EMRS Librarian General Hindi 2023

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EMRS TGT PGT Samanya Hindi Previous Year Solved Question Paper
EMRS सामान्य हिंदी हल प्रश्न-पत्र

EMRS Librarian की परीक्षा 24 दिसंबर, 2023 को हुआ था। इसके PART- VI में 20 प्रश्न General Hindi के पूछे गए थे। यदि आप EMRS Librarian परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो सामान्य हिंदी का यह पेपर आपके लिए महत्त्वपूर्ण है! यहाँ हमने EMRS 2023 की सामान्य हिंदी से संबंधित परीक्षा में पूछे गए सभी प्रश्नों को एक इंटरैक्टिव क्विज़ के रूप में प्रस्तुत किया है, उसी रूप में जैसे EMRS Librarian परीक्षा 2023 में पूछे गए थे।

इन्हें हल कर आप अपनी तैयारी का मूल्यांकन और अभ्यास कर सकते हैं। साथ ही यह भी ज्ञात होगा की EMRS की Librarian परीक्षा में सामान्य हिंदी से किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं।

📚 Librarian सामान्य हिंदी क्विज़ से अपनी समझ को परखें।
📌 [👉 Librarian हिंदी क्विज़ शुरू करें]

1. निम्नलिखित में आकाश का पर्यायवाची नहीं है:
[A] नभ
[B] नीरव
[C] गगन
[D] अंबर
उत्तर देखें-
[B] नीरव ‘शांत’ और ‘मौन’ का पर्यायवाची शब्द है। वहीं-
आकाश का पर्यायवाची शब्द- नभ, गगन, अंबर, व्योम और अंतरिक्ष आदि।
2. ‘मान न मान मैं तेरा मेहमान’ लोकोक्ति का सटीक अर्थ है:
[A] किसी को अपना करवाने के लिए बाध्य करना
[B] किसी भी कार्य को करने में असमर्थ होना
[C] बिना बताए किसी के घर पहुँचना
[D] जबरदस्ती किसी के गले पड़ना
उत्तर देखें-
[D] ‘मान न मान मैं तेरा मेहमान’ लोकोक्ति का अर्थ है ‘जबरदस्ती किसी के गले पड़ना।’
3. निम्नलिखित शब्दों में वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द है:
[A] अनुग्रहीत
[B] अध्ययन
[C] सामर्थ
[D] हंसमुख
उत्तर देखें-
[A] अनुग्रहीत का शुद्ध वर्तनी ‘अनुगृहीत’ है जिसका अर्थ उपकृत, आभारी, कृतज्ञ या एहसानमंद है।
4. निम्नलिखित में व्यक्तिवाचक संज्ञा शब्द है:
[A] महामंडल
[B] पहाड़
[C] नदी
[D] सभा
उत्तर देखें-
[A] महामंडल व्यक्तिवाचक संज्ञा है। वहीं पहाड़, नदी और सभा जातिवाचक संज्ञा हैं, क्योंकि ये किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम नहीं बताते, बल्कि पूरी जाति का बोध कराते हैं।
5. निम्नलिखित में विलोमार्थी शब्द-युग्म है:
[A] अमर – मर्त्य
[B] आविर्भाव – तिरोभाव
[C] अस्त – व्यस्त
[D] अल्पज्ञ – बहुज्ञ
उत्तर देखें-
[C] अस्त का विलोम शब्द उदय है। वहीं व्यस्त का विलोम शब्द अव्यस्त, निष्क्रिय या शांत होता है।
6. जिस समास में पहला शब्द प्रधान होता है और जो समूचा शब्द क्रिया-विशेषण अव्यय होता है, उसे कहते हैं:
[A] अव्ययीभाव समास
[B] बहुब्रीहि समास
[C] तत्पुरुष समास
[D] कर्मधारय समास
उत्तर देखें-
[A] जिस समास में पहला शब्द प्रधान होता है और जो समूचा शब्द क्रिया-विशेषण अव्यय होता है, वह अव्ययीभाव समास कहलाता है; जैसे- भरपेट (पेट भरकर)।
7. निम्नलिखित में व्यंजन संधि वाला शब्द है:
[A] रेखांश
[B] महाशय
[C] सदानंद
[D] महीन्द्र
उत्तर देखें-
[C] सदानंद (सत् + आनंद) में व्यंजन संधि है इसमें ‘त्’ और ‘आ’ मिलकर ‘दा’ बनाते हैं, जो व्यंजन संधि का नियम है। वहीं-
रेखांश (रेखा + अंश), महाशय (महा + आशय) और महीन्द्र (मही + इन्द्र) में दीर्घ स्वर संधि है।

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों (8-10) के सटीक उत्तर दीजिए:
नारी समाज का अत्यंत महत्त्वपूर्ण अंग है। प्राचीनकाल में नारी को अत्यंत सम्मानजनक स्थान प्राप्त था। कहा जाता था कि जहाँ नारी की पूजा की जाती है, वहाँ देवता निवास करते हैं। मध्यकाल में नारी का महत्त्व कुछ कम हो गया। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता’ वाले देश में उसको भोग की वस्तु बना दिया गया। तब नारी आर्थिक दृष्टि से स्वतंत्र नहीं थी। वह पराधीन थी अतः उसके अधिकारों में कटौती होती चली गई। समाज में पुरुष वर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल जाने से एक प्रकार का पूँजीपतित्त्व ही प्राप्त हो गया। उसने नारी को कठिन बंधनों में बाँधकर रखने का हर संभव प्रयास किया।

8. प्राचीनकाल में नारी को स्थान प्राप्त था:
[A] अत्यंत सम्मानजनक
[B] अत्यंत महत्त्वपूर्ण
[C] देवी का
[D] महत्त्वपूर्ण
उत्तर देखें-
[A] प्राचीनकाल में नारी को ‘अत्यंत सम्मानजनक’ स्थान प्राप्त था।
9. मध्यकाल में नारी का सम्मान कम होने लगा था क्योंकि:
[A] पुरुषवर्ग अहंकारी हो गया
[B] पुरुषवर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल गया
[C] नारी को सौंदर्य के कारण अहंकार हो गया था
[D] स्त्री पुरुष में बौद्धिकता की दृष्टि से भेद किया जाने लगा
उत्तर देखें-
[B] मध्यकाल में नारी का सम्मान कम होने लगा था क्योंकि पुरुषवर्ग को उपार्जन का उत्तरदायित्व मिल गया था।
10. मध्यकाल में नारी:
[A] परतंत्र थी
[B] पूजनीय थी
[C] आर्थिक दृष्टि से स्वतंत्र थी
[D] स्वावलम्बी थी
उत्तर देखें-
[A] मध्यकाल में नारी परतंत्र थी।

11. निम्नलिखित में संधि नियमों की दृष्टि से अशुद्ध शब्द है:
[A] सन्मुख
[B] मनःस्थिति
[C] अनधिकार
[D] दुरवस्था
उत्तर देखें-
[A] ‘सन्मुख’ संधि नियमों की दृष्टि से अशुद्ध शब्द है। वहीं मन:स्थिति (मन: + स्थिति) और दुरवस्था (दुः + अवस्था) में विसर्ग संधि है। अनधिकार (अन् + अधिकार) व्यंजन संधि है।
12. निम्नलिखित में असंगत युग्म है:
[A] मनमाना – तत्पुरुष समास
[B] तिरंगा – द्विगु समास
[C] कृतकार्य – अव्ययीभाव समास
[D] कनफटा – बहुव्रीहि समास
उत्तर देखें-
[C] कृतकार्य में बहुव्रीहि समास है।
13. निम्नलिखित में अशुद्ध वाक्य है:
[A] शहर में भारी भरकम भीड़ जमा थी।
[B] गाय का ताजा दूध लाओ।
[C] आप घर जाइए।
[D] तुम अपना काम करो।
उत्तर देखें-
[A] शुद्ध वाक्य: शहर में भारी भीड़ जमा थी। भरकम अनावश्यक दुहराव था।
14. निम्नलिखित में स्वर संधि वाला शब्द नहीं है:
[A] कुशासन
[B] रेखांश
[C] परमार्थ
[D] सदानंद
उत्तर देखें-
[D] सदानंद (सत् + आनंद) में व्यंजन संधि है। क्योंकि व्यंजन संधि में जब किसी वर्ग का पहला व्यंजन (जैसे ‘त्’) किसी स्वर या घोष व्यंजन से मिलता है, तो वह अपने वर्ग के तीसरे व्यंजन (जैसे ‘द्’) में बदल जाता है।
वहीं अन्य विकल्पों में दीर्घ स्वर संधि है।
15. निम्नलिखित में कमल का पर्यायवाची नहीं है:
[A] मनसिज
[B] सरसिज
[C] उत्पल
[D] कंज
उत्तर देखें-
[A] मनसिज, मदन, मनोज, अनंग, कंदर्प, और रतिपति आदि कामदेव का पर्यायवाची है।
16. निम्नलिखित में असंगत विलोमार्थी शब्द-युग्म है:
[A] अक्षम – सक्षम
[B] अमृत – विष
[C] अस्त – व्यस्त
[D] अनुराग – विराग
उत्तर देखें-
[C] अस्त का विलोम शब्द उदय है और व्यस्त का विलोम शब्द अव्यस्त है।
17. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द के युग्मों में असंगत है:
[A] आज्ञा का पालन करने वाला – आज्ञाकारी
[B] अनुचित बात के लिए आग्रह – दुराग्रह
[C] आकाश को चूमने वाला – गगनचुंबी
[D] अवसर के अनुसार बदल जाने वाला – अवसरानुकूल
उत्तर देखें-
[D] अवसर के अनुसार बदल जाने वाला के लिए एक शब्द ‘अवसरवादी’ है।

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसपर आधारित प्रश्नों (18-20) के सटीक उत्तर दीजिए।
मनुष्य ज्यों ही समाज में प्रवेश करता है, उसके सुख और दुःख का बहुत सा अंश दूसरे की क्रिया या अवस्था पर अवलंबित हो जाता है। उसके मनोविकारों के प्रवाह तथा जीवन के विस्तार के लिए अधिक क्षेत्र हो जाता है। वह दूसरों के दुःख से दुखी और दूसरों के सुख से सुखी होने लगता है।

18. जीवन के विस्तार के लिए क्षेत्र की व्यापकता हो जाती है:
[A] सामाजिक होते ही
[B] उपदेशक होते ही
[C] शिक्षित होते ही
[D] शिक्षक होते ही
उत्तर देखें-
[A] जीवन के विस्तार के लिए क्षेत्र की व्यापकता ‘सामाजिक होते ही’ हो जाती है।
19. दूसरों के दुःख से दुखी और सुख से सुखी होना:
[A] मनोविश्लेषण है
[B] अवसाद ग्रस्त होना है
[C] मनोभावों का संचयन है
[D] मनोविकारों का प्रवाह है
उत्तर देखें-
[D] दूसरों के दुःख से दुखी और सुख से सुखी होना ‘मनोविकारों का प्रवाह है।’
20. मनुष्य के सुख-दुःख का अंश कब दूसरे की क्रिया पर अवलंबित हो जाता है?
[A] ज्यों ही मनुष्य समाज में प्रवेश करता है।
[B] जब समाज के बीच परस्पर आदान-प्रदान होता है।
[C] जब मनुष्य समाज से पृथक होता है।
[D] जब मनुष्य बाकी लोगों से मिलता है।
उत्तर देखें-
[A] ज्यों ही मनुष्य समाज में प्रवेश करता है मनुष्य के सुख-दुःख का अंश दूसरे की क्रिया पर अवलंबित हो जाता है।
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