UPESSC Assistant Professor Hindi Syllabus: सहायक आचार्य हिंदी का नया पाठ्यक्रम

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UPESSC सहायक आचार्य हिंदी का नया पाठ्यक्रम और आधिकारिक PDF
सहायक आचार्य हिंदी पाठ्यक्रम- विषय कोड 01

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज के सहायक आचार्य- उच्च शिक्षा पद की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए हिंदी का पाठ्यक्रम यहाँ विषयवार दिया गया है। हिंदी का विषय कोड 01 है। इस पाठ्यक्रम में हिंदी भाषा का इतिहास, नागरी लिपि, हिंदी का विस्तार, साहित्य का इतिहास, गद्य विधाएँ, साहित्यशास्त्र, आलोचना तथा निर्धारित रचनाकारों और रचनाओं का अध्ययन शामिल है।

इस पोस्ट में UPESSC Assistant Professor Hindi Syllabus के सभी 10 मुख्य खंड व्यवस्थित किए गए हैं। निर्धारित काव्य-पाठों के साथ संपादक, पद, दोहा, छंद और सर्ग का विवरण भी दिया गया है, ताकि अभ्यर्थी संबंधित पुस्तक के सही अंश पढ़ सकें। आयोग के आधिकारिक पाठ्यक्रम की PDF डाउनलोड करने का लिंक नीचे उपलब्ध है।

UPHESC हिंदी के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र ↗

विवरणजानकारी
आयोगउत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज
पदसहायक आचार्य- उच्च शिक्षा
विषयहिंदी
विषय कोड01
पाठ्यक्रम के मुख्य खंड10
आधिकारिक वेबसाइटउत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग

सहायक आचार्य हिंदी का आधिकारिक सिलेबस PDF डाउनलोड करें ↗

1. हिंदी भाषा का इतिहास:

हिंदी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • प्राचीन भारतीय आर्य भाषाएँ,
  • मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषाएँ, अपभ्रंश और अवहट्ट (पुरानी हिंदी) का संबंध
  • आधुनिक भारतीय आर्य भाषाएँ और उनका वर्गीकरण
  • हिंदी का भौगोलिक विस्तार
  • हिंदी की उपभाषाएँ और बोलियाँ- वर्गीकरण तथा क्षेत्र
  • प्रारंभिक हिंदी के विविध रूप
  • काव्यभाषा के रूप में अवधी का उदय और विकास
  • काव्यभाषा के रूप में ब्रजभाषा का उदय और विकास
  • साहित्यिक हिंदी के रूप में खड़ी बोली हिंदी का उदय और विकास

मानक हिंदी का भाषावैज्ञानिक विवरण(रूपगत)

  • हिंदी की स्वनिम व्यवस्था
  • हिंदी ध्वनियों के वर्गीकरण का आधार
  • हिंदी शब्द रचना- उपसर्ग, प्रत्यय, हिंदी की रूप रचना-लिंग, वचन, कारक व्यवस्था के संदर्भ में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया रूप
  • हिंदी वाक्य रचना

हिंदी भाषा प्रयोग के विविध रूप

  • बोली, मानकभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा, संपर्क भाषा, संचार भाषा
  • राजभाषा की संवैधानिक स्थिति
  • भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में हिंदी का विकास
  • संविधान सभा में हिंदी को लेकर किए गए नए विमर्श

2. नागरी लिपि का इतिहास विकास:

  • नागरी लिपि का उद्भव और विकास
  • नागरी लिपि की विशेषताएँ एवं मानकीकरण
  • कंप्यूटर और देवनागरी लिपि से संबंधित सुविधाएँ एवं सॉफ्टवेयर
  • यूनिकोड

3 हिंदी विस्तारीकरण के वैयक्तिक एवं संस्थागत प्रयास:

  • स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी का विकास,
  • हिंदी प्रसार के आंदोलन, का स्वरूप, प्रमुख व्यक्तियों एवं संस्थाओं का योगदान,
  • हिंदी से संबंधित सरकारी संस्थाएँ एवं विभाग,
  • सम्मान,
  • पुरस्कार
  • पत्र पत्रिकाएँ
  • हिंदी के जनमाध्यम: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम, यूट्यूब, फेसबुक एवं अन्य भाषा-साहित्य से संबंधित चैनल
  • हिंदी पोर्टल एवं वेबपटल

4. हिंदी साहित्य का इतिहास:

इतिहास दर्शन और इतिहास लेखन

  • साहित्य का इतिहास दर्शन
  • हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की पद्धतियाँ
  • हिंदी साहित्य के प्रमुख इतिहास ग्रंथ एवं उनकी विशेषताएँ
  • हिंदी साहित्य इतिहास का काल विभाजन और नामकरण

आदिकाल

  • आदिकालीन साहित्य की सामाजिक-सांस्कृतिक-धार्मिक पृष्ठभूमि
  • धार्मिक साहित्य- सिद्ध, जैन, नाथ साहित्य
  • लौकिक साहित्य- रासो काव्यधारा, श्रृंगारिक काव्यधारा

भक्ति काल

  • भक्ति आंदोलन की पृष्ठभूमि और उसके उदय के सामाजिक-सांस्कृतिक कारण-विविध दृष्टि
  • भक्ति आंदोलन का अखिल भारतीय स्वरूप और उसका अंतःप्रादेशिक वैशिष्ट्य
  • भक्तिकाव्य के प्रमुख दार्शनिक सिद्धांत- अद्वैतवाद विशिष्टाद्वैतवाद, शुद्धाद्वैतवाद, द्वैताद्वैतवाद, द्वैत मत
  • भक्ति काव्य के भेद
  • हिंदी संत काव्य परंपरा और उसका वैचारिक आधार
  • संत काव्य में सामाजिक समरसता
  • हिंदी की सूफी काव्य परंपरा
  • हिंदी के असूफी प्रेमाख्यान
  • रामभक्ति काव्यधारा
  • कृष्ण भक्ति काव्यधारा

रीतिकाल

  • रीतिकाल की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि
  • रीतिकालीन साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियाँ
  • रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त काव्य
  • रीति काव्य के प्रमुख स्रोत
  • रीतिकालीन कवियों का आचार्यत्व
  • रीतिकाल के प्रमुख कवि और उनका काव्य
  • रीति काव्य में लोकजीवन
  • रीतिकाव्य का अस्मितामूलक विमर्श

आधुनिक काल

  • हिंदी गद्य का उद्भव और विकास- भारतेन्दु पूर्व हिंदी गद्य, भारतेन्दुकालीन हिंदी गद्य, भारतेन्दु और उनका मंडल, भारतेन्दु मंडल के बाहर के लेखक और हिंदी रंगमंच, हिंदी पत्रकारिता का आरंभ और भारतेन्दुयुगीन हिंदी पत्रकारिता
  • द्विवेदी युग- महावीर प्रसाद द्विवेदी और उनका युग, हिंदी नवजागरण और सरस्वती, राष्ट्रीय काव्यधारा के प्रमुख कवि, स्वच्छंदतावाद और उसके प्रमुख कवि, द्विवेदीयुगीन हिंदी पत्रकारिता, द्विवेदीयुगीन हिंदी गद्य का वैशिष्ट्य
  • छायावाद- छायावाद की सांस्कृतिक-सामाजिक-दार्शनिक पृष्ठभूमि, छायावाद का आरंभ, छायावाद के विषय में विभिन्न मत, छायावाद की प्रमुख विशेषताएँ, छायावाद के प्रमुख कवि,
  • प्रगतिवाद की अवधारणा, प्रगतिवादी काव्य और उसके प्रमुख कवि
  • प्रयोगवाद और नई कविता के प्रमुख कवि
  • समकालीन कविता
  • हिंदी का प्रवासी साहित्य

5. हिंदी साहित्य की गद्य विधाएँ:

हिंदी उपन्यास

  • उपन्यास की अवधारणा
  • प्रेमचंद पूर्व उपन्यास
  • प्रेमचंद युगीन उपन्यास
  • प्रेमचंद हिंदी उपन्यास
  • परवर्ती उपन्यासकार
  • स्वातंत्र्योत्तर हिंदी उपन्यास

हिंदी कहानी

  • हिंदी कहानी का उदभव और विकास
  • हिंदी कहानी के प्रमुख आंदोलन
  • कहानी और नई कहानी
  • हिंदी कहानी की प्रमुख प्रवृत्तियाँ

हिंदी नाटक और एकांकी

  • हिंदी नाटक और रंगमंच
  • भारतीय नाट्य परंपरा और नाट्यशास्त्र का संक्षिप्त परिचय
  • हिंदी नाटक के विकास के चरण
  • भारतेन्दु युगीन नाटक
  • प्रसाद युग और प्रसादोत्तर नाटक
  • स्वातंत्र्योत्तर युगीन नाटक
  • हिंदी एकांकी और हिंदी के प्रमुख एकांकीकार

हिंदी निबंध

  • हिंदी निबंध का विकास
  • हिंदी निबंध की मूलभूत विशेषताएँ
  • हिंदी निबंध के प्रमुख भेद
  • हिंदी के प्रमुख निबंधकार

हिंदी आलोचना

  • हिंदी आलोचना का उद्भव और विकास
  • हिंदी के प्रमुख आलोचक और उनकी आलोचनात्मक स्थापनाएँ

हिंदी की कथेतर गद्य विधाएँ

संस्मरण, रेखाचित्र, जीवनी, आत्मकथा, रेडियो एकांकी, डायरी, रिपोर्ताज, साक्षात्कार, यात्रा साहित्य, पत्र साहित्य, ब्लॉग लेखन (चिट्ठाकारिता)

6. साहित्यशास्त्र और आलोचना:

भारतीय काव्यशास्त्र

  • काव्य के लक्षण, काव्य प्रयोजन, काव्यहेतु, काव्य दोष, काव्य गुण, काव्य के रूप
  • काव्य के प्रमुख संप्रदाय एवं सिद्धांत- रस, अलंकार, रीति, ध्वनि, वक्रोक्ति, औचित्य
  • रस निष्पत्ति, साधारणीकरण
  • भरतमुनि का रस सूत्र और उसके प्रमुख व्याख्याकार
  • रस के अवयव, भेद
  • शब्द शक्तियाँ
  • अलंकार- अनुप्रास, यमक, वक्रोक्ति, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, संदेह, भ्रांतिमान, अतिशयोक्ति, अन्योक्ति, समासोक्ति, अत्युक्ति, विशेषोक्ति, विभावना, प्रतीप, व्यतिरेक, अर्थान्तरन्यास, असंगति, विरोधाभास

पाश्चात्य काव्यशास्त्र

  • प्लेटो के काव्य सिद्धांत
  • अरस्तु की काव्य विषयक मान्यताएँ, त्रासदी के तत्व, अनुकरण सिद्धांत, विरेचन सिद्धांत, त्रासदी और महाकाव्य में अंतर
  • होरेस: काव्य विषयक मान्यताएँ
  • लॉन्जाइनस: काव्य में उदात्त तत्व
  • शास्त्रीयतावाद और स्वच्छंदतावाद
  • क्रोचे का अभिव्यंजनावाद
  • आई.ए. रिचर्ड्स और टी.एस. इलियट के काव्य सिद्धांत
  • नई समीक्षा

7. हिंदी आलोचना के पारिभाषिक शब्द और कतिपय अवधारणाएँ:

  • काव्यभाषा, बिंब, मिथक, कल्पना, कविसमय, काव्यरूढ़ि
  • प्रतिभा, व्युत्पत्ति, अभ्यास, संकेतग्रह, बिंबग्रहण, आनंद की साधनावस्था और सिद्धावस्था, शीलदशा, भावदशा, लोकमंगल, प्रत्यक्ष रूपविधान, स्मृत रूपविधान, कल्पित रूपविधान, भाव एवं मनोविकार, ज्ञानात्मक संवेदना और संवेदनात्मक ज्ञान, लाक्षणिक मूर्तिमत्ता, उपचार वक्रता, आदर्शोन्मुख यथार्थ, विरुद्धों का सामंजस्य, लघु मानव, मनोमयकोश, आलंबनत्व धर्म, अनुभूति, कल्पना, चेतना प्रवाह, रूप, कथ्य, सहृदय,
  • उत्तरआधुनिकता, मार्क्सवाद, मनोविश्लेषणवाद, अस्तित्ववाद, यथार्थवाद, आदर्शवाद, अतियथार्थवाद, मानववाद, प्रभाववाद, आधुनिकतावाद, संरचनावाद, रूपवाद, अस्मितामूलक विमर्श (दलित, स्त्री, आदिवासी, थर्ड जेंडर)
  • पुनर्जागरण, गांधीवाद, अंबेडकर दर्शन, लोहिया दर्शन, एकात्म मानववाद, सांस्कृतिक आलोचना
  • हिंदी के प्रमुख आलोचक और उनकी आलोचनात्मक स्थापनाएँ

साहित्यिक वादों पर MCQ अभ्यास ↗

8. हिंदी काव्य:

  • गोरखवाणी, संपादक- पीतांबर दत्त बडथ्वाल, पद संख्या- 1, 6, 7, 9, 11, 12, 14, 15, 17, 28, 30, 32, 33, 36, 46, 51, 52, 54, 55, 57, 68, 69, 119, 123, 153
  • विद्यापति: विद्यापति पदावली, संपादक- रामफेर त्रिपाठी, पद संख्या -1, 2, 4, 6, 9, 10, 15, 20, 23, 33, 34, 36, 231, 239, 241, 251, 252, 254, 271, 274
  • कबीर: कबीर वाणी पीयूष, संपादक- जयदेव सिंह, वासुदेव सिंह, सुमिरन को अंग, विरह को अंग, परचा को अंग, सहज को अंग, पद- 2, 3, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14
  • जायसी: जायसी ग्रंथावली, संपादक- रामचंद्र शुक्ल, नख-शिख खंड और नागमती वियोग खंड
  • सूरदास: भ्रमरगीत सार, संपादक- रामचंद्र शुक्ल, पद संख्या 21 से 70 तक
  • तुलसीदास: रामचरितमानस- उत्तरकांड, गीता प्रेस, गोरखपुर
  • मीराबाई: संपादक विश्वनाथ त्रिपाठी- आरंभ के 20 पद
  • रहीम: रहीम रचनावली, संपादक- सत्यप्रकाश मिश्र, दोहावली- 4, 13, 14, 16, 22, 23, 25, 27, 30, 31, 32, 35, 37, 40, 43, 44, 51, 63, 67, 72, 74, 75, 77, 89, 119, 124, 158, 168, 175, 209, 214, 219, 224, 225, 232, 239, 242, 243, 289, 290 (40 दोहे)
  • केशव: केशवदास- केशव कौमुदी, भाग 1, टीकाकार- लाला भगवान दीन, पाँचवाँ प्रकाश- छंद संख्या 10, 13, 14, 16, 17, 19, 22, 24, 31, 36, 38, 42, ग्यारहवाँ प्रकाश- 17, 18, 26, तेरहवाँ प्रकाश- 22, 53, 85, सोलहवाँ प्रकाश- 4, 6, 7, 11, 12, 13, 24
  • बिहारी: बिहारी, संपादक- विश्वनाथ प्रसाद मिश्र, दोहा संख्या- 5, 8, 11, 21, 29, 33, 34, 37, 41, 43, 55, 84, 96, 111, 134, 163, 182, 185, 199, 213, 215, 224, 235, 247, 263, 265, 326, 358, 367, 390, 403, 409, 436, 437, 440, 467, 525, 534, 539, 558 (40 दोहे)
  • भूषण: भूषण ग्रंथावली, संपादक– विश्वनाथ प्रसाद मिश्र , पद संख्या – 50, 53, 55, 61,
  • 62, 76, 78, 83, 92, 100, 174, 182, 195, 213, 231, 233, 323, 415, 420, 421 (20 छंद)
  • रसखान: रसखान रचनावली (सं. विद्यानिवास मिश्र, सत्यदेव मिश्र)– सुजान रसखान– सवैया– 1, 2, 3, 5, 8, 12, 13, 18, 21, 27, 31, 32, 37, 41, 51, 53, 55, 56, 61, 63
  • घनानंद: घनानंद कवित्त (सं. विश्वनाथ प्र. मिश्र), कवित्त सं. 1 से 30 तक
  • मैथिलीशरण गुप्त: साकेत, नवम् सर्ग
  • जयशंकर प्रसाद: कामायनी: आशा, श्रद्धा, लज्जा सर्ग
  • सूर्यकांत त्रिपाठी निराला: राम की शक्ति पूजा, जागो फिर एक बार(भाग 2), भारती जय विजय करे, वर दे वीणा वादिनी वर दे
  • सुमित्रानंदन पंत: प्रथम रश्मि, नौका विहार, संध्या, एक तारा, भारत माता, द्रुत झरो जगत के जीर्ण पत्र
  • महादेवी वर्मा: दीपशिखा (दीप मेरे जल अकम्पित, पंथ रहने दो अपरिचित, मैं न यह पथ जानती थी, सब आँखों के आँसू उजले, सब के सपनों में सत्य पला), सांध्य गीत (मैं नीर भरी दुख की बदली, दीप तेरा दामिनी, देव अब वरदान कैसा)
  • सच्चिदानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’: असाध्य वीणा, नदी के द्वीप
  • गजानन माधव ‘मुक्तिबोध’: अंधेरे में
  • रामधारी सिंह ‘दिनकर’: रेणुका (हिमालय), सामधेनी (आग की भीख, दिल्ली और मास्को, जयप्रकाश, राही और बाँसुरी, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है, कलम आज उनकी जय बोल)
  • नागार्जुन: हजार हजार बाँहों वाली, अकाल और उसके बाद, गुलाबी चूड़ियाँ, बादल को घिरते देखा है, कालिदास
  • शमशेर बहादुर सिंह: भारत की आरती, एक पीली शाम, शाम होने को हुई, निराला के प्रति, एक नीला आइना बेठोस, दूब
  • केदारनाथ अग्रवाल: मेरी धरती और मैं, प्यासी धरती की पुकार, सुनता है बादल, जागरण की कामना, निराला के प्रति, माँझी न बजाओ बंशी, किसान से
  • भवानी प्रसाद मिश्र: गीत फरोश, सतपुड़ा के जंगल
  • सुदामा पाण्डे ‘धूमिल’: मोचीराम

9. कथा साहित्य:

हिंदी उपन्यास

रचनाकारउपन्यास
प्रेमचंदगोदान
चतुरसेन शास्त्रीवयम् रक्षामः
वृंदावनलाल वर्माविराटा की पद्मिनी
हजारी प्रसाद द्विवेदीपुनर्नवा
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ नदी के द्वीप
फणीश्वरनाथ ‘रेणु’मैला आंचल
भगवती चरण वर्माभूले बिसरे चित्र
शिव प्रसाद सिंहनीला चाँद
अमृतलाल नागरमानस का हंस
जैनेंद्र त्यागपत्र
श्रीलाल शुक्लराग दरबारी
उषा प्रियंवदापचपन खम्भे लाल दीवारें

कहानी

रचनाकारकहानी
प्रेमचंददुनिया का सबसे अनमोल रत्न, कफन
राजा राधिकारमण प्रसाद सिंहकानों में कंगना
विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ताई
चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’उसने कहा था
जयशंकर प्रसादआकाशदीप
जैनेंद्रपत्नी
फणीश्वर नाथ ‘रेणु’लाल पान की बेगम
सच्चिदानन्द वात्स्यायन ‘अज्ञेय’शरणदाता
भीष्म साहनीचीफ की दावत
निर्मल वर्मापरिंदे
कमलेश्वरदिल्ली में एक मौत
राजेन्द्र यादवजहाँ लक्ष्मी कैद है
मोहन राकेशमलबे का मालिक
अमरकांतदोपहर का भोजन

हिंदी कहानियों पर MCQ अभ्यास ↗

हिंदी नाटक

रचनाकारनाटक
भारतेन्दु हरिश्चंद्रअंधेर नगरी
जयशंकर प्रसादचंद्रगुप्त
धर्मवीर भारतीअंधा युग
लक्ष्मीनारायण मिश्रसिंदूर की होली
मोहन राकेशआषाढ़ का एक दिन
उपेंद्रनाथ ‘अश्क’अंजो दीदी

10. कथेतर गद्य विधाएँ:

हिंदी निबंध

रचनाकारनिबंध
भारतेन्दु हरिश्चंद्रभारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है, वैष्णवता और भारतवर्ष
प्रताप नारायण मिश्रआप, धोखा
बालकृष्ण भट्टसाहित्य जन समूह के हृदय का विकास है
बालमुकुंद गुप्तशिव शंभू के चिट्ठे
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’धर्म और समाज
महावीर प्रसाद द्विवेदीकवि कर्तव्य
सरदार पूर्ण सिंहआचरण की सभ्यता
रामचंद्र शुक्लश्रद्धा और भक्ति
हजारी प्रसाद द्विवेदीनाखून क्यों बढ़ते हैं
कुबेरनाथ रायमहाकवि की तर्जनी
विद्यानिवास मिश्रअस्ति की पुकार हिमालय

हिंदी निबंधों पर MCQ अभ्यास ↗

प्रमुख आलोचक और उनकी प्रमुख स्थापनाएँ

  • रामचंद्र शुक्ल
  • नंददुलारे वाजपेयी
  • डॉ. नगेंद्र
  • हजारी प्रसाद द्विवेदी
  • रामविलास शर्मा
  • विजयदेव नारायण साही
  • रामस्वरूप चतुर्वेदी
  • नामवर सिंह

अन्य कथेतर गद्य रचनाएँ

विधारचनाकारनिर्धारित रचना
आत्मकथापांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’अपनी खबर
जीवनीविष्णु प्रभाकरआवारा मसीहा
संस्मरणविष्णुकान्त शास्त्रीसुधियाँ उस चन्दन के वन की
यात्रा साहित्यनिर्मल वर्माचीड़ों पर चांदनी
रेखाचित्रमहादेवी वर्मामेरा परिवार
रिपोर्ताजफणीश्वर नाथ ‘रेणु’ऋणजल धनजल
डायरीरमेशचन्द्र शाहअकेला मेला
साक्षात्कारबनारसीदास चतुर्वेदीप्रेमचंद के साथ दो दिन
पत्र साहित्यजानकी वल्लभ शास्त्रीनिराला के पत्र
पत्र साहित्यअमृत रायचिट्ठी पत्री

सुधियाँ उस चंदन के वन की पर MCQ ↗

UPESSC TGT PGT हिंदी का नया सिलेबस ↗

स्रोत: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज; हिंदी, सहायक आचार्य- उच्च शिक्षा, विषय कोड 01; आधिकारिक पाठ्यक्रम, पृष्ठ 1–6, मूल PDF देखें ↗

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