Dilli Darbar Darpan Nibandh Bharatendu Harishchandra

दिल्‍ली दरबार दर्पण निबंध- भारतेंदु हरिश्चंद्र | dilli darbar darpan

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दिल्ली दरबार दर्पण के रचनाकार भारतेंदु हरिश्चंद हैं। भारतेंदु ने दिल्‍ली दरबार दर्पण निबंध को वर्णात्मक शैली में लिखा है। यहाँ पर भारतेंदु का...
Hindi Ke Prachar Prasar Mein Vibhinn Sansthaon Ki Bhumika

हिंदी के प्रचार-प्रसार में साहित्यिक संस्थाओं की भूमिका

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भारतेंदु युग में हिंदी साहित्य निर्माण का कार्य प्रचुर मात्रा में हुआ, खासकर हिंदी गद्य साहित्य में। हिंदी को मजबूत धरातल प्रदान करने में भारतेंदु और भारतेंदु...
Hindi Ke Prachar Prasar Mein Vibhinn Sansthaon Ki Bhumika

हिंदी के प्रचार-प्रसार में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की भूमिका

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अंग्रेजों की सत्ता स्थापित होने के बाद राष्ट्रीयता की एक अखिल भारतीय संकल्पना उभर कर आती है। भाषा का मुद्दा प्रमुख हो उठता है।...
Pahadi Hindi Ki Pramukh Boliyan Aur Visheshtayen

पहाड़ी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | pahadi hindi

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खश (कुछ नये मतों के अनुसार शौरसेनी) अपभ्रंश से पहाड़ी भाषाएँ निकली हैं। इनकी लिपि देवनागरी है। हिमालय के तराई (निचले) भागों में बोली...
Usne Kaha Tha Kahani Chandradhar Sharma Guleri

उसने कहा था- चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ | usne kaha tha

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यहाँ पर कालजयी कहानी ‘उसने कहा था’ को दिया जा रहा है, जिसके लेखक चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ जी हैं। ‘उसने कहा था’ कहानी को कालजयी...
Rajasthani Hindi Ki Boliyan Aur Visheshtayen

राजस्थानी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | rajasthani

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भाषाशास्त्रियों ने राजस्थानी को हिंदी की पाँच उपभाषाओं- पश्चिमी हिंदी, पूर्वी हिंदी, बिहारी, पहाड़ी और राजस्थानी में स्थान दिया है। राजस्थान शब्द का इस प्रांत के लिए...
Bihari Hindi Ki Boliyan Aur Visheshtayen

बिहारी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | bihari hindi

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बिहारी हिंदी का विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ है। जिसे दो भागों- पूर्वी बिहारी और पश्चिमी बिहारी में विभाजित किया जा सकता है। पूर्वी...
Purvi Hindi Ki Boliyan Aur Visheshtayen

पूर्वी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | purvi hindi

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जार्ज ग्रियर्सन ने हिंदी क्षेत्र को दो भागों- पश्चिमी हिंदी और पूर्वी हिंदी में विभाजित किया है। इन्हीं क्षेत्रों में बोली जाने वाली बोलियों...
Pashchimi Hindi Ki Boliyan Aur Visheshtayen

पश्चिमी हिंदी की प्रमुख बोलियाँ और विशेषताएँ | pshcimi hindi

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शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित पश्चिमी हिंदी (pshcimi hindi) के अन्तर्गत पाँच बोलियों आती है- हरियाणी, खड़ी बोली, ब्रजभाषा, कन्नौजी और बुन्देली। डॉ. भोलानाथ तिवारी ने पश्चिमी हिंदी के...
Devrani Jethani Ki Kahani Pt. Gauridatt Sharma

देवरानी जेठानी की कहानी- पं. गौरीदत्‍त शर्मा

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हिन्‍दी का पहला उपन्‍यास को लेकर विद्वानों में मतभेद है। कुछ विद्वान ‘देवरानी जेठानी की कहानी’ (1870) को हिन्‍दी का पहला उपन्‍यास मानते हैं,...