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दुलाईवाली कहानी- राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला)

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दुलाई वाली कहानी की लेखिका राजेंद्र बाला घोष हैं, जो बंग महिला के नाम से हिंदी साहित्य के इतिहास में चर्चित हैं। दुलाईवाली कहानी का...
sahitya-ka-uddeshya-by-premchand

साहित्य का उद्देश्य निबंध- प्रेमचंद | sahitya ka uddeshya

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1936 लखनऊ में होने वाले प्रगतिशील लेखक संघ के पहले अधिवेशन में प्रेमचंद द्वारा दिया गया अध्यक्षीय भाषण। सज्जनों, यह सम्मेलन हमारे साहित्य के इतिहास में स्मरणीय...
been-bhi-hoon-main-tumhari-ragini-bhi

बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ!- महादेवी वर्मा

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नींद थी मेरी अचल निस्पन्द कण कण में,प्रथम जागृति थी जगत के प्रथम स्पन्दन में,प्रलय में मेरा पता पदचिन्ह जीवन में,शाप हूँ जो बन...
main-neer-bhari-dukh-ki-badli

मैं नीर भरी दुख की बदली- महादेवी वर्मा

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मैं नीर भरी दुख की बदली! स्पन्दन में चिर निस्पन्द बसाक्रन्दन में आहत विश्व हँसानयनों में दीपक से जलते,पलकों में निर्झारिणी मचली! मेरा पग-पग संगीत भराश्वासों...
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फिर विकल हैं प्राण मेरे- महादेवी वर्मा

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फिर विकल हैं प्राण मेरे! तोड़ दो यह क्षितिज मैं भी देख लूं उस ओर क्या है!जा रहे जिस पंथ से युग कल्प उसका छोर...
yah-mandir-ka-deep

यह मंदिर का दीप- महादेवी वर्मा

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यह मन्दिर का दीप इसे नीरव जलने दोरजत शंख घड़ियाल स्वर्ण वंशी-वीणा-स्वर,गये आरती वेला को शत-शत लय से भर,जब था कल कंठो का मेला,विहंसे...
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अलंकार की परिभाषा, भेद और उदाहरण

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अलंकार क्या है काव्य की शोभा बढ़ानेवाले उपकरणों को अलंकार करते हैं। जैसे अलंकरण धारण करने से शरीर की शोभा बढ़ जाती है, वैसे ही अलंकरण...
upsarg-in-hindi-vyakaran

उपसर्ग की परिभाषा, भेद और उदाहरण | upsarg

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उपसर्ग “उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते है, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है।” तात्पर्य यह है की...
ritibadh-kavi-aur-unki-rchnayen

रीतिबद्ध काव्यधारा के कवि और उनकी रचनाएँ

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रीतिबद्ध कवि जिन कवियों नें शास्त्रीय ढंग पर लक्षण उदाहरण प्रस्तुत कर अपने ग्रंथों की रचना किया उन्हें रीतिबद्ध श्रेणी में रखा गया है। हिन्दी के...
ritikal-ka-namkaran-vibhajan-evm-pravartak

रीतिकाल का नामकरण, विभाजन एवं प्रवर्तक

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सामान्यत: 17वीं शती के मध्य से 19वीं शती के मध्य तक रीतिकाल की अवधि मानी जाती है। रीतिकाल के नामकरण, विभाजन और प्रवर्तकों को लेकर...

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छायावादी युग के कवि और उनकी रचनाएं | Chhayavadi kavi

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छायावाद की कालावधि 1920 या 1918 से 1936 ई. तक मानी जाती है। वहीं इलाचंद्र जोशी, शिवनाथ और प्रभाकर माचवे ने छायावाद का आरंभ लगभग 1912-14...
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रीतिकालीन काव्य की प्रमुख प्रवृतियाँ | reetikal

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रीतिकालीन काव्य की रचना सामंती परिवेश और छत्रछाया में हुई है इसलिए इसमें वे सारी विशेषताएँ पाई जाती हैं जो किसी भी सामंती और...
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संप्रेषण की अवधारणा और महत्त्व | concept and importance of communication

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संप्रेषण की अवधारणा मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और उसे अपने विचार और भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए संप्रेषण पर निर्भय रहना पड़ता है।...
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शब्द शक्ति की परिभाषा और प्रकार | shabd shkti

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शब्द शक्ति क्या है? शब्द या शब्द समूह में जो अर्थ छिपा होता है, उसे प्रकाशित करने वाली शक्ति का नाम शब्द शक्ति (shabd shakti)...
ज्ञानपीठ पुरस्कार सूची

Gyanpeeth Award list | ज्ञानपीठ पुरस्कार सूची

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ज्ञानपीठ पुरस्कार  gyanpeeth award भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं...