UP TGT PGT Hindi Syllabus 2026: नया हिंदी पाठ्यक्रम

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UP TGT PGT Hindi Syllabus नया हिंदी पाठ्यक्रम
UP TGT PGT हिंदी सिलेबस- नया पाठ्यक्रम

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UP TGT और PGT हिंदी भर्ती परीक्षा के लिए नया पाठ्यक्रम 2026 जारी किया है। TGT या PGT हिंदी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पूरे सिलेबस को समझना जरूरी है।

नए पाठ्यक्रम में हिंदी साहित्य, गद्य साहित्य, काव्यशास्त्र, हिंदी भाषा एवं व्याकरण और संस्कृत को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रमुख रचनाकारों और उनकी रचनाओं से भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

TGT हिंदी में आदिकाल से नई कविता तक साहित्य का इतिहास, गद्य-विधाएँ, रस, छन्द, अलंकार, हिंदी की बोलियाँ और व्याकरण शामिल हैं। साथ ही संस्कृत साहित्य और व्याकरण भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।

वहीं PGT हिंदी का पाठ्यक्रम अधिक विस्तृत है। इसमें साहित्येतिहास, काव्यधाराएँ, गद्य-विधाएँ, पत्रकारिता, भारतीय काव्यशास्त्र, भाषाविज्ञान, हिंदी व्याकरण और संस्कृत साहित्य शामिल हैं।

इस पोस्ट में UP TGT PGT Hindi Syllabus 2026 को विषयवार दिया गया है। इससे आप अपनी तैयारी की योजना आसानी से बना सकते हैं।

प्रशिक्षित स्नातक (TGT) हिंदी पाठ्यक्रम

(Subject Code- 01)

हिंदी साहित्य का इतिहास

आदिकाल, भक्तिकाल(सन्त काव्य, सूफी काव्य, राम काव्य, कृष्ण काव्य) रीतिकाल, आधुनिक काल, भारतेंद्रु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नयी कविता।

हिंदी गद्य साहित्य का विकास

निबन्ध, नाटक, उपन्यास, कहानी, हिंदी गद्य की लघु विधाएँ- जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण रेखाचित्र, यात्रा-साहित्य, गद्यकाव्य, व्यंग्य। हिंदी के रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ।

काव्य के भेद

रस के अवयव, भेद, छन्द, अलंकार, शब्दालंकार, अर्थालंकार, काव्यगुण, काव्य दोष। हिंदी की बोलियाँ, भाषाएँ, हिंदी की शब्द सम्पदा, हिंदी की ध्वनियाँ, देवनागरी लिपि, मानकीकरण, विकास विशेषताएँ, त्रुटियाँ, सुधार के प्रयत्न।

व्याकरण, लिंग, वचन, कारक, सन्धि, समास, वर्तनी, वाक्य शुद्धिकरण, शब्द रूप- पर्यायवाची, विलोम, श्रुति समभिन्यार्थक शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरा, लोकोक्ति।

संस्कृत साहित्य

(क) संस्कृत के प्रमुख रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ, भास, कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, दण्डी, श्रीहर्ष।
(ख) सन्धि- स्वर एवं व्यंजन सन्धि, समास, शब्द रूप, धातु रूप, कारक प्रयोग।
(ग) अनुवाद।

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हिंदी-प्रवक्ता (माध्यमिक शिक्षा) पाठ्यक्रम

(विषय कोड-04)

हिंदी साहित्य का इतिहास:

हिंदी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा, हिंदी साहित्य के इतिहास का काल-विभाजन। आदिकाल- नामकरण, प्रमुख प्रवृत्तियाँ। भक्तिकाल- सामान्य विशेषताएँ, भक्तिकाल की धाराएँ- ज्ञानाश्रयी काव्यधारा, प्रेमाश्रयी (सूफी) काव्यधारा, कृष्णभक्ति काव्यधारा, रामभक्ति काव्यधारा- चारों काव्यधाराओं की प्रमुख प्रवृत्तियाँ। रीतिकाल-नामकरण, प्रमुख प्रवृत्तियाँ। आधुनिक काल- भारतेंदुयुग, द्विवेदीयुग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नयी कविता, गीत, नवगीत। विभिन्न कालों के प्रमुख कवि एवं उनकी प्रमुख रचनाएँ। प्रसिद्ध काव्य-पंक्तियों एवं सूक्तियों के लेखकों, कवियों के नाम।

गद्य-साहित्य का उद्भव और विकास:

निबन्ध, उपन्यास, कहानी, नाटक, आलोचना। गद्य की अन्य नवीन विधाएँ-जीवनी-साहित्य, आत्मकथा, संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्टाज, यात्रा-साहित्य, डायरी-साहित्य, व्यंग्य, इण्टरव्यू, बाल-साहित्य। युगप्रवर्तक लेखकों के नाम तथा उनकी प्रमुख रचनाएँ।

पत्रकारिता:

प्रमुख हिंदी पत्र-पत्रिकाएँ प्रकाशन-स्थान, प्रकाशन वर्ष तथा उनके प्रमुख सम्पादकों के नाम।

काव्यशास्त्र:

भारतीय काव्यशास्त्र-काव्य-लक्षण, भेद। रस, छन्द, अलंकार, काव्यगुण, काव्यदोष, शब्दशक्तियाँ।

भाषाविज्ञान:

हिंदी की उपभाषाएँ, विभाषाएँ, बोलियाँ, हिंदी की ध्वनियाँ, हिंदी शब्द-सम्पदा।

हिंदी-व्याकरण:

सन्धि, समास, कारक, लिंग, वचन, काल, पर्यायवाची, विलोम शब्द, वर्तनी-सम्बन्धी अशुद्धिशोधन, वाक्य-सम्बन्धी अशुद्धिशोधन, वाक्यांश के लिए एक शब्द, अनेकार्थी शब्द, भिन्नार्थक शब्द, विरामचिह्न, मुहावरा और लोकोक्ति। संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और विशेषण। उपसर्ग, प्रत्यय।

संस्कृत-साहित्य के प्रमुख रचनाकारों के नाम एवं उनकी प्रमुख कृतियाँ:

कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, भास, बाण, श्रीहर्ष, दण्डी, मम्मट, भरतमुनि, विश्वनाथ, राजशेखर तथा जयदेव।

संस्कृत व्याकरण:

सन्धि-स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि, विसर्ग सन्धि। समास, उपसर्ग, प्रत्यय। विभक्ति-चिह्न (परसर्ग) प्रयोग एवं पहचान। शब्दरूप- आत्मने, जगत्, सरित, बालक, हरि, अरमद, युष्मद्। धातुरूप स्था, पा. गम्, पठ, हस्, धातु केवल परसैपदी रूप में। काल। हिंदी-वाक्यों के संस्कृत अनुवाद।

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नोट: अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी के लिए आयोग द्वारा जारी नवीनतम पाठ्यक्रम को ही आधार बनाएं। hindisarang पर इस पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन-सामग्री, अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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1 COMMENT

  1. सर, आपने अच्छी जानकारी दी हैं।

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