रामचन्द्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ के दिए गए अध्याय आधुनिक काल पुरानी धारा: संवत् 1900-1925 पर आधारित बहुविकल्पीय (MCQs) नीचे दिए गए हैं। ये quiz प्रश्न विशेष रूप से PGT, TGT, DSSSB, LT Grade, ugc net और Assistant Professor जैसी परीक्षाओं के स्तर के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यहाँ दिए गए प्रश्न न केवल परीक्षा दृष्टि से उपयोगी हैं, बल्कि हिंदी साहित्य की गहराई को समझने में भी मदद करेंगे।
आइए, आधुनिक काल पुरानी धारा के वस्तुनिष्ठ प्रश्न को Quiz के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से जानें-
1. गढ़वाल के प्रसिद्ध चित्रकार भोलाराम ने अपने किस काव्य ग्रंथ में गढ़वाल के 52 राजाओं का वर्णन दोहा-चौपाइयों में किया है?
मानसिंहाष्टक
गढ़वाल-प्रकाश
गढ़-वंशवली
गढ़ राजवंश
उत्तर गढ़वाल के चित्रकार भोलाराम ने ‘गढ़ राजवंश’ काव्य में गढ़वाल के 52 राजाओं का वर्णन दोहा-चौपाइयों में किया है।
2. ‘वाग्विलास’ नामक नायिकाभेद के बड़े ग्रंथ की रचना करने वाले कवि ‘सेवक’ किसके पौत्र थे?
बिहारी लाल
असनी वाले ठाकुर कवि
उत्तर कवि ‘सेवक’ असनी वाले ठाकुर कवि के पौत्र थे और काशी के बाबू हरिशंकर के आश्रय में रहते थे।
बाबू हरिशंकर
बाबू देवकीनंदन
3. रीवॉनरेश महाराज रघुराज सिंह का वह कौन-सा प्रसिद्ध वर्णनात्मक प्रबंधकाव्य है जिसमें सीताराम के विवाह का बहुत ही विस्तृत वर्णन है?
रामस्वयंवर
उत्तर महाराज रघुराज सिंह का ‘रामस्वयंवर’ (संवत् 1926) एक प्रसिद्ध वर्णनात्मक प्रबंधकाव्य है जिसमें सीताराम के विवाह का विस्तृत वर्णन है।
रामाष्टयाम
आनंदांबुनिधि
रुक्मिणी परिणय
4. काशीनरेश महाराज ईश्वरीप्रसाद नारायण सिंह के आश्रित कवि ‘सरदार’ ने इनमें से किस प्रसिद्ध ग्रंथ पर टीका नहीं लिखी है?
रसिकप्रिया
बिहारी सतसई
रामचंद्रिका
उत्तर कवि ‘सरदार’ ने कविप्रिया, रसिकप्रिया, सूर के दृष्टिकूट और बिहारी सतसई पर टीकाएँ लिखी हैं, परंतु रामचंद्रिका पर उनकी टीका का उल्लेख नहीं है।
कविप्रिया
5. अयोध्या के किस महात्मा साधु ने संवत् 1911 में ‘विश्रामसागर’ नामक ग्रंथ की रचना की, जिसमें अनेक पुराणों की कथाएँ संक्षेप में दी गई हैं?
ललितकिशोरी
बाबा रघुनाथदास
उत्तर अयोध्या के महात्मा बाबा रघुनाथदास रामसनेही ने संवत् 1911 में ‘विश्रामसागर’ की रचना की, जो भक्तों में अत्यंत लोकप्रिय है।
बाबा रामसनेही
संत रामनारायण
6. राजा लक्ष्मणसिंह ने संवत् 1938 और 1940 के बीच किस संस्कृत काव्य का अत्यंत ललित और मनोहर अनुवाद ब्रजभाषा के सवैयों में किया?
रघुवंश
शकुंतला
ऋतुसंहार
मेघदूत
उत्तर राजा लक्ष्मणसिंह ने संवत् 1938-1940 के बीच कालिदास के ‘मेघदूत’ का बहुत ही ललित अनुवाद ब्रजभाषा सवैयों में किया।
7. भारतेंदु हरिश्चंद्र ने ब्रजभाषा की कविता से किन दोषों को दूर करने का प्रयास किया ताकि वह जनसाधारण की भाषा के निकट आ सके?
प्राचीन प्राकृत और अपभ्रंश शब्दों का प्रयोग
शब्दों की तोड़मरोड़ और गढ़त के शब्दों का प्रयोग
केवल ‘चक्कव’, ‘भुवाल’ जैसे पुराने शब्दों का प्रयोग
उपर्युक्त सभी
उत्तर भारतेंदु ने पुराने अपभ्रंश शब्दों (चक्कव आदि) को हटाया और शब्दों की तोड़मरोड़ को दूर कर ब्रजभाषा को जनसाधारण के करीब लाए।
8. ‘बिहारी बिहार’ नामक विशाल ग्रंथ, जिसमें बिहारी के दोहों पर कुंडलियाँ बनाई गई हैं, के रचयिता कौन हैं?
पं. अंबिकादत्त व्यास
उत्तर व्यास जी ने ‘बिहारी बिहार’ नामक विशाल ग्रंथ लिखा, जिसमें बिहारी के दोहों पर कुंडलियाँ बनाकर उनके भावों को पल्लवित किया गया है।
बाबू रामकृष्ण वर्मा
जगन्नाथदास रत्नाकर
पं. प्रतापनारायण मिश्र
9. ब्रजभाषा की पुरानी परिपाटी के कवियों में किसका स्थान बहुत ऊँचा माना जाता है और जिन्होंने ‘उद्धवशतक’ जैसा अद्वितीय मार्मिक काव्य लिखा है?
राय देवीप्रसाद ‘पूर्ण’
बाबू जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’
उत्तर रत्नाकर जी ब्रजभाषा के बहुत बड़े मर्मज्ञ थे और उनका ‘उद्धवशतक’ मार्मिकता और रचनाकौशल की दृष्टि से अद्वितीय है।
श्री वियोगी हरि
लाला सीताराम ‘भूप’
10. श्री वियोगी हरि को उनके किस काव्य ग्रंथ पर प्रयाग के हिंदी साहित्य सम्मेलन से 1200 रुपये का पुरस्कार प्राप्त हुआ था?
वीरसतसई
उत्तर श्री वियोगी हरि को उनके ग्रंथ ‘वीरसतसई’ पर हिंदी साहित्य सम्मेलन से 1200 रुपये का पुरस्कार मिला था।
प्रेमशतक
प्रेमपथिक
प्रेमांजलि
11. कविवर बिहारी लाल की परंपरा के वर्तमान प्रतिनिधि माने जाने वाले किस कवि की ‘दोहावली’ पर टीकमगढ़ राज्य से ‘देवपुरस्कार’ मिला है?
पं. रामनाथ ज्योतिषी
श्री दुलारेलाल भार्गव
उत्तर दुलारेलाल भार्गव की ‘दुलारे दोहावली’ पर टीकमगढ़ राज्य से ‘देवपुरस्कार’ प्राप्त हुआ था।
श्रीधर पाठक
वियोगी हरि
12. ‘रसिकवाटिका’ नामक पत्रिका, जिसमें समस्यापूर्तियाँ और पुराने ढंग की कविताएँ छपा करती थीं, का संपादन किसने किया था?
अंबिकादत्त व्यास
राय देवीप्रसाद ‘पूर्ण’
उत्तर कानपुर के ‘पूर्ण जी’ ने ‘रसिकवाटिका’ नामक पत्रिका का संपादन किया, जो पुरानी परिपाटी की कविता का केंद्र थी।
प्रतापनारायण मिश्र
बदरीनारायण चौधरी
13. गढ़वाल के चित्रकार भोलाराम ने अपना ऐतिहासिक काव्य ‘गढ़ राजवंश’ किसके अनुरोध पर लिखा था?
महाराज मानसिंह
राजा शीतलाबख्श सिंह
हस्तिदल चौतरिया
उत्तर भोलाराम ने ‘गढ़ राजवंश’ काव्य नेपाली सूबेदार हस्तिदल चौतरिया के अनुरोध पर लिखा था।
राजा प्रद्युम्नसाह
14. लखनऊ के समृद्ध वैश्य घराने में जन्मे ‘ललितकिशोरी’ का वास्तविक नाम क्या था, जिन्होंने वृंदावन में साह जी का मंदिर बनवाया था?
बाबू हरिशंकर
नखेदी तिवारी
शाह कुंदनलाल
उत्तर ‘ललितकिशोरी’ का वास्तविक नाम शाह कुंदनलाल था, जो लखनऊ के रईस थे और बाद में विरक्त होकर वृंदावन बस गए थे।
बाबू देवकीनंदन
15. जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’ ने अंग्रेजी कवि ‘पोप’ के किस प्रसिद्ध समालोचना संबंधी काव्य का रोला छंदों में अनुवाद किया था?
द रेप ऑफ द लॉक
डुनसिआड
एस्से ऑन क्रिटिसिज्म
उत्तर जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’ ने अंग्रेजी कवि पोप के ‘एस्से ऑन क्रिटिसिज्म’ का ‘रोला’ छंद में अनुवाद किया था।
एस्से ऑन मैन
16. पं. अंबिकादत्त व्यास ने किस ‘टेढ़ी’ समस्या की पूर्ति अपने विलक्षण ढंग से ‘कविसमाज’ में की थी?
पपीहा जब पूछिहै पीव कहाँ
चरचा चलिबे की चलाइए ना
प्रिय प्यारे तिहारे निहारे बिना
सूरज देखि सकै नहिं घूँघू
उत्तर पं. अंबिकादत्त व्यास ने ‘कविसमाज’ में इस अत्यंत कठिन (टेढ़ी) समस्या की पूर्ति बड़े विलक्षण ढंग से की थी।
17. ठाकुर जगमोहन सिंह की श्रृंगारी कविताओं का मुख्य विषय ‘श्यामा’ है, इनकी रचनाएँ किस ग्रंथ में संगृहीत हैं?
प्रेमसंपत्तिलता
श्यामालता
श्यामा सरोजिनी
उपर्युक्त सभी
उत्तर ठाकुर जगमोहन सिंह की श्रृंगारी कविताएँ ‘प्रेमसंपत्तिलता’, ‘श्यामालता’ और ‘श्यामा सरोजिनी’ तीनों में संगृहीत हैं।
18. पं. श्रीधर पाठक की ब्रजभाषा कविता की प्रशंसा करते हुए शुक्ल जी ने उनके किस अनुवाद को पुराने कवियों के टक्कर का बताया है?
शकुंतला
ऋतुसंहार
उत्तर शुक्ल जी के अनुसार पाठक जी ने ‘ऋतुसंहार’ का अनुवाद बहुत ही मधुर और रसभरी ब्रजभाषा में किया है।
मेघदूत
रघुवंश
19. अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ की वे पुराने ढंग की श्रृंगारी कविताएँ, जो उन्होंने निजामाबाद के ‘कविसमाज’ के लिए लिखी थीं, कहाँ संगृहीत हैं?
रसकलश
उत्तर ‘हरिऔध’ जी की पुराने ढंग की श्रृंगारी कविताएँ और नायिका-भेद ‘रसकलश’ में संकलित हैं।
प्रियप्रवास
वैदेही वनवास
अधखिला फूल
20. बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ द्वारा रचित कजलियों का संग्रह किस नाम से प्रकाशित है?
रसिकवाटिका
प्रेमपीयूष
कजली कादंबिनी
उत्तर प्रेमघन जी द्वारा रचित सर्वसाधारण में प्रचलित कजलियों का संग्रह ‘कजली कादंबिनी’ नाम से प्रसिद्ध है।
प्रेमफुलवारी
21. अयोध्या के किस विद्वान को उनके ‘रामचंद्रोदय काव्य’ पर टीकमगढ़ राज्य से 2000 रुपये का ‘देवपुरस्कार’ प्राप्त हुआ है?
बाबा रघुनाथदास
पं. रामनाथ ज्योतिषी
उत्तर अयोध्या के पं. रामनाथ ज्योतिषी को उनके ‘रामचंद्रोदय काव्य’ पर टीकमगढ़ से 2000 रुपये का पुरस्कार मिला।
पं. अंबिकादत्त व्यास
लाला सीताराम ‘भूप’
22. भारतेंदु हरिश्चंद्र ने ब्रजभाषा कविता को जनसाधारण के करीब लाने के लिए किन पुराने शब्दों के प्रयोग को कम किया?
चक्कव और भुवाल
ठायो और दीह
ऊनो और लोय
उपर्युक्त सभी
उत्तर भारतेंदु ने ‘चक्कव’, ‘भुवाल’, ‘ठायो’, ‘दीह’ जैसे पुराने पड़ चुके शब्दों को कविता से बाहर किया।







