UPHESC असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र
Uttar Pradesh Higher Education Services Commission द्वारा आयोजित Assistant Professor 2026 (R-Exam) परीक्षा 18 अप्रैल 2026 को संपन्न हुई थी। इसी परीक्षा के 70 बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का एक विस्तृत क्विज़ तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक प्रश्न के साथ संभावित उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या दी गई है। यह क्विज़ न केवल परीक्षा विश्लेषण के लिए उपयोगी है, बल्कि आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहद सहायक होगा।
ऑफिशियल आंसर की जारी होने के बाद इस पोस्ट को अपडेट किया जाएगा। यदि किसी प्रश्न के उत्तर या व्याख्या में आपको त्रुटि लगती है, तो कृपया कमेंट के माध्यम से अवश्य बताएं।
31. यूनिकोड प्रणाली के संदर्भ में देवनागरी लिपि के उपयोग के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
यूनिकोड देवनागरी लिपि को केवल एक विशेष ऑपरेटिंग सिस्टम तक सीमित करता है।
यूनिकोड प्रणाली में देवनागरी लिपि का उपयोग केवल वेब ब्राउज़र तक सीमित है।
यूनिकोड में देवनागरी वर्णों को अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म के लिए अलग कोड दिए जाते हैं।
यूनिकोड देवनागरी वर्णों के लिए सार्वभौमिक कोड निर्धारित करता है, जिससे विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर एकरूपता बनी रहती है।
यूनिकोड एक वैश्विक मानक है जो प्रत्येक वर्ण को एक विशिष्ट कोड देता है, जिससे डेटा सभी प्लेटफ़ॉर्म पर एक समान दिखता है।
32. सुमेलित कीजिए:
सूची- I (काल) – सूची- II (रचनाकार)
(a) प्रारम्भिक काल (प्रारम्भ से 600 विक्रमी तक) – (I) मम्मट से पं. जगन्नाथ
(b) रचनात्मक काल (600 से 800 विक्रमी तक) – (II) अज्ञात से भामह
(c) निर्णयात्मक काल (800 से 1000 विक्रमी तक) – (III) आनंदवर्धन से मम्मट
(d) व्याख्या काल (1000 से लेकर 1750 तक) – (IV) भामह से आनंदवर्धन
a-II, b-IV, c-III, d-I
यह काव्यशास्त्र के विकास चरणों का सही ऐतिहासिक क्रम है।
a-III, b-IV, c-II, d-I
a-IV, b-II, c-I, d-III
a-I, b-III, c-IV, d-II
33. पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ की आत्मकथा ‘अपनी खबर’ के संदर्भ में कौन-सा कथन संगत (सही) नहीं है?
‘उग्र’ जी ने इसमें अपने शैशव से लेकर जवानी तक के संघर्षों और अपनी ‘उग्र’ प्रवृत्ति के मूल कारणों को उजागर किया है।
इसमें ‘मतवाला’ मंडल और तत्कालीन पत्रकारिता के अंतर्विरोधों का सजीव चित्रण मिलता है।
यह हिंदी की पहली ऐसी आत्मकथा है जिसमें लेखक ने अपने कुल और वंश के दोषों का अत्यंत बेबाकी से वर्णन किया है।
इस कृति का संपादन और प्रकाशन महात्मा गांधी के ‘हरिजन’ पत्र के आदर्शों से प्रभावित होकर किया गया था।
‘अपनी खबर’ अपनी निर्भीकता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इसका गांधीजी के ‘हरिजन’ पत्र से कोई संबंध नहीं है।
34. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (अलंकार) – सूची-II (परिभाषा/विशेषता)
(a) अनुप्रास – (I) एक ही शब्द के भिन्न अर्थ
(b) यमक – (II) एक ही शब्द की पुनरावृत्ति भिन्न अर्थ में
(c) श्लेष – (III) उपमेय-उपमान की तुलना
(d) उपमा – (IV) समान वर्णों की आवृत्ति
a-II, b-I, c-III, d-IV
a-III, b-I, c-II, d-IV
a-I, b-III, c-IV, d-II
a-IV, b-II, c-I, d-III
1. अनुप्रास: जहाँ समान वर्णों की बार-बार आवृत्ति होती है (जैसे- तरनि तनूजा तट तमाल…)।
2. यमक: जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार आए और हर बार उसका अर्थ अलग हो (जैसे- कनक कनक ते सौ गुनी…)।
3. श्लेष: जहाँ एक ही शब्द के साथ कई अर्थ चिपके हों।
4. उपमा: जहाँ किसी प्रसिद्ध वस्तु से उपमेय की तुलना की जाती है।
35. आधुनिक हिंदी कविता में ‘प्रगतिवाद’ से ‘प्रयोगवाद’ की ओर वैचारिक बदलाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
प्रगतिवाद ने मुक्त छंद के उपयोग को खारिज कर दिया था, जिसे बाद में गजानन माधव मुक्तिबोध द्वारा प्रयोगवाद के मूल तत्व के रूप में पेश किया गया।
प्रगतिवाद ने व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक संघर्षों पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि प्रयोगवाद ने सामूहिक सामाजिक क्रांति पर जोर दिया।
दोनों आंदोलन प्रकृति में विशुद्ध रूप से सौंदर्यवादी थे और समकालीन राजनीतिक या आर्थिक मुद्दों के साथ किसी भी जुड़ाव से बचते थे।
प्रगतिवाद मार्क्सवादी विचारधारा और सामाजिक यथार्थवाद से गहराई से प्रभावित था, जबकि प्रयोगवाद ने व्यक्तिगत अनुभव और भाषाई प्रयोगों को प्राथमिकता दी।
प्रगतिवाद सामाजिक चेतना पर आधारित था, जबकि प्रयोगवाद व्यक्तिगत अनुभूतियों और शिल्प के नवीन प्रयोगों पर।
36. ‘मैला आँचल’ उपन्यास किसका है?
फणीश्वरनाथ रेणु
रेणु जी का ‘मैला आँचल’ (1954) उपन्यास हिंदी साहित्य का श्रेष्ठ आंचलिक उपन्यास माना जाता है। इस उपन्यास में बिहार के पूर्णिया जिले के मेरीगंज गाँव के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक जीवन का जीवंत चित्रण किया गया है।
ममता कालिया
विष्णु प्रभाकर
रामदरश मिश्र
37. नीचे दो कथन हैं जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
अभिकथन (A): ‘पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय।’
कारण (R): केवल ढाई अक्षर पढ़ने से ही पंडित होता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), की सही व्याख्या करता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
(A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
कबीर का आशय प्रेम के वास्तविक ज्ञान से था, न कि अक्षरों की गिनती से।
38. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचनाकार) – सूची-II (निबंध)
(a) सरदार पूर्णसिंह – (I) विकलांग श्रद्धा का दौर
(b) रामचंद्र शुक्ल – (II) श्रद्धा और भक्ति
(c) हजारीप्रसाद द्विवेदी – (III) आचरण की सभ्यता
(d) कुबेरनाथ राय – (IV) अस्ति की पुकार हिमालय
(e) विद्यानिवास मिश्र – (V) महाकवि की तर्जनी
(f) हरिशंकर परसाई – (VI) नाखून क्यों बढ़ते हैं
a-III, b-I, c-VI, d-IV, e-V, f-II
a-I, b-II, c-VI, d-V, e-IV, f-III
a-III, b-II, c-VI, d-V, e-IV, f-I
1. सरदार पूर्णसिंह: इन्होंने ‘आचरण की सभ्यता’ नामक प्रसिद्ध निबंध लिखा है।
2. रामचंद्र शुक्ल: ‘श्रद्धा और भक्ति’ आचार्य शुक्ल के ‘चिंतामणि’ में संकलित महत्वपूर्ण निबंधों में से एक है।
3. हजारीप्रसाद द्विवेदी: ‘नाखून क्यों बढ़ते हैं’ इनका एक ललित निबंध है।
4. कुबेरनाथ राय: ‘महाकवि की तर्जनी’ इनके निबंधों का संग्रह/निबंध है।
5. विद्यानिवास मिश्र: ‘अस्ति की पुकार हिमालय’ इनका निबंध है।
6. हरिशंकर परसाई: ‘विकलांग श्रद्धा का दौर’ इनका प्रसिद्ध व्यंग्य निबंध संग्रह है।
a-II, b-III, c-IV, d-I, e-VI, f-V
39. कारक के कितने भेद हैं?
11 (ग्यारह)
8 (आठ)
हिंदी व्याकरण में कारक के आठ भेद (कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण, संबोधन) स्वीकार किए गए हैं।
3 (तीन)
9 (नौ)
40. 1715 ई. में डच भाषा में ‘हिंदुस्तानी’ का व्याकरण किस विद्वान द्वारा लिखा गया था?
जे. जे. तर्वडकर
जे. जे. केटलर
जे.जे. केटलर ने डच भाषा में हिंदुस्तानी भाषा का प्रारंभिक व्याकरण लिखा था।
एडवर्ड टेरी
दुरानेसिस
41. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचनाकार) – सूची-II (कृति)
(a) देवराज का उपन्यास – (I) एक साहित्यिक की डायरी
(b) मुक्तिबोध की आलोचना-पुस्तक – (II) यायावर की डायरी
(c) वसंत पोतदार का निबंध संग्रह – (III) डायरी के कुछ पन्ने
(d) घनश्यामदास बिड़ला – (IV) अजय की डायरी
a-III, b-II, c-I, d-IV
a-II, b-I, c-IV, d-III
a-I, b-IV, c-III, d-II
a-IV, b-I, c-II, d-III
इन प्रमुख कृतियों का उनके लेखकों के साथ यह सही मिलान है।
42. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (वाद) – सूची-II (प्रवर्तक)
(a) संरचनावाद – (I) प्रभा खेतान
(b) उत्तरसंरचनावाद – (II) फर्डिनेंड द सॉस्यूर
(c) स्त्री विमर्श – (III) रोलां बार्थ
(d) विखंडन या विरचना – (IV) जैक डेरिडा
a-IV, b-III, c-II, d-I
a-III, b-II, c-IV, d-I
a-II, b-III, c-IV, d-I
a-II, b-III, c-I, d-IV
विभिन्न साहित्यिक सिद्धांतों और उनके प्रमुख विचारकों का सही सुमेलन है।
1. प्लेटो: इन्होंने ‘अनुकरण सिद्धांत’ दिया, जिसमें उन्होंने कला को सत्य से तिगुनी दूर माना है।
2. अरस्तु: प्लेटो के शिष्य अरस्तु ने ‘विरेचन सिद्धांत’ दिया, जो त्रासदी के प्रभाव से संबंधित है।
3. कॉलरिज: इन्होंने ‘कल्पना सिद्धांत’ के माध्यम से मुख्य और गौण कल्पना में अंतर स्पष्ट किया।
4. लॉन्जाइनस: इन्होंने काव्य में भव्यता के लिए ‘उदात्त सिद्धांत’ का प्रतिपादन किया।
a-II, b-III, c-I, d-IV
44. जयशंकर प्रसाद लिखित कामायनी कितने सर्गों में विभाजित है?
20
9
15
कामायनी महाकाव्य में मानव चेतना के विकास को 15 सर्गों में दर्शाया गया है। इसके सर्गों के नाम मानवीय भावनाओं और विकास क्रम पर आधारित हैं, जैसे- चिंता, आशा, श्रद्धा, काम, वासना, लज्जा, कर्म, ईर्ष्या, इड़ा, स्वप्न, संघर्ष, निर्वेद, दर्शन, रहस्य और आनंद।
21
45. नीचे दो कथन हैं जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
अभिकथन (A): नागरी प्रचारिणी सभा (1893) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा का राजनीतिकरण करना था।
कारण (R): सभा ने राष्ट्रभाषा के प्रचार के साथ-साथ हिंदी के वैज्ञानिक और साहित्यिक स्वरूप को भी समृद्ध किया।
नीचे दिए गए कुटों से सही उत्तर चुनिए-
(A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
नागरी प्रचारिणी सभा का उद्देश्य हिंदी का भाषाई और साहित्यिक उत्थान था, राजनीतिकरण नहीं।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), की सही व्याख्या करता है।
46. ‘शिवाबावनी’ कृति किसकी है?
भूषण
महाकवि भूषण रीतिकाल के वीर रस के प्रसिद्ध कवि हैं। ‘शिवाबावनी’ में उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और पराक्रम का 52 छंदों में वर्णन किया है। इनकी अन्य प्रसिद्ध रचना ‘छत्रसाल दशक’ है।
बोधा
नामदेव
रहीम
47. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ यह यात्रा साहित्य किसने लिखा है?
डॉ. रामविलास शर्मा
राहुल सांकृत्यायन
विष्णु प्रभाकर
निर्मल वर्मा
‘चीड़ों पर चाँदनी’ (1964) निर्मल वर्मा द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण यात्रा वृत्तांत है। इसमें लेखक ने अपनी यूरोप यात्रा के अनुभवों और वहाँ के वातावरण का बहुत ही सूक्ष्म और कलात्मक वर्णन किया है।
48. हजारीप्रसाद द्विवेदी के उपन्यास ‘पुनर्नवा’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
(I) इसमें इतिहास का उपयोग केवल घटनाओं के पुनर्निर्माण के लिए किया गया है।
(II) उपन्यास में भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और जीवन-दर्शन की पुनस्र्थापना का प्रयास किया गया है।
(III) यह उपन्यास तिलस्मी और ऐयारी परंपरा से प्रभावित है।
(IV) इसमें ऐतिहासिक परिवेश के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना का रूपांकन किया गया है।
केवल II और IV सही हैं।
द्विवेदी जी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का प्रयोग सांस्कृतिक मूल्यों की व्याख्या के लिए करते हैं।
केवल I, II और IV सही हैं।
केवल II, III और IV सही हैं।
केवल I और III सही हैं।
49. इन उपन्यासों के वर्ण्य-विषय के संदर्भ में असत्य कथन का चयन कीजिए:
‘आपका बंटी’ में पारिवारिक विघटन के बीच बच्चों के मनोविज्ञान की तुलना में राजनीति को प्रधानता दी गई है।
मन्नू भंडारी का उपन्यास ‘आपका बंटी’ बाल मनोविज्ञान पर आधारित एक कालजयी कृति है। इसमें तलाकशुदा माता-पिता के बीच पिसते बच्चे (बंटी) के मानसिक द्वंद्व को दिखाया गया है, इसमें राजनीति की कोई प्रधानता नहीं है।
‘राग दरबारी’ में शिवपालगंज की विसंगतियों के माध्यम से व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य किया गया है।
‘झूठा सच’ विभाजन की त्रासदी और शरणार्थियों के पुनर्वास की समस्या को चित्रित करता है।
‘बसन्ती’ उपन्यास में महानगर की झुग्गी-झोपड़ी वाली बस्तियों और विस्थापन के संघर्ष को दिखाया गया है।
50. वक्रोक्ति को काव्य की आत्मा किस आचार्य ने बतलाई है?
आ. आनंदवर्धन
आ. भामह
आचार्य कुन्तक
आचार्य कुन्तक ने ‘वक्रोक्ति सम्प्रदाय’ की स्थापना की थी। उन्होंने अपने ग्रंथ ‘वक्रोक्तिजीवितम्’ में ‘वक्रोक्ति: काव्यजीवितम्’ कहकर वक्रोक्ति को काव्य का जीवन (आत्मा) घोषित किया है।
ये तीनों छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में शामिल हैं।
52. ‘अशोक के फूल’ यह निबंध किसका है?
नंदकुमार वाजपेयी
महावीरप्रसाद द्विवेदी
नगेन्द्र
आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
‘अशोक के फूल’ आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी का एक अत्यंत प्रसिद्ध ललित निबंध है। इस निबंध के माध्यम से लेखक ने अशोक के वृक्ष की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक उपेक्षा पर चर्चा करते हुए भारतीय संस्कृति के अंतर्विरोधों और उसकी विकास यात्रा को रेखांकित किया है।
53. नीचे दो कथन हैं जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
अभिकथन (A): जयशंकर प्रसाद कृत ‘चंद्रगुप्त’ नाटक में कॉर्नेलिया का चरित्र भारतीय संस्कृति के प्रति अनुराग और विश्व-बंधुत्व की भावना को अभिव्यक्त करता है।
कारण (R): नाटक के अंत में कॉर्नेलिया, चाणक्य की कूटनीतिक चालों से त्रस्त होकर सिकंदर के साथ पुनः यूनान लौट जाती है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
(A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), की सही व्याख्या करता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
कॉर्नेलिया भारतीय संस्कृति से प्रेम करती है, लेकिन नाटक के अंत में वह वापस यूनान नहीं लौटती, बल्कि चंद्रगुप्त से विवाह कर भारत की साम्राज्ञी बनती है।
54. विरोधाभास को काव्य की भाषिक संरचना किस आलोचक ने माना है?
एम्पसन
ब्लैकमूर
वारेन
ब्रूक्स
नई समीक्षा के प्रमुख स्तंभ क्लीन्थ ब्रूक्स ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘द वेल रॉट अर्न’ में यह प्रतिपादित किया कि ‘काव्य की भाषा विरोधाभास (Paradox) की भाषा है।’ उनके अनुसार, कविता में अर्थ सीधे नहीं बल्कि विरोधाभासों और विडंबनाओं के माध्यम से प्रकट होते हैं।
55. ‘मन रे परसि हरि के चरण, सुगम सीतल कमल-कोमल त्रिविध ज्वाला हरन।’ यह पद किसका है?
रैदास
कबीर
मीराबाई
यह सुप्रसिद्ध पद कृष्ण भक्त कवयित्री मीराबाई द्वारा रचित है।
विद्यापति
56. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (काल) – सूची-II (नामकरण)
(a) संवत 1050-1375 – (I) भक्तिकाल
(b) संवत 1375-1700 – (II) रीतिकाल
(c) संवत 1700-1900 – (III) आधुनिक काल
(d) संवत 1900-1980 – (IV) वीरगाथा काल
a-IV, b-I, c-II, d-III
यह आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा प्रस्तावित हिंदी साहित्य के कालखंडों का सही विभाजन है।
a-II, b-I, c-IV, d-III
a-I, b-IV, c-III, d-II
a-III, b-II, c-I, d-IV
57. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचना) – सूची-II (रचनाकार)
(a) चिदम्बरा (काव्य) – (I) महादेवी वर्मा
(b) उर्वशी (प्रबंध काव्य) – (II) कृष्णा सोबती
(c) संपूर्ण साहित्य – (III) सुमित्रानंदन पंत
(d) यामा(IV) रामधारी सिंह दिनकर
a-III, b-IV, c-II, d-I
ये सभी ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित रचनाएँ और उनके रचनाकार हैं।
1. चिदम्बरा: सुमित्रानंदन पंत (हिंदी का पहला ज्ञानपीठ, 1968)
2. उर्वशी: रामधारी सिंह दिनकर (1972)
3. संपूर्ण साहित्य: कृष्णा सोबती (2017)
4. यामा: महादेवी वर्मा (1982)
a-IV, b-II, c-I, d-III
a-II, b-III, c-IV, d-I
a-I, b-III, c-II, d-IV
58. सह-संवेदनवाद (साइनस्थेसिस) की संज्ञा किसकी है?
टी. एस. इलियट
आई. ए. रिचर्ड्स
आई.ए. रिचर्ड्स ने काव्य के मनोवैज्ञानिक आधार पर चर्चा करते हुए ‘सह-संवेदनवाद’ का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, कविता में विभिन्न इंद्रियों के अनुभव एक साथ मिलकर एक संतुलित मानसिक स्थिति पैदा करते हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘प्रिंसिपल्स ऑफ लिटरेरी क्रिटिसिज्म’ में इस पर विस्तार से चर्चा की है।
अरस्तु
प्लेटो
59. हिंदी कहानी के विकास के संदर्भ में ‘सरस्वती’ पत्रिका का प्रकाशन वर्ष क्या माना जाता है?
1960 ई.
1900 ई.
‘सरस्वती’ पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 1900 ई. है, जिसने हिंदी साहित्य के परिमार्जन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1887 ई.
1871 ई.
60. निम्नलिखित में से भूषण के ग्रंथ कौन-कौन से हैं?
ललित ललाम, रसराज, फूल मंजरी, साहित्य सार
शिवाबावनी, छत्रसाल दशक, दूषण उल्लास
ये महाकवि भूषण द्वारा रचित वीर रस की प्रसिद्ध कृतियाँ हैं।
भाव विलास, भवानी विलास, प्रेमतरंग, देवचरित्र
काव्यप्रकाश, काव्य विवेक, रस मंजरी, पिंगल
61. ‘कंकाल’ उपन्यास किसका है?
महादेवी वर्मा
जयशंकर प्रसाद
जयशंकर प्रसाद ने तीन उपन्यास लिखे हैं: ‘कंकाल’, ‘तितली’ और ‘इरावती’ (अपूर्ण)। ‘कंकाल’ (1929) एक यथार्थवादी उपन्यास है, जिसमें समाज की सड़ी-गली मान्यताओं और धर्म के नाम पर होने वाले पाखंडों का चित्रण किया गया है।
विष्णु प्रभाकर
सुमित्रानंदन पंत
62. निम्नलिखित में से कौन-सी देवनागरी लिपि की वैज्ञानिक विशेषता है?
सरलता का अभाव
दो सांकेतिक चिह्न : एक ध्वनि
लिपि में स्वर और व्यंजन की क्रमबद्धता
देवनागरी में वर्णों को उनके उच्चारण स्थान के आधार पर स्वर और व्यंजन में वैज्ञानिक रूप से क्रमबद्ध किया गया है।
बाकी तीनों में से कोई नहीं
63. मुंशी प्रेमचंद जी का साक्षात्कार निम्न में से किसने लिया था?
बनारसीदास चतुर्वेदी
प्रेमचंद का यह ऐतिहासिक साक्षात्कार प्रसिद्ध पत्रकार बनारसीदास चतुर्वेदी ने लिया था।
डॉ. नंदकुमार वाजपेयी
डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी
डॉ. नामवर सिंह
64. उपेंद्रनाथ अश्क के किस नाटक में यांत्रिक नियमबद्धता के विरुद्ध विद्रोह की भावना व्यक्त हुई है?
कोणार्क
अंजो दीदी
‘अंजो दीदी’ उपेंद्रनाथ अश्क का सबसे प्रसिद्ध नाटक है। इसकी मुख्य पात्र ‘अंजो’ अनुशासन और नियमों की इतनी पक्की है कि उसका घर एक मशीन की तरह चलने लगता है। यह नाटक दिखाता है कि अत्यधिक यांत्रिक अनुशासन किस प्रकार मानवीय संवेदनाओं और खुशी का गला घोंट देता है।
टूटते परिवेश
अंबपाली
65. ‘मेरा परिवार’ इस रेखाचित्र के रचनाकार कौन हैं?
सुमित्रानंदन पंत
जयशंकर प्रसाद
रामवृक्ष बेनीपुरी
महादेवी वर्मा
महादेवी वर्मा के ‘मेरा परिवार’ (1972) में उन्होंने अपने पालतू पशु-पक्षियों (जैसे नीलकंठ मोर, गिल्लू गिलहरी, सोना हिरणी आदि) के साथ अपने आत्मीय संबंधों का बहुत ही भावुक और सजीव चित्रण किया है।
66. ‘शामनाथ’ किस कहानी का पात्र है?
पार्टीशन
नदी गायब है
चीफ की दावत
शामनाथ भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कहानी ‘चीफ की दावत’ का मुख्य पात्र है। यह अपने बॉस (चीफ) को खुश करने के लिए अपनी बूढ़ी माँ को घर में छिपाने की कोशिश करता है। यह कहानी मध्यवर्गीय दिखावे और रिश्तों के क्षरण पर चोट करती है।
फुलवा
67. अभिव्यंजनावाद का प्रतिपादन किस आचार्य ने किया है?
आई.ए. रिचर्ड्स
टी.एस. इलियट
क्रोचे
इतालवी दार्शनिक बेनेदेतो क्रोचे ने ‘अभिव्यंजनावाद’ का सिद्धांत दिया, जिसके अनुसार कला अंतःप्रज्ञा की अभिव्यक्ति है। हिंदी में आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कुन्तक के ‘वक्रोक्तिवाद’ को ‘विलायती अभिव्यंजनावाद’ का ही एक रूप माना था।
डॉ. ब्रैडले
68. भारतेन्दु हरिश्चंद्र के नाटक ‘अंधेर नगरी’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
(I) यह नाटक तत्कालीन शासन व्यवस्था की अव्यवस्था और न्यायहीनता पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत करता है।
(II) नाटक में “टके सेर भाजी, टके सेर खाजा” उक्ति आर्थिक समानता के आदर्श को दर्शाती है।
(III) यह नाटक हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक चेतना को जाग्रत करने का प्रयास करता है।
(IV) नाटक का शिल्प मुख्यतः करुण रस पर आधारित है।
केवल I और III सही हैं
यह नाटक व्यवस्था पर व्यंग्य है, लेकिन “टके सेर भाजी” अराजकता का सूचक है, समानता का नहीं; और इसका मूल रस हास्य-व्यंग्य है।
केवल I, II और III सही हैं
I, II, III और IV सभी सही हैं
केवल II और IV सही हैं
69. नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास यहि काल। अली कली ही सों बंध्यों, आगे कौन हवाल। यह दोहा बिहारी लाल ने किस राजा के पास भिजवाया था?
महाराज जयसिंह
बिहारी लाल जयपुर के महाराज जयसिंह के दरबारी कवि थे। जब राजा अपनी नई छोटी रानी के प्रेम में मग्न होकर राजकाज भूल गए थे, तब बिहारी ने यह अन्योक्ति लिखकर भेजी थी। इसे पढ़कर राजा को अपनी गलती का अहसास हुआ और वे पुनः राजकार्य में लग गए।
राजा प्रताप सिंह
राजा भोज
राजा मंगल सिंह
70. निम्नलिखित में से रामधारी सिंह दिनकर की कृतियाँ कौन-सी हैं?
भारत-भारती, रंग में भंग, जयद्रथ वध
मिलन, पथिक, मानसी, स्वप्न
मुकुल, त्रिधारा, झाँसी की रानी
रेणुका, सामधेनी, हुंकार, बापू
रेणुका, सामधेनी, हुंकार और बापू ये सभी राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की सुप्रसिद्ध काव्य कृतियाँ हैं। दिनकर को उनकी ओजपूर्ण वाणी और क्रांतिकारी स्वर के लिए जाना जाता है। वहीं भारत-भारती, रंग में भंग, जयद्रथ वध (मैथिलीशरण गुप्त), मिलन, पथिक, मानसी, स्वप्न (रामनेरश त्रिपाठी) और मुकुल, त्रिधारा, झाँसी की रानी (सुभद्रा कुमारी चौहान) की रचनाएँ हैं।
71. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचनाकार) – सूची-II (निबंध)
(a) बालमुकुंद गुप्त – (I) भारतेन्दु निबंध
(b) भारतेन्दु – (II) शिव शंभु के चिट्ठे
(c) डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी – (III) वन्दे वाणी विनायकौ
(d) रामवृक्ष बेनीपुरी – (IV) अशोक के फूल
सही विकल्प चुनें:
a-IV, b-III, c-II, d-I
a-II, b-I, c-IV, d-III
यह प्रसिद्ध निबंधकारों और उनके संकलनों/निबंधों का सही सुमेलन है।
a-I, b-III, c-IV, d-II
a-III, b-IV, c-II, d-I
72. भारतीय संविधान में हिंदी भाषा के विकास तथा राजभाषा संबंधी नीतियों के निर्माण हेतु किन अनुच्छेदों में प्रावधान किया गया है?
348 (2)
बाकी तीनों में से कोई नहीं
349
344(1) और 351
अनुच्छेद 351 विशेष रूप से हिंदी के विकास और प्रसार के निर्देशों से संबंधित है।
73. इन कहानियों के शिल्प, संवेदना और आधुनिकता बोध के संदर्भ में कथनों का विश्लेषण कीजिए:
(I) उषा प्रियंवदा की ‘वापसी’ कहानी सेवानिवृत्ति के बाद ‘गजाधर बाबू’ के अपने ही परिवार में ‘अजनबीपन’ और फालतू हो जाने की त्रासदी को चित्रित है।
(II) निर्मल वर्मा की कहानी ‘परिंदे’ कहानी को डॉ. नामवर सिंह ने ‘नई कहानी’ की पहली कृति माना है, जो ‘अकेलेपन’ और ‘प्रतीक्षा’ के सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक धरातल पर आधारित है।
(III) कमलेश्वर की ‘दिल्ली में एक मौत’ कहानी महानगरीय जीवन की यांत्रिकता और संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार करती है, जहाँ एक अर्थी के साथ चलने वाले लोग अपनी व्यक्तिगत चर्चाओं में मशगूल हैं।
(IV) ‘मलबे का मालिक’ भारत-विभाजन की त्रासदी पर आधारित है, जिसमें मोहन राकेश ने ‘गनी मियाँ’ के माध्यम से मानवीय संवेदना और सांप्रदायिकता के द्वन्द्व को दिखाया है।
(V) ‘जहाँ लक्ष्मी कैद है’ कहानी राजेंद्र यादव द्वारा रचित है, जो लक्ष्मी पात्र के माध्यम से आर्थिक विवशता और पारिवारिक घुटन के मनोवैज्ञानिक यथार्थ को प्रस्तुत करती है।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए-
केवल I, II और III सही हैं।
केवल I, III, IV और V सही हैं।
I, II, III, IV और V सभी सही हैं।
दिए गए पाँचों कथन संबंधित कहानियों (‘वापसी’, ‘परिंदे’, ‘दिल्ली में एक मौत’ आदि) के शिल्प और संवेदना की सटीक व्याख्या करते हैं।
केवल II, IV और V सही हैं।
74. कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग के लिए ‘फोनेटिक’ कीबोर्ड का मुख्य आधार क्या है?
वर्णों की आकृति
वर्णों की आवृत्ति
टाइपराइटर का पुराना लेआउट
उच्चारण और अंग्रेजी अक्षरों का साम्य
फोनेटिक कीबोर्ड वह होता है जिसमें हम जिस तरह शब्द का उच्चारण करते हैं, उसी के अनुसार अंग्रेजी अक्षरों के माध्यम से टाइप करते हैं। यह अंग्रेजी अक्षरों और हिंदी ध्वनियों के साम्य पर आधारित होता है।
75. भारतीय संविधान में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्थापित करने तथा उसके क्रमिक विकास हेतु किस प्रकार की संवैधानिक व्यवस्था की गई है?
हिंदी को तत्काल राष्ट्रीय भाषा घोषित कर सभी कार्यों में अनिवार्य कर दिया गया।
हिंदी को राजभाषा घोषित करते हुए अंग्रेजी के सीमित काल तक सहप्रयोग तथा उसके विकास हेतु निर्देश दिए गए।
संविधान ने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया और अंग्रेजी को संक्रमण काल के लिए सहायक भाषा बनाया।
हिंदी के साथ अंग्रेजी को केवल न्यायपालिका तक सीमित रखा गया।
हिंदी को केवल सांस्कृतिक भाषा के रूप में मान्यता दी गई।
76. ‘एक थाल मोती से भरा। सबके सिर पर औंधा धरा।’ यह उक्ति किसकी है?
मतिराम
भूषण
खुसरो
यह एक प्रसिद्ध पहेली है जिसका उत्तर ‘आकाश’ है। इसके रचयिता अमीर खुसरो हैं, जो अपनी पहेलियों और मुकरियों के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
विद्यापति
77. निम्नलिखित रचनाकारों का कालानुक्रमिक सही अनुक्रम क्या है?
नाथूराम शर्मा ‘शंकर’, महावीरप्रसाद द्विवेदी, रामचरित उपाध्याय, मैथिलीशरण गुप्त
इन द्विवेदीयुगीन कवियों का जन्म काल इस प्रकार है-
1.नाथूराम शर्मा ‘शंकर’: 1859 ई.
2.महावीरप्रसाद द्विवेदी: 1864 ई.
3.रामचरित उपाध्याय: 1872 ई.
4.मैथिलीशरण गुप्त: 1886 ई.
नाथूराम शर्मा ‘शंकर’, महावीरप्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त, रामचरित उपाध्याय
रामचरित उपाध्याय, मैथिलीशरण गुप्त, नाथूराम शर्मा ‘शंकर’, महावीरप्रसाद द्विवेदी
रामचरित उपाध्याय, मैथिलीशरण गुप्त, महावीरप्रसाद द्विवेदी, नाथूराम शर्मा ‘शंकर’
78. इन कहानियों के शिल्प और विचारधारा के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
‘कानों में कंगना’ कहानी में योगेश्वर और किरण का प्रेम ‘आधुनिक नारीवाद’ की पहली अभिव्यक्ति है।
‘ताई’ कहानी में ‘रामेश्वरी’ का चरित्र प्रारंभ से ही वात्सल्य और ममता से परिपूर्ण दिखाया गया है।
‘कफ़न’ कहानी घीसू और माधव के माध्यम से दलित चेतना के सकारात्मक उत्थान को रेखांकित करती है।
‘दुनिया का अनमोल रतन’ में प्रेमचंद ने ‘देशभक्ति’ को ईश्वरीय प्रेम से भी ऊपर स्थान दिया है।
प्रेमचंद की इस पहली कहानी में वतन के लिए कुर्बान होने वाले खून को दुनिया की सबसे कीमती वस्तु माना गया है।
79. कीर्तिलता और कीर्तिपताका ये रचनाएँ किसकी हैं?
गोरखनाथ
नामदेव
अमीर खुसरो
विद्यापति
आदिकालीन कवि विद्यापति ने इन दोनों ग्रंथों की रचना ‘अवहट्ट’ भाषा में की थी। इनमें उन्होंने अपने आश्रयदाता राजा कीर्तिसिंह के शौर्य का वर्णन किया है।
80. इन कहानियों के पात्रों के अंतर्द्वंद्व और मूल दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों का विश्लेषण कीजिए:
(I) गुलेरी जी की ‘उसने कहा था’ कहानी ‘फ्लैशबैक’ पद्धति पर आधारित हिंदी की पहली श्रेष्ठ कहानी मानी जाती है, जिसमें प्रेम और कर्तव्य का समन्वय है।
(II) प्रसाद जी की ‘आकाशदीप’ कहानी में ‘बुद्धगुप्त’ और ‘चंपा’ के बीच ‘घृणा’ और ‘प्रेम’ के द्वंद्व को चित्रित किया गया है, जहाँ अंततः चंपा का व्यक्तिगत प्रतिशोध विजयी होता है।
(III) जैनेंद्र की ‘पत्नी’ कहानी मध्यमवर्गीय परिवार की जड़ता और स्त्री की मूक वेदना के माध्यम से उसके अस्तित्ववादी संकट को मनोवैज्ञानिक धरातल पर प्रस्तुत करती है।
(IV) ‘उसने कहा था’ में ‘लहना सिंह’ का आत्मोत्सर्ग एक रोमानी आदर्शवाद की पुष्टि करता है, जबकि ‘पत्नी’ कहानी का यथार्थ अधिक नग्न और घरेलू है।
नीचे दिए गए कूट में से उत्तर चुनिए:
I, II, III और IV सभी सही हैं।
ये चारों कथन (‘उसने कहा था’, ‘आकाशदीप’, ‘पत्नी’) उन कहानियों के शिल्प और पात्रों के द्वंद्व की सही विवेचना करते हैं।
केवल I, III और IV सही हैं।
केवल II और IV सही हैं।
केवल I और II सही हैं।
81. ‘सुधियाँ उस चंदन के वन की’ किस विधा की रचना है?
रेखाचित्र
डायरी
जीवनी
संस्मरण
यह विष्णुकांत शास्त्री द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण संस्मरण है।
82. महाभारत के अठारहवें दिन के बाद की घटनाओं का वर्णन किस नाट्यकृति में है?
अंधा युग
धर्मवीर भारती द्वारा रचित ‘अंधा युग’ एक गीतिकाव्य है जिसकी कथा महाभारत युद्ध के अंतिम दिन से शुरू होती है। यह युद्ध के बाद की विभीषिका, मानवीय हताशा और नैतिक पतन को आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करता है।
आधे-अधूरे
अंबपाली
कोणार्क
83. तुलनात्मक आलोचना का आरंभकर्ता किसे माना जाता है?
आ. रामचंद्र शुक्ल
पद्मसिंह शर्मा
पद्मसिंह शर्मा को हिंदी में तुलनात्मक आलोचना का जनक माना जाता है। उन्होंने ‘बिहारी सतसई’ की तुलना फारसी कवि ‘सादी’ के काव्य से की थी, जिससे हिंदी में तुलनात्मक पद्धति की शुरुआत हुई।
नंदकुमार वाजपेयी
आ. हजारीप्रसाद द्विवेदी
84. अल्मोड़ा अखबार के संपादक कौन थे?
कार्तिक प्रसाद खत्री
पं. सदानंद सल्वास
‘अल्मोड़ा अखबार’ (1871) उत्तराखंड का पहला हिंदी अखबार था, जिसके शुरुआती संपादकों में बुद्धिबल्लभ पंत और बाद में सदानंद सनवाल (सल्वास) का नाम प्रमुखता से आता है।
केशवराम भट्ट
बालकृष्ण भट्ट
85. हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए वर्धा में कौन-सी समिति कार्यरत है?
हिंदी साहित्य सम्मेलन
नागरी प्रचारिणी सभा
राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति
राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति का मुख्यालय वर्धा (महाराष्ट्र) में स्थित है। इसकी स्थापना 1936 में महात्मा गांधी के प्रयासों से हुई थी।
केन्द्रीय हिंदी निदेशालय
86. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचनाकार) – सूची-II (कृति)
(a) नागार्जुन – (I) संसद से सड़क तक
(b) केदारनाथ अग्रवाल – (II) माँझी न बजाओ बंसी
(c) सुदामा पांडे ‘धूमिल’ – (III) सतपुड़ा के जंगल
(d) भवानीप्रसाद मिश्र – (IV) बादल को घिरते देखा है
a-I, b-II, c-IV, d-III
a-II, b-IV, c-III, d-I
a-III, b-I, c-II, d-IV
a-IV, b-II, c-I, d-III
आधुनिक हिंदी कविता के इन दिग्गजों और उनकी प्रसिद्ध रचनाओं का यह सही सुमेलन है।
87. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना चतुरसेन शास्त्री की है?
वैशाली की नगरवधू
‘वैशाली की नगरवधू’ चतुरसेन शास्त्री का कालजयी ऐतिहासिक उपन्यास है।
नई पौध
दिव्या
चित्रलेखा
88. नीचे दो कथन हैं जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है–
अभिकथन (A): रमेशचंद्र शाह का आलोचना-कर्म इतिहास, चिंतन, परम्परा और संस्कृति का भरा-पूरा संसार है।
कारण (R): शाह के पास अपने ढंग का मूल्य-विवेक है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
(A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
(A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), की सही व्याख्या करता है।
शाह के लेखन में भारतीय संस्कृति और परंपरा का गहरा चिंतन मिलता है, जो उनके विशिष्ट मूल्य-विवेक पर आधारित है।
89. नीचे दो कथन हैं जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है–
अभिकथन (A): अहिंसा मानव-जीवन का मूल धर्म है तथा मनुष्य संबंधों का आधार अहिंसा है।
कारण (R): गांधीजी के विचार सत्य और अहिंसा पर आधारित थे तथा वे जॉन रस्किन के विचारों से प्रभावित थे।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), की सही व्याख्या करता नहीं है।
(A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), की सही व्याख्या करता है।
महात्मा गांधी ने अहिंसा को व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन का आधार माना। उनके इन विचारों पर जॉन रस्किन की पुस्तक ‘अनटू दिस लास्ट’ का गहरा प्रभाव था, जिसने उन्हें सर्वोदय और अहिंसक समाज की प्रेरणा दी।
(A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
90. गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘रामचरितमानस’ कितने कांडों में विभक्त है?
नौ
बीस
सात
तुलसीदास जी ने ‘रामचरितमानस’ की रचना सात कांडों में की है, जो क्रमशः हैं: बाल कांड, अयोध्या कांड, अरण्य कांड, किष्किंधा कांड, सुंदर कांड, लंका कांड और उत्तर कांड।
दस
91. बदीउज्जमा की ‘छठी तंत्र’ रचनाओं में किस शैली का यथेच्छ प्रयोग हुआ है?
कॉमेडी
फैंटेसी
व्यंग्य
बदीउज्जमा की ‘छठी तंत्र’ उपन्यास में मुख्य रूप से व्यंग और प्रतीकात्मक शैली का प्रयोग किया है।
हास्य
92. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचनाकार) – सूची-II (कृति)
(a) गोपालराम गहमरी – (I) लंका-यात्रा का विवरण
(b) महावीरप्रसाद द्विवेदी – (II) विशुद्धानंद चरितावली
(c) माधवप्रसाद मिश्र – (III) कर्नल टॉड
(d) गौरीशंकर ओझा – (IV) सभा की सभ्यता
a-II, b-III, c-I, d-IV
a-IV, b-I, c-II, d-III
a-III, b-IV, c-II, d-I
a-I, b-IV, c-II, d-III
इन रचनाकारों और उनकी विशिष्ट कृतियों का यह सही मिलान है।
1. बंगदूत: राजा राममोहन राय द्वारा 1829 में शुरू किया गया था।
2. प्रजामित्र: इसका प्रकाशन 1834 में कलकत्ता से हुआ था।
3. सुधाकर: ताराचरण मित्र द्वारा 1850 में काशी से प्रकाशित किया गया।
4. तत्त्वबोधिनी: यह पत्रिका 1865 में बरेली से प्रकाशित हुई थी।
a-I b-III c-IV d-II
a-II b-IV c-I d-III
a-III b-I c-IV d-II
94. भारतीय लिपियों के संदर्भ में जॉर्ज ब्यूहलर (G. Bühler) के अनुसार ब्राह्मी लिपि की उत्पत्ति किससे मानी जाती है?
रोमन लिपि से
अरबी लिपि से
पूर्णतः स्वदेशी परंपरा से
उत्तरी सामी (सेमिटिक) लिपि से
ब्यूहलर इसे विदेशी उद्भव (सेमिटिक मूल) का मानते हैं।
95. निम्नलिखित में से कौन-से नाटककार भारतेन्दु युग के हैं?
हिंदी ‘भारोपीय’ भाषा परिवार की सदस्य है। भारत में चार प्रमुख भाषा परिवार हैं: भारोपीय, द्रविड़, ऑस्ट्रिक और चीनी-तिब्बती। उत्तर भारत की अधिकांश भाषाएँ (हिंदी, पंजाबी, बंगाली आदि) भारोपीय परिवार के अंतर्गत आती हैं।
हिंदी
97. नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है-
अभिकथन (A): लॉन्जाइनस ने ‘उदात्त’ को काव्य का प्रमुख तत्व माना।
कारण (R): लॉन्जाइनस के अनुसार श्रेष्ठ काव्य पाठकों को आनंद प्रदान करता है।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-
(A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है।
(A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), की सही व्याख्या करता है।
लॉन्जाइनस के अनुसार उदात्तता ही काव्य का वह गुण है जो पाठक को आनंद और विस्मय प्रदान करता है।
98. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (पंक्तियाँ) – सूची-II (कवि)
(a) गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूँ पाय- (I) रैदास
(b) अब कैसे छूटे, राम, नाम रट लागी – (II) जम्भनाथ
(c) गगन हमारा बाजा बाजे, मूल मंतर फल हाथी – (III) कबीर
(d) दादू पद जोड़े क्या पाइए, साखी कहें का होए – (IV) दादू दयाल
सही विकल्प चुनें:
a-III, b-I, c-II, d-IV
ये निर्गुण भक्ति धारा के संतों की प्रसिद्ध काव्य पंक्तियाँ हैं।
a-I, b-IV, c-III, d-II
a-IV, b-II, c-I, d-III
a-III, b-II, c-IV, d-I
99. सुमेलित कीजिए:
सूची-I (रचना) – सूची-II (रचनाकार)
(a) राम की शक्ति पूजा – (I) महादेवी वर्मा
(b) दीपशिखा – (II) सुमित्रानंदन पंत
(c) नौका विहार – (III) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
(d) मोचीराम – (IV) धूमिल
a-III, b-I, c-II, d-IV
आधुनिक हिंदी काव्य की इन कालजयी कविताओं का उनके रचनाकारों के साथ सही सुमेलन है।
a-IV, b-III, c-II, d-I
a-II, b-I, c-III, d-IV
a-III, b-IV, c-II, d-I
100. विष्णु प्रभाकर कृत ‘आवारा मसीहा’ विधा का प्रकार कौन-सा है?
जीवनी
‘आवारा मसीहा’ बांग्ला साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित एक उत्कृष्ट जीवनी है।
डायरी
रिपोर्ताज
आत्मकथा
यह क्विज़ UPHESC Assistant Professor Hindi 2026 परीक्षा के प्रश्नों का एक समग्र अभ्यास सेट है, जो अभ्यर्थियों को न केवल अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य की परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार भी तैयार करेगा।
नियमित अभ्यास और विश्लेषण के माध्यम से ही सफलता सुनिश्चित की जा सकती है- इसलिए इस क्विज़ को ध्यानपूर्वक हल करें और अपनी तैयारी को अगले स्तर तक ले जाएं।
📌 यदि यह क्विज़ उपयोगी लगे तो इसे अपने साथियों के साथ शेयर करें।