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विश्व हिंदी सम्मेलन: परिकल्पना, उद्देश्य और महत्त्व

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विश्व हिंदी सम्मेलन की परिकल्पना ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ हिंदी भाषा का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें विश्व भर से हिंदी विद्वान, साहित्यकार, पत्रकार, भाषा...
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हिंदी ब्लॉग: सीमाएँ और समस्याएं | Hindi Blogs

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अब हिंदी केवल सम्प्रेषण की भाषा तक सीमित नहीं है। ज्ञान-विज्ञान के दूसरे क्षेत्रों तक उसका प्रचार-प्रसार हुआ है। लेकिन यह सब एक सीमा...
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अकाल और उसके बाद कविता की व्याख्या और समीक्षा | नागार्जुन

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नागार्जुन प्रगतिशील काव्यधारा के कवि हैं। नयी कविता के समांतर चलने वाली जो काव्यधारा है, उसके कवि हैं। इनके यहाँ सबसे ज्यादा वैविध्य और...
सरस्वती सम्मान सूची

सरस्वती सम्मान सूची | saraswati samman list (1991-2022)

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सरस्वती सम्मान की स्‍थापना वर्ष 1991 ई. में के.के. बिडला फाउण्‍डेशन द्वारा की गई थी। इसमें भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी...

वर्ण विचार: स्वर और व्यंजन | varnamala: swar aur vyanjan

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वर्ण विचार व्याकरण का वह भाग है जिसमें वर्णों के आकार, भेद, उच्चारण तथा उनके मेल से शब्द बनाने के नियमों का निरूपण होता...
sandhi-in-hindi-vyakaran

संधि की परिभाषा, भेद और उदाहरण| sandhi in hindi

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संधि की परिभाषा ‘संधि’ संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका शाब्दिक अर्थ है- ‘जोड़’ या ‘मेल’। दो निकटवर्ती वर्गों के परस्पर मेल से होने वाले...
holi-aur-hindi-kavita

रंगों का पर्व होली और हिंदी कविता | holi 2022

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होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला भारतीय लोगों का महत्वपूर्ण त्यौहार है। रंगो की वजह से इसका लोकहर्षक रूप दिखाई देता है। यदि...
kavi-kartavya-mahavir-prasad-dwivedi

कवि कर्तव्य निबंध- महावीर प्रसाद द्विवेदी | kavi kartavya

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कवि-कर्तव्य से हमारा अभिप्राय हिंदी के कवियों के कर्तव्य से है। समय और समाज की रुचि के अनुसार सब बातों का विचार करके हम...
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ताई कहानी- विश्वम्भर नाथ शर्मा ‘कौशिक’ | taai kahani

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“ताऊजी, हमें लेलगाड़ी (रेलगाड़ी) ला दोगे?” कहता हुआ एक पंचवर्षीय बालक बाबू रामजीदास की ओर दौड़ा। बाबू साहब ने दोंनो बाँहें फैलाकर कहा- “हाँ बेटा,ला...
kanon-mein-kangana-kahani-radhika-raman

कानों में कंगना कहानी- राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह

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1. “किरन! तुम्हारे कानों में क्या है?” उसके कानों से चंचल लट को हटाकर कहा- “कँगना।” “अरे! कानों में कँगना?” सचमुच दो कंगन कानों को घेरकर बैठे...

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छायावादी युग के कवि और उनकी रचनाएं | Chhayavadi kavi

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छायावाद की कालावधि 1920 या 1918 से 1936 ई. तक मानी जाती है। वहीं इलाचंद्र जोशी, शिवनाथ और प्रभाकर माचवे ने छायावाद का आरंभ लगभग 1912-14...
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रीतिकालीन काव्य की प्रमुख प्रवृतियाँ | reetikal

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रीतिकालीन काव्य की रचना सामंती परिवेश और छत्रछाया में हुई है इसलिए इसमें वे सारी विशेषताएँ पाई जाती हैं जो किसी भी सामंती और...
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संप्रेषण की अवधारणा और महत्त्व | concept and importance of communication

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संप्रेषण की अवधारणा मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और उसे अपने विचार और भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए संप्रेषण पर निर्भय रहना पड़ता है।...
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शब्द शक्ति की परिभाषा और प्रकार | shabd shkti

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शब्द शक्ति क्या है? शब्द या शब्द समूह में जो अर्थ छिपा होता है, उसे प्रकाशित करने वाली शक्ति का नाम शब्द शक्ति (shabd shakti)...
ज्ञानपीठ पुरस्कार सूची

Gyanpeeth Award list | ज्ञानपीठ पुरस्कार सूची

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ज्ञानपीठ पुरस्कार  gyanpeeth award भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं...