आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी
इस ब्लॉग में हम आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ से रीतिकाल के ग्रंथकार कवियों पर आधारित 46 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) प्रस्तुत कर रहे हैं, जो PGT, TGT, DSSSB, LT Grade और Assistant Professor जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। यहाँ दिए गए प्रश्न न केवल परीक्षा दृष्टि से उपयोगी हैं, बल्कि हिंदी साहित्य की गहराई को समझने में भी मदद करेंगे।
आइए, रीतिकाल की साहित्यिक यात्रा को Quiz के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से जानें-
1. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने ‘उत्तर मध्यकाल’ का समय क्या माना है?
संवत् 1375-1700
संवत् 1050-1375
संवत् 1900-अब तक
संवत् 1700-1900
शुक्ल जी ने उत्तर मध्यकाल, जिसे रीतिकाल भी कहा जाता है, की अवधि संवत् 1700 से 1900 तक निर्धारित की है।
2. चिंतामणि त्रिपाठी का जन्म स्थान कहाँ था?
तिकवाँपुर
चिंतामणि त्रिपाठी कानपुर जिले के तिकवाँपुर के रहने वाले थे और रत्नाकर त्रिपाठी के पुत्र थे।
ग्वालियर
असनी
इटावा
3. ‘कविकुलकल्पतरु’ नामक ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
देव
चिंतामणि
चिंतामणि ने संवत् 1707 में ‘कविकुलकल्पतरु’ की रचना की, जो काव्य के सब अंगों पर लिखा गया ग्रंथ है।
भूषण
मतिराम
4. महाराज जसवंत सिंह का प्रसिद्ध अलंकार ग्रंथ कौन-सा है?
पद्माभरण
अलंकारमाला
भाषाभूषण
‘भाषाभूषण’ अलंकारों पर एक प्रचलित पाठ्यग्रंथ है, जिसे जसवंत सिंह ने आचार्य की हैसियत से लिखा था।
शिवराजभूषण
5. ‘भाषाभूषण’ किस संस्कृत ग्रंथ की छाया पर आधारित है?
काव्यप्रकाश
साहित्यदर्पण
कुवलयानंद
चंद्रालोक
जसवंत सिंह ने ‘भाषाभूषण’ बिल्कुल ‘चंद्रालोक’ की संक्षिप्त प्रणाली और छाया पर बनाया है।
6. बिहारी लाल का जन्म कहाँ हुआ था?
जयपुर
बुंदेलखंड
ग्वालियर
बिहारी का जन्म ग्वालियर के पास बसुवा गोविंदपुर गाँव में संवत् 1660 के लगभग माना जाता है।
मथुरा
7. बिहारी किस राजा के दरबारी कवि थे?
मिर्जा राजा जयसिंह
बिहारी जयपुर के मिर्जा राजा जयशाह (जयसिंह) के दरबार में रहते थे।
औरंगजेब
महाराज छत्रसाल
महाराज बदनसिंह
8. ‘बिहारी सतसई’ का सबसे उत्तम और प्रामाणिक संस्करण किसने संपादित किया?
सूर्यमल मिश्रण
बाबू जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’
शुक्ल जी के अनुसार, जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’ द्वारा संपादित संस्करण सबसे प्रामाणिक और मार्मिक टीका वाला है।
लल्लू लाल
अंबिकादत्त व्यास
9. “यदि प्रबंधकाव्य एक विस्तृत वनस्थली है, तो मुक्तक एक चुना हुआ गुलदस्ता है।” – यह कथन किसके लिए है?
देव
मतिराम
पद्माकर
बिहारी
शुक्ल जी ने बिहारी की मुक्तक क्षमता की प्रशंसा में यह प्रसिद्ध तुलना की है।
10. मतिराम ने ‘ललितललाम’ ग्रंथ की रचना किसके आश्रय में की?
औरंगजेब
महाराज भावसिंह
मतिराम ने बूँदी के महाराव भावसिंह के आश्रय में ‘ललितललाम’ नामक अलंकार ग्रंथ बनाया।
महाराज छत्रसाल
राजा रामसिंह
11. रीतिकाल में वीर रस के प्रतिनिधि कवि कौन माने जाते हैं?
सूदन
भूषण
भूषण ने शिवाजी और छत्रसाल की वीरता का वर्णन कर वीर रस में ख्याति प्राप्त की और वे हिंदू जाति के प्रतिनिधि कवि माने गए।
मतिराम
चिंतामणि
12. भूषण को ‘कविभूषण’ की उपाधि किसने दी थी?
शाहजहाँ
सोलंकी राजा रुद्र
चित्रकूट के सोलंकी राजा रुद्र ने इन्हें ‘कविभूषण’ की उपाधि दी थी, जिसके बाद वे इसी नाम से प्रसिद्ध हुए।
शिवाजी
महाराज छत्रसाल
13. ‘शिवराजभूषण’ किस प्रकार का ग्रंथ है?
छंद शास्त्र
नीति ग्रंथ
अलंकार ग्रंथ
रीतिकाल के कवि होने के नाते भूषण ने अपना प्रधान ग्रंथ ‘शिवराजभूषण’ अलंकार निरूपण की दृष्टि से लिखा।
रस निरूपण
14. कुलपति मिश्र किस प्रसिद्ध कवि के भांजे थे?
देव
पद्माकर
बिहारी
कुलपति मिश्र आगरा के रहने वाले माथुर चौबे थे और महाकवि बिहारी के भानजे प्रसिद्ध हैं।
मतिराम
15. सुखदेव मिश्र को ‘कविराज’ की उपाधि किसने दी थी?
फाजिलअली शाह
औरंगजेब
राजा राजसिंह गौड़
राजा राजसिंह गौड़ ने सुखदेव मिश्र की विद्वत्ता और प्रौढ़ता देख उन्हें ‘कविराज’ की उपाधि दी थी।
भगवंतराय खीची
16. ‘कालिदास हजारा’ के संकलनकर्ता कौन हैं?
कालिदास त्रिवेदी
कालिदास त्रिवेदी का ‘कालिदास हजारा’ बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें 212 कवियों के 1000 पद संकलित हैं।
कालिदास संस्कृत वाले
देव
भिखारी दास
17. देव का जन्म स्थान कहाँ है?
इटावा
देव इटावा के रहने वाले सनाढ्य ब्राह्मण थे और उनका पूरा नाम देवदत्त था।
आगरा
कानपुर
मैनपुरी
18. देव ने ‘भवानीविलास’ ग्रंथ किसके नाम पर लिखा?
भवानीदत्त वैश्य
देव ने भवानीदत्त वैश्य के नाम पर ‘भवानीविलास’ की रचना की थी।
आजमशाह
कुशलसिंह
राजा मोतीलाल
19. ‘अभिधा उत्तम काव्य है, मध्य लक्षणा लीन।’ यह प्रसिद्ध पंक्ति किस कवि की है?
बिहारी
भिखारी दास
पद्माकर
देव
देव ने शब्दशक्तियों पर विचार करते हुए अभिधा को उत्तम और व्यंजना को अधम कहा है।
20. ‘काव्यनिर्णय’ और ‘शृंगारनिर्णय’ ग्रंथों के रचयिता कौन हैं?
देव
श्रीपति
मतिराम
भिखारी दास
भिखारी दास ने काव्यांग निरूपण के अंतर्गत ‘काव्यनिर्णय’ (संवत् 1803) और ‘शृंगारनिर्णय’ जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे।
21. भिखारी दास के आश्रयदाता कौन थे?
महाराज जयसिंह
महाराज प्रतापसिंह
शिवाजी
बाबू हिंदूपतिसिंह
भिखारी दास ने प्रतापगढ़ के सोमवंशी राजा पृथ्वीसिंह के भाई बाबू हिंदूपतिसिंह के आश्रय में ग्रंथ लिखे।
22. ‘सुधानिधि’ नामक रस ग्रंथ के रचनाकार कौन हैं?
गंजन
तोषनिधि
तोषनिधि ने संवत् 1791 में रसभेद और भावभेद पर ‘सुधानिधि’ नामक बड़ा ग्रंथ बनाया।
सोमनाथ
रसिक सुमति
23. ‘अलंकाररत्नाकर’ (संवत् 1792) के लेखक कौन हैं?
सूरति मिश्र
सोमनाथ
दलपति राय और बंशीधर
इन दोनों (दलपति राय और बंशीधर) कवियों ने उदयपुर के महाराणा जगतसिंह के नाम पर इस ग्रंथ की रचना की।
मतिराम और भूषण
24. सोमनाथ का प्रसिद्ध रीति ग्रंथ कौन-सा है?
रसपीयूषनिधि
सोमनाथ ने संवत् 1794 में ‘रसपीयूषनिधि’ नामक विस्तृत रीति ग्रंथ बनाया जिसमें काव्यांगों का सर्वांगीण निरूपण है।
काव्यप्रकाश
सुजानविनोद
रसरत्नमाला
25. ‘अंगदर्पण’ के रचयिता कौन हैं?
बिहारी
श्रीपति
आलम
रसलीन
बिलग्राम के सैयद गुलाम नबी ‘रसलीन’ ने संवत् 1794 में ‘अंगदर्पण’ की रचना की, जो सूक्तियों के लिए प्रसिद्ध है।
यह प्रसिद्ध दोहा रसलीन के ‘अंगदर्पण’ का है, जिसे अक्सर लोग बिहारी का समझ लेते हैं।
बिहारी
मतिराम
27. ‘कविकुलकंठाभरण’ अलंकार ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
श्रीधर
राम
दूलह
कवि दूलह का ‘कविकुलकंठाभरण’ अलंकारों का एक प्रसिद्ध और छोटा ग्रंथ (85 पद्य) है।
देव
28. ‘खटमल बाईसी’ नामक हास्य रस की पुस्तक किसने लिखी?
अली मुहिब खाँ
अली मुहिब खाँ (प्रीतम) जी ने संवत् 1787 में हास्य रस को केंद्र में रखकर ‘खटमल बाईसी’ लिखी।
बेनी बंदीजन
ग्वाल कवि
देवकीनंदन
29. पद्माकर का जन्म कहाँ हुआ था?
सागर
जयपुर
ग्वालियर
बाँदा
पद्माकर का जन्म संवत् 1810 में बाँदा में हुआ था, इनके पिता का नाम मोहनलाल भट्ट था।
30. ‘जगद्विनोद’ ग्रंथ की रचना पद्माकर ने किसके नाम पर की?
हिम्मतबहादुर
महाराज रघुनाथ राव
दौलत राव सेंधिया
महाराज जगतसिंह
पद्माकर ने जयपुर नरेश महाराज जगतसिंह के नाम पर श्रृंगार रस का प्रसिद्ध ग्रंथ ‘जगद्विनोद’ बनाया।
31. पद्माकर ने वीर रस की कौन-सी फड़कती हुई पुस्तक लिखी?
हिम्मतबहादुर विरुदावली
गोसाईं अनूपगिरि ‘हिम्मतबहादुर’ के शौर्य के वर्णन में उन्होंने यह वीर रस की पुस्तक लिखी।
प्रबोधपचासा
गंगालहरी
रामरसायन
32. ‘व्यंग्यार्थकौमुदी’ के रचनाकार कौन हैं?
प्रतापसाहि
प्रतापसाहि ने संवत् 1882 में व्यंजना शक्ति के उदाहरणों पर आधारित ‘व्यंग्यार्थकौमुदी’ की रचना की।
पद्माकर
ग्वाल कवि
बेनी प्रवीन
33. रीतिकाल का वह कवि कौन है जिसने ‘यमुना लहरी’ में नवरस और षट् ऋतु का वर्णन किया?
मतिराम
देव
ग्वाल कवि
ग्वाल कवि ने अपनी देवस्तुति ‘यमुना लहरी’ में भी रीतिकालीन प्रवृत्तियों (नवरस, षट् ऋतु) का निर्वाह किया।
पद्माकर
34. ‘नवरसतरंग’ नामक मनोहर ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
बेनी बंदीजन
सोमनाथ
बेनी प्रवीन
लखनऊ के बेनी प्रवीन ने संवत् 1874 में ‘नवरसतरंग’ की रचना की, जो नायिकाभेद और रस का सुंदर ग्रंथ है।
भिखारी दास
35. ‘बरवै नायिका भेद’ ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
बिहारी
यशोदानंदन
यशोदानंदन का ‘बरवै नायिका भेद’ शुक्ल जी के अनुसार रहीम के ग्रंथ की टक्कर का है।
रहीम
मतिराम
36. “यदि प्रबंधकाव्य एक विस्तृत वनस्थली है, तो मुक्तक एक चुना हुआ गुलदस्ता है।” – यह कथन किस कवि के संदर्भ में है?
पद्माकर
बिहारी
शुक्ल जी ने बिहारी की मुक्तक रचना क्षमता की तुलना करते हुए यह प्रसिद्ध कथन कहा है।
मतिराम
देव
37. शुक्ल जी के अनुसार ‘रीतिकाल की कविता पद्माकर और _____ की वाणी द्वारा अपने पूर्ण उत्कर्ष को पहुँची’?
देव
भिखारी दास
बिहारी
प्रतापसाहि
शुक्ल जी का मानना है कि पद्माकर और प्रतापसाहि की रचनाओं के साथ रीतिकाल अपनी पराकाष्ठा पर पहुँच गया।
38. ‘रसिक गोविंदानंदघन’ नामक विशाल रीति ग्रंथ के लेखक कौन हैं?
रसिक गोविंद
जयपुर निवासी रसिक गोविंद ने संवत् 1858 में यह बड़ा ग्रंथ लिखा जिसमें लक्षण गद्य में दिए गए हैं।
सूरति मिश्र
सोमनाथ
कुलपति मिश्र
39. ‘भँड़ौवा संग्रह’ के लिए रीतिकाल का कौन-सा कवि प्रसिद्ध है?
बेनी बंदीजन
बेनी बंदीजन अपने हास्य-व्यंग्यपूर्ण ‘भँड़ौवों’ (उपहास काव्य) के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं।
बेनी प्रवीन
ग्वाल कवि
पद्माकर
40. ‘शकुंतला नाटक’ (संवत् 1737) किसकी रचना है?
रघुनाथ
कवींद्र
नेवाज
कवि नेवाज ने अभिज्ञानशाकुंतलम के आख्यान को दोहा, चौपाई और सवैया छंदों में ‘शकुंतला नाटक’ के नाम से लिखा।
देव
41. शुक्ल जी के अनुसार, ‘चिंतामणि त्रिपाठी’ के भाइयों में इनमें से कौन शामिल नहीं था?
भूषण
मतिराम
जटाशंकर
देव
चिंतामणि त्रिपाठी के तीन भाई और थे- भूषण, मतिराम और जटाशंकर, और ये चारों ही कवि थे।
42. चिंतामणि त्रिपाठी ने ‘छंद विचार’ नामक पिंगल ग्रंथ किसके नाम पर बनाया था?
जैनदीं अहमद
मकरंदशाह
चिंतामणि बहुत दिनों तक नागपुर के सूर्यवंशी भोसला मकरंदशाह के यहाँ रहे और उन्हीं के नाम पर ‘छंद विचार’ ग्रंथ लिखा।
शाहजहाँ
रुद्रसाहि सोलंकी
43. ‘भाषाभूषण’ के रचयिता महाराज जसवंत सिंह किस राज्य के शासक थे?
बूंदी
रीवा
मारवाड़
महाराज जसवंत सिंह मारवाड़ के प्रसिद्ध प्रतापी हिंदू नरेश थे।
जयपुर
44. महाराज जसवंत सिंह द्वारा रचित ‘तत्वज्ञान’ संबंधी ग्रंथ कौन-सा है?
प्रबोधचंद्रोदय नाटक
अनुभवप्रकाश
आनंदविलास
उपर्युक्त सभी
‘भाषाभूषण’ के अतिरिक्त इन्होंने अपरोक्षसिध्दांत, अनुभवप्रकाश, आनंदविलास, सिध्दांतबोध, सिध्दांतसार और प्रबोधचंद्रोदय जैसे तत्वज्ञान संबंधी ग्रंथ लिखे।
45. ‘नहिं पराग नहिं मधुर मधु नहिं विकास यहि काल।’ – यह प्रसिद्ध दोहा बिहारी ने किस राजा के लिए लिखा था?
औरंगजेब
मिर्जा राजा जयसिंह
बिहारी ने जयपुर के मिर्जा राजा जयसिंह को राजकाज की ओर प्रेरित करने के लिए यह अन्योक्ति पूर्ण दोहा भेजा था।
महाराज छत्रसाल
महाराज गजसिंह
46. बिहारी सतसई की ‘लाल चंद्रिका’ नामक टीका किसने लिखी है?
लल्लू लाल
बिहारी सतसई पर कई टीकाएँ लिखी गईं, जिनमें लल्लू लाल की ‘लाल चंद्रिका’ अत्यंत प्रसिद्ध है।
जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’
सरदार कवि
सूरति मिश्र
ये प्रश्न आचार्य शुक्ल के इतिहास में दिए गए कवियों के परिचय और उनकी विशिष्ट कृतियों पर आधारित हैं, जो परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। इस क्विज़ के माध्यम से आपने रीतिकाल के सामान्य परिचय से जुड़े 46 महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास किया। ऐसे प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने में जरूर सहायक होंगे, ऐसी आशा है।
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gyanpeeth award भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं...