राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान सूची | Hans Katha Samman

0
2464
rajendra-yadav-hans-katha-samman
राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान सूची

हंसाक्षर ट्रस्ट और हंस पत्रिका हर वर्ष साहित्यकार और संपादक राजेंद्र यादव की स्मृति में उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह सम्मान देता है। इस अवसर पर हर वर्ष (अगस्त से जुलाई) माह की अवधि में हंस पत्रिका में छपी सर्वश्रेष्ठ कहानी को सम्मानित किया जाता है। राजेंद्र यादव हंस कथा पुरस्कार पहले हंस कथा सम्मान के नाम से दिया जाता था, राजेंद्र यादव के निधन के बाद इस पुरस्कार का नाम बदल दिया गया है। हिन्दी साहित्य में युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए राजेंद्र यादव ने 2013 ई. में हंस कथा सम्मान (hans katha samman) प्रारम्भ किया था। विजेता को पुरस्कार स्वरूप ग्यारह हजार की पुरस्कार राशि दिया जाता है। यह पुरस्कार राजेंद्र यादव (rajendra yadav) के जन्मदिन 28 अगस्त को हर वर्ष प्रदान किया जाता है।

राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान 2022

इस साल का राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान ट्विंकल रक्षिता को उनकी कहानी ‘एक चट्टान गिरती है खामोशी की नींद में’ को प्रदान किया जायेगा। उनको यह पुरस्कार राजेंद्र यादव के जन्म दिन 28 अगस्त को प्रदान किया जाएगा। ट्विंकल रक्षिता की यह कहानी ‘हंस’ मई 2022 अंक में प्रकाशित हुई थी। यह उनकी पहली प्रकाशित कहानी है।

राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान 2021

2021 का ‘राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान’ चर्चित कथाकार जयश्री रॉय और प्रमोद राय को संयुक्त रूप से मिलेगा। साहित्यिक पत्रिका हंस के संपादक मंडल ने अगस्त 2020 से जुलाई 2021 के बीच हंस में छपी कहानियों में से जयश्री रॉय की ‘मां का कमरा’ और प्रमोद राय की कहानी ‘ कंपनी की बीवी’ का चयन किया है।

हजारीबाग में जन्मी और गोवा में रहने वाली जयश्री रॉय लंबे समय से कहानियां और उपन्यास लिखती रही हैं। वह स्त्री चेतना व विमर्श वाली कहानियों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन अन्य विषयों पर भी उनकी लेखनी प्रभावी रही है। पुरस्कृत कहानी ‘मां का कमरा’ एक बेटी के नजरिए से मां की अंतर्दशा और रिश्तों को बदलते वक्त और मनोविज्ञान के सांचे में देखने का प्रयास है। यहां कथ्य से ज्यादा जयश्री की बेजोड़ भाषा-शैली प्रभावी है। जयश्री के कई कहानी संग्रह और उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं।

प्रमोद राय की कहानी ‘कंपनी की बीवी’ देश और समाज में आ रहे आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलावों के त्रासद पहलुओं को उजागर करती है। आर्थिक विषमता, सांप्रदायिक विभेद और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर यह कहानी सशक्त प्रहार करती है। लंबी कहानी अपने रोचक, यथार्थवादी और नाटकीय संप्रेषण के साथ पाठकों को अंत तक बांधे रखती है। बिहार में जन्मे प्रमोद राय करीब दो दशक से दिल्ली में पत्रकारिता करते रहे हैं और लगभग सभी शीर्ष साहित्यिक पत्रिकाओं में उनकी कहानियां छप चुकी हैं।

सम्मान प्राप्त हंस कथाकारों की सूची 

वर्ष (ई.)कहानीकारकहानी
2013किरण सिंहसंझा
2014आकांक्षा पारे काशिव
टेक चंद
शिफ्ट कंट्रोल अल्ट डिलीट
मोर का पंख
2015प्रकृति करगेतीठहरे हुए से लोग
2016पंकज सुबीर
योगिता यादव
चौपड़े की चुड़ैलें
राजधानी के भीतर
2017कैलास वानखेड़ेजस्ट डांस
2018प्रत्यक्षाबारिश के देवता
2019अनिल यादवगौसेवक
2020प्रीति प्रकाश
रामेश्वर
राम को जन्मभूमि मिलनी चाहिए
राष्ट्रपति का दत्तक
2021जयश्री रॉय
प्रमोद राय
माँ का कमरा
कंपनी की बीवी
2022ट्विंकल रक्षिताएक चट्टान गिरती है खामोशी की नींद में
हंस कथा सम्मान की सूची

इसे भी पढ़ें-

Previous articleडॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार सूची
Next articleउत्तर प्रदेश राजकीय डिग्री कॉलेज सहायक आध्यापक हिंदी पाठ्यक्रम