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शुक्ल युगीन प्रमुख आलोचक और आलोचना ग्रंथ

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हिंदी आलोचना को चरमोत्कर्ष पर पहुँचने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसीलिए इस युग का नाम शुक्ल युगीन आलोचना (shukl yugeen alochna) पड़ा। शुक्ल...
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द्विवेदी युगीन प्रमुख आलोचक और आलोचना ग्रंथ

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द्विवेदी युग में आलोचना का रूप भरतेंदु युग के बरक्स आधिक निखरा हुआ है, साथ में आलोचना की कई नई पद्वातियाँ भी विकसित होती हैं। जैसे जगन्नाथप्रसाद...
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भरतेंदु युगीन प्रमुख आलोचक और आलोचना ग्रंथ

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भारतेंदु को आधुनिक हिंदी आलोचना का जन्मदाता माना जाता है, उन्होंने 1883 ई. में ‘नाटक’ शीर्षक से आलोचनात्मक लेख लिखा। इसी लेख से हिंदी...
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स्त्रीविमर्श से संबंधित आलोचनात्मक पुस्तक-सूची

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वीर भारत तलवार के शब्दों में हिंदी साहित्य में स्त्रीविमर्श से दयनीय कोई दूसरा विमर्श नहीं है, तब भी स्त्रीविमर्श पर काफी लिखा पढ़ा...
Samas Ki Paribhasha Bhed Aur Udaharan

samas | समास की परिभाषा, भेद और उदाहरण

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समास क्या है? समास (samas) का शाब्दिक अर्थ होता है- सक्षेप या संक्षिप्तीकरण। संक्षिप्तीकरण की यह प्रकिया शब्दों को पास-पास (सम् + आस = पास बिठाना)...
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यूजीसी ने फर्जी यूनिवर्सिटियों की सूची किया जारी | UGC identifies fake universities list...

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यूजीसी ने फर्जी यूनिवर्सिटियों के बारे में क्या कहा? यदि आप किसी विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) में एडमिशन लेने की सोच रहे हैं तो इस विश्वविद्यालय अनुदान...
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ugc net hindi syllabus 2022 | यूजीसी नेट हिंदी पाठ्यक्रम

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NTA ने अभी तक ugc net jrf hindi के syllabus में कोई बदलाव नहीं किया है। जून 2020 में जो बदलाव हुए थे वही...
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भारतीय काव्यशास्त्र के प्रमुख आचार्य एवं उनके ग्रंथ

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भारतीय काव्यशास्त्र नीचे भारतीय काव्यशास्त्र के प्रमुख आचार्य एवं उनके ग्रन्थों को काल-क्रम नुसार दिया जा रहा है, क्योंकि अक्सर  सीधे प्रश्न पूछ लिए जाते...
Hindi Sahitya Ki Pramukh Rachnaon Par Bani Filmein

हिंदी साहित्य की प्रमुख रचनाओं पर बनी फिल्में

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सिनेमा और साहित्य दो अलग-अलग विधाएँ हैं लेकिन दोनों का पारस्परिक संबंध बहुत गहरा है। जब कथा आधारित फिल्में बनने की शुरुआत हुई तो...
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हिंदी साहित्य में गुरु-शिष्य परम्परा | prmukh guru-shishy

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हिंदी साहित्य में भी अन्य कलाओं की तरह गुरु-शिष्य की एक लंबी परम्परा रही है। जिसे हम आदिकाल से आधुनिक काल तक देख सकते...