आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास आधुनिक काल प्रथम उत्थान (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

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आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित हिंदी साहित्य का इतिहास के आधुनिक काल प्रथम उत्थान के आधार पर आपकी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण 74 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) नीचे दिए गए हैं। ये quiz प्रश्न विशेष रूप से PGT, TGT, DSSSB, LT Grade, ugc net और Assistant Professor जैसी परीक्षाओं के स्तर के अनुरूप तैयार किए गए हैं। यहाँ दिए गए प्रश्न परीक्षा दृष्टि से उपयोगी हैं।

आइए, आधुनिक काल प्रथम उत्थान के वस्तुनिष्ठ प्रश्न को Quiz के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से जानें-

1. रामचंद्र शुक्ल के अनुसार, भारतेंदु हरिश्चंद्र ने जिस प्रकार गद्य की भाषा का स्वरूप स्थिर किया, उसी प्रकार कविता की धारा को किस ओर मोड़ा?
(D) दरबारी संस्कृति की ओर
(B) नए-नए विषयों की ओर
उत्तर: (B) शुक्ल जी के अनुसार भारतेंदु ने कविता को देशकाल के अनुसार नए विषयों की ओर मोड़ा, जिसमें देशभक्ति का स्वर सबसे ऊँचा था।
(A) श्रृंगारिकता की ओर
(C) केवल धार्मिकता की ओर
2. विजयिनी विजय वैजयंती कविता भारतेंदु ने किस अवसर पर लिखी थी?
(B) मिस्र में भारतीय सेना की विजय प्राप्ति पर
उत्तर: (B) यह कविता मिस्र में भारतीय सेना की विजय पर लिखी गई थी, जिसमें देशभक्ति के संचारी भावों (गर्व, क्षोभ, विषाद) का उद्गार है।
(A) महारानी विक्टोरिया के राज्यारोहण पर
(C) प्रिंस ऑफ वेल्स के आगमन पर
(D) कांग्रेस की स्थापना पर
3. शुक्ल जी ने भारतेंदु को किस प्रकार की प्रकृति का कवि माना है?
(B) केवल रहस्यवादी कवि
(D) दार्शनिक कवि
(C) केवल नर-प्रकृति के कवि
उत्तर: (C) शुक्लजी के अनुसार बाह्य प्रकृति की अनेकरूपता के साथ भारतेंदु के हृदय का सामंजस्य नहीं पाया जाता, वे मुख्य रूप से नर-प्रकृति के कवि थे।
(A) बाह्य प्रकृति के कवि
4. ‘अंगरेज राज सुख साज सजे सब भारी। पै धन विदेश चलि जात यहै अति ख्वारी’ – यह प्रसिद्ध पंक्तियाँ किसकी हैं?
(A) प्रतापनारायण मिश्र
(C) बदरीनारायण चौधरी
(D) अंबिकादत्त व्यास
(B) भारतेंदु हरिश्चंद्र
उत्तर: (B) ये पंक्तियाँ भारतेंदु जी की हैं, जो उस समय की देशदशा और आर्थिक शोषण को इतिवृत्तात्मक ढंग से व्यक्त करती हैं।
5. ‘हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान’ का नारा और ‘हिंदी की हिमायत’ शीर्षक कविता किसकी है?
(A) भारतेंदु हरिश्चंद्र
(B) बालकृष्ण भट्ट
(D) राधाकृष्ण दास
(C) पं. प्रतापनारायण मिश्र
उत्तर: (C) हिन्दी, हिंदू, हिंदुस्तान का नारा और हिन्दी की हिमायत शीर्षक कविता प्रतापनारायण मिश्र की है। ये अपनी विनोदपूर्ण और देशप्रेम की रचनाओं के लिए प्रसिद्ध थे।
6. बदरीनारायण चौधरी प्रेमघन ने काले शब्द को लेकर क्षोभपूर्ण कविता किसके अपमान पर लिखी थी?
(C) गोपालकृष्ण गोखले
(D) बाल गंगाधर तिलक
(B) दादाभाई नौरोजी
उत्तर: (B) विलायत में दादाभाई नौरोजी को काले कहे जाने पर प्रेमघन ने अचरज होत तुमहुँ सम गोरे बाजत कारे लिखकर विरोध प्रकट किया था।
(A) महात्मा गांधी
7. ‘मैं यतिभंग को कोई दोष नहीं मानता; पढ़नेवाला ठीक चाहिए’ – यह कथन किस कवि का है?
(A) भारतेंदु हरिश्चंद्र
(B) प्रतापनारायण मिश्र
(D) जगमोहन सिंह
(C) बदरीनारायण चौधरी प्रेमघन
उत्तर: (C) यह कथन बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ का है। प्रेमघन जी के रोला छंदों में प्रायः यतिभंग मिलता था, जिसके बचाव में उन्होंने यह तर्क दिया था।
8. ठाकुर जगमोहन सिंह ने किस प्रदेश के रमणीय स्थलों को अपनी कविता में सच्चे अनुराग के साथ चित्रित किया?
(D) अवध क्षेत्र
(C) विंध्य प्रदेश
उत्तर: (C) जगमोहन सिंह ने विंध्य प्रदेश के प्राकृतिक दृश्यों को प्राचीन संस्कृत कवियों की दृष्टि से देखा और चित्रित किया।
(A) ब्रज प्रदेश
(B) हिमालय क्षेत्र
9. ‘रानी केतकी की कहानी’ में उर्दू छंदों में ठेठ खड़ी बोली के पद्य किसने रखे थे?
(A) लल्लू लाल
(C) सदल मिश्र
(D) सदासुख लाल
(B) इंशा अल्लाह खाँ
उत्तर: (B) शुक्ल जी के अनुसार इंशा ने अपनी कहानी में खड़ी बोली के पद्य भी सम्मिलित किए थे।
10. ‘एकांतवासी योगी’ की रचना श्रीधर पाठक ने किस ढंग पर की थी?
(C) लावणी या ख्याल
उत्तर: (C) एकांतवासी योगी (1943 संवत्) खड़ी बोली की पहली पुस्तक मानी जाती है जो लावणी या ख्याल के सुगम ढंग पर लिखी गई थी।
(A) रोला छंद
(B) सवैया
(D) बरवै
11. खड़ी बोली आंदोलन (संवत् 1945) नामक पुस्तक के रचयिता कौन थे?
(C) महावीरप्रसाद द्विवेदी
(D) मैथिलीशरण गुप्त
(B) अयोध्याप्रसाद खत्री
उत्तर: (B) अयोध्याप्रसाद खत्री खड़ी बोली के कट्टर समर्थक थे और उन्होंने इसकी पाँच शैलियाँ (मौलवी, मुंशी, पंडित आदि) बताई थीं।
(A) श्रीधर पाठक
12. शुक्ल जी के अनुसार, सच्चे स्वच्छंदतावाद के प्रवर्तक कौन हैं?
(D) सुमित्रानंदन पंत
(C) पं. श्रीधर पाठक
उत्तर: (C) शुक्ल जी पाठक जी को ही सच्चा प्रवर्तक मानते हैं क्योंकि उन्होंने प्रकृति को अपनी आँखों से देखा और नए ढाँचे निकाले।
(A) मैथिलीशरण गुप्त
(B) महावीरप्रसाद द्विवेदी
13. ‘सरस्वती’ पत्रिका के संपादन द्वारा खड़ी बोली के पद्य-विधान और भाषा परिष्कार का कार्य किसने किया?
(C) रामचंद्र शुक्ल
(D) श्यामसुंदर दास
(B) महावीरप्रसाद द्विवेदी
उत्तर: (B) द्विवेदी जी ने कवियों की भाषा को व्यवस्थित और शुद्ध करने में महान योगदान दिया।
(A) हजारीप्रसाद द्विवेदी
14. अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का ‘प्रियप्रवास’ किस भाषा और छंद पद्धति में है?
(C) खड़ी बोली, संस्कृत वर्णवृत्त
उत्तर: (C) प्रियप्रवास (1971 संवत्) खड़ी बोली का बहुत बड़ा काव्य है जो पूर्णतः संस्कृत के वर्णवृत्तों में रचा गया है।
(A) ब्रजभाषा, पारंपरिक छंद
(B) खड़ी बोली, उर्दू छंद
(D) अवधी, मात्रिक छंद
15. ‘प्रियप्रवास’ में कृष्ण को किस रूप में अंकित किया गया है?
(B) मुरलीधर
(D) निर्गुण ब्रह्म
(C) ब्रज के रक्षक नेता
उत्तर: (C) हरिऔध जी ने नवशिक्षितों के संसर्ग से लोक-संग्रह का भाव ग्रहण कर कृष्ण को लोक-नायक के रूप में दिखाया है।
(A) माखन चोर
16. मुहावरों के प्रयोग के लिए हरिऔध जी की कौन-सी रचना प्रसिद्ध है?
(A) वैदेही वनवास
(C) पद्यप्रसून
(D) रस कलश
(B) चोखे चौपदे
उत्तर: (B) चोखे चौपदे में बोलचाल की भाषा और मुहावरों का जबरदस्त प्रयोग किया गया है।
17. महावीरप्रसाद द्विवेदी जी पर किस साहित्य का प्रभाव अधिक था, जिसके कारण उन्होंने संस्कृत वृत्तों का व्यवहार किया?
(C) अंग्रेजी साहित्य
(D) गुजराती साहित्य
(B) मराठी साहित्य
उत्तर: (B) द्विवेदी जी बंबई प्रवास के दौरान मराठी साहित्य से प्रभावित हुए, जहाँ संस्कृत वृत्तों का चलन अधिक था।
(A) बांग्ला साहित्य
18. गद्य और पद्य का पदविन्यास एक ही प्रकार का होना चाहिए – यह सिद्धांत किस पाश्चात्य कवि का था, जिसका प्रभाव द्विवेदी जी पर पड़ा?
(A) शेली
(C) वर्ड्सवर्थ
उत्तर: (C) शुक्ल जी के अनुसार द्विवेदी जी वर्ड्सवर्थ के इस विचार से प्रभावित थे, जिससे उनकी कविता गद्यवत् हो गई।
(B) कीट्स
(D) टी.एस. इलियट
19. मैथिलीशरण गुप्त की पहली प्रमुख रचना कौन-सी है जिसने हिंदी प्रेमियों का ध्यान खींचा?
(B) जयद्रथ वध
(D) रंग में भंग
(C) भारत भारती
उत्तर: (C) भारत भारती में देश की वर्तमान और भूत दशा का चित्रण है, जिसने युवाओं को बहुत प्रभावित किया।
(A) साकेत
20. ‘साकेत महाकाव्य’ की रचना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(D) रावण वध का चित्रण
(C) रामकथा में उपेक्षित पात्रों को प्रकाश में लाना
उत्तर: (C) गुप्त जी ने उर्मिला के वियोग का विस्तार से वर्णन करने के लिए साकेत की रचना की।
(A) राम कथा का वर्णन
(B) भरत की महिमा
21. शुक्ल जी ने मैथिलीशरण गुप्त को किस प्रकार का कवि कहा है?
(A) सामंजस्यवादी
उत्तर: (A) वे प्राचीन और नवीन के बीच सामंजस्य बिठाने वाले कवि हैं।
(B) क्रांतिकारी
(C) विद्रोही
(D) केवल छायावादी
22. ‘यशोधारा’ काव्य की रचना किस पद्धति पर हुई है?
(D) गद्य काव्य
(B) नाटकीय ढंग
उत्तर: (B) इसमें पात्रों के भावों की व्यंजना नाटकीय और गीतों के माध्यम से की गई है।
(A) प्रबंध काव्य
(C) केवल मुक्तक
23. ‘रामचरित चिंतामणि’ नामक प्रबंध काव्य के रचयिता कौन हैं?
(A) मैथिलीशरण गुप्त
(C) लोचन प्रसाद पांडेय
(D) गिरिधर शर्मा
(B) रामचरित उपाध्याय
उत्तर: (B) रामचरित उपाध्याय ने यह बड़ा प्रबंध काव्य लिखा, जिसका अंगद-रावण संवाद बहुत सुंदर है।
24. ‘मृगी दुखमोचन’ नामक सरस कविता जिसमें पशुओं के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है, किसकी है?
(D) रूपनारायण पांडेय
(B) लोचन प्रसाद पांडेय
उत्तर: (B) लोचन प्रसाद पांडेय की यह कविता उनकी व्यापक और सर्वभूत दयापूर्ण दृष्टि को दर्शाती है।
(A) गयाप्रसाद शुक्ल सनेही
(C) मुकुटधर पांडेय
25. त्रिशूल उपनाम से राष्ट्रीय भावनाओं की कविताएँ कौन लिखते थे?
(B) गयाप्रसाद शुक्ल सनेही
उत्तर: (B) सनेही जी उर्दू में और राष्ट्रीय विषयों पर त्रिशूल नाम से लिखते थे।
(A) राय देवीप्रसाद पूर्ण
(C) नाथूराम शर्मा शंकर
(D) रामनरेश त्रिपाठी
26. रामनरेश त्रिपाठी के तीन प्रसिद्ध खंडकाव्य कौन से हैं?
(C) प्रेमपचीसी, कुसुमांजलि, कृषक क्रंदन
(D) वीर बालक, वीर क्षत्राणी, वीर पंचरत्न
(A) मिलन, पथिक, स्वप्न
उत्तर: (A) ये तीनों काव्य देशभक्ति और स्वच्छंद कल्पना से ओतप्रोत हैं।
(B) साकेत, यशोधारा, द्वापर
27. वीर क्षत्राणी, वीर बालक और वीर पंचरत्न के रचयिता कौन हैं?
(A) लाला भगवानदीन
उत्तर: (A) लाला भगवानदीन (दीन जी) ने वीरों के चरित्र पर जोशीली रचनाएँ की हैं।
(B) रामचंद्र शुक्ल
(C) महावीरप्रसाद द्विवेदी
(D) नाथूराम शर्मा शंकर
28. कविरत्न सत्यनारायण जी की भाषा मुख्य रूप से क्या थी?
(D) मैथिली
(B) ब्रजभाषा
उत्तर: (B) खड़ी बोली के दौर में भी वे ब्रज की मधुर वाणी सुनाते रहे और भ्रमरदूत जैसी रचनाएँ कीं।
(A) खड़ी बोली
(C) अवधी
29. ‘सांध्य अटन’ नामक कविता में अंत्यानुप्रासरहित छंद का प्रयोग किसने किया?
(B) श्रीधर पाठक
उत्तर: (B) पाठक जी ने अंग्रेजी की तर्ज पर लंबे वाक्यों वाले और बिना तुकांत के छंद भी लिखे।
(A) मैथिलीशरण गुप्त
(C) निराला
(D) पंत
30. शुक्ल जी के अनुसार इतिवृत्तात्मकता किस युग की प्रमुख विशेषता है?
(A) भारतेंदु युग
(C) छायावाद
(D) प्रगतिवाद
(B) द्विवेदी युग
उत्तर: (B) नई धारा के द्वितीय उत्थान में द्विवेदी जी के प्रभाव से खड़ी बोली की कविताएँ बहुत कुछ गद्यवत् और वर्णनात्मक (इतिवृत्तात्मक) हो गई थीं।
31. ‘गर्भरंडा रहस्य’ नामक प्रबंध काव्य जिसमें विधवाओं की स्थिति और मंदिरों के अनाचार का वर्णन है, किसका है?
(A) नाथूराम शर्मा शंकर
उत्तर: (A) शंकर जी आर्य समाज से प्रभावित थे और सामाजिक कुरीतियों पर तीखे प्रहार करते थे।
(B) प्रतापनारायण मिश्र
(C) राधाचरण गोस्वामी
(D) बालमुकुंद गुप्त
32. ‘वसंतवियोग’ में भारतभूमि की कल्पना एक उद्यान के रूप में किसने की है?
(C) रामनरेश त्रिपाठी
(D) माखनलाल चतुर्वेदी
(B) राय देवीप्रसाद पूर्ण
उत्तर: (B) पूर्ण जी ने इस लंबी कविता में भारत की दशा का दार्शनिक और रूपकात्मक वर्णन किया है।
(A) श्रीधर पाठक
33. नवीन बीन कविता संग्रह किसका है?
(C) गयाप्रसाद शुक्ल
(D) गिरिधर शर्मा
(A) लाला भगवानदीन
उत्तर: (A) यह लाला भगवानदीन की फुटकल कविताओं का संग्रह है।
(B) रूपनारायण पांडेय
34. ‘पराग’ नाम से किस कवि की कविताओं का संग्रह प्रकाशित हुआ?
(D) श्रीधर पाठक
(A) रूपनारायण पांडेय
उत्तर: (A) रूपनारायण पांडेय की रसात्मक कविताओं का संग्रह पराग है।
(B) लोचन प्रसाद पांडेय
(C) मुकुटधर पांडेय
35. ‘जगत् है सच्चा, तनिक न कच्चा, समझो बच्चा! इसका भेद’ – यह पंक्तियाँ किस कविता की हैं?
(D) श्रांत पथिक
(B) जगत्सच्चाई सार
उत्तर: (B) यह श्रीधर पाठक की कविता है, जो उन्होंने सधुक्कड़ी ढंग पर लिखी थी।
(A) एकांतवासी योगी
(C) भारत भारती
36. शुक्ल जी के अनुसार, द्वितीय उत्थान (द्विवेदी काल) में किस कवि की रुचि सबसे अधिक परिष्कृत थी?
(B) श्रीधर पाठक
उत्तर: (B) पाठक जी अंग्रेजी और संस्कृत दोनों के मर्मज्ञ थे, इसलिए उनकी रुचि अत्यंत परिष्कृत मानी गई।
(A) महावीरप्रसाद द्विवेदी
(C) मैथिलीशरण गुप्त
(D) हरिऔध
37. ‘भारत भारती’ की रचना किस प्रसिद्ध कृति के ढंग पर हुई है?
(B) मुसद्दस हाली
उत्तर: (B) यह हाली के मुसद्दस की तरह भारतीयों की वर्तमान और भूत दशा की विषमता दिखाती है।
(A) रामचरितमानस
(C) गीतांजलि
(D) पद्मावत
38. ‘रंग में भंग’ प्रबंध काव्य की कथा किस राज्य से संबंधित है?
(A) मारवाड़
(C) झाँसी
(D) मगध
(B) चित्तौड़ और बूँदी
उत्तर: (B) यह गुप्त जी का छोटा प्रबंध काव्य है जो राजपूती आन पर आधारित है।
39. श्रीधर पाठक ने गोल्डस्मिथ के ‘ट्रैवलर’ का अनुवाद किस नाम से किया?
(A) ऊजड़ ग्राम
(C) एकांतवासी योगी
(D) स्वर्गीय वीणा
(B) श्रांत पथिक
उत्तर: (B) ट्रैवलर का अनुवाद श्रांत पथिक नाम से खड़ी बोली में किया गया था।
40. ‘भ्रमरदूत’ के रचयिता कौन हैं?
(D) जगन्नाथदास रत्नाकर
(C) सत्यनारायण कविरत्न
उत्तर: (C) कविरत्न जी ने आधुनिक समस्याओं और मातृभूमि के प्रेम को जोड़कर भ्रमरदूत की रचना की।
(A) सूरदास
(B) नंददास
41. शुक्ल जी के अनुसार, भारतेंदु के नाटकों में आई कविताओं में देश-दशा की कैसी व्यंजना है?
(A) केवल व्यंग्यात्मक
(C) केवल प्रशंसात्मक
(D) दार्शनिक
(B) मार्मिक व्यंजना
उत्तर: (B) शुक्ल जी के अनुसार, नीलदेवी और भारतदुर्दशा जैसे नाटकों में देश की दशा की अत्यंत मार्मिक व्यंजना मिलती है।
42. भारतेंदु ने प्रिंस ऑफ वेल्स के आगमन पर कौन-सी कविता पढ़ी थी?
(A) विजयिनी विजय वैजयंती
(D) दशरथ विलाप
(C) प्रिंस ऑफ वेल्स का आगमन
उत्तर: (C) भारतेंदु ने विशेष अवसरों पर, जैसे प्रिंस ऑफ वेल्स के आगमन पर, कविताएँ लिखी और पढ़ी थीं।
(B) भारत दुर्दशा
43. सधुक्कड़ी भाषा में ज्ञानोपदेश के लिए लावनी की लय किसने चलाई थी?
(A) बनारसी ने
(B) रिसालगिरि ने
(D) देवीसिंह ने
(C) तुकनगिरि गोसाईं ने
उत्तर: (C) मिर्जापुर के तुकनगिरि गोसाईं ने सधुक्कड़ी भाषा में ज्ञानोपदेश हेतु लावनी की लय शुरू की थी।
44. लावनीबाजों के दो प्रतिद्वंद्वी अखाड़े तुर्रा और कलगी के प्रमुख विषय क्या थे?
(D) दोनों में केवल श्रृंगार
(A) तुर्रा में ब्रह्मज्ञान और कलगी में भक्ति-प्रेम
उत्तर: (A) रिसालगिरि का तुर्रा ब्रह्मज्ञान प्रधान था, जबकि देवीसिंह का कलगी भक्ति और प्रेम प्रधान था।
(B) तुर्रा में युद्ध और कलगी में शांति
(C) तुर्रा में राजनीति और कलगी में धर्म
45. अयोध्याप्रसाद खत्री ने खड़ी बोली पद्य की कितनी स्टाइलें (शैलियाँ) बताई थीं?
(A) दो
(B) तीन
(D) सात
(C) पाँच
उत्तर: (C) खत्री जी ने अपनी पुस्तक में पाँच स्टाइलें बताई थीं: मौलवी, मुंशी, पंडित, मास्टर और एक अन्य।
46. शुक्ल जी ने सच्चे स्वच्छंदतावाद का आधार क्या माना है?
(B) परंपरा से चले आते मौखिक गीतों की मार्मिकता
उत्तर: (B) शुक्ल जी के अनुसार सच्ची स्वच्छंदता परंपरा से चले आते मौखिक गीतों के मर्मस्थल से शक्ति ग्रहण करती है।
(A) केवल कल्पना
(C) विदेशी साहित्य का अंधानुकरण
(D) केवल भाषा का परिष्कार
47. ‘गुनवंत हेमंत’ कविता में श्रीधर पाठक ने किन वस्तुओं का वर्णन करके नवीनता दिखाई?
(A) केवल कमल और गुलाब
(C) केवल देवदार के वृक्ष
(D) केवल काल्पनिक फूल
(B) मूली और मटर जैसी वस्तुएँ
उत्तर: (B) उन्होंने परंपरागत ऋतुवर्णन से हटकर गाँव में उपजने वाली मूली, मटर जैसी वस्तुओं को भी प्रेम से चित्रित किया।
48. शुक्ल जी ने श्रीधर पाठक को अद्वितीय किस क्षेत्र में माना है?
(C) केवल राजनीति में
(D) नाटक लेखन में
(B) शब्द-शोधन में
उत्तर: (B) शुक्ल जी के अनुसार शब्द-शोधन में पाठक जी अद्वितीय थे और उनकी रुचि अत्यंत परिष्कृत थी।
(A) केवल छंद निर्माण में
49. ‘स्वर्गीय वीणा’ कविता में पाठक जी ने किसकी ओर रहस्यपूर्ण संकेत किया है?
(A) प्रकृति की सुंदरता
(B) विश्वसंचालक की परोक्ष संगीत-ध्वनि
उत्तर: (B) इसमें उस दिव्य संगीत का संकेत है जिसके ताल-सुर पर सारा ब्रह्मांड नाच रहा है।
(C) अपनी प्रियतमा
(D) देश की आजादी
50. ‘प्रियप्रवास’ महाकाव्य की भाषा शैली के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
(B) यह पूर्णतः संस्कृत के वर्णवृत्तों में रचित है
उत्तर: (B) प्रियप्रवास की सबसे बड़ी विशेषता इसका संस्कृत के वर्णवृत्तों (छंदों) में होना है।
(A) यह केवल ठेठ बोलचाल की भाषा है
(C) इसमें केवल उर्दू छंदों का प्रयोग है
(D) यह ब्रजभाषा में लिखा गया है
51. हरिऔध जी की रचना ‘चोखे चौपदे’ का मुख्य आकर्षण क्या है?
(B) मुहावरों का जबरदस्त प्रयोग
उत्तर: (B) इस संग्रह की प्रत्येक पंक्ति में कोई न कोई मुहावरा अवश्य खपाया गया है।
(A) दार्शनिकता
(C) केवल श्रृंगार वर्णन
(D) संस्कृत की जटिल शब्दावली
52. महावीरप्रसाद द्विवेदी ने सरस्वती के माध्यम से कवियों का किस प्रकार मार्गदर्शन किया?
(B) वे भाषा को शुद्ध और व्यवस्थित करते थे
उत्तर: (B) वे प्राप्त कविताओं की भाषा दुरुस्त (परिमार्जित) करके उन्हें सरस्वती में प्रकाशित करते थे, जिससे भाषा का परिष्कार हुआ।
(A) वे केवल आर्थिक सहायता देते थे
(C) वे केवल ब्रजभाषा को बढ़ावा देते थे
(D) वे केवल अनुवाद पर जोर देते थे
53. शुक्ल जी के अनुसार, द्विवेदी जी की कविताएँ किस कारण से गद्यवत् हो गई थीं?
(D) बहुत अधिक कल्पनाशीलता से
(B) इतिवृत्तात्मकता के कारण
उत्तर: (B) वड्र्सवर्थ के सिद्धांत के प्रभाव और इतिवृत्तात्मकता के कारण उनकी कविता में लाक्षणिकता कम थी। गद्य-पद्य का पदविन्यास एक जैसा होने के कारण भी।
(A) छंदों के अभाव के कारण
(C) केवल विदेशी शब्दों के प्रयोग से
54. ‘रंग में भंग’ प्रबंधकाव्य की कथा का आधार क्या है?
(A) मुगलों की वीरता
(C) धार्मिक उपदेश
(D) प्रेम कहानी
(B) राजपूती आन
उत्तर: (B) यह चित्तौड़ और बूँदी के राजघरानों की राजपूती आन से संबंधित कथा है।
55. मैथिलीशरण गुप्त की ‘भारत भारती’ का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(C) प्रकृति का वर्णन
(D) विदेशी आक्रमण का समर्थन
(B) भूत और वर्तमान दशा की विषमता दिखाना
उत्तर: (B) इसमें मुसद्दस हाली के ढंग पर देश की गौरवशाली अतीत और दयनीय वर्तमान का चित्रण है।
(A) केवल मनोरंजन
56. साकेत महाकाव्य के किन सर्गों में उर्मिला का वियोग वर्णन है?
(A) प्रथम और द्वितीय
(B) पाँचवें और छठे
(D) ग्यारहवें और बारहवें
(C) नौवें और दसवें
उत्तर: (C) पूरे दो सर्ग (9 और 10) उर्मिला के वियोग वर्णन के लिए रखे गए हैं।
57. गुप्त जी ने साकेत में रामायण के पात्रों के माध्यम से किन आधुनिक आंदोलनों की झलक दिखाई है?
(A) केवल धार्मिक कट्टरता
(C) केवल राजशाही का समर्थन
(D) केवल प्राचीन रूढ़ियाँ
(B) सत्याग्रह और प्रजा का अधिकार
उत्तर: (B) उन्होंने पौराणिक पात्रों के भीतर आधुनिक भावनाओं का समावेश बहुत कौशल से किया है। किसानों और श्रमजीवियों से सहानुभूति है।
58. ‘नारी शिक्षा अनादरत जे लोग अनारी…’ – यह पंक्तियाँ किस कवि की हैं?
(A) मैथिलीशरण गुप्त
(C) महावीरप्रसाद द्विवेदी
(D) भारतेंदु हरिश्चंद्र
(B) सत्यनारायण कविरत्न
उत्तर: (B) ये पंक्तियाँ कविरत्न जी के भ्रमरदूत से ली गई हैं, जिसमें उन्होंने नारी शिक्षा की उपेक्षा को देश की अवनति का कारण बताया है।
59. शुक्ल जी ने मैथिलीशरण गुप्त को सामंजस्यवादी कवि क्यों कहा है?
(A) क्योंकि वे केवल नवीनता के पक्षधर थे
(B) क्योंकि उनमें प्राचीन के प्रति पूज्य भाव और नवीन के प्रति उत्साह है
उत्तर: (B) वे अतीत और वर्तमान की श्रेष्ठताओं को एक साथ लेकर चलने वाले कवि हैं।
(C) क्योंकि वे राजनीति में सक्रिय थे
(D) क्योंकि वे केवल अनुवाद करते थे
60. ‘रामचरित चिंतामणि’ प्रबंधकाव्य के किस प्रसंग की शुक्ल जी ने प्रशंसा की है?
(A) राम जन्म
(B) अंगद-रावण संवाद
उत्तर: (B) रामचरित उपाध्याय द्वारा रचित इस काव्य का अंगद-रावण संवाद बहुत सुंदर बन पड़ा है।
(C) सीता स्वयंवर
(D) लंका दहन
61. पं. गिरिधर शर्मा नवरत्न ने माघ के ‘शिशुपालवध’ का अनुवाद किस नाम से किया?
(C) नवरत्न माघ
(D) कृष्ण विजय
(B) हिंदी माघ
उत्तर: (B) उन्होंने संवत् 1985 में हिन्दी माघ के नाम से इसका अनुवाद किया था।
(A) शिशुपाल वध सार
62. ‘मृगी दुखमोचन’ में किस भाषा और छंद का प्रयोग लोचनप्रसाद पांडेय ने किया है?
(C) अवधी के दोहे
(D) खड़ी बोली के रोला
(B) खड़ी बोली के सवैये
उत्तर: (B) उन्होंने खड़ी बोली के सवैयों में एक मृगी की दारुण परिस्थिति का चित्रण किया है।
(A) ब्रजभाषा के सवैये
63. द्विवेदी मंडल के बाहर के कवियों में कौन दोरंगी (ब्रज और खड़ी बोली दोनों में रचना करने वाले) कवि थे?
(C) केवल श्रीधर पाठक
(D) केवल रामचरित उपाध्याय
(B) राय देवीप्रसाद पूर्ण और गयाप्रसाद शुक्ल सनेही
उत्तर: (B) राय देवीप्रसाद पूर्ण और गयाप्रसाद शुक्ल सनेही ब्रजभाषा में पुरानी परिपाटी और खड़ी बोली में नूतन विषयों पर कविता करते थे।
(A) केवल मैथिलीशरण गुप्त
64. राय देवीप्रसाद पूर्ण किस धार्मिक विचारधारा के उत्साही अनुयायी थे?
(A) आर्य समाज
(C) ब्रह्म समाज
(D) सूफी मत
(B) सनातन धर्म
उत्तर: (B) वे सनातन धर्म के अनुयायी थे और उपनिषद् तथा वेदांत में उनकी अच्छी गति थी।
65. ‘वसंतवियोग’ कविता में भारतभूमि की क्या कल्पना की गई है?
(B) एक प्राचीन उद्यान
उत्तर: (B) इसमें भारत को एक उद्यान के रूप में चित्रित किया गया है जिसके माली देवतुल्य थे।
(A) एक रणभूमि
(C) एक तपस्वी की कुटी
(D) एक विशाल मंदिर
66. ‘गर्भरंडा रहस्य’ प्रबंधकाव्य का मुख्य विषय क्या है?
(A) वीरता का वर्णन
(B) विधवाओं की दयनीय स्थिति
उत्तर: (B) नाथूराम शर्मा शंकर ने यह काव्य सामाजिक कुरीतियों को दिखाने के लिए लिखा था। इसमें विधवाओं की दयनीय स्थिति और मंदिरों के अनाचार का चित्रण हुआ है।
(C) प्रकृति चित्रण
(D) कृष्ण लीला
67. नाथूराम शर्मा शंकर की कविताओं की एक प्रमुख विशेषता क्या है?
(C) केवल दार्शनिकता
(D) कठिन संस्कृत शब्द
(B) फबतियाँ और फटकार
उत्तर: (B) फैशन और कुरीतियों पर उनकी फबतियाँ (जैसे ईश-गिरिजा वाली) बहुत प्रसिद्ध हैं।
(A) केवल करुण रस
68. ‘त्रिाशूल’ के नाम से राष्ट्रीय भावनाओं की कविताएँ कौन लिखता था?
(A) राय देवीप्रसाद पूर्ण
(C) रामनरेश त्रिपाठी
(D) लाला भगवानदीन
(B) गयाप्रसाद शुक्ल सनेही
उत्तर: (B) सनेही जी राष्ट्रीय विषयों पर त्रिाशूल उपनाम से लिखते थे।
69. रामनरेश त्रिपाठी के खंडकाव्यों (मिलन, पथिक, स्वप्न) की कथावस्तु कैसी है?
(A) पौराणिक और ऐतिहासिक
(C) केवल धार्मिक
(D) पूर्णतः राजनीतिक
(B) कल्पित और स्वच्छंद
उत्तर: (B) उन्होंने पौराणिक कथाओं में न बँधकर अपनी भावना के अनुकूल नूतन कथाओं की उद्भावना की है।
70. ‘स्वप्न’ खंडकाव्य के नायक वसंत के मन में क्या द्वंद्व है?
(C) धन और मोक्ष का
(D) ज्ञान और भक्ति का
(B) प्रियतमा का प्रेम बनाम समाज का कष्ट-निवारण
उत्तर: (B) रामनरेश त्रिपाठी के खंडकाव्य में नायक एक ओर प्रियतमा के साथ प्रेमसुख चाहता है, तो दूसरी ओर दीन-दुखियों की पुकार उसे बुलाती है।
(A) युद्ध और शांति का
71. ‘जो देश की रक्षा करे वही राजा’ – यह उद्घोष किस काव्य के अंत में आता है?
(B) स्वप्न
उत्तर: (B) रामनरेश त्रिपाठी जी के स्वप्न खंडकाव्य के अंत में राजा विजय के बाद वसंत को राज्य सौंपते हुए यह कहता है।
(A) भारत भारती
(C) साकेत
(D) वैदेही वनवास
72. लाला भगवानदीन दीन ने खड़ी बोली की कविताओं का तर्ज (शैली) कैसा रखा था?
(D) लाक्षणिक और दार्शनिक
(B) मुंशियाना
उत्तर: (B) वे उर्दू के छंदों और बोलचाल के अरबी-फारसी शब्दों (मुंशियाना) का प्रयोग करते थे।
(A) पूर्णतः संस्कृतनिष्ठ
(C) केवल ग्रामीण
73. ‘पराग’ कविता संग्रह के रचयिता कौन हैं?
(B) लोचनप्रसाद पांडेय
(C) मुकुटधर पांडेय
(D) श्रीधर पाठक
(A) रूपनारायण पांडेय
उत्तर: (A) रूपनारायण पांडेय की रसात्मक कविताओं का संग्रह पराग नाम से प्रसिद्ध है।
74. ‘भ्रमरदूत’ में सत्यनारायण कविरत्न ने यशोदा के माध्यम से क्या संदेश दिया है?
(D) राजनीति का समर्थन
(B) वात्सल्य और देश की वर्तमान दशा का आभास
उत्तर: (B) इसमें यशोदा का संदेश कृष्ण के लिए है, पर अंत में देश की दशा और नारी शिक्षा जैसे विषयों का भी संकेत है।
(A) केवल भक्ति का
(C) केवल निर्गुण का विरोध

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