हिंदी क्विज प्रश्न श्रृंखला TGT, PGT, Assistant Professor एवं UGC NET हिंदी
हिंदी कहानी का विकास आधुनिक हिंदी साहित्य के इतिहास का एक महत्त्वपूर्ण विषय है। हिंदी कहानी के आरंभिक स्वरूप, विकास के विभिन्न चरणों, प्रमुख कहानीकारों, उनकी प्रतिनिधि कहानियों तथा कहानी आंदोलनों से संबंधित प्रश्न हिंदी विषय की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
‘हिंदी कहानी का विकास’ क्विज श्रृंखला के तीसरे भाग में इस विषय से संबंधित महत्त्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) प्रस्तुत किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या दी गई है, जिससे विद्यार्थियों को साहित्यिक तथ्यों के साथ-साथ हिंदी कहानी की विकास-यात्रा को समझने में सहायता मिलेगी।
यह प्रश्नोत्तरी विशेष रूप से UPESSC असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी, UGC NET/JRF हिंदी, TGT, PGT, DSSSB तथा अन्य हिंदी विषयक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।
निर्देश: प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पों में से सही उत्तर का चयन करें। उत्तर देने के बाद उसकी व्याख्या अवश्य पढ़ें।
101. अमृत राय के अनुसार सहज कहानी का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
कथात्मकता समाप्त करके केवल मानसिक विखंडन प्रस्तुत करना
कहानीपन बनाए रखते हुए जीवन के कटु सत्यों और व्यवस्था की भ्रष्टता को उजागर करना
सहज कहानी के सम्बन्ध में अमृतराय ने लिखा है, “कहानी का लक्ष्य अपने कहानीपन को न खोकर जीवन की प्रस्तुति सहज रूप में करते हुए जीवन के कड़ सत्यो और व्यवस्था की भ्रष्टता को उजागर करना है।”
केवल ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन करना
जीवन के यथार्थ से हटकर केवल रहस्य और रोमांच प्रस्तुत करना
102. “सचेतन एक दृष्टि है जिसमें जीवन जीया भी जाता है और जाना भी जाता है”—यह कथन किसका है?
अमृत राय
गंगा प्रसाद विमल
डॉ. महीप सिंह
डॉ. महीप सिंह ने लिखा है— “सचेतन एक दृष्टि है जिसमें जीवन जीया भी जाता है और जाना भी जाता है।”
राकेश वत्स
103. ‘इन्सटालमेण्ट’ किसका कहानी संग्रह है?
भगवती प्रसाद बाजपेयी
भगवतीचरण वर्मा
‘इन्सटालमेण्ट’ भगवतीचरण वर्मा द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण कहानी संग्रह है।
विष्णु प्रभाकर
अमृत राय
104. कहानी-संग्रहों को उनके कहानीकारों से सुमेलित कीजिए।
कहानी-संग्रह – कहानीकार
(a) बादलों के घेरे – (i) मन्नू भण्डारी
(b) तिरिछ – (ii) मारकण्डेय
(c) एक प्लेट सैलाब – (iii) कृष्णा सोबती
(d) बीच के लोग – (iv) उदय प्रकाश
विकल्प:
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(i)
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(ii)
‘बादलों के घेरे’ (1980) कृष्णा सोबती, ‘तिरिछ’ (1989) उदय प्रकाश, ‘एक प्लेट सैलाब’ (1968) मन्नू भण्डारी और ‘बीच के लोग’ (1975) मारकण्डेय का कहानी-संग्रह है।
(a)–(i), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(iv)
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(iii)
105. शिवरानी देवी की कहानियाँ किस संग्रह में संकलित हैं?
ज्योत्सना
कौमुदी
शिवरानी देवी (प्रेमचंद की पत्नी) भी एक लेखिका थीं, जिनकी कहानियों का संकलन ‘कौमुदी’ नाम से प्रकाशित हुआ।
पूर्णिमा
चन्द्रिका
106. निम्नलिखित कहानीकार–कहानी-संग्रह युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
भीष्म साहनी — वाङ्चू
मुक्तिबोध — काठ का सपना
राजेन्द्र यादव — जहाँ लक्ष्मी कैद है
कमलेश्वर — नये बादल
‘नये बादल’ (1957) मोहन राकेश का कहानी-संग्रह है। वहीं वाङ्चू (1978)- भीष्म साहनी, काठ का सपना (1967)- मुक्तिबोध और जहाँ लक्ष्मी कैद है (1957)- राजेन्द्र यादव के कहानी संग्रह हैं।
107. ‘सज्जाद अली’ प्रेमचंद के किस कहानी का पात्र है?
ईदगाह
पंच परमेश्वर
मन्त्र
शतरंज के खिलाड़ी
‘सज्जाद अली’ प्रेमचंद के ‘शतरंज के खिलाड़ी’ कहानी का पात्र है।
108. नयी कहानी को कलात्मक निर्माण, जीवनोपयोगिता और जीवन के नए पहलुओं की अभिव्यक्ति से जोड़ने वाली परिभाषा किस कथाकार की है?
मार्कण्डेय
कथाकार मार्कण्डेय ने लिखा है, “नयी कहानी से हमारा मतलब उन कहानियों से है जो सच्चे अर्थों में कलात्मक निर्माण है, जो जीवन के लिए उपयोगी हैं और महत्वपूर्ण होने के साथ ही उसके किसी न किसी नए पहलू पर आधारित हैं।”
कमलेश्वर
मोहन राकेश
राजेन्द्र यादव
109. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना जैनेन्द्र की नहीं है?
समुद्र के फेन
‘समुद्र के फेन’ (1947) रांगेय राघव का कहानी-संग्रह है। ‘पत्नी’, ‘गदर के बाद’ और ‘जाह्नवी’ जैनेन्द्र की कहानियाँ हैं।
पत्नी
गदर के बाद
जाह्नवी
110. ‘कहानी’ नामक पत्रिका का प्रकाशन कब प्रारंभ हुआ?
1930 ई. से
1936 ई. से
1938 ई. से
हिंदी कहानी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली ‘कहानी’ पत्रिका का प्रकाशन सन् 1938 ई. से प्रारंभ हुआ था।
1942 ई. से
111. कहानीकारों को उनकी कहानियों से सुमेलित कीजिए।
कहानीकार – कहानी
(a) बद्रीनाथ भट्ट ‘सुदर्शन’ – (i) पत्नी
(b) बेचन शर्मा ‘उग्र’ – (ii) उसकी माँ
(c) भगवतीचरण वर्मा – (iii) हार की जीत
(d) जैनेन्द्र – (iv) मुगलों ने सल्तनत बख्श दी
विकल्प:
(a)–(ii), (b)–(iii), (c)–(i), (d)–(iv)
(a)–(iv), (b)–(i), (c)–(ii), (d)–(iii)
(a)–(i), (b)–(iv), (c)–(iii), (d)–(ii)
(a)–(iii), (b)–(ii), (c)–(iv), (d)–(i)
‘हार की जीत’ सुदर्शन, ‘उसकी माँ’ बेचन शर्मा ‘उग्र’, ‘मुगलों ने सल्तनत बख्श दी’ भगवतीचरण वर्मा और ‘पत्नी’ जैनेन्द्र की कहानी है।
112. पुराने मूल्यों की रक्षा या स्थापना के आग्रह से मुक्त होकर मनुष्य के संकटबोध और भोगे हुए यथार्थ को व्यक्त करने वाली प्रवृत्ति किस कहानी आंदोलन से संबंधित है?
सहज कहानी
सचेतन कहानी
समांतर कहानी
अकहानी
गंगा प्रसाद विमल ने लिखा है, “‘अ-कहानी’ किसी तरह के मूल्यों की रक्षा करती हुई या आग्रह रखती हुई नहीं चलती है। उसके लिए पुराने मूल्यों का टूटना कोई महत्वपूर्ण बात नहीं है।… 1960 के बाद की कहानी मानव-विश्वास की आदर्श कहानी नहीं है, अपितु वह मनुष्य मस्तिष्क के भोषण संकटबोध की यथार्थ प्रतीति की कहानी है, जो मानव-पीड़न को इसलिए व्यक्त नहीं करती कि वह कोई प्रदर्शनीय प्रसंग है, अपितु वह यथार्थ का भोग है।”
113. ‘ताई’ कहानी के रचयिता कौन हैं?
भगवतीचरण वर्मा
विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’
‘ताई’ हिंदी की एक अत्यंत मार्मिक कहानी है, जिसके रचयिता विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ हैं।
प्रेमचंद
जैनेन्द्र
114. निम्नलिखित कहानी आंदोलन–वर्ष युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
नयी कहानी — 1956
सक्रिय कहानी — 1979
समकालीन कहानी — 1970
दिए गए विवरण में ‘समकालीन कहानी—1970’ असुमेलित युग्म है। गंगा प्रसाद विमल ने प्रारंभ में साठोत्तरी कहानी को ‘समकालीन कहानी’ कहा था, किंतु बाद में वे ‘अकहानी’ की व्याख्या करने लगे। नयी कहानी से राजेन्द्र यादव, मोहन राकेश और कमलेश्वर तथा सक्रिय कहानी से राकेश वत्स संबंधित हैं।
जनवादी कहानी — 1982
115. निम्नलिखित में से कौन-सा कहानी-संग्रह सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का नहीं है?
लिली
सखी
सुकुल की बीबी
जयदोल
‘जयदोल’ (1951) अज्ञेय का कहानी-संग्रह है। ‘लिली’ (1934), ‘सखी’ (1935) और ‘सुकुल की बीबी’ (1941) निराला के कहानी-संग्रह हैं।
116. निम्नलिखित कहानीकार–कहानी-संग्रह युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
यशपाल — पिंजरे की उड़ान
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी — बोल्गा से गंगा
‘बोल्गा से गंगा’ (1944) राहुल सांकृत्यायन का कहानी-संग्रह है। वहीं दो बाँके (1936)- भगवतीचरण वर्मा, पाजेब (1948)- जैनेन्द्र और पिंजरे की उड़ान (1939)- यशपाल के कहानी संग्रह हैं।
जैनेन्द्र — पाजेब
भगवतीचरण वर्मा — दो बाँके
117. यशपाल की प्रथम कहानी कौन-सी है?
पिंजड़े की उड़ान
ज्ञानदान
मक्रील (1934)
प्रगतिवादी कथाकार यशपाल की पहली कहानी ‘मक्रील’ है जो 1934 में प्रकाशित हुई थी।
फूलों का कुर्त्ता
118. ‘उसने कहा था’ में “प्रेम का एक स्वर्गीय स्वरूप” देखने वाली प्रशंसात्मक टिप्पणी किस आलोचक की है?
नामवर सिंह
डॉ. गोपाल राय
नंददुलारे वाजपेयी
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने ‘उसने कहा था’ कहानी की प्रशंसा करते हुए लिखा है, “घटना इसकी ऐसी है जैसे बराबर हुआ करती है, पर उसमें से भीतर से प्रेम का एक स्वर्गीय स्वरूप झाँक रहा है—केवल झाँक रहा है निर्लज्जता के साथ पुकार या कराह नहीं रहा है। कहानी भर में कहीं प्रेम की निर्लज्जता, प्रगल्भता, वेदना की वीभत्स विवृत्ति नहीं है।”
119. ‘जुदाई की शाम का गीत’ किसका प्रथम कहानी संग्रह है?
उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’
यह उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ जी का पहला कहानी संग्रह है।
भगवतीचरण वर्मा
अज्ञेय
इलाचंद्र जोशी
120. कहानियों को उनके कहानीकारों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – कहानीकार
(a) पिक्चर पोस्टकार्ड – (i) मोहन राकेश
(b) नन्हों – (ii) कमलेश्वर
(c) जॉर्ज पंचम की नाक – (iii) शिवप्रसाद सिंह
(d) मिस पाल – (iv) निर्मल वर्मा
विकल्प:
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(ii)
(a)–(i), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(iv)
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(i)
‘पिक्चर पोस्टकार्ड’ निर्मल वर्मा, ‘नन्हों’ शिवप्रसाद सिंह, ‘जॉर्ज पंचम की नाक’ कमलेश्वर और ‘मिस पाल’ मोहन राकेश की कहानी है।
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(iii)
121. ‘कला का अनुवाद’ किसका कहानी संग्रह है?
माखनलाल चतुर्वेदी
‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से प्रसिद्ध माखनलाल चतुर्वेदी जी ने ‘कला का अनुवाद’ नामक कहानी संग्रह लिखा था।
जयशंकर प्रसाद
सुमित्रानंदन पंत
महादेवी वर्मा
122. प्रेमचंद के प्रारंभिक कथा-लेखन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
(a) प्रेमचंद का मूल नाम नवाब राय था।
(b) नवाब राय नाम से उनकी प्रथम कहानी ‘इश्के दुनिया व हुब्बे वतन’ अप्रैल, 1908 में ‘जमाना’ पत्रिका में प्रकाशित हुई।
(c) उनका प्रथम कहानी-संग्रह ‘सोज़े वतन’ 1908 में जमाना प्रेस, कानपुर से प्रकाशित हुआ।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल (a)
केवल (a) और (b)
(a), (b) और (c)
केवल (b) और (c)
प्रेमचंद का मूल नाम धनपत राय था। ‘नवाब राय’ उनका प्रारंभिक लेखकीय नाम था; इसलिए कथन गलत है। कथन और सही हैं। ‘सोज़े वतन’ उर्दू में प्रकाशित हुआ था।
123. हिंदी कहानी का प्रारंभिक रूप किस भक्तिकालीन ग्रंथ में मिलता है?
भक्तमाल
चौरासी वैष्णवन की वार्त्ता
कथा-तत्व और गद्य का आरंभिक रूप हमें गोकुलनाथ द्वारा रचित ‘चौरासी वैष्णवन की वार्त्ता’ में देखने को मिलता है।
दो सौ बावन वैष्णवन की वार्त्ता
आईने अकबरी
124. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना बेचन शर्मा ‘उग्र’ की नहीं है?
चाकलेट
दोजख की आग
सौभाग्य के कोड़े
‘सौभाग्य के कोड़े’ (1924) प्रेमचंद की कहानी है। ‘चाकलेट’ (1924), ‘दोजख की आग’ (1929) और ‘चिनगारियाँ’ (1925) बेचन शर्मा ‘उग्र’ के कहानी-संग्रह हैं।
चिनगारियाँ
125. ‘रानी केतकी की कहानी’ (उदयभान चरित) के लेखक कौन हैं?
सदल मिश्र
लल्लू लाल
इंशाअल्ला खाँ
फोर्ट विलियम कॉलेज के दौर में ठेठ हिंदी में लिखी गई इस आरंभिक कथा के रचयिता मुंशी इंशाअल्ला खाँ हैं।
सदासुख लाल
126. ‘प्रेमचंद’ नाम से प्रकाशित उनकी पहली कहानी कौन-सी मानी जाती है?
पंच परमेश्वर
सौत
बड़े घर की बेटी
‘प्रेमचंद’ नाम से उनकी पहली कहानी ‘बड़े घर की बेटी’ दिसंबर, 1910 में ‘जमाना’ में प्रकाशित हुई थी।
नमक का दारोगा
127. ‘हिंदी कहानी: एक अंतरंग परिचय’ नामक आलोचनात्मक पुस्तक के लेखक कौन हैं?
नामवर सिंह
कमलेश्वर
राजेन्द्र यादव
उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’
उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ जी ने कहानी के शिल्प और संवेदना पर यह महत्वपूर्ण आलोचनात्मक पुस्तक लिखी है।
128. कहानियों को उनके संबंधित पात्रों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – पात्र
(a) उसने कहा था – (i) हीरामन
(b) पुरस्कार – (ii) मि. शामनाथ
(c) तीसरी कसम – (iii) मधुलिका
(d) चीफ की दावत – (iv) सूबेदार हजारा सिंह
विकल्प:
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(ii), (d)–(i)
(a)–(i), (b)–(ii), (c)–(iv), (d)–(iii)
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iii), (d)–(iv)
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(i), (d)–(ii)
सूबेदार हजारा सिंह ‘उसने कहा था’, मधुलिका ‘पुरस्कार’, हीरामन ‘तीसरी कसम’ और मि. शामनाथ ‘चीफ की दावत’ के पात्र हैं।
129. निम्नलिखित में से कौन-सी कहानी जयशंकर प्रसाद की नहीं है?
पुरस्कार
बूढ़ी काकी
‘बूढ़ी काकी’ (1920) प्रेमचंद की कहानी है। ‘पुरस्कार’, ‘गुण्डा’ और ‘छोटा जादूगर’ जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ हैं।
गुण्डा
छोटा जादूगर
130. निम्नलिखित कहानीकार–कहानी-संग्रह युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
अमृत राय — तिरंगे कफन
उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ — डायरी के नीरस पृष्ठ
‘डायरी के नीरस पृष्ठ’ (1951) इलाचंद्र जोशी का कहानी-संग्रह है। वहीं धरती अब भी घूम रही है (1970)- विष्णु प्रभाकर, एक दिल हजार अफसाने (1986)- अमृतलाल नागर और तिरंगे कफन (1948)- अमृत राय के कहानी संग्रह हैं।
अमृतलाल नागर — एक दिल हजार अफसाने
विष्णु प्रभाकर — धरती अब भी घूम रही है
132. ब्रिटिश सरकार ने ‘सोज़े वतन’ की प्रतियाँ जब्त करने के लिए नवाब राय पर मुख्यतः कौन-सा आरोप लगाया था?
साहित्यिक चोरी
आर्थिक धोखाधड़ी
राजद्रोह अर्थात् सिडीशन
‘सोज़े वतन’ उर्दू कहानियों का संग्रह है। उसकी कहानियों में देशप्रेम की अभिव्यक्ति को ब्रिटिश अधिकारियों ने ‘सिडीशन’ से जोड़ा और उसकी प्रतियाँ सरकारी अधिकारियों को सौंपने का आदेश दिया। प्रेमचंद ने ‘जीवन-सार’ में इस घटना का उल्लेख किया है।
व्यक्तिगत मानहानि
133. कहानी आंदोलनों और आलोचनात्मक मान्यताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
(a) ‘नयी कहानी’ संज्ञा का सर्वप्रथम प्रयोग दुष्यन्त कुमार ने किया था।
(b) नामवर सिंह ने ‘परिन्दे’ को हिंदी की पहली कहानी माना है।
(c) समांतर कहानी आंदोलन में ‘आम आदमी’ को प्रतिष्ठित करने पर बल दिया गया।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल (a) और (c)
कथन और सही हैं। दुष्यन्त कुमार ने ‘नयी कहानी’ संज्ञा का प्रारंभिक प्रयोग किया था। कथन गलत है—नामवर सिंह ने निर्मल वर्मा के कहानी-संग्रह ‘परिन्दे’ को ‘नयी कहानी’ की पहली कृति माना था। समांतर कहानी आंदोलन के केंद्र में आम आदमी और उसका जीवन-संघर्ष था।
केवल (a) और (b)
केवल (b) और (c)
((a), (b) और (c)
134. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना राजेन्द्रबाला घोष (बंग महिला) की नहीं है?
मन की चंचलता
‘मन की चंचलता’ माधवप्रसाद मिश्र की रचना है। ‘चंद्रदेव से मेरी बातें’ (1904), ‘कुंभ में छोटी बहू’ (1906) और ‘दुलाईवाली’ (1907) राजेन्द्रबाला घोष (बंग महिला) की रचनाएँ हैं।
चंद्रदेव से मेरी बातें
कुंभ में छोटी बहू
दुलाईवाली
135. किस विद्वान के अनुसार प्रेमचंद ने ‘सोज़े वतन’ की भूमिका में पहली बार ‘शॉर्ट स्टोरी’ के अर्थ में ‘कहानी’ पद का प्रयोग किया था?
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
डॉ. बच्चन सिंह
नामवर सिंह
डॉ. गोपाल राय
डॉ. गोपाल राय के अनुसार प्रेमचंद ने 1908 में प्रकाशित ‘सोज़े वतन’ की भूमिका में ‘शॉर्ट स्टोरी’ के अर्थ में ‘कहानी’ पद का प्रयोग किया।
136. निम्नलिखित कहानियों को उनके पात्रों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – पात्र
(a) जिन्दगी और जोंक – (i) लतिका
(b) परिन्दे – (ii) लहना सिंह
(c) रसप्रिया – (iii) शिवनाथ बाबू
(d) उसने कहा था – (iv) मिरदंगिया
विकल्प:
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(ii)
शिवनाथ बाबू ‘जिन्दगी और जोंक’, लतिका ‘परिन्दे’, मिरदंगिया ‘रसप्रिया’ और लहना सिंह ‘उसने कहा था’ के पात्र हैं।
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(iv)
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(i)
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(iii)
137. ‘पिता दर पिता’ के रचनाकार कौन हैं?
ज्ञानरंजन
रमेश बक्षी
पीढ़ियों के टकराव पर केंद्रित यह कहानी अकहानी दौर के लेखक रमेश बक्षी की है।