तत्सम और तद्भव शब्द | tatsam-tatbhav shabd
उत्पत्ति की दृष्टि से शब्दों के चार भेद हैं- तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशी शब्द। यहाँ पर हम तत्सम और तद्भव शब्दों को जानेगें।
तत्सम...
अनेकार्थी शब्द | ANEKARTHI SHABD
अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं?
हिंदी में कुछ ऐसे शब्द प्रयोग में आते हैं जिनके कई अर्थ होते हैं। दूसरे शब्दों में- जिन शब्दों के...
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द | वाक्यांश के लिए एक शब्द
कम से कम शब्दों में अधिकाधिक अर्थ प्रगट करने के लिए वाक्यांश या अनेक शब्दों के लिए एक शब्द का प्रयोग किया जाता है।...
संपर्क भाषा के रूप में हिंदी | sampark bhasha hindi
दो भिन्न भाषा-भाषी व्यक्ति जिस भाषा में बात-चीत करते हैं और जिसे दोनों अच्छी तरह समझ सकते हैं, उसे ‘संपर्क भाषा’ कहते हैं। ‘संपर्क...
हिंदी के विविध रूप- उर्दू, रेख़्ता, दक्खिनी हिंदी और हिंदुस्तानी
हिंदी, उर्दू और हिन्दुस्तानी का झगड़ा कई सौ बरस चलता रहा, लेकिन आज तक यह तय नहीं हो पाया की किसे राष्ट्र भाषा माना...
हिंदी भाषा प्रयोग के विविध रूप- राजभाषा, राष्ट्रभाषा और संपर्क भाषा
राष्ट्रभाषा सम्पूर्ण राष्ट्र में स्वीकृत भाषा को कहते हैं जबकि प्रशासनिक कार्यों के व्यवहारों में प्रयुक्त होने वाली भाषा को राजभाषा। जहाँ राष्ट्रभाषा का...
संयुक्त राष्ट्र में हिंदी | sanyukt rashtra men hindi
वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की छह आधिकारिक भाषाएँ– अंग्रेज़ी, अरबी, चीनी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश हैं। भारत काफी समय से यह प्रयास...
विश्व हिंदी सम्मेलन: परिकल्पना, उद्देश्य और महत्त्व
विश्व हिंदी सम्मेलन की परिकल्पना
‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ हिंदी भाषा का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें विश्व भर से हिंदी विद्वान, साहित्यकार, पत्रकार, भाषा...
हिंदी ब्लॉग: सीमाएँ और समस्याएं | Hindi Blogs
अब हिंदी केवल सम्प्रेषण की भाषा तक सीमित नहीं है। ज्ञान-विज्ञान के दूसरे क्षेत्रों तक उसका प्रचार-प्रसार हुआ है। लेकिन यह सब एक सीमा...
अकाल और उसके बाद कविता की व्याख्या और समीक्षा | नागार्जुन
नागार्जुन प्रगतिशील काव्यधारा के कवि हैं। नयी कविता के समांतर चलने वाली जो काव्यधारा है, उसके कवि हैं। इनके यहाँ सबसे ज्यादा वैविध्य और...















