आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास रीतिकाल के अन्य कवि (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

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आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

इस ब्लॉग में हम आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ से रीतिकाल के अन्य कवि पर आधारित 40 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) प्रस्तुत कर रहे हैं। ये सभी quiz रीतिकाल प्रकरण 3 पर आधारित हैं जो PGT, TGT, DSSSB, LT Grade और Assistant Professor जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। यहाँ दिए गए प्रश्न न केवल परीक्षा दृष्टि से उपयोगी हैं, बल्कि हिंदी साहित्य की गहराई को समझने में भी मदद करेंगे।

आइए, रीतिकाल के वस्तुनिष्ठ प्रश्न को Quiz के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से जानें-

1. आचार्य शुक्ल ने ‘रीतिकाल’ का समय क्या माना है?
संवत् 1375-1700
संवत् 1050-1375
संवत् 1900-1984
संवत् 1700-1900
शुक्ल जी ने उत्तर मध्यकाल यानी रीतिकाल का समय संवत् 1700 से 1900 तक निर्धारित किया है।
2. रीतिकाल के उन कवियों को जिन्होंने लक्षण-ग्रंथ न लिखकर केवल काव्य रचना की, शुक्ल जी ने किस वर्ग में रखा है?
रीतिबद्ध कवि
रीतिसिद्ध कवि
सूक्तिकार
रीतिकाल के अन्य कवि
शुक्ल जी ने उन कवियों को ‘अन्य कवि’ कहा है जिन्होंने रीतिग्रंथ न लिखकर प्रबंध काव्य, नीति या श्रृंगार की फुटकल कविताएँ लिखीं।
3. शुक्ल जी के अनुसार ‘रीतिमुक्त’ कवियों में सर्वश्रेष्ठ कवि कौन हैं?
आलम
ठाकुर
घनानंद
शुक्ल जी के अनुसार रीतिग्रंथ न लिखने वाले कवियों में घनानंद सर्वश्रेष्ठ हुए हैं।
बोधा
4. ‘हम्मीर हठ’ के रचयिता कौन हैं?
सूदन
लाल कवि
चंद्रशेखर वाजपेयी
‘हम्मीर हठ’ चंद्रशेखर वाजपेयी की प्रसिद्ध रचना है,।
जोधराज
5. लाल कवि द्वारा रचित ‘छत्रप्रकाश’ किस प्रकार का काव्य है?
धार्मिक काव्य
ऐतिहासिक प्रबंध काव्य
लाल कवि द्वारा रचित ‘छत्रप्रकाश’ ऐतिहासिक प्रबंध काव्य काव्य है। ‘छत्रप्रकाश’ में महाराज छत्रसाल का जीवन-चरित दोहों-चौपाइयों में बड़े ब्योरे के साथ वर्णित है।
श्रृंगार काव्य
नीति काव्य
6. शुक्ल जी ने किसे ‘कवि’ न कहकर ‘सूक्तिकार’ कहना अधिक ठीक समझा है?
जोधराज को
वृंद और गिरिधर को
शुक्ल जी नीति के फुटकल पद्य कहने वालों (वृंद, गिरिधर, घाघ, बैताल) को ‘सूक्तिकार’ कहते हैं क्योंकि वे केवल वाग्वैदग्ध्य का प्रयोग करते हैं।
घनानंद को
आलम को
7. ‘रामप्रसाद निरंजनी’ द्वारा रचित वह ग्रंथ जिसे शुक्ल जी ने परिमार्जित गद्य का नमूना माना है?
भाषा योगवाशिष्ठ
संवत् 1798 में रामप्रसाद निरंजनी ने ‘भाषा योगवाशिष्ठ’ बहुत ही परिमार्जित गद्य में लिखा था।
आनंद रघुनंदन
सुजान चरित
रामाश्वमेध
8. महाराज विश्वनाथ सिंह (रीवाँ) कृत किस कृति को भारतेंदु हरिश्चंद्र ने हिंदी का प्रथम नाटक माना है?
आनंद रघुनंदन
महाराज विश्वनाथ सिंह कृत ‘आनंद रघुनंदन’ को भारतेंदु जी ने हिंदी का प्रथम नाटक माना है।
प्रद्युम्न विजय
नहुष
जानकी मंगल
9. ‘छत्रप्रकाश’ के रचयिता लाल कवि का वास्तविक नाम क्या था?
पृथ्वी सिंह
बुद्धि सेन
गोरे लाल पुरोहित
लाल कवि का नाम गोरे लाल पुरोहित था और वे मऊ (बुंदेलखंड) के रहने वाले थे।
मान सिंह
10. ‘कनक छरी सी कामिनी काहे को कटि छीन’ पंक्ति के रचयिता कौन हैं?
घनानंद
ठाकुर
आलम
यह पंक्ति आलम की है, जिसका उत्तर शेख रँगरेजिन ने दिया था।
बोधा
11. आलम किस मुगल बादशाह के बेटे के आश्रय में रहते थे?
मुहम्मदशाह रंगीले
शाहजहाँ
मुअज्जम
आलम औरंगजेब के दूसरे बेटे मुअज्जम (बहादुरशाह) के आश्रय में रहते थे।
औरंगजेब
12. गुरु गोविंद सिंह जी की किस रचना में ‘दुर्गा सप्तशती’ की कथा वर्णित है?
चंडी चरित्र
चंडी चरित्र में दुर्गा सप्तशती की कथा बड़ी सुंदर कविता में कही गई है।
सुजान चरित
नीति प्रकाश
प्रेम सुमार्ग
13. शुक्ल जी ने किस कवि को ‘साक्षात् रसमूर्ति’ कहा है?
घनानंद
घनानंद साक्षात् रसमूर्ति और ब्रजभाषा काव्य के प्रधान स्तंभों में से एक हैं।
बिहारी
देव
पद्माकर
14. घनानंद किस मुगल बादशाह के ‘मीर मुंशी’ थे?
मुहम्मदशाह
घनानंद दिल्ली के बादशाह मुहम्मदशाह के मीर मुंशी थे।
औरंगजेब
बहादुरशाह
अकबर
15. घनानंद की प्रेमिका का नाम क्या था, जिसे वे अपनी कविताओं में संबोधित करते थे?
सुभान
शेख
सुजान
घनानंद की प्रेमिका सुजान नाम की वेश्या थी।
रत्नावली
16. घनानंद किस संप्रदाय में दीक्षित हुए थे?
राधावल्लभ संप्रदाय
सखी संप्रदाय
निंबार्क संप्रदाय
विराग उत्पन्न होने पर घनानंद वृंदावन जाकर निंबार्क संप्रदाय के वैष्णव हो गए थे।
वल्लभ संप्रदाय
17. ‘अति सूधो सनेह को मारग है, जहँ नैकु सयानप बाँक नहीं’ पंक्ति किसकी है?
ठाकुर
बोधा
घनानंद
यह प्रसिद्ध पंक्ति घनानंद के सवैये की है।
आलम
18. ‘रतनहजारा’ के रचयिता कौन हैं?
बिहारी
आलम
मतिराम
रसनिधि
रसनिधि (पृथ्वी सिंह) ने बिहारी सतसई के अनुकरण पर ‘रतनहजारा’ नामक ग्रंथ लिखा।
19. भक्त कवि नागरीदास का वास्तविक नाम क्या था?
महाराज राज सिंह
महाराज बहादुर सिंह
महाराज उदित नारायण सिंह
महाराज सावंत सिंह
भक्त कवि नागरीदास का वास्तविक नाम महाराज सावंत सिंह था। नागरीदास कृष्णगढ़ के राजा सावंत सिंह थे, जो बाद में विरक्त होकर वृंदावन चले गए।
20. ‘हम्मीर रासो’ के रचयिता कौन हैं?
सारंगधर
चंद्रशेखर
गिरधर
जोधराज
जोधराज ने नीमराणा के राजा चंद्रभान के अनुरोध पर ‘हम्मीर रासो’ (संवत् 1875) लिखा।
21. पन्ना नरेश अमान सिंह के दरबारी कवि ‘बख्शी हंसराज’ का सांप्रदायिक नाम क्या था?
विजयसखी
अलबेली अलि
प्रेमसखी
बख्शी हंसराज ‘विजयसखी’ के शिष्य थे और उनका सांप्रदायिक नाम ‘प्रेमसखी’ था।
नागरीदास
22. ‘सनेह सागर’ ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
बख्शी हंसराज
‘सनेह सागर’ बख्शी हंसराज का प्रमुख ग्रंथ है।
आलम
घनानंद
ठाकुर
23. ‘लोगन कवित्त कीबो खेल करि जानो है’ किस कवि की उक्ति है?
घनानंद
ठाकुर
ठाकुर ने अपनी कविता में कवियों की कठिन साधना पर बल देते हुए यह कहा है।
बोधा
भिखारीदास
24. नीति की कुंडलियों के लिए कौन से कवि प्रसिद्ध हैं, जिनकी कुंडलियाँ ‘ग्राम-ग्राम’ में प्रसिद्ध हैं?
वृंद
गिरधर कविराय
गिरधर कविराय की नीति की कुंडलियाँ अपनी सीधी-सादी भाषा के कारण अत्यंत लोकप्रिय हैं।
बैताल
दीनदयाल गिरि
25. ‘राधासुधा शतक’ के रचयिता कौन हैं?
श्री हठीजी
श्री हठीजी ने संवत् 1837 में ‘राधासुधा शतक’ बनाया जो भारतेंदु जी को अत्यंत प्रिय था।
भगवत रसिक
चाचा हित वृंदावन दास
नागरीदास
26. श्रीहर्ष कृत ‘नैषध काव्य’ का पद्यानुवाद किस कवि ने किया?
कुलपति मिश्र
मतिराम
गुमान मिश्र
गुमान मिश्र ने संवत् 1800 में ‘नैषध चरित’ का पद्यानुवाद किया।
देव
27. भरतपुर के महाराज सूरजमल के जीवन पर आधारित ‘सुजान चरित’ के रचयिता कौन हैं?
घनानंद
सूदन
मथुरा के सूदन ने महाराज सूरजमल (सुजान सिंह) के पराक्रम का वर्णन ‘सुजान चरित’ में किया है।
जोधराज
मान कवि
28. ‘ब्रजविलास’ के रचयिता कौन हैं?
ब्रजवासी दास
ब्रजवासी दास ने तुलसी के ‘रामचरितमानस’ के अनुकरण पर ‘ब्रजविलास’ (संवत् 1827) लिखा।
सूरदास
नागरीदास
रसखान
29. ‘विशाल महाभारत’ (काशीराज की आज्ञा से) का अनुवाद किन तीन कवियों ने मिलकर किया?
गोकुलनाथ, गोपीनाथ और मणिदेव
गोकुलनाथ, गोपीनाथ और मणिदेव, इन तीनों ने मिलकर लगभग दो हजार पृष्ठों में महाभारत का अनुवाद किया।
देव, बिहारी और मतिराम
लल्लूलाल, सदल मिश्र और इंशाउल्ला खाँ
आलम, बोधा और ठाकुर
30. बोधा का वास्तविक नाम क्या था?
बुद्धि सेन
पन्ना महाराज उन्हें प्यार से ‘बोधा’ कहते थे, उनका असली नाम बुद्धि सेन था।
बुद्धि प्रकाश
प्रबोध चंद्र
मान सिंह
31. ‘विरहवारीश’ और ‘इश्कनामा’ किसकी रचनाएँ हैं?
आलम
घनानंद
ठाकुर
बोधा
ये दोनों बोधा की प्रसिद्ध कृतियाँ हैं।
32. ‘यह प्रेम को पंथ कराल महा तरवारि की धार पै धावनो है’ पंक्ति किसकी है?
ठाकुर
बोधा
यह पंक्ति बोधा के ‘इश्कनामा’ या उनके फुटकल कवित्तों से उद्धृत है।
घनानंद
आलम
33. ‘रामाश्वमेध’ के रचयिता कौन हैं, जिनकी शैली मानस के समान है?
नाभादास
मधुसूदनदास
मधुसूदनदास कृत ‘रामाश्वमेध’ (संवत् 1839) रामचरितमानस का परिशिष्ट ग्रंथ होने के योग्य है।
तुलसीदास
केशवदास
34. ‘बिहारी सतसई’ के अनुकरण पर ‘रामसतसई’ की रचना किसने की?
मतिराम
तुलसीदास
रसनिधि
रामसहाय दास
रामसहाय दास ने बिहारी के अनुकरण पर ‘रामसतसई’ बनाई।
35. ‘अन्योक्तिकल्पद्रुम’ के रचयिता कौन हैं?
बाबा दीनदयाल गिरि
बाबा दीनदयाल गिरि अन्योक्तियों के लिए हिंदी साहित्य में प्रसिद्ध हैं।
वृंद
गिरधर
पजनेस
36. भारतेंदु हरिश्चंद्र के पिता बाबू गोपालचंद्र ‘गिरिधरदास’ ने कितने ग्रंथों की रचना की?
30
50
40
भारतेंदु जी के अनुसार उनके पिता ने 40 ग्रंथों की रचना की थी।
20
37. ‘जरासंधवध’ महाकाव्य के रचयिता कौन हैं?
भारतेंदु
रत्नाकर
हरिऔधा
गिरिधरदास
गिरिधरदास (गोपालचंद्र) ने ‘जरासंधवध’ महाकाव्य लिखा जो अपूर्ण है।
38. ब्रजभाषा के श्रृंगारी कवियों की परंपरा में शुक्ल जी ने किसे ‘अंतिम प्रसिद्ध कवि’ माना है?
रत्नाकर
द्विजदेव
शुक्ल जी ने अयोध्या नरेश महाराज मानसिंह ‘द्विजदेव’ को श्रृंगार परंपरा का अंतिम प्रसिद्ध कवि माना है।
पद्माकर
ग्वाल कवि
39. ‘श्रृंगारलतिका’ और ‘श्रृंगारबत्तीसी’ किसकी रचनाएँ हैं?
द्विजदेव
ये दोनों द्विजदेव की प्रमुख कृतियाँ हैं।
बिहारी
देव
आलम
40. जोधराज ने ‘हम्मीर रासो’ में किस वीर राजपूत शासक का वर्णन किया है?
महाराणा प्रताप
राजा मानसिंह
हम्मीरदेव
जोधराज के काव्य के नायक रणथंभौर के महाराज हम्मीरदेव हैं।
पृथ्वीराज चौहान

उपर्युक्त प्रश्न आचार्य शुक्ल के इतिहास में दिए गए कवियों के परिचय और उनकी विशिष्ट कृतियों पर आधारित हैं, जो परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। इस क्विज़ के माध्यम से आपने रीतिकाल के अन्य कवि से जुड़े कुल 40 महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास किया। उम्मीद है ये अतिरिक्त प्रश्न आपकी तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे।

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