न गीत किस बोली का है-
‘ताले कै पानी पताले गये बेटी,
पुरइनि गइँ कुम्हिलाइ हो।
गंगा जमुना बिच रेती परतु है,
कइसे कै रचउं बिआह रे।’
ब्रज
भोजपुरी
कन्‍नौजी
अवधी
यह गीत अवधी बोली का है।
123. निम्न पंक्तियों में निहित रस है-
‘अभी तो मुकुट बंधा था माथ,
हुए कल ही हल्‍दी के हाथ,
खुले भी न थे लाज के बोल,
खिले थे चुंबन-शुन्‍य कपोल,
हाय रुक गया यहीं संसार
बना सिंदूर अनल अंगार
वातहत लतिका वह सुकुमार
पड़ी है छिन्‍नाधार!’
शान्त
संयोग श्रृंगार
करुण
उपरोक्त पंक्तियों में करुण रस निहित है।
वियोग श्रृंगार
124. सूची-I एवं सूची- II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्‍प चुनिए:
(a) कालीदास – (i) मालतीमाधवम्
(b) भवभूति – (ii) दशकुमारचरितम्
(c) दण्‍डी – (iii) नैषधीयच‍रितम्
(d) श्री हर्ष – (iv) मालविकाग्निमित्रम्
कूट:(a), (b), (c), (d)
(ii), (i), (iv), (iii)
(iii), (ii), (iv), (i)
(iv), (i), (ii), (iii)
(i), (iii), (ii), (iv)
125. सूची-I एवं सूची- II को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूटों में से सही विकल्‍प चुनिए:
(a) बाणभट्ट की आत्मकथा – (i) अज्ञेय
(b) शेखर: एक जीवनी – (ii) मोहन राकेश
(c) आधे-अधूरे – (iii) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(d) संस्‍कृति के चार अध्‍याय – (iv) हजारी प्रसाद द्विवेदी
कूट:(a), (b), (c), (d)
(i), (ii), (iii), (iv)
(iv), (i), (ii), (iii)
(iii), (iv), (i), (ii)
(ii), (iii), (iv), (i)

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