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फोटो पत्रकार के गुण | Qualities of Photojournalist

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फोटो पत्रकार के लिए कैमरा एक डायरी है, जो घटनाओं को रिकॉर्ड करता है। फोटो पत्रकारिता में सिर्फ कैमरे का महत्व नहीं है, उसके...
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फोटो पत्रकारिता का स्वरूप | photo patrakarita

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फोटोग्राफी (photography) फोटोग्राफी शब्द 'फोटोज' और 'ग्राफी' के मेल से बना है। ग्रीक भाषा में फोटोज का अर्थ 'प्रकाश' और ग्राफी का अर्थ 'उद्रेखण' या...
Hindi Ekanki Ka Udbhav Aur Vikas

हिंदी एकांकी का उद्भव और विकास

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‘एकांकी’ साहित्य की वह विधा है, जो नाटक के समान अभिनय से संबंधित है और जिसमें किसी घटना या विषय को एक अंक में...
Hindi Natak Ka Udbhav Aur Vikas

हिंदी नाटक का उद्भव और विकास | Hindi Natak ka Vikas

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हिंदी नाटक का उद्भव हिंदी में नाटक लिखने का विकास आधुनिक युग में हुआ। क्योंकि इससे पूर्व के हिंदी नाटकों में नाट्यकला के तत्वों का...
Hindi Nibandh Ka Udbhav Aur Vikas

हिंदी निबंध का विकास | hindi nibandh ka vikas

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हिंदी निबंध का उद्भव आधुनिक हिंदी गद्य-विधाओं में निबंध का महत्वपूर्ण स्थान है। इसका उद्भव भी भारतेन्दु युग से ही स्वीकार किया जाता है। कतिपय...
Hindi Kahani Ka Udbhav Aur Vikas

हिंदी कहानी का विकास | Hindi Kahani ka Vikas

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हिंदी कहानी का उद्भव हिंदी कहानी के उद्भव की विकास यात्रा का प्रारम्भ 1900 ई. के आसपास माना जाता है, क्‍योंकि इससे पूर्व हिंदी में...
Malbe Ka Malik Kahani Ki Samiksha Evam Saransh Mohan Rakesh

मलबे का मालिक कहानी की समीक्षा और सारांश | मोहन राकेश

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हिंदी के प्रख्यात लेखकों में एक हैं, नाटककार और कथाकार मोहन राकेश। उनका ‘आधे-अधूरे’ नाम से लिखा गया नाटक भारत के नाट्य-क्षेत्र में ही...
abhashik-sampresan-arth-prakar

अभाषिक संप्रेषण का अर्थ और प्रकार

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अभाषिक संप्रेषण (Nonverbal Communication) भाषा रहित संदेशों को संप्रेषित करने और उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया को अभाषिक संप्रेषण कहते हैं। अंग्रेजी में यह Nonverbal...
Sikka Badal Gaya Kahani Ki Samiksha Evam Saransh Krishna Sobti

सिक्का बदल गया कहानी की समीक्षा एवं सारांश | कृष्णा सोबती

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कृष्णा सोबती हिंदी की महत्वपूर्ण और सम्मानित कथाकार हैं। उनके अब तक प्रकाशित उपन्यासों में मित्रो मरजानी (1967 ई.), डार से बिछुड़ी (1948 ई.),...
Aakashdeep Kahani Ki Samiksha Evam Saransh Jaishankar Prasad

आकाशदीप कहानी की समीक्षा एवं सारांश | जयशंकर प्रसाद

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जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं इन्हें छायावाद का ब्रह्म कहा जाता हैं। इनकी पहली कहानी ‘ग्राम’ 1911 ई. में ‘इंदु’...