आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित हिंदी साहित्य का इतिहास के नई धारा द्वितीय उत्थान (वर्तमान काव्यधराएं) के आधार पर आपकी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण 69 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) नीचे दिए गए हैं। ये quiz प्रश्न विशेष रूप से PGT, TGT, DSSSB, LT Grade, ugc net और Assistant Professor जैसी परीक्षाओं के स्तर के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यहाँ दिए गए प्रश्न परीक्षा दृष्टि से उपयोगी हैं।
आइए, नई धारा तृतीय उत्थान के वस्तुनिष्ठ प्रश्न को Quiz के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से जानें-
1. शुक्ल जी के अनुसार, खड़ी बोली काव्यधारा का ‘मँजना’ किस उत्थान में संभव हुआ?
द्वितीय उत्थान
भारतेंदु काल
तृतीय उत्थान
शुक्ल जी के अनुसार, खड़ी बोली वास्तव में तृतीय उत्थान के भीतर मँजी है क्योंकि यहाँ भाषा की अपनी गतिविधि का पूरा समावेश हुआ है।
प्रथम उत्थान
2. ‘ज्ञान-प्रसार के भीतर ही हृदय-प्रसार होता है और हृदय-प्रसार ही काव्य का सच्चा लक्ष्य है।’ यह कथन किसका है?
सुमित्रानंदन पंत
रामचंद्र शुक्ल
शुक्ल जी स्पष्ट करते हैं कि ज्ञान ही काव्य के संचरण के लिए रास्ता खोलता है और हृदय का प्रसार करना ही काव्य का मुख्य उद्देश्य है।
हजारी प्रसाद द्विवेदी
महादेवी वर्मा
3. ठाकुर गोपालशरण सिंह की किस रचना में नारी को ‘दुलहिन’, ‘देवदासी’, ‘भिखारिनी’ आदि रूपों में देखा गया है?
माधवी
संचिता
ज्योतिष्मती
मानवी
‘मानवी’ में कवि ने नारी को दुलहिन, देवदासी, उपेक्षिता, अभागिनी, वीरांगना आदि अनेक रूपों में चित्रित किया है।
4. ‘सिद्धार्थ’ नामक 18 सर्गों का महाकाव्य संस्कृत के वर्णवृत्तों में किसने लिखा है?
अनूप शर्मा
अनूप शर्मा ने बुद्ध भगवान का चरित्र लेकर ‘सिद्धार्थ’ नामक अठारह सर्गों का एक महाकाव्य लिखा है।
गोपालशरण सिंह
श्यामनारायण पांडेय
जयशंकर प्रसाद
5. खड़ी बोली के कवित्तों और सवैयों में सरसता और भावभंगिमा लाने के लिए शुक्ल जी ने किसका स्थान ‘निराला’ माना है?
निराला
मैथिलीशरण गुप्त
मुकुटधर पांडेय
जगदंबाप्रसाद ‘हितैषी’
शुक्ल जी के अनुसार, हितैषी जी खड़ी बोली के कवित्त-सवैयों में वही सजीवता लाए हैं जो ब्रजभाषा में पाई जाती थी।
6. ‘हल्दीघाटी’ महाकाव्य के रचयिता कौन हैं?
श्यामनारायण पांडेय
श्यामनारायण पांडेय की ओजस्विनी प्रतिभा का विकास ‘हल्दीघाटी’ नामक 17 सर्गों के महाकाव्य में दिखाई पड़ा।
अनूप शर्मा
तुलसीराम शर्मा ‘दिनेश’
ठाकुर गोपालशरण सिंह
7. पुरोहित प्रतापनारायण ने ‘नलनरेश’ महाकाव्य कितने सर्गों में लिखा है?
17
21
19
इन्होंने ‘नलनरेश’ महाकाव्य 19 सर्गों में रोला, हरिगीतिका आदि छंदों में लिखा है।
15
8. शुक्ल जी के अनुसार, छायावाद का प्रयोग कितने अर्थों में समझना चाहिए?
चार
दो
छायावाद का प्रयोग दो अर्थों में समझना चाहिए: एक रहस्यवाद के अर्थ में और दूसरा काव्यशैली या पद्धति विशेष के अर्थ में।
एक
तीन
9. ‘छाया’ (फैंटसमाटा) शब्द का संबंध यूरोप में किससे माना गया है?
प्रगतिवाद
प्रतीकवाद
रूपात्मक आभास
यूरोप में समाधिदशा में उपलब्ध आध्यात्मिक ज्ञान के रूपात्मक आभास को ‘छाया’ (Phantasmata) कहा जाता था।
यथार्थवाद
10. शुक्ल जी के अनुसार, ‘छायावाद का केवल पहला अर्थात् मूल अर्थ (रहस्यवाद) लेकर तो हिंदी काव्यक्षेत्र में चलने वाली ________ ही हैं।’ रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।
सुभद्राकुमारी चौहान
महादेवी वर्मा
शुक्ल जी के अनुसार, केवल महादेवी वर्मा ही छायावाद के मूल रहस्यवादी अर्थ को लेकर चली हैं।
मीराबाई
सहजोबाई
11. छायावाद का चलन किस काल की ‘रूखी इतिवृत्तात्मकता’ की प्रतिक्रिया के रूप में हुआ था?
द्विवेदी काल
शुक्ल जी के अनुसार, छायावाद का चलन द्विवेदी काल की रूखी इतिवृत्तात्मकता की प्रतिक्रिया के रूप में हुआ था।
भारतेंदु काल
रीतिकाल
वीरगाथा काल
12. ‘मर्मपीड़ा के हास’ में शुक्ल जी ने ‘हास’ का क्या अर्थ लक्षित किया है?
पतन
विकास
यहाँ ‘हास’ का अर्थ लक्षणलक्षणा द्वारा वृद्धि या विकास लिया गया है।
हँसना
मज़ाक
13. पंत जी के ‘पल्लव’ में किस भाषा के लाक्षणिक प्रयोगों का प्रभाव अधिक दिखाई देता है?
संस्कृत
बंगाली
अंग्रेजी
‘पल्लव’ में वैचित्र्य प्रदर्शन के लिए कहीं-कहीं अंग्रेजी के लाक्षणिक प्रयोग ज्यों के त्यों ले लिए गए हैं।
फ्रेंच
14. प्रसाद जी की किस कृति को शुक्ल जी ने ‘मानवता का रसात्मक इतिहास’ कहा है?
आँसू
लहर
झरना
कामायनी
‘कामायनी’ में मानवता का रसात्मक इतिहास प्रस्तुत किया गया है।
15. ‘झरना’ का प्रथम संस्करण किस संवत् में प्रकाशित हुआ था?
1982
1984
1975
‘झरना’ की कविताओं का संग्रह संवत् 1975 (सन् 1918) में हुआ था।
1970
16. ‘मिले अनिच्छित दुखद खेद’ – कामायनी में यह ‘अभिशाप’ किसने दिया है?
मनु
श्रद्धा
इड़ा
काम
अंतरिक्ष से ‘काम’ की अभिशापभरी वाणी मनु को सुनाई पड़ती है जब वे श्रद्धा को भूल जाते हैं।
17. कामायनी में ‘इड़ा’ किसका प्रतीक है?
बुद्धि
‘रूपक’ की भावना के अनुसार इड़ा ‘व्यवसायात्मिका बुद्धि’ है।
हृदय
श्रद्धा
वासना
18. ‘ले चल वहाँ भुलावा देकर मेरे नाविक! धीरे धीरे’ – यह प्रसिद्ध पंक्ति प्रसाद जी की किस कृति से है?
आँसू
लहर
यह पंक्ति ‘लहर’ संग्रह की एक कविता से उद्धृत है।
झरना
प्रेमपथिक
19. कामायनी में ‘त्रिपुर’ के अंतर्गत किन तीन बिंदुओं का सामंजस्य दिखाया गया है?
सत, रज, तम
हृदय, बुद्धि, आत्मा
पृथ्वी, आकाश, जल
इच्छा, ज्ञान, क्रिया
श्रद्धा मनु को इच्छा, ज्ञान और क्रिया के तीन अलग-अलग केंद्रों का रहस्य समझाती है जिनका सामंजस्य ही आनंद का मार्ग है।
20. ‘कामायनी’ का आनंदवाद किस पद्धति पर आधारित है?
वल्लभाचार्य का पुष्टि मार्ग
अद्वैत वेदांत
बौद्ध दर्शन
तांत्रिकों और योगियों की अंतर्भूमि पद्धति
यह आनंदवाद तांत्रिकों और योगियों की अंतर्भूमि पद्धति पर आधारित है।
21. सुमित्रानंदन पंत की किस रचना को शुक्ल जी ने ‘असफल प्रेम की ग्रंथि’ के रूप में देखा है?
पल्लव
गुंजन
ग्रंथि
‘ग्रंथि’ में एक छोटे से प्रेमप्रसंग का आधार लेकर प्रेम का विकास और फिर विषाद दिखाया गया है।
वीणा
22. ‘प्रथम रश्मि का आना रंगिणि! तूने कैसे पहचाना?’ – यह पंक्ति पंत की किस रचना में है?
वीणा
यह प्रसिद्ध कविता पंत जी के ‘वीणा’ संग्रह में संकलित है।
गुंजन
युगांत
पल्लव
23. शुक्ल जी के अनुसार पंत जी की कौन-सी कविता ‘स्वच्छंदता के शुद्ध स्वाभाविक मार्ग’ का परिचय देती है?
स्वप्न
छाया
परिवर्तन
शुक्ल जी के अनुसार यदि ‘छायावाद’ न चलता तो पंत जी ‘परिवर्तन’ और ‘बादल’ जैसी रचनाओं के माध्यम से स्वच्छंदता के शुद्ध मार्ग पर चलते।
मौन निमंत्रण
24. ‘युगांत’ में पंत जी की सौंदर्य भावना किस रूप में परिणत हुई है?
वैराग्य
श्रृंगार
मंगलभावना
युगांत में कवि की सौंदर्य भावना व्यापक होकर मंगलभावना के रूप में परिणत हुई है।
रहस्यभावना
25. पंत जी ने ‘अनिल कुसुम’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया है?
तितली
हवा में उड़ती रंग-बिरंगी तितलियों के लिए ‘अनिल कुसुम’ शब्द का प्रयोग किया गया है।
ओस की बूंद
बादल
तारा
26. शुक्ल जी ने ‘रबर छंद’ या ‘केंचुआ छंद’ का उल्लेख किसके संदर्भ में किया है?
पंत
निराला
निराला जी के बेमेल और स्वच्छंद चरणों को देखकर लोगों ने उन्हें ‘रबर छंद’ या ‘केंचुआ छंद’ कहा था।
प्रसाद
महादेवी
27. ‘गीतिका’ में निराला जी का ध्यान किस तत्व पर अधिक रहा है?
अर्थ समन्वय
संगीत तत्व
‘गीतिका’ के गीतों में कवि का ध्यान संगीत की ओर अधिक है और अर्थ-समन्वय की ओर कम।
समाज सुधार
वीर रस
28. ‘वह तोड़ती पत्थर’ – निराला की यह कविता किस स्थान से संबंधित है?
इलाहाबाद के पथ पर
‘देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर’।
दिल्ली के पथ पर
लखनऊ के पथ पर
बनारस के पथ पर
29. निराला की ‘तुलसीदास’ रचना का मुख्य विषय क्या है?
तुलसीदास का जीवन परिचय
रामचरितमानस की टीका
अकबर और तुलसी का संवाद
तुलसीदास का मानस विकास
इस ग्रंथ में गोस्वामी जी के मानस विकास का दिव्य और रंगीन चित्र खींचा गया है।
30. ‘मिलन का मत नाम ले मैं विरह में चिर हूँ’ – यह किसकी पंक्ति है?
मीराबाई
सुभद्राकुमारी चौहान
सहजोबाई
महादेवी वर्मा
महादेवी जी ने वेदना से अपना स्वाभाविक प्रेम व्यक्त किया है और वे विरह में ही रहना चाहती हैं।
31. महादेवी वर्मा के सभी कविता संग्रहों का एक बड़ा संकलन किस नाम से प्रकाशित हुआ है?
नीरजा
सांध्यगीत
रश्मि
यामा
इन सभी संग्रहों का एक साथ बड़ा संग्रह ‘यामा’ के नाम से निकला है।
32. ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से कौन प्रसिद्ध है?
रामधारी सिंह ‘दिनकर’
माखनलाल चतुर्वेदी
शुक्ल जी ने ‘स्वच्छंद धारा’ के कवियों में इनका उल्लेख इसी उपनाम से किया है।
सियारामशरण गुप्त
बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
33. ‘त्रिधारा’ संग्रह में किन तीन कवियों की रचनाएँ हैं?
दिनकर, बच्चन, अंचल
सियारामशरण, नवीन, दिनकर
माखनलाल चतुर्वेदी, केशव प्रसाद पाठक, सुभद्राकुमारी चौहान
‘त्रिधारा’ नाम के संग्रह में इन तीनों की चुनी हुई कविताएँ हैं।
प्रसाद, पंत, निराला
34. ‘नूरजहाँ’ प्रबंधकाव्य के रचयिता कौन हैं?
उदयशंकर भट्ट
भगवतीचरण वर्मा
ठाकुर गुरुभक्त सिंह
ठाकुर गुरुभक्त सिंह की सबसे प्रसिद्ध और श्रेष्ठ कृति ‘नूरजहाँ’ प्रबंधकाव्य है।
रामकुमार वर्मा
35. ‘मधुशाला’ और ‘निशानिमंत्रण’ किसकी रचनाएँ हैं?
नरेंद्र शर्मा
भगवतीचरण वर्मा
हरिवंशराय ‘बच्चन’
बच्चन जी की स्वतंत्र रचनाओं के ये प्रसिद्ध संग्रह हैं।
रामेश्वर शुक्ल ‘अंचल’
36. ‘रेणुका’ और ‘हुंकार’ किसकी कृतियाँ हैं?
बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
रामधारी सिंह ‘दिनकर’
दिनकर जी के गीतों और कविताओं के ये शुरुआती संग्रह हैं।
माखनलाल चतुर्वेदी
सुभद्राकुमारी चौहान
37. शुक्ल जी के अनुसार, ‘छायावाद’ शब्द का व्यापक अर्थ (प्रतीक शैली) किस देश के ‘प्रतीकवाद’ से प्रभावित था?
फ्रांस
सन् 1885 में फ्रांस में रहस्यवादी कवियों का एक दल ‘प्रतीकवाद’ कहलाया, जिससे छायावाद की शैली प्रभावित है।
जर्मनी
इंग्लैंड
रूस
38. ‘कामायनी’ में मनु ने किन दो पत्नियों को (क्रमशः) स्वीकार किया?
श्रद्धा और इड़ा
मनु ने पहले श्रद्धा को, फिर इड़ा को पत्नी के रूप में ग्रहण किया।
इड़ा और श्रद्धा
देवयानी और शर्मिष्ठा
लक्ष्मी और सरस्वती
39. ‘दुख की पिछली रजनी बीच, विकसता सुख का नवल प्रभात’ – यह भाव कामायनी के किस दर्शन को दर्शाता है?
आनंदवाद
सुख-दुख के द्वंद्व के पार आनंद की प्राप्ति कामायनी का मुख्य संदेश है।
निराशावाद
नियतिवाद
शून्यवाद
40. ‘चित्राधार’ प्रसाद जी की किस भाषा की रचनाओं का संग्रह है?
मैथिली
ब्रजभाषा
प्रसाद जी पहले ब्रजभाषा की कविताएँ लिखा करते थे जिनका संग्रह ‘चित्राधार’ में हुआ है।
खड़ी बोली
अवधी
41. शुक्ल जी के अनुसार, खड़ी बोली की काव्यधारा में ‘स्थायी प्रभाव’ की ओर लक्ष्य किस उत्थान में बना रहा?
प्रथम उत्थान
द्वितीय उत्थान
आधुनिक काल के अंत में
तृतीय उत्थान
शुक्ल जी का मानना है कि तृतीय उत्थान में भाषा का प्रवाह स्निग्ध और प्रांजल हुआ और इसमें स्थायी प्रभाव की ओर लक्ष्य बना रहा।
42. ‘ज्ञान ही काव्य के संचरण के लिए रास्ता खोलता है।’ – यह कथन शुक्ल जी ने किस संदर्भ में कहा है?
रीतिबद्ध काव्य के लिए
श्रृंगारिक कविताओं के लिए
केवल भक्ति काव्य के लिए
काव्य की नई मार्मिक अर्थभूमियों के लिए
शुक्ल जी के अनुसार ज्ञान-प्रसार के भीतर ही हृदय-प्रसार होता है और इसी से काव्य नई मार्मिक अर्थभूमियों की ओर बढ़ता है।
43. ठाकुर गोपालशरण सिंह की रचनाओं का आरंभ किस संवत् से माना गया है?
संवत् 1950
संवत् 1960
संवत् 1980
संवत् 1971
शुक्लजी के अनुसार ठाकुर साहब की रचनाओं का आरंभ संवत् 1971 से होता है।
44. अनूप शर्मा ने बुद्ध भगवान का चरित्र किस महाकाव्य में अंकित किया है?
विराटभ्रमण
सिद्धार्थ
अनूप शर्मा ने बुद्ध भगवान का चरित्र लेकर ‘सिद्धार्थ’ नामक 18 सर्गों का महाकाव्य संस्कृत वर्णवृत्तों में लिखा है।
सुनाल
सुमनांजलि
45. ‘हूँ मुसीबत का इक मारा हुआ’ – यह मार्मिक पंक्ति किस कवि की है?
श्यामनारायण पांडेय
मुकुटधर पांडेय
अनूप शर्मा
जगदंबाप्रसाद ‘हितैषी’
यह पंक्तियाँ हितैषी जी की कविता ‘परिचय’ से ली गई हैं, जिसमें उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त की है।
46. ‘हल्दीघाटी’ महाकाव्य के रचयिता श्यामनारायण पांडेय ने अपनी ओजस्विनी प्रतिभा का विकास इसमें किस रस के साथ किया है?
शांत रस
करुण रस
वीर रस
शुक्ल जी के अनुसार, ‘हल्दीघाटी’ उत्साह (वीर रस) की अनेक अंतर्दशाओं की व्यंजना और युद्ध के सजीव वर्णन से पूर्ण है।
श्रृंगार रस
47. पुरोहित प्रतापनारायण के महाकाव्य ‘नलनरेश’ में कितने सर्ग हैं?
15
17
19
‘नलनरेश’ महाकाव्य 19 सर्गों में रोला और हरिगीतिका जैसे हिंदी छंदों में लिखा गया है।
12
48. शुक्ल जी ने ‘छायावाद’ की शाखा के भीतर किस कवि की शैली को ‘इतिवृत्तात्मक’ (पुरानी शैली) कहा है?
सुमित्रानंदन पंत
निराला
पुरोहित प्रतापनारायण
शुक्ल जी के अनुसार प्रतापनारायण जी की फुटकल रचनाओं की शैली अधिकतर इतिवृत्तात्मक है।
जयशंकर प्रसाद
49. ‘दीन दरिद्रों के देहों को मेरा मंदिर मानो।’ – कृष्ण के माध्यम से यह आधुनिक भाव किस कवि ने व्यक्त किया है?
मैथिलीशरण गुप्त
श्यामनारायण पांडेय
अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
तुलसीराम शर्मा ‘दिनेश’
दिनेश जी ने अपने कृष्ण काव्य में श्रीकृष्ण के मुख से आधुनिक और सामाजिक भाव व्यक्त करवाए हैं।
50. शुक्ल जी के अनुसार, छायावाद का नामकरण किस आधार पर हुआ?
प्रकृति की छाया के कारण
बंगाल में ब्रह्मसमाज के आध्यात्मिक गीतों के अनुकरण पर
यूरोप में आध्यात्मिक आभास को ‘छाया’ कहा जाता था, जिसका अनुकरण बंगाल में हुआ और फिर यह हिंदी में आया।
प्रसाद जी की ‘छाया’ कहानी के कारण
अंग्रेजी के ‘शैडो’ शब्द के अनुवाद से
51. ‘छायावाद का सामान्यतः अर्थ हुआ- प्रस्तुत के स्थान पर उसकी व्यंजना करने वाली छाया के रूप में अप्रस्तुत का कथन।’ – यह परिभाषा किस शैली की ओर संकेत करती है?
गौड़ी रीति
प्रतीक शैली
शुक्ल जी छायावाद के दूसरे प्रयोग को काव्यशैली या पद्धति विशेष (प्रतीकवाद) के रूप में परिभाषित करते हैं।
यथार्थवादी शैली
इतिवृत्तात्मक शैली
52. शुक्ल जी के अनुसार छायावाद के कवियों में किसने सबसे अधिक ‘लाक्षणिक साहस’ दिखाया है?
महादेवी
निराला
शुक्ल जी के अनुसार इस तृतीय उत्थान में सबसे अधिक लाक्षणिक साहस पंत जी ने अपने ‘पल्लव’ में दिखाया है।
प्रसाद
पंत
53. ‘मर्मपीड़ा के हास’ पंक्ति में ‘हास’ शब्द का क्या अर्थ है?
हँसी
उपहास
विनाश
विकास या समृद्धि
यहाँ ‘हास’ का अर्थ लक्षणलक्षणा द्वारा ‘वृद्धि’ या ‘विकास’ लिया गया है।
54. प्रसाद जी की किस रचना में ‘अतीत संयोग सुख की खिन्न स्मृतियाँ’ रह-रहकर झलक मारती हैं?
आँसू
‘आँसू’ वास्तव में श्रृंगारी विप्रलंभ काव्य है जिसमें अतीत की स्मृतियाँ प्रमुख हैं।
झरना
लहर
कामायनी
55. ‘लहर’ संग्रह की प्रसिद्ध कविता ‘बीती विभावरी जाग री’ में ‘उषा’ को क्या माना गया है?
एक नागरी
कविता में ‘तारा घट उषा नागरी’ कहकर उषा को चतुर स्त्री के रूप में चित्रित किया गया है।
एक अप्सरा
एक दासी
एक पक्षी
56. ‘कामायनी’ में ‘श्रद्धा’ किसका प्रतीक है?
रागात्मिका वृत्ति
‘कामायनी’ के रूपक के अनुसार श्रद्धा रागात्मिका वृत्ति (विश्वाससमन्वित हृदय)का प्रतीक है।
व्यवसायात्मिका बुद्धि
अहंकार
कर्म
57. कामायनी के अनुसार, ‘इच्छा, ज्ञान और क्रिया’ का सामंजस्य न होना क्या है?
नियति
आनंद
जीवन की असली विडंबना
श्रद्धा कहती है कि इच्छा, कर्म और ज्ञान का अलग-अलग रहना ही जीवन की विडंबना है।
मोक्ष
58. ‘सिर चढ़ी रही पाया न हृदय’ – कामायनी में श्रद्धा ने यह किसके लिए कहा है?
मनु के लिए
काम के लिए
स्वयं के लिए
इड़ा के लिए
श्रद्धा इड़ा से कहती है कि वह बुद्धि (सिर) पर तो चढ़ी रही पर उसे हृदय (भाव) प्राप्त नहीं हुआ।
59. सुमित्रानंदन पंत की रचना ‘ग्रंथि’ का मुख्य विषय क्या है?
राष्ट्रभक्ति
असफल प्रेम की कथा
‘ग्रंथि’ में एक छोटे से प्रेमप्रसंग के माध्यम से प्रेम का विकास और विषाद दिखाया गया है।
प्रकृति चित्रण
दार्शनिक चिंतन
60. ‘मौन निमंत्रण’ कविता पंत जी के किस संग्रह में संकलित है?
वीणा
गुंजन
युगांत
पल्लव
शुक्ल जी ने ‘पल्लव’ के भीतर ‘मौन निमंत्रण’ को एक रहस्यात्मक रचना माना है।
61. पंत जी ने ‘युगांत’ में ‘ताजमहल’ के प्रति क्या भाव व्यक्त किया है?
कला की प्रशंसा
मानवता के प्रति क्षोभ
पंत जी ने ताजमहल को ‘मृत्यु का अमर अपार्थिव पूजन’ कहकर जीवित मानवता की उपेक्षा पर क्षोभ व्यक्त किया है।
प्रेम की अमरता
मुगल वैभव का गान
62. ‘द्रुत झरो जगत् के जीर्ण पत्र!’ – यह पंक्ति पंत के किस काव्य परिवर्तन की सूचक है?
सौंदर्यवाद
रहस्यवाद
श्रृंगारवाद
लोकमंगलकारी परिवर्तनवाद
यह पंक्ति पुराने जर्जर अवशेषों को हटाकर नवजीवन लाने के ‘परिवर्तनवाद’ का स्वर है।
63. शुक्ल जी के अनुसार निराला जी ने काव्य और संगीत को निकट लाने के लिए किस भाषा की शैली का अनुसरण किया?
बंगाली
निराला जी ने बंगाली की प्रगीत पद्धति और संगीत तत्व का अधिक समावेश किया है।
ब्रजभाषा
अवधी
अंग्रेजी
64. निराला जी की किस लंबी कविता को ‘अंतर्मुख प्रबंध’ के रूप में जाना जाता है?
सरोज स्मृति
कुकुरमुत्ता
तुलसीदास
‘तुलसीदास’ ग्रंथ अधिकांशतः अंतर्मुख प्रबंध के रूप में है, जिसमें उनके मानस विकास का चित्रण है।
राम की शक्ति पूजा
65. महादेवी वर्मा के अनुसार, वे ‘विरह’ में ही चिर रहना चाहती हैं क्योंकि:
उन्हें सुख से डर लगता है
वे मिलन को असत्य मानती हैं
समाज के डर से
वेदना ही उनके हृदय का भावकेंद्र है
शुक्ल जी के अनुसार उस अज्ञात प्रियतम के लिए वेदना ही महादेवी जी के हृदय का भावकेंद्र है।
66. शुक्ल जी ने ‘स्वच्छंद धारा’ के अंतर्गत किसे ‘एक भारतीय आत्मा’ कहा है?
माखनलाल चतुर्वेदी
माखनलाल चतुर्वेदी को उनके उपनाम ‘एक भारतीय आत्मा’ के साथ स्वच्छंद धारा में रखा गया है।
सुभद्राकुमारी चौहान
रामधारी सिंह दिनकर
बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
67. ‘रेणुका’ और ‘हुंकार’ किस कवि की प्रारंभिक रचनाएँ हैं?
बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
सियारामशरण गुप्त
माखनलाल चतुर्वेदी
रामधारी सिंह ‘दिनकर’
दिनकर जी के गीतों और कविताओं के ये दो प्रसिद्ध संग्रह हैं।
68. ‘निशानिमंत्रण’ के रचनाकार कौन हैं?
नरेंद्र शर्मा
भगवतीचरण वर्मा
हरिवंशराय बच्चन
बच्चन जी की स्वतंत्र रचनाओं में ‘निशानिमंत्रण’ एक प्रमुख संग्रह है।
रामधारी सिंह दिनकर
69. शुक्ल जी ने छायावाद के घेरे से बाहर निकलकर ‘सच्ची स्वाभाविक स्वच्छंदता’ की ओर बढ़ने वाला कवि किसे माना है?
मुकुटधर पांडेय
सुमित्रानंदन पंत
शुक्ल जी को संतोष है कि पंत जी छायावाद और रहस्यवाद से निकलकर स्वाभाविक स्वच्छंदता की ओर बढ़े हैं।
जयशंकर प्रसाद
महादेवी वर्मा
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ (तृतीय उत्थान) के आधार पर आपके अभ्यास के लिए 69 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) यहाँ दिए गए हैं। यह quiz सीरीज कैसे लगी, कॉमेंट कर जरूर बताना।







