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विद्यापति के ग्रंथ एवं उपाधियाँ | कीर्तिलता | कीर्तिपताका | पदावली

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विद्यापति विद्यापति का समय 1350-1460 ई० माना जाता है। विद्यापति दरभंगा जिले (बिहार) के 'विपसी' नामक गाँव के निवासी थे। विद्यापति के गुरु का नाम पण्डित हरि...
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अमीर खुसरो की रचनाएँ | Amir Khusrow

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अमीर खुसरो अमीर खुसरो का वास्तविक नाम अबुल हसन था। अमीर खुसरो हज़रत निज़ाम-उद्-दीन औलिया के शिष्य थे। इनका कर्म-क्षेत्र दिल्ली था तथा कवि, संगीतज्ञ,...
Saptak Ke Kavi Aur Unki Rachnayen

तारसप्तक के कवियों की सूची | saptak ke kaviyon ki suchi

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हिंदी साहित्य में आधुनिक संवेदना का सूत्रपात ‘तारसप्तक’ के प्रकाशन से माना जाता है। सच्चिदानंद हीरानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ के सम्पादन में 4 सप्तक प्रकाशित...
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यूजीसी द्वारा स्वीकृत हिंदी पत्रिकाओं की सूची | UGC approved hindi journallist

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यूजीसी-अनुमोदित पत्रिकाओं की सूची दरअसल विश्वविद्यालयों और यूजीसी समितियों द्वारा अनुशंसित पत्रिकाओं की एक सूची है। वर्तमान में यूजीसी (UGC) द्वारा जारी पत्रिकाओं की सूची में...
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हरियाणा लोकसेवा आयोग सहायक अध्यापक पाठ्यक्रम | hpsc Assistant Professor Syllabus

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इस पोस्ट में हरियाणा लोकसेवा आयोग (hpsc) द्वारा आयोजित सहायक अध्यापक (Assistant Professor) परीक्षा हेतु हिंदी विषय का पाठ्यक्रम (Syllabus) देख और downlod कर सकते हैं...
Nath Sahitya Ke Kavi Aur Unki Rachnayen

आदिकालीन नाथ साहित्य के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ

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आदिकालीन नाथ साहित्य- हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार- “नाथ-पंथ या नाथ-सम्प्रदाय के सिद्ध-मत, सिद्ध-मार्ग, योग-मार्ग, योग-सम्प्रदाय, अवधूत-मत एवं अवधूत- सम्प्रदाय नाम भी प्रसिद्ध हैं।” नाथ...
jain Sahitya Ke Kavi Aur Unki Rachnayen

आदिकाल की जैन काव्य धारा के कवि और उनकी रचनाएँ

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आदिकालीन जैन साहित्य- जैन कवियों द्वारा लिखे गए ग्रंथ ‘रास’ काव्य परम्परा के अंतर्गत आते हैं। इन ग्रन्थों में जैन धर्म से जुड़े व्यक्तिओं को...
Apbhransh Sahitya Ke Kavi Aur Unki Rachnayen

आदिकालीन अपभ्रंश के प्रमुख कवि और उनकी रचनाएँ

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आदिकालीन अपभ्रंस साहित्य- आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने आदिकाल की प्रारम्भिक सीमा 993 ई. और अंतिम सीमा 1318 ई. मानी है, अथार्त राजा मुंज और भोज...
Sidh Sahitya Ke Kavi Aur Unki Rachnayen

आदिकाल की सिद्ध काव्य धारा के कवि और उनकी रचनाएँ

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आदिकालीन सिद्ध साहित्य- सिद्ध साधकों ने बौद्ध धर्म के वज्रयान का प्रचार करने के लिए जो साहित्य जन भाषा में रचा वह सिद्ध साहित्य कहलाता...
Raso Sahitya Ke Kavi Aur Unki Rachnayen

आदिकाल की रासो काव्य धारा के कवि और उनकी रचनाएँ

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आदिकालीनरासो साहित्य  में रासो-काव्य ग्रन्थों का महत्वपूर्ण स्थान है । ये रासो ग्रन्थ जैन कवियों के ‘रस-काव्य’ से भिन्न है क्योंकि ये ग्रन्थ वीर रस प्रधान...