आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ ग्रंथ के ‘भक्ति काल: रामाश्रयी शाखा’ प्रकरण के आधार पर कुछ और महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) यहाँ दिए गए हैं। कुल 55 प्रश्न Quiz के रूप में दिए जा रहे हैं। यह प्रश्न-संग्रह सगुण काव्यधारा के रामभक्ति शाखा के कवियों, काव्यधाराओं, ऐतिहासिक संदर्भों और साहित्यिक विशेषताओं पर आधारित हैं। यह प्रश्नोत्तरी आपकी परीक्षाओं (PGT, TGT, DSSSB, lt grade, Assistant Professor आदि) के लिए जरूर उपयोगी सिद्ध होंगे:
1. स्वामी रामानुजाचार्य ने किस मत या दर्शन का प्रतिपादन किया था?
विशिष्टाद्वैतवाद
उत्तर: स्वामी रामानुजाचार्य (संवत् 1073) ने ‘विशिष्टाद्वैतवाद’ खड़ा किया, जिसके अनुसार जगत के सारे प्राणी ब्रह्म के ही अंश हैं।
अद्वैतवाद
द्वैतवाद
शुद्धाद्वैतवाद
2. रामानुज जी के ‘श्री संप्रदाय’ में किसकी उपासना होती है?
शिव
शक्ति
विष्णु या नारायण
उत्तर: रामानुज जी के श्री संप्रदाय में विष्णु या नारायण की उपासना का विधान है।
निराकार ब्रह्म
3. स्वामी रामानंद को दीक्षा किसने प्रदान की थी?
रामानुजाचार्य
शठकोपाचार्य
अनंतानंद
राघवानंद
उत्तर: वैष्णव श्री संप्रदाय के प्रधान आचार्य श्री राघवानंद जी ने रामानंद जी को दीक्षा प्रदान की थी।
4. आचार्य शुक्ल के अनुसार, रामानंद का समय किस दिल्ली सुल्तान के शासनकाल में ठहरता है?
अलाउद्दीन खिलजी
सिकंदर लोदी
उत्तर: वैरागियों की परंपरा में रामानंद का संवाद शेख तकी से माना जाता है, जो सिकंदर लोदी (संवत् 1546-1574) के पीर थे।
बहलोल लोदी
इब्राहिम लोदी
5. रामानंद ने ‘विष्णु’ के किस रूप को लोक के लिए अधिक कल्याणकारी समझकर अपनी उपासना का आधार बनाया?
नारायण रूप
राम रूप
उत्तर: रामानंद ने बैकुंठ निवासी विष्णु के स्थान पर लोक में लीला विस्तार करने वाले अवतार ‘राम’ का आश्रय लिया।
कृष्ण रूप
वामन रूप
6. रामानंद के शिष्यों में ‘बाँधवगढ़ नरेश के नाई’ के रूप में कौन प्रसिद्ध हैं?
पीपा
सेन भगत
उत्तर: सेन भगत बाँधवगढ़ नरेश (राजा रामचंद्र) के नाई थे और रामानंद के प्रसिद्ध शिष्यों में से एक थे।
कबीर
रैदास
7. रामानंद जी द्वारा रचित प्रामाणिक संस्कृत ग्रंथ कौन-सा है?
आनंद भाष्य
योगचिंतामणि
रामरक्षा स्त्रोत
वैष्णवमताब्जभास्कर
उत्तर: रामानंद के केवल दो संस्कृत ग्रंथ प्रामाणिक मिलते हैं- ‘वैष्णवमताब्जभास्कर’ और ‘श्री रामार्चनपद्धति’।
8. ‘भक्तमाल’ के अनुसार रामानंद के कितने शिष्य कहे गए हैं?
14
12
उत्तर: ‘भक्तमाल’ में रामानंद के बारह शिष्यों का उल्लेख है, जिनमें अनंतानंद, कबीर, रैदास आदि प्रमुख हैं।
10
11
9. रामानंद संप्रदाय की सबसे प्रधान गद्दी ‘गलता’ (अजमेर) में किसने स्थापित की?
कृष्णदास पयहारी
उत्तर: अनंतानंद के शिष्य कृष्णदास पयहारी ने गलता में रामानंद संप्रदाय की गद्दी स्थापित की।
अनंतानंद
अग्रदास
कील्हदास
10. ‘उत्तर तोताद्रि’ के नाम से कौन-सा स्थान प्रसिद्ध है?
चित्रकूट
काशी
गलता
उत्तर: जो महत्त्व दक्षिण में ‘तोताद्रि’ का था, वही महत्त्व उत्तर भारत में ‘गलता’ को प्राप्त हुआ, इसलिए इसे ‘उत्तर तोताद्रि’ कहा गया।
अयोध्या
11. रामानंद संप्रदाय की वह शाखा जो योगसाधना का समावेश करती है, किस नाम से जानी जाती है?
तपसी शाखा
उत्तर: कील्हदास जी की प्रवृत्ति योगाभ्यास की ओर होने से रामानंद संप्रदाय में ‘तपसी शाखा’ का जन्म हुआ।
सखी शाखा
तत्सुखी शाखा
रसिक शाखा
12. ‘आरति कीजै हनुमान लला की’ – प्रसिद्ध आरती के रचयिता कौन हैं?
नाभादास
रामचरणदास
रामानंद
उत्तर: हनुमान जी की यह प्रसिद्ध स्तुति या आरती स्वामी रामानंद द्वारा रचित मानी जाती है।
तुलसीदास
13. आचार्य शुक्ल ने ‘सत्यं, शिवं, सुंदरम्’ पदावली को किसका अनुवाद माना है?
संस्कृत उपनिषद का
बंगाली काव्य का
अरबी सूफी साहित्य का
‘द ट्रू, द गुड एंड द ब्यूटीफुल’ का
उत्तर: शुक्ल जी के अनुसार यह अंग्रेजी समीक्षा क्षेत्र की पदावली का अनुवाद है, जो आधुनिक समीक्षाओं में प्रचलित हुआ।
14. बाबा बेनीमाधवदास के अनुसार तुलसीदास का जन्म संवत् क्या है?
1583
1589
1600
1554
उत्तर: बेनीमाधवदास की पुस्तक ‘गोसाईंचरित’ में तुलसीदास का जन्म संवत् 1554 दिया गया है।
15. पंडित रामगुलाम द्विवेदी और डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार तुलसीदास का जन्म संवत् क्या है?
1554
1589
उत्तर: पंडित रामगुलाम द्विवेदी और डॉ. ग्रियर्सन ने जनश्रुति के आधार पर संवत् 1589 को जन्म वर्ष स्वीकार किया है।
1583
1631
16. तुलसीदास जी के पिता और माता का नाम क्या माना जाता है?
परशुराम और सुलोचना
शेषसनातन और हुलसी
आत्माराम और हुलसी
उत्तर: प्रसिद्ध दोहे ‘गोद लिये हुलसी फिरैं’ के आधार पर पिता का नाम आत्माराम दूबे और माता का नाम हुलसी माना जाता है।
मुरारि मिश्र और रत्नावली
17. तुलसीदास को ‘वेद-वेदांग, दर्शन, इतिहास, पुराण’ में काशी में किसने प्रवीण किया था?
शेषसनातन
उत्तर: काशी के पंचगंगा घाट पर रहने वाले महात्मा शेषसनातन जी ने तुलसी को शास्त्रों में प्रवीण किया था।
नरहरिदास
रामानंद
मधुसूदन सरस्वती
18. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ का निर्माण किस संवत् में प्रारंभ किया था?
1589
1631
उत्तर: तुलसीदास ने संवत् 1631 में अयोध्या में रामचरितमानस की रचना आरंभ की थी।
1680
1600
19. ‘रामचरितमानस’ को पूर्ण करने में तुलसीदास को कितना समय लगा?
1 वर्ष
3 वर्ष 2 महीने
5 वर्ष
2 वर्ष 7 महीने
उत्तर: रामचरितमानस को समाप्त करने में 2 वर्ष 7 महीने का समय लगा था।
20. ‘कवितामंजरी यस्य रामभ्रमर भूषिता’ – तुलसीदास के लिए यह श्लोक किसने कहा था?
मधुसूदन सरस्वती
उत्तर: प्रसिद्ध विद्वान मधुसूदन सरस्वती ने तुलसीदास की स्तुति में यह श्लोक कहा था।
रहीम
टोडर
नाभादास
21. आचार्य शुक्ल के अनुसार ‘सूकर खेत’ का वास्तविक स्थान कहाँ है?
चित्रकूट
गोंडा जिले में सरजू किनारे
उत्तर: शुक्ल जी के अनुसार ‘सूकर क्षेत्र’ गोंडा जिले में सरजू किनारे का तीर्थ है, जिसे भ्रमवश सोरों समझ लिया गया।
एटा जिले का सोरों
अयोध्या का घाट
22. ‘रामचरितमानस’ में प्रयाग से चित्रकूट जाते समय ‘तापस’ रूप में कवि ने किसे चित्रित किया है?
लक्ष्मण को
हनुमान को
स्वयं अपने को
उत्तर: शुक्ल जी का मानना है कि कवि (तुलसी) ने स्वयं को ही तापस रूप में राम के पास पहुँचाया है।
भरत को
23. ‘ब्रजभाषा हेतु ब्रजवास ही न अनुमानौ’ – यह व्यवस्था किस कवि ने दी है?
तुलसीदास
भिखारीदास
उत्तर: ब्रजभाषा की व्यापकता को देखते हुए दास जी (भिखारीदास) ने यह बात कही थी।
सूरदास
मतिराम
24. तुलसीदास ने ‘ठेठ अवधी’ में कौन-से ग्रंथ लिखे हैं?
विनयपत्रिका और कवितावली
गीतावली और कृष्णगीतावली
वैराग्यसंदीपनी
जानकीमंगल और पार्वतीमंगल
उत्तर: जानकीमंगल, पार्वतीमंगल, बरवै रामायण और रामललानहछू में ठेठ अवधी की मिठास मिलती है।
25. ‘गोरख जगायो जोग, भगति भगायो लोग’ – तुलसी की यह पंक्ति किस ग्रंथ से है?
रामचरितमानस
दोहावली
विनयपत्रिका
कवितावली
उत्तर: यह पंक्ति नाथपंथ के हठयोग के कारण लुप्त होती भक्ति भावना को दर्शाने के लिए कही गई है।
26. तुलसीदास ने ‘रामचरितमानस’ में जगत को किस रूप में देखा है?
विष्णुमय
मायामय
सियाराममय
उत्तर: तुलसी ने लिखा है- ‘सियाराममय सब जग जानी। करौं प्रनाम जोरि जुग पानी’।
ब्रह्ममय
27. पंडित रामगुलाम द्विवेदी ने तुलसीदास के कितने ग्रंथों को प्रामाणिक माना है?
12
उत्तर: रामगुलाम द्विवेदी ने 5 बड़े और 7 छोटे—कुल 12 ग्रंथों को प्रामाणिक माना है।
10
22
5
28. ‘हनुमानबाहुक’ की रचना तुलसीदास ने किस कारण की थी?
रामचरितमानस की पूर्णता पर
बाहुओं की असह्य पीड़ा से मुक्ति हेतु
उत्तर: यह ग्रंथ बाहुओं में पीड़ा होने के समय रचा गया था।
राजा की प्रशंसा में
हनुमान जयंती पर
29. ‘भक्तमाल’ के रचयिता कौन हैं?
अग्रदास
प्रियादास
तुलसीदास
नाभादास
उत्तर: नाभादास जी ने संवत् 1642 के आसपास ‘भक्तमाल’ की रचना की थी।
30. ‘रामायण महानाटक’ (संवत् 1667) के रचयिता कौन हैं?
हृदयराम
रायमल्ल पांडे
नाभादास
प्राणचंद चौहान
उत्तर: प्राणचंद चौहान ने संवत् 1667 में संवाद शैली में ‘रामायण महानाटक’ लिखा था।
31. संस्कृत के ‘हनुमन्नाटक’ के आधार पर सुंदर भाषा में ‘हनुमन्नाटक’ किसने लिखा?
तुलसीदास
हृदयराम
उत्तर: पंजाब के रहने वाले हृदयराम ने संवत् 1680 में ‘हनुमन्नाटक’ लिखा था।
प्राणचंद चौहान
रायमल्ल पांडे
32. रामभक्ति शाखा में ‘स्वसुखी शाखा’ के प्रवर्तक कौन थे?
जीवाराम
युगलानन्यशरण
कृपानिवास
रामचरणदास
उत्तर: जानकीघाट के रामचरणदास ने पति-पत्नी भाव की उपासना वाली ‘स्वसुखी शाखा’ चलाई थी।
33. ‘तत्सुखी शाखा’ के प्रवर्तक कौन थे जिन्होंने ‘सखीभाव’ को प्रधानता दी?
रामचरणदास
अग्रदास
नाभादास
जीवाराम
उत्तर: चिरान छपरा के जीवाराम जी ने ‘सखीभाव’ अपनाकर ‘तत्सुखी शाखा’ की स्थापना की।
34. ‘सिया’ (सीता) को प्रकृति और ‘राम’ को ब्रह्म मानकर तुलसी ने किसका आभास दिया है?
द्वैतवाद
शून्यवृत्त
विशिष्टाद्वैतवाद
उत्तर: सीता अचित् (प्रकृति) और राम चित् (ब्रह्म) हैं, जो विशिष्टाद्वैत के चिदचिद्विशिष्ट सत्ता की ओर संकेत करते हैं।
अद्वैतवाद
35. आचार्य शुक्ल के अनुसार भारतीय जनता का प्रतिनिधि कवि किसे कहा जा सकता है?
तुलसीदास
उत्तर: शुक्ल जी के अनुसार तुलसी की वाणी मनुष्य के सारे भावों और व्यवहारों तक पहुँचती है, इसलिए वे (गोस्वामी तुलसीदास) प्रतिनिधि कवि हैं।
कबीरदास
सूरदास
जायसी
36. ‘श्री रामार्चन पद्धति’ के अनुसार रामानुजाचार्य और स्वामी रामानंद के बीच कितनी पीढ़ियों का अंतर बताया गया है?
10 पीढ़ियाँ
14 पीढ़ियाँ
उत्तर: ‘श्री रामार्चन पद्धति’ में दी गई गुरु-परंपरा के अनुसार रामानुजाचार्य जी, रामानंद जी से 14 पीढ़ी ऊपर थे।
12 पीढ़ियाँ
16 पीढ़ियाँ
37. स्वामी रामानंद के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
वे वर्णाश्रम धर्म के पूर्ण विरोधी थे।
उन्होंने केवल द्विजातियों को रामभक्ति का उपदेश दिया।
वे योगमार्ग के प्रबल समर्थक थे।
कर्म के क्षेत्र में वे शास्त्र मर्यादा मानते थे, पर उपासना में सबका समान अधिकार।
उत्तर: शुक्ल जी के अनुसार, रामानंद जी समाज के लिए वर्ण और आश्रम की व्यवस्था मानते थे, लेकिन उपासना के क्षेत्र में उन्होंने किसी प्रकार का लौकिक प्रतिबंध नहीं माना और सबका समान अधिकार स्वीकार किया।
38. महात्मा रघुवरदास रचित ‘तुलसीचरित’ के अनुसार तुलसीदास का बचपन का नाम क्या था?
रामबोला
श्यामसुंदर
तुलाराम
उत्तर: रघुवरदास के ‘तुलसीचरित’ में लिखा है कि मुरारि मिश्र के पुत्र का नाम ‘तुलाराम’ था, जो आगे चलकर गोस्वामी तुलसीदास हुए।
आत्माराम
39. ‘भक्तमाल’ (नाभादास) पर प्रसिद्ध टीका (संवत् 1769) किसने लिखी थी?
नाभादास स्वयं
प्रियादास
उत्तर: नाभादास के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘भक्तमाल’ की टीका संवत् 1769 में प्रियादास जी ने लिखी थी।
अग्रदास
कील्हदास
40. आचार्य शुक्ल के अनुसार, तुलसीदास ने ‘ब्रजभाषा’ में कौन-सा प्रमुख ग्रंथ लिखा है?
जानकीमंगल
पार्वतीमंगल
गीतावली
उत्तर: तुलसीदास का ब्रजभाषा पर समान अधिकार था। उन्होंने ‘गीतावली’, ‘कृष्णगीतावली’ और ‘विनयपत्रिका’ जैसे ग्रंथ ब्रजभाषा में रचे हैं।
रामचरितमानस
41. ‘बरवै रामायण’ की रचना तुलसीदास ने किसके आग्रह या प्रेरणा पर की थी?
महाराज मानसिंह
नाभादास
टोडरमल
अब्दुल रहीम खानखाना
उत्तर: जनश्रुति के अनुसार, तुलसीदास ने अपने मित्र रहीम के ‘बरवै नायिकाभेद’ को देखकर उनके कहने पर ‘बरवै रामायण’ की रचना की थी।
42. तुलसीदास के किस ग्रंथ में ‘भ्रमरगीत’ की परंपरा का निर्वाह मिलता है?
दोहावली
विनयपत्रिका
कृष्णगीतावली
उत्तर: ‘कृष्णगीतावली’ में तुलसीदास ने कृष्ण कथा के साथ-साथ ब्रजभाषा के माधुर्य में पदों की रचना की है।
कवितावली
43. ‘तपसी शाखा’ के प्रवर्तक कील्हदास के किस शिष्य ने इस शाखा को और अधिक पल्लवित किया?
अग्रदास
नाभादास
हृदयराम
द्वारकादास
उत्तर: कील्हदास के शिष्य द्वारकादास ने ‘तपसी शाखा’ को आगे बढ़ाया, जिसके बारे में भक्तमाल में लिखा है— ‘अष्टांग जोग तन त्यागियो द्वारकादास’।
44. ‘रामाज्ञाप्रश्नावली’ की रचना तुलसीदास ने किसके अनुरोध पर की थी?
गंगाराम ज्योतिषी
उत्तर: काशी के प्रह्लाद घाट पर रहने वाले ज्योतिषी पंडित गंगाराम के अनुरोध पर ‘रामाज्ञाप्रश्नावली’ रची गई मानी जाती है।
बेनीमाधवदास
मधुसूदन सरस्वती
राजापुर के ब्राह्मण
45. ‘गिरा अरथ जल बीचि सम कहियत भिन्न न भिन्न’ इस पंक्ति के माध्यम से तुलसी ने किसका संकेत दिया है?
शुद्धाद्वैत
विशिष्टाद्वैत
उत्तर: तुलसीदास ने सीता (प्रकृति/अचित्) और राम (ब्रह्म/चित्) को जल और लहर के समान एक बताते हुए विशिष्टाद्वैत सिद्धांत का आभास दिया है।
द्वैतवाद
अद्वैतवाद
46. ‘हनुमच्चरित्र’ (संवत् 1696) के रचयिता कौन हैं?
रायमल्ल पांडे
उत्तर: रामभक्ति के अंग के रूप में हनुमान जी की उपासना बढ़ी और इसी क्रम में संवत् 1696 में रायमल्ल पांडे ने ‘हनुमच्चरित्र’ लिखा।
तुलसीदास
नाभादास
अग्रदास
47. ‘स्वसुखी शाखा’ में राम की उपासना किस भाव से की जाती थी?
पति-पत्नी भाव
उत्तर: जानकीघाट के रामचरणदास ने ‘स्वसुखी शाखा’ चलाई जिसमें पति-पत्नी (श्रृंगारी) भाव की उपासना होती थी और भक्त स्त्रीवेष धारण करते थे।
सख्य भाव
दास्य भाव
वात्सल्य भाव
48. अयोध्या के ‘लक्ष्मण किला’ से किस प्रसिद्ध भक्त कवि का संबंध है?
युगलानन्यशरण
उत्तर: ‘लक्ष्मण किला’ (अयोध्या) के युगलानन्यशरण ने ‘सखीभाव’ की उपासना का खूब प्रचार किया था।
रामचरणदास
जीवाराम
कृपानिवास
49. ‘रामायण महानाटक’ (प्राणचंद चौहान) की रचना का समय क्या है?
संवत् 1574
संवत् 1667
उत्तर: प्राणचंद चौहान ने संवत् 1667 में संवाद शैली में ‘रामायण महानाटक’ की रचना की थी।
संवत् 1631
संवत् 1680
50. शुक्ल जी ने ‘रसिक शाखा’ की आलोचना किस आधार पर की है?
अद्वैतवाद के विरोध के कारण
राम के लोकपावन चरित्र को विलासिता में लपेटने के कारण
उत्तर: शुक्ल जी इस बात से क्षुब्ध थे कि रसिक शाखा के लोग भगवान राम के दिव्य और पुनीत चरित्र को अश्लील और विलासितापूर्ण कल्पनाओं से विकृत कर रहे थे।
भाषा की क्लिष्टता के कारण
छंदों की अशुद्धि के कारण
51. ‘भक्तमाल’ में नाभादास ने तुलसीदास को किसका अवतार माना है?
शिव का
वाल्मीकि का
उत्तर: नाभादास ने अपने छप्पय में स्पष्ट कहा है— ‘कलि कुटिल जीव निस्तारहित वाल्मीकि तुलसी भयो’।
व्यास का
हनुमान का
52. ‘अष्टयाम’ (ब्रजभाषा गद्य और पद्य) के रचयिता कौन हैं?
अग्रदास
हृदयराम
नाभादास
उत्तर: नाभादास ने दो ‘अष्टयाम’ बनाए; एक ब्रजभाषा गद्य में और दूसरा रामचरितमानस की शैली पर दोहा-चौपाइयों में।
तुलसीदास
53. ‘हमरे पिय ठाढ़े सरजू तीर’ – यह पद किस शाखा की प्रवृत्ति को दर्शाता है?
निर्गुण शाखा
सगुण कृष्णभक्ति शाखा
रामभक्ति की रसिक शाखा
उत्तर: यह पद रसिक (तत्सुखी) शाखा की उस प्रवृत्ति का उदाहरण है जहाँ रामभक्ति को श्रृंगारी और लौकिक काम-क्रीड़ा के रूप में चित्रित किया गया, जिसका शुक्ल जी ने विरोध किया।
ज्ञानमार्गी शाखा
54. ‘विनयपत्रिका’ की रचना का मुख्य कारण क्या माना जाता है?
शास्त्रार्थ में विजय
सीता की वंदना
चित्रकूट की महिमा गान
कलिकाल के त्रास से मुक्ति हेतु राम के दरबार में अर्जी
उत्तर: माना जाता है कि कलिकाल द्वारा धमकाने पर तुलसीदास ने राम के दरबार में रखने के लिए यह ‘पत्रिका’ या अर्जी लिखी थी।
55. ‘साखी सबदी दोहरा कहि कहनी उपखान। भगति निरूपहिं भगत कलि निंदहिं वेद पुरान’ – तुलसी की यह पंक्ति किस पर प्रहार करती है?
सगुण भक्तों पर
संस्कृत के विद्वानों पर
राजाओं पर
निर्गुण पंथियों और लोकधर्म की उपेक्षा करने वालों पर
उत्तर: तुलसी ने निर्गुण पंथियों द्वारा लोकधर्म की अवहेलना और वेद-पुराणों की निंदा करने की प्रवृत्ति पर यह कटाक्ष किया है।
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ के मूल वक्तव्य और रामभक्ति काव्यधारा पर आधारित हैं। ये वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) आपकी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह quiz कैसी लगी, कॉमेंट कर हमें भी बताएं।







