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उसने कहा था- चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ | usne kaha tha

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यहाँ पर कालजयी कहानी ‘उसने कहा था’ को दिया जा रहा है, जिसके लेखक चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ जी हैं। ‘उसने कहा था’ कहानी को कालजयी...
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राजस्थानी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | rajasthani

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भाषाशास्त्रियों ने राजस्थानी को हिंदी की पाँच उपभाषाओं- पश्चिमी हिंदी, पूर्वी हिंदी, बिहारी, पहाड़ी और राजस्थानी में स्थान दिया है। राजस्थान शब्द का इस प्रांत के लिए...
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बिहारी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | bihari hindi

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बिहारी हिंदी का विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ है। जिसे दो भागों- पूर्वी बिहारी और पश्चिमी बिहारी में विभाजित किया जा सकता है। पूर्वी...
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पूर्वी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | purvi hindi

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जार्ज ग्रियर्सन ने हिंदी क्षेत्र को दो भागों- पश्चिमी हिंदी और पूर्वी हिंदी में विभाजित किया है। इन्हीं क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोलियों...
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पश्चिमी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | pshcimi hindi

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शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित पश्चिमी हिंदी (pshcimi hindi) के अन्तर्गत पाँच बोलियों आती है- हरियाणी, खड़ी बोली, ब्रजभाषा, कन्नौजी और बुन्देली। डॉ. भोलानाथ तिवारी ने पश्चिमी हिंदी के...
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देवरानी जेठानी की कहानी- पं. गौरीदत्‍त शर्मा

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हिन्‍दी का पहला उपन्‍यास को लेकर विद्वानों में मतभेद है। कुछ विद्वान ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ (1870) को हिन्‍दी का पहला उपन्‍यास मानते हैं,...
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हिंदी भाषा की उपभाषाएँ एवं बोलियाँ

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हिंदी भाषा का विकास शौरसेनी, मागधी और अर्धमागधी अपभ्रंशों से पाँच उपभाषाओं- पश्चिमी हिंदी, पहाड़ी, राजस्थानी, बिहारी और पूर्वी हिंदी के रूप में हुआ है। इन उपभाषाओं से...
ugc-guidelines-for-plagiarism-2018

यूजीसी साहित्यिक चोरी नीति 2018 क्या है? | ugc guidelines for plagiarism 2018

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मित्रों यदि आप शोधार्थी हैं और एम.फिल या पीएच.डी. कर रहे, करने का विचार कर रहे हैं अथवा उच्चतर शिक्षा संस्थानों में अकादमिक क्रिया-कलाप...
pragativadi-kavy-aur-kavi

प्रगतिवादी काव्य और उनके प्रमुख कवि

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प्रगतिवादी काव्य धारा का समय (समय-सीमा) 1936 से 1943 ई. तक माना गया है। सन् 1934 ई. में गोर्की के नेतृत्व में रूस में...
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छायावादी युग के कवि और उनकी रचनाएं | Chhayavadi kavi

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छायावाद की कालावधि 1920 या 1918 से 1936 ई. तक मानी जाती है। वहीं इलाचंद्र जोशी, शिवनाथ और प्रभाकर माचवे ने छायावाद का आरंभ लगभग 1912-14...

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छायावादी युग के कवि और उनकी रचनाएं | Chhayavadi kavi

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ritikal-ki-pramukh-pravritiyan

रीतिकालीन काव्य की प्रमुख प्रवृतियाँ | reetikal

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रीतिकालीन काव्य की रचना सामंती परिवेश और छत्रछाया में हुई है इसलिए इसमें वे सारी विशेषताएँ पाई जाती हैं जो किसी भी सामंती और...
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संप्रेषण की अवधारणा और महत्त्व | concept and importance of communication

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संप्रेषण की अवधारणा मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और उसे अपने विचार और भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए संप्रेषण पर निर्भय रहना पड़ता है।...
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शब्द शक्ति की परिभाषा और प्रकार | shabd shkti

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शब्द शक्ति क्या है? शब्द या शब्द समूह में जो अर्थ छिपा होता है, उसे प्रकाशित करने वाली शक्ति का नाम शब्द शक्ति (shabd shakti)...
ज्ञानपीठ पुरस्कार सूची

Gyanpeeth Award list | ज्ञानपीठ पुरस्कार सूची

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ज्ञानपीठ पुरस्कार  gyanpeeth award भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं...