हिंदी कहानी का विकास भाग 1|Hindi Quiz

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Hindi Quiz for TGT PGT Assistant Professor and UGC NET Hindi
हिंदी क्विज प्रश्न श्रृंखला TGT, PGT, Assistant Professor एवं UGC NET हिंदी

हिंदी साहित्य की सबसे लोकप्रिय और सशक्त गद्य विधाओं में ‘कहानी’ का स्थान सर्वोपरि है। सरस्वती पत्रिका के प्रकाशन और ‘इंदुमती’ से शुरू हुई यह यात्रा मुंशी प्रेमचंद के आदर्शोन्मुख यथार्थवाद, अज्ञेय और जैनेंद्र के मनोवैज्ञानिक यथार्थ से होते हुए आज की समकालीन कहानी तक बहुत विस्तृत हो चुकी है।

UGC NET, JRF, TGT, PGT, और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में ‘हिंदी कहानी के विकास’ और प्रमुख कहानीकारों से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। आपकी इसी तैयारी को और अधिक धारदार बनाने के लिए हमने एक विशेष ‘हिंदी कहानी का विकास- अभ्यास शृंखला (Practice Test Series)’ तैयार की है।

चूँकि यह विषय काफी व्यापक है, इसलिए पूरे पाठ्यक्रम को कवर करने के लिए हमने 150 अति-महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन किया है, जिसे हम 3 अलग-अलग भागों (पोस्ट) में आपके सामने प्रस्तुत करेंगे।

यह इस शृंखला का पहला भाग है, जिसमें Hindi Kahani ka Vikas के 50 चुनिंदा बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं। ये प्रश्न पिछले वर्षों की परीक्षाओं के पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

इस क्विज को हल करने से आपको क्या लाभ होगा?

  • कहानी विधा के प्रारंभिक युग से जुड़े आपके कॉन्सेप्ट स्पष्ट होंगे।
  • परीक्षा में समय-प्रबंधन (Time Management) का अभ्यास होगा।
  • स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment) का बेहतरीन अवसर मिलेगा।

तो चलिए, बिना देर किए शुरू करते हैं आज का यह टेस्ट और देखते हैं कि हिंदी कहानी के उद्भव और विकास पर आपकी पकड़ कितनी मजबूत है!

1. हिंदी कहानी का विकास किस पत्रिका के प्रकाशन से प्रारंभ माना जाता है?
हंस (1930 ई.)
इंदु (1909 ई.)
सरस्वती (1900 ई.)
हिंदी कहानी का व्यवस्थित विकास 1900 ई. में प्रकाशित ‘सरस्वती’ पत्रिका के साथ प्रारंभ होता है। इसी में ‘इंदुमती’ जैसी प्रारंभिक कहानियाँ छपी थीं।
मर्यादा (1910 ई.)
2. ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित आरंभिक कहानियों को उनके कहानीकारों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – कहानीकार
(a) इंदुमती –(i) भगवानदास
(b) प्लेग की चुड़ैल –(ii) गिरिजादत्त वाजपेयी
(c) बारह वर्ष का समय –(iii) किशोरीलाल गोस्वामी
(d) पंडित और पंडितानी –(iv) रामचंद्र शुक्ल
विकल्प:
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(iv)
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(iii)
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(i)
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(ii)
‘इंदुमती’ किशोरीलाल गोस्वामी की कहानी है, जिसका प्रकाशन 1900 ई. में हुआ। ‘प्लेग की चुड़ैल’ भगवानदास की रचना है, जो 1902 ई. में प्रकाशित हुई। ‘बारह वर्ष का समय’ रामचंद्र शुक्ल और ‘पंडित और पंडितानी’ गिरिजादत्त वाजपेयी की कहानियाँ हैं; दोनों का प्रकाशन 1903 ई. में हुआ।
3. किशोरीलाल गोस्वामी कृत कहानी ‘इंदुमती’ शेक्सपियर के किस नाटक के आधार पर लिखी गई है?
मैकबेथ
टेम्पेस्ट
‘इंदुमती’ (1900) को मौलिक कहानी न मानकर शेक्सपीयर के नाटक ‘टेम्पेस्ट’ का छाया अनुवाद माना जाता है।
रोमियो और जूलियट
ओथेलो
4. निम्नलिखित कहानी–कहानीकार युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
डिप्टी कलेक्टर — अमरकांत
लाल पान की बेगम — धर्मवीर भारती
‘लाल पान की बेगम’ फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी है। अन्य युग्म सुमेलित हैं।
मलबे का मालिक — मोहन राकेश
लवर्स — निर्मल वर्मा
5. डॉ. लक्ष्मीनारायण लाल ने शिल्पविधि की दृष्टि से हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी किसे माना है?
एक टोकरी भर मिट्टी
इंदुमती
ग्यारह वर्ष का समय
डॉ. लक्ष्मीनारायण लाल के अनुसार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल द्वारा रचित ‘ग्यारह वर्ष का समय’ शिल्पविधि की दृष्टि से हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी है।
ताई
6. डॉ. गोपाल राय की मान्यता के अनुसार हिंदी की प्रथम नारीवादी कहानीकार किसे माना जा सकता है?
बंग महिला
मन्नू भण्डारी
सुमित्रा कुमारी सिन्हा
गोपालराय ने लिखा है, “सुमित्रा कुमार सिन्हा हिंदी में प्रथम ‘नारीवाद’ कहानीकार मानी जा सकती है।”
कृष्णा सोबती
7. चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने अपने जीवनकाल में कुल कितनी कहानियाँ लिखीं?
5
2
4
3
चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी ने केवल 3 कहानियाँ लिखीं – ‘उसने कहा था’ 1915 (सरस्वती), ‘सुखमय जीवन’ 1911 (भारत मित्र), और ‘बुद्ध का काँटा’ (1914)। इन्हीं से उन्हें साहित्य में अमरत्व प्राप्त हो गया।
8. निम्नलिखित में से कौन प्रेमचंद की कहानी ‘कफन’ का पात्र नहीं है?
वंशीधर
वंशीधर प्रेमचंद की कहानी ‘नमक का दारोगा’ का पात्र है। ‘कफन’ के पात्र घीसू, माधव और बुधिया हैं।
घीसू
माधव
बुधिया
9. मुंशी प्रेमचंद की प्रथम हिंदी कहानी कौन-सी मानी जाती है?
पंच परमेश्वर
बूढ़ी काकी
सौत
प्रेमचंद की प्रथम कहानी ‘सौत’ (हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि में) सन् 1915 में ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हुई।
बड़े घर की बेटी
10. हिंदी साहित्य की प्रथम कहानी और उसके प्रस्तोता को सुमेलित कीजिए।
प्रस्तोता – कहानी
(a) रामचंद्र शुक्ल –(i) एक टोकरी भर मिट्टी
(b) डॉ. बच्चन सिंह – (ii) इंदुमती
(c) राजेन्द्र बढ़यालिया – (iii) जमींदार का दृष्टांत
(d) देवी प्रसाद वर्मा – (iv) प्रणयिनी परिणय
विकल्प:
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(i), (d)–(iii)
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(iv), (d)–(ii)
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(ii), (d)–(iv)
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(iii), (d)–(i)
रामचंद्र शुक्ल– ‘इंदुमती’ (किशोरीलाल गोस्वामी, 1900 ई.), डॉ. बच्चन सिंह– ‘प्रणयिनी परिणय’ (किशोरीलाल गोस्वामी, 1887 ई.), राजेन्द्र बढ़यालिया– ‘जमींदार का दृष्टांत’ (रेवरेन्ड जे. न्यूटन, 1871 ई.), देवी प्रसाद वर्मा– ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ (माधवराव सप्रे, 1901 ई.) को हिंदी की प्रथम कहानी मानने वाले मत के प्रस्तोता हैं।
11. “सबसे उत्तम कहानी वह होती है, जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर हो” – यह कथन किसका है?
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
जयशंकर प्रसाद
नामवर सिंह
प्रेमचंद
यह प्रसिद्ध विचार कथा-सम्राट प्रेमचंद जी का है, जो कहानी में मनोविज्ञान और यथार्थ के महत्व को दर्शाता है।
12. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना ओमप्रकाश वाल्मीकि की नहीं है?
पच्चीस चौका डेढ़ सौ
सलाम
घुसपैठिए
आवाजें
‘आवाजें’ (1997) मोहनदास नैमिशराय का कहानी-संग्रह है। ‘पच्चीस चौका डेढ़ सौ’ (1993) ओमप्रकाश वाल्मीकि की कहानी है तथा ‘सलाम’ (2000) और ‘घुसपैठिए’ (2003) उनके कहानी-संग्रह हैं।
13. चिनगारियाँ, शैतान मंडली और दोजख की आग आदि किसके कहानी-संग्रह हैं?
यशपाल
अज्ञेय
पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’
ये सभी रचनाएँ ‘उग्र’ जी की हैं। उग्र की ‘चिनगारियाँ’ बारह कहानियों का संग्रह है, जिसे 1928 में अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त कर लिया गया था।
इलाचंद्र जोशी
14. हिंदी कहानी की विभिन्न परंपराओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
(a) वृन्दावनलाल वर्मा को ऐतिहासिक कहानियों की परंपरा का जनक माना जाता है।
(b) इलाचंद्र जोशी को हिंदी में मनोवैज्ञानिक कहानी-लेखन की परंपरा का प्रवर्तक माना जाता है।
(c) ‘उसकी माँ’ कहानी के आधार पर नंददुलारे वाजपेयी ने पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ को हिंदी का प्रथम राजनीतिक कहानीकार माना है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल (a) और (b)
केवल (a) और (c)
(a), (b) और (c)
उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं। वृन्दावनलाल वर्मा ऐतिहासिक कहानी-परंपरा से और इलाचंद्र जोशी मनोवैज्ञानिक कहानी-परंपरा से संबंधित हैं। उग्र को प्रथम राजनीतिक कहानीकार मानने वाला कथन नंददुलारे वाजपेयी का है, जिसका आधार ‘उसकी माँ’ कहानी है।
(a), (b) और (c)
15. 1913 ई. में ‘इंदु’ में प्रकाशित भावपूर्ण कहानी ‘कानों में कंगना’ के रचनाकार कौन हैं?
चतुरसेन शास्त्री
राधिकारमण प्रसाद सिंह
राधिका रमण प्रसाद की प्रथम कहानी ‘कानों में कंगना’ (1913) ‘इन्दु’ में प्रकाशित हुई थी।
जयशंकर प्रसाद
विश्वम्भरनाथ शर्मा ‘कौशिक’
16. प्रारंभिक दौर की महत्वपूर्ण कहानियों को उनके कहानीकारों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – कहानीकार
(a) चन्द्रलोक की यात्रा – (i) राधिकारमण प्रसाद सिंह
(b) राखी बन्द भाई – (ii) वृन्दावनलाल वर्मा
(c) कानों में कंगना – (iii) विश्वम्भरनाथ शर्मा
(d) रक्षाबंधन – (iv) केशवप्रसाद सिंह
विकल्प:
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(i), (d)–(iii)
‘चन्द्रलोक की यात्रा’ (1900)– केशवप्रसाद सिंह, ‘राखी बन्द भाई’ (1909)– वृन्दावनलाल वर्मा, ‘कानों में कंगना’ (1913)– राधिकारमण प्रसाद सिंह और ‘रक्षाबंधन’ (1913)– विश्वम्भरनाथ शर्मा की कहानी है।
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(iii), (d)–(i)
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(ii), (d)–(iv)
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(iv), (d)–(ii)
17. ‘एक कैदी’, ‘लाल सरोवर’ और ‘अपना-अपना भाग्य’ किसकी कहानियाँ हैं?
अज्ञेय
इलाचंद्र जोशी
यशपाल
जैनेन्द्र
मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि और दार्शनिकता से भरी ये सभी चर्चित कहानियाँ जैनेन्द्र कुमार जी की हैं।
18. निम्नलिखित कहानी–पात्र युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
परिन्दे — डॉ. मुखर्जी
कसाईबाड़ा — शनीचरी
शतरंज के खिलाड़ी — जुम्मन शेख
जुम्मन शेख प्रेमचंद की कहानी ‘पंच परमेश्वर’ का पात्र है। अन्य युग्म सुमेलित हैं।
जिन्दगी और जोंक — रजुआ
19. लगभग 300 से अधिक कहानियों का विशाल संग्रह ‘मानसरोवर’ (आठ भाग) किसका कहानी-संग्रह है?
सुदर्शन
प्रेमचंद
प्रेमचंद ने लगभग 300 कहानियाँ लिखी हैं जो अब ‘मानसरोवर’ शीर्षक से आठ भागों में प्रकाशित हैं।
जयशंकर प्रसाद
जैनेन्द्र
20. प्रेमचंद की निम्नलिखित कहानियों को उनके प्रकाशन वर्षों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – प्रकाशन वर्ष
(a) नमक का दारोगा – (i) 1930
(b) सवा सेर गेहूँ – (ii) 1913
(c) अलग्योझा – (iii) 1929
(d) सदगति – (iv) 1924
विकल्प:
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(iv), (d)–(ii)
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(i), (d)–(iii)
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(iii), (d)–(i)
‘नमक का दारोगा’ का प्रकाशन 1913, ‘सवा सेर गेहूँ’ का 1924, ‘अलग्योझा’ का 1929 और ‘सदगति’ का 1930 में हुआ था।
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(ii), (d)–(iv)
21. इलाचंद्र जोशी की पहली कहानी ‘सजनवाँ’ किस पत्रिका में प्रकाशित हुई थी?
हिंदी गल्पमाला
मनोवैज्ञानिक कहानीकार इलाचंद्र जोशी की पहली कहानी ‘सजनवाँ’ 1919 में ‘हिंदी गल्पमाला’ में प्रकाशित हुई थी।
इंदु
विशाल भारत
सरस्वती
22. जैनेन्द्र के कथा-साहित्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
(a) जैनेन्द्र की कहानियों में व्यक्ति के आंतरिक जीवन और उसके मनोवैज्ञानिक विश्लेषण को विशेष महत्त्व मिला।
(b) उनकी पहली कहानी ‘खेल’ (1928) ‘विशाल भारत’ में प्रकाशित हुई; किंतु उन्होंने ‘फोटोग्राफी’ को अपनी पहली कहानी माना है।
(c) उनकी कहानी ‘स्पर्धा’ इटली की पृष्ठभूमि पर विदेशी पात्रों को केंद्र में रखकर लिखी गई है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल (a) और (c)
(a), (b) और (c)
तीनों कथन सही हैं। जैनेन्द्र ने व्यक्ति की मनःस्थितियों और आंतरिक द्वंद्व को विशेष महत्त्व दिया। ‘खेल’ उनकी प्रथम प्रकाशित कहानी मानी जाती है, जबकि वे स्वयं ‘फोटोग्राफी’ को अपनी पहली कहानी मानते थे। ‘स्पर्धा’ की पृष्ठभूमि इटली है और उसके पात्र विदेशी हैं।
केवल (a) और (b)
केवल (b) और (c)
23. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी किसे माना है?
इंदुमती (किशोरीलाल गोस्वामी)
आचार्य शुक्ल ने 1900 ई. में प्रकाशित किशोरीलाल गोस्वामी की ‘इंदुमती’ को हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी स्वीकार किया है।
ग्यारह वर्ष का समय (स्वयं शुक्ल जी)
दुलाईवाली (बंगमहिला)
रानी केतकी की कहानी (इंशाअल्ला खाँ)
24. निम्नलिखित कहानीकार–कहानी युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ — चीफ की दावत
‘चीफ की दावत’ भीष्म साहनी की कहानी है। अन्य युग्म सुमेलित हैं।
कमलेश्वर — नीली झील
मोहन राकेश — आर्द्रा
अमरकांत — दोपहर का भोजन
25. प्रेमचंद की कहानियों और उनके प्रकाशन वर्षों को सुमेलित कीजिए।
कहानी – प्रकाशन वर्ष
(a) शतरंज के खिलाड़ी – (i) 1933
(b) सदगति – (ii) 1936
(c) ईदगाह – (iii) 1924
(d) कफन – (iv) 1930
विकल्प:
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(ii)
‘शतरंज के खिलाड़ी’ 1924, ‘सदगति’ 1930, ‘ईदगाह’ 1933 और ‘कफन’ 1936 में प्रकाशित हुई।
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(i)
(a)–(i), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(iv)
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(iii)
26. निम्नलिखित में से कौन-सी कहानी ज्ञानरंजन की नहीं है?
घंटा
पिता
तिरिया चरित्तर
‘तिरिया चरित्तर’ शिवमूर्ति की कहानी है। ‘घंटा’, ‘पिता’ और ‘बहिर्गमन’ ज्ञानरंजन की कहानियाँ हैं।
बहिर्गमन
27. हिंदी की प्रथम महिला कहानीकार के रूप में सामान्यतः किसे स्वीकार किया जाता है?
बंग महिला
बंग महिला को हिंदी की प्रथम महिला कहानीकार माना जाता है। उनका मूल नाम राजेन्द्रबाला घोष था और ‘दुलाईवाली’ उनकी प्रसिद्ध कहानी है।
सुभद्रा कुमारी चौहान
शिवरानी देवी
महादेवी वर्मा
28. 1900 ई. में ‘सुदर्शन’ पत्रिका में प्रकाशित कहानी ‘मन की चंचलता’ के लेखक कौन थे?
माधव प्रसाद मिश्र
‘मन की चंचलता’ कहानी के लेखक माधव प्रसाद मिश्र हैं। यह 1900 ई. में ‘सुदर्शन’ नामक पत्र में प्रकाशित हुई थी।
किशोरीलाल गोस्वामी
रामचन्द्र शुक्ल
माधवराव सप्रे
29. ‘नयी कहानियाँ’ नामक पत्रिका का प्रकाशन 1960 में दिल्ली से किसके संपादन में प्रारम्भ हुआ?
कमलेश्वर
भैरव प्रसाद गुप्त
‘नयी कहानियाँ’ पत्रिका दिल्ली से 1960 में भैरव प्रसाद गुप्त के संपादन में शुरू हुई जिसने नई कहानी आंदोलन को बल दिया।
मोहन राकेश
राजेन्द्र यादव
30. जयशंकर प्रसाद के कथा-साहित्य के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
(a) उनकी प्रथम कहानी ‘ग्राम’ 1911 ई. में ‘इंदु’ पत्रिका में प्रकाशित हुई।
(b) ‘छाया’ उनका प्रथम कहानी-संग्रह है और इसे हिंदी का प्रथम कहानी-संग्रह भी माना जाता है।
(c) उनकी अंतिम कहानी ‘सालवती’ मानी जाती है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
केवल (a)
केवल (a) और (b)
केवल (b) और (c)
(a), (b) और (c)
जयशंकर प्रसाद के संबंध में तीनों कथन सही हैं। ‘ग्राम’ प्रसाद की प्रथम कहानी है। ‘छाया’ का प्रकाशन 1912 में हुआ और इसे हिंदी का प्रथम कहानी-संग्रह माना जाता है। वहीं ‘सालवती’ उनकी अंतिम कहानी मानी जाती है।
31. प्रेमचंद की निम्नलिखित कहानियों को उनके प्रकाशन वर्षों से सुमेलित कीजिए।
कहानी – प्रकाशन वर्ष
(a) पूस की रात – (i) 1932
(b) दो बैलों की कथा – (ii) 1930
(c) ठाकुर का कुँआ – (iii) 1934
(d) बड़े भाई साहब – (iv) 1931
विकल्प:
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(iii)
‘पूस की रात’ 1930, ‘दो बैलों की कथा’ 1931, ‘ठाकुर का कुँआ’ 1932 और ‘बड़े भाई साहब’ 1934 में प्रकाशित हुई।
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(i)
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(iv)
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(ii)
32. ‘चम्पा’ जयशंकर प्रसाद की किस प्रसिद्ध कहानी की नायिका है?
पुरस्कार
आकाशदीप
‘चम्पा’ और ‘बुद्धगुप्त’ जयशंकर प्रसाद की बहुचर्चित कहानी ‘आकाशदीप’ के प्रमुख पात्र (नायिका और नायक) हैं।
आंधी
सालवती
33. निम्नलिखित कहानी–कहानीकार युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
कसाईबाड़ा — शिवमूर्ति
सिक्का बदल गया — कृष्णा सोबती
दज्यू — शेखर जोशी
गुलरा के बाबा — शिवप्रसाद सिंह
‘गुलरा के बाबा’ मारकण्डेय की कहानी है। अन्य युग्म सुमेलित हैं।
34. ‘कवि की स्त्री’ कहानी के रचयिता कौन हैं?
प्रेमचंद
सुदर्शन
‘कवि की स्त्री’ सुदर्शन जी द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण कहानी है।
अज्ञेय
यशपाल
35. जयशंकर प्रसाद के कहानी-संग्रहों को उनके प्रकाशन वर्षों से सुमेलित कीजिए।
कहानी-संग्रह – प्रकाशन वर्ष
(a) छाया – (i) 1936
(b) आकाशदीप – (ii) 1931
(c) आँधी – (iii) 1912
(d) इंद्रजाल – (iv) 1928
विकल्प:
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(i), (d)–(ii)
(a)–(i), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(iv)
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(iii)
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(ii), (d)–(i)
जयशंकर प्रसाद के कहानी-संग्रह ‘छाया’ का प्रकाशन 1912, ‘आकाशदीप’ का 1928, ‘आँधी’ का 1931 और ‘इंद्रजाल’ का 1936 में हुआ। उनका एक अन्य महत्वपूर्ण संग्रह ‘प्रतिध्वनि’ 1926 में प्रकाशित हुआ।
36. ‘नयी कहानी: संदर्भ और प्रकृति’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?
नामवर सिंह
देवीशंकर अवस्थी
नई कहानी की आलोचनात्मक विवेचना करने वाली इस प्रसिद्ध पुस्तक के लेखक देवीशंकर अवस्थी हैं।
राजेन्द्र यादव
शिवप्रसाद सिंह
37. चतुरसेन शास्त्री के किस कहानी को बंगला कथाकार हरिसाधन मुखोपाध्याय की बांग्ला कहानी ‘सेलिसमा बेगम’ का रूपान्तर माना जाता है?
अंबपालिक
हल्दीघाटी में
बाणवधू
दुखवा मैं कासों कहूँ मोर सजनी
चतुरसेन शास्त्री कृत ‘दुखवा मैं कासों कहूँ मोर सजनी’ कहानी बंगला कथाकार हरिसाधन मुखोपाध्याय की बांग्ला कहानी ‘सेलिसमा बेगम’ का रूपान्तर माना जाता है। चतुरसेन शास्त्री की चर्चित कहानियाँ निम्न हैं— अंबपालिक, प्रबुद्ध, भिक्षुराज, बावर्चिन, हल्दीघाटी में, बाणवधू आदि।
38. जयशंकर प्रसाद का कहानी-साहित्य में पदार्पण किस पत्रिका के माध्यम से हुआ?
सरस्वती
इंदु
जयशंकर प्रसाद जी ने ‘इंदु’ पत्रिका के माध्यम से कहानी लेखन के क्षेत्र में कदम रखा था। उनकी पहली कहानी ‘ग्राम’ 1911 में इसी में छपी थी।
मर्यादा
माधुरी
39. ‘परिन्दे’ की लतिका की समस्या को अतीत और स्मृति से मुक्ति की समस्या के रूप में किस आलोचक ने देखा है?
डॉ. बच्चन सिंह
डॉ. गोपाल राय
रामविलास शर्मा
नामवर सिंह
नामवर सिंह ने लिखा है, ‘परिदे’ की लतिका की समस्या स्वतन्त्रता या मुक्ति की समस्या है। अतीत से मुक्ति, स्मृति से मुक्ति, उस चीज से मुक्ति ‘जो हमें चलाए चलती है और अपने रेले में घसीट ले जाती है।’….सारी कहानी इस मुक्ति की पीड़ा की मानवीय अभिव्यंजना है।
40. ‘गांधी टोपी’ नामक कहानी संग्रह के रचयिता कौन हैं?
प्रेमचंद
राधिकारमण प्रसाद सिंह
‘गांधी टोपी’ राधिकारमण प्रसाद सिंह द्वारा रचित एक चर्चित कहानी संग्रह है।
यशपाल
जैनेंद्र
41. चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी ‘उसने कहा था’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
(a) ‘उसने कहा था’ 1915 ई. में ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।
(b) यह प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखी गई प्रेम-संवेदना की कहानी है।
(c) इसे फ्लैशबैक अर्थात् पूर्वदीप्ति पद्धति पर लिखी हिंदी की प्रथम कहानी माना जाता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a), (b) और (c)
चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी ‘उसने कहा था’ के संबंध में उपर्युक्त तीनों कथन सही हैं।
केवल (a) और (b)
केवल (b) और (c)
केवल (a) और (c)
42. ‘कहानी: नयी कहानी’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?
देवीशंकर अवस्थी
इन्द्रनाथ मदान
नामवर सिंह
प्रख्यात आलोचक डॉ. नामवर सिंह ने ‘कहानी: नयी कहानी’ नामक महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी।
कमलेश्वर
43. निम्नलिखित में से कौन-सी कहानी फणीश्वरनाथ रेणु की नहीं है?
तीसरी कसम उर्फ मारे गए गुलफाम
गुलकी बन्नो
‘गुलकी बन्नो’ धर्मवीर भारती की कहानी है। ‘तीसरी कसम उर्फ मारे गए गुलफाम’, ‘पंचलाइट’ और ‘रसप्रिया’ फणीश्वरनाथ रेणु की कहानियाँ हैं।
पंचलाइट
रसप्रिया
44. सन् 1901 में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ में प्रकाशित किस कहानी को कुछ विद्वानों ने हिंदी की प्रथम कहानी स्वीकार किया है?
इंदुमती
एक टोकरी भर मिट्टी
माधवराव सप्रे की ‘एक टोकरी भर मिट्टी’ 1901 में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ में प्रकाशित हुई थी। कुछ विद्वान इसे हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी मानते हैं।
दुलाईवाली
ग्यारह वर्ष का समय
45. आजादी के बाद हिंदी कहानी का पहला पड़ाव किस आंदोलन के रूप में आया?
अ-कहानी
सचेतन कहानी
नई कहानी
स्वतंत्रता प्राप्ति (1947) के बाद 1956 के आसपास जो आंदोलन सबसे पहले उभरा, उसे ‘नई कहानी’ का नाम दिया गया।
समांतर कहानी
46. कहानीकारों को उनकी संबंधित रचनाओं से सुमेलित कीजिए।
कहानीकार – कहानी-संग्रह
(a) राहुल सांकृत्यायन – (i) जब सारा आलम सोता है
(b) शिवपूजन सहाय – (ii) सतमी के बच्चे
(c) जनार्दन प्रसाद झा ‘द्विज’ – (iii) मधुमयी
(d) बेचन शर्मा ‘उग्र’ – (iv) कहानी का प्लाट
विकल्प:
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(i), (d)–(iii)
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(iv), (d)–(ii)
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(iii), (d)–(i)
‘सतमी के बच्चे’ (1935)- राहुल सांकृत्यायन, ‘कहानी का प्लाट’ (1928)- शिवपूजन सहाय, ‘मधुमयी’ (1937)- जनार्दन प्रसाद झा ‘द्विज’ और ‘जब सारा आलम सोता है’ (1951)- बेचन शर्मा ‘उग्र’ की कहानी-संग्रह है।
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(ii), (d)–(iv)
47. ‘इंदु’ पत्रिका का प्रकाशन कब और कहाँ से प्रारम्भ हुआ?
1909 में काशी से
‘इंदु’ पत्रिका 1909 ई. में काशी (वाराणसी) से प्रकाशित होनी शुरू हुई थी, जिसमें जयशंकर प्रसाद जी की आरंभिक कहानियाँ छपीं।
1900 में प्रयागराज से
1918 में लखनऊ से
1915 में काशी से
48. निम्नलिखित कहानी–कहानीकार युग्मों में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?
अपना-अपना भाग्य — जैनेन्द्र
परदा — यशपाल
गदल — मोहन राकेश
‘गदल’ रांगेय राघव की कहानी है। अन्य युग्म सुमेलित हैं।
रोज (गैंग्रिन) — अज्ञेय
49. प्रेमचन्द की प्रसिद्ध अंतिम कहानी ‘कफन’ कब प्रकाशित हुई थी?
1930 में
1936 में
घीसू और माधव के जीवन की विडंबना पर आधारित ‘कफन’ प्रेमचंद जी की अंतिम कहानी मानी जाती है जो 1936 में प्रकाशित हुई थी।
1933 में
1935 में
50. निम्नलिखित में से कौन-सा कहानी-संग्रह मन्नू भण्डारी का नहीं है?
आदमखोर
‘आदमखोर’ (1945) चंद्रकिरण सौनरेक्सा का कहानी-संग्रह है। ‘मैं हार गई’ (1957), ‘यही सच है’ (1966) और ‘त्रिशंकु’ (1978) मन्नू भण्डारी के कहानी-संग्रह हैं।
मैं हार गई
यही सच है
त्रिशंकु
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