आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास सूफी काव्य (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

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आचार्य रामचंद्र शुक्ल: हिंदी साहित्य का इतिहास – महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ ग्रंथ के ‘प्रेममार्गी (सूफी) शाखा’ प्रकरण के आधार पर कुछ और महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) यहाँ दिए गए हैं। कुल 53 प्रश्न Quiz के रूप में दिए जा रहे हैं। यह प्रश्न-संग्रह सूफी काव्य के प्रेममार्गी कवियों, काव्यधाराओं, ऐतिहासिक संदर्भों और साहित्यिक विशेषताओं पर आधारित हैं। यह प्रश्नोत्तरी आपकी परीक्षाओं (PGT, TGT, DSSSB, lt grade, Assistant Professor आदि) के लिए जरूर उपयोगी सिद्ध होंगे:

1. आचार्य शुक्ल के अनुसार, मृगावती के रचयिता कुतबन किस वंश के शेख बुरहान के शिष्य थे?
कादिरी
नक्शबंदी
चिश्ती
कुतबन चिश्ती वंश के शेख बुरहान के शिष्य थे और जौनपुर के बादशाह हुसैनशाह के आश्रित थे।
सुहरावर्दी
2. ‘मृगावती’ का रचना काल आचार्य शुक्ल ने क्या माना है?
संवत् 1600
संवत् 1558
शुक्ल जी के अनुसार, कुतबन ने ‘मृगावती’ की रचना संवत् 1558 (909 हिजरी) में की थी।
संवत् 1540
संवत् 1500
3. ‘मधुमालती’ के रचयिता कौन हैं?
कुतबन
जायसी
उस्मान
मंझन
मंझन ने ‘मधुमालती’ की रचना की है, जिसमें पाँच चौपाइयों (अर्धालियों) के बाद एक दोहे का क्रम रखा गया है।
4. ‘मधुमालती’ के नायक का क्या नाम है?
रतनसेन
सुजान
राजकुँवर
मनोहर
मधुमालती की कथा के नायक का नाम मनोहर है, जो कनेसर नगर के राजा सूरजभान का पुत्र था।
5. ‘मधुमालती’ में नायक-नायिका के अतिरिक्त किन उपनायक-उपनायिका की योजना की गई है?
कुतबन-मृगावती
ताराचंद-प्रेमा
मंझन ने ताराचंद और प्रेमा के रूप में उपनायक और उपनायिका की योजना करके कथा को विस्तार दिया है।
राघव-पद्मावती
सुजान-चित्रावली
6. किस जैन कवि ने अपने आत्मचरित में ‘मृगावती’ और ‘मधुमालती’ के पठन का उल्लेख किया है?
स्वयंभू
पुष्पदंत
हेमचंद्र
बनारसी दास
बनारसी दास ने संवत् 1660 के आसपास अपने घर में ‘मृगावती’ और ‘मधुमालती’ पढ़ने का उल्लेख किया है।
7. मलिक मुहम्मद जायसी के गुरु का क्या नाम था?
शेख मोहिदी
जायसी प्रसिद्ध सूफी फकीर शेख मोहिदी (मुहीउद्दीन) के शिष्य थे और जायस में रहते थे।
शेख बुरहान
हाजी बाबा
निजामुद्दीन
8. जायसी की किस पुस्तक में बाबर बादशाह की प्रशंसा मिलती है?
अखरावट
चित्ररेखा
आखिरी कलाम
‘आखिरी कलाम’ बाबर के समय में (सन् 1528 ई.) लिखी गई थी और इसमें बाबर की प्रशंसा है।
पद्मावत
9. जायसी ने ‘पद्मावत’ का आरंभ किस हिजरी सन में किया था?
900 हिजरी
947 हिजरी
1000 हिजरी
927 हिजरी
जायसी के अनुसार, पद्मावत की कथा का आरंभ 927 हिजरी (सन् 1520 ई.) में हुआ था।
10. ‘पद्मावत’ में किस ‘शाहेवक्त’ (तत्कालीन शासक) की प्रशंसा की गई है?
अकबर
शेरशाह
पद्मावत के प्रारंभ में मसनवी की रूढ़ि के अनुसार शेरशाह सूरी की प्रशंसा की गई है।
बाबर
हुमायूँ
11. जायसी की अक्षय कीर्ति का आधार स्तंभ कौन-सा ग्रंथ है?
अखरावट
आखिरी कलाम
कन्हावत
पद्मावत
जायसी की अक्षय कीर्ति का मुख्य आधार ‘पद्मावत’ ही है।
12. ‘अखरावट’ में जायसी ने किस विषय का वर्णन किया है?
कयामत का वर्णन
शेरशाह की प्रशंसा
वर्णमाला के अक्षरों के माध्यम से सिद्धांत संबंधी बातें
अखरावट में वर्णमाला के अक्षरों के माध्यम से ईश्वर, सृष्टि और जीव संबंधी विचार प्रकट किए गए हैं।
प्रेमकथा
13. जायसी को ‘प्रेम की पीर’ का कवि किसने कहा है?
रामविलास शर्मा
रामचंद्र शुक्ल
आचार्य शुक्ल ने लिखा है कि पद्मावत पढ़ने से पता चलता है कि जायसी का हृदय ‘प्रेम की पीर’ से भरा था।
हजारी प्रसाद द्विवेदी
नगेंद्र
14. शुक्ल जी के अनुसार, हिंदू हृदय और मुसलमान हृदय आमने-सामने करके अजनबीपन मिटाने वालों में किसका नाम प्रमुख है?
कबीर
तुलसी
सूरदास
जायसी
शुक्ल जी के अनुसार, जायसी जैसे सूफी कवियों ने हिंदुओं की कहानियाँ उन्हीं की बोली में कहकर सामाजिक सामंजस्य स्थापित किया।
15. ‘पद्मावत’ की कथा का पूर्वार्ध कैसा है?
पूर्णतः सत्य
पौराणिक
कल्पित
शुक्ल जी के अनुसार, पद्मावत का पूर्वार्ध कल्पित है और उत्तरार्ध ऐतिहासिक आधार पर है।
ऐतिहासिक
16. ‘पद्मावत’ में हीरामन किसका नाम है?
एक सूए का
हीरामन सिंहलद्वीप की राजकुमारी पद्मावती के पास रहने वाला एक विद्वान तोता (सुआ) था।
एक राजा का
एक सैनिक का
एक तांत्रिक का
17. राजा रतनसेन को सिंहलद्वीप ले जाने वाला मार्गदर्शक कौन था?
राघव चेतन
अलाउद्दीन
गोरा-बादल
हीरामन सुआ
राजा रतनसेन पद्मावती के रूप का वर्णन सुनकर जोगी होकर हीरामन सुए के पीछे-पीछे सिंहलद्वीप चल पड़ा था।
18. पद्मावत में ‘राघव चेतन’ किसका प्रतीक है?
मन
शैतान
जायसी ने ग्रंथ के अंत में स्पष्ट किया है कि ‘राघव दूत सोई सैतानू’।
गुरु
माया
19. ‘तन चितउर मन राजा कीन्हा’ – इस पंक्ति में ‘पद्मिनी’ किसका प्रतीक है?
हृदय
सात्त्विक बुद्धि
जायसी के अनुसार ‘हिय सिंघल, बुधि पदमिनि चीन्हा’, यहाँ पद्मिनी बुद्धि की प्रतीक है।
संसार
गुरु
20. ‘नागमती’ किसका प्रतीक है?
माया
मोक्ष
सांसारिकता
जायसी ने लिखा है- ‘नागमती यह दुनिया धांधा’। दुनिया धंधा का अर्थ सांसारिकता से है।
परमात्मा
21. अलाउद्दीन खिलजी को पद्मावत में किसका प्रतीक माना गया है?
माया
जायसी के अनुसार- ‘माया अलाउदीं सुलतानू’।
शैतान
गुरु
साधक
22. उस्मान ने ‘चित्रावली’ की रचना कब की थी?
1520 ई.
1550 ई.
1700 ई.
1613 ई.
उस्मान जहाँगीर के समय में थे और उन्होंने ‘चित्रावली’ सन् 1613 ई. (1022 हिजरी) में लिखी थी।
23. ‘चित्रावली’ के नायक सुजान कहाँ के राजकुमार थे?
चित्तौड़
कंचनपुर
सिंहलद्वीप
नेपाल
सुजान नेपाल के राजा धरनीधर पँवार के पुत्र थे।
24. किस कवि ने अपनी रचना में ‘अंग्रेजों के द्वीप’ का उल्लेख किया है?
नूर मुहम्मद
उस्मान
उस्मान ने ‘जोगी ढूँढ़न खंड’ में अंग्रेजों के द्वीप (बलदीप) का उल्लेख किया है।
जायसी
मंझन
25. जायसी ने अपनी रचनाओं में कितने चौपाइयों के बाद एक दोहे का क्रम रखा है?
ग्यारह
सात
जायसी और उस्मान दोनों ने अपनी रचनाओं में सात चौपाइयों (अर्धालियों) के बाद एक दोहे का क्रम रखा है।
पाँच
नौ
26. ‘ज्ञानदीप’ के रचयिता कौन हैं?
नूर मुहम्मद
उस्मान
शेख नबी
शेख नबी ने ‘ज्ञानदीप’ नामक आख्यान काव्य लिखा, जिसमें राजा ज्ञानदीप और रानी देवजानी की कथा है।
कासिमशाह
27. शुक्ल जी के अनुसार, प्रेममार्गी सूफी कवियों की प्रचुरता की समाप्ति किस कवि से माननी चाहिए?
जायसी
उस्मान
कासिमशाह
शेख नबी
शुक्ल जी का मानना है कि शेख नबी से ही प्रेममार्गी सूफी कवियों की प्रचुरता समाप्त समझनी चाहिए।
28. ‘हंस जवाहिर’ के रचयिता कौन हैं?
कासिमशाह
कासिमशाह ने संवत् 1788 के आसपास ‘हंस जवाहिर’ नाम की कहानी लिखी थी।
शेख नबी
नूर मुहम्मद
बनारसी दास
29. ‘इंद्रावती’ (1744 ई.) के रचयिता कौन हैं?
उस्मान
कासिमशाह
शेख नबी
नूर मुहम्मद
नूर मुहम्मद ने संवत् 1801 (1157 हिजरी) में ‘इंद्रावती’ नामक सुंदर आख्यान काव्य लिखा।
30. नूर मुहम्मद की किस रचना में ‘बरवै’ छंद का प्रयोग किया गया है?
हंस जवाहिर
चित्रावली
अनुराग बाँसुरी
‘अनुराग बाँसुरी’ में चौपाइयों के बीच-बीच में दोहे न लिखकर बरवै रखे गए हैं।
इंद्रावती
31. ‘हिंदू मग पर पाँव न राखेउँ। का जौ बहुतै हिन्दी भाखेउ’ – यह सफाई किस कवि को देनी पड़ी?
उस्मान
नूर मुहम्मद
‘इंद्रावती’ की रचना पर जब मुसलमानों ने नूर मुहम्मद को उलाहना दिया, तब उन्होंने ‘अनुराग बाँसुरी’ में यह सफाई दी थी।
जायसी
मंझन
32. नूर मुहम्मद की कौन-सी रचना ‘अध्यवसित रूपक’ (एलेगरी) के रूप में लिखी गई है?
इंद्रावती
चित्ररेखा
ज्ञानदीप
अनुराग बाँसुरी
‘अनुराग बाँसुरी’ का विषय तत्वज्ञान संबंधी है और इसमें शरीर, जीवात्मा और मनोवृत्तियों को लेकर रूपक बाँधा गया है।
33. सूफी मत के अनुयायी किस पंजाबी हिंदू ने ‘नल दमयंती कथा’ लिखी?
तुलसीराम
बिहारी
सूरदास
शाहजहाँ के समय में सूरदास नामक एक पंजाबी हिंदू ने ‘नल दमयंती कथा’ लिखी थी, जो सूफी शैली में है।
बनारसी दास
34. ‘गुलशने इश्क’ दक्खिनी उर्दू की प्रेम कहानी किस भारतीय सूफी काव्य के आधार पर लिखी गई?
पद्मावत
चित्रावली
मधुमालती
दक्षिण के शायर नसरती ने संवत् 1700 में ‘मधुमालती’ के आधार पर ‘गुलशने इश्क’ लिखी थी।
मृगावती
35. ‘मोहिका हँसेसि कि कोहरहि’ (मुझ पर हँसते हो या उस कुम्हार/ईश्वर पर) – यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
कबीर
उस्मान
कुतबन
जायसी
जब शेरशाह जायसी के रूप को देखकर हँसा, तब जायसी ने यह प्रसिद्ध वाक्य कहा था।
36. ‘मृगावती’ के नायक किस नगर के राजकुमार थे?
चंद्रनगर
‘मृगावती’ की कहानी में चंद्रनगर के राजा गणपतिदेव के राजकुमार और कंचनपुर की राजकुमारी मृगावती की प्रेमकथा है।
कंचनपुर
चित्तौड़
नेपाल
37. ‘मृगावती’ की राजकुमारी के पास कौन-सी विशेष विद्या थी?
उड़ने की
राजकुमारी मृगावती उड़ने की विद्या जानती थी और एक दिन वह राजकुमार को धोखा देकर उड़ गई थी।
अदृश्य होने की
भविष्य देखने की
जल पर चलने की
38. शुक्ल जी ने ‘मधुमालती’ की क्या विशेषता बताई है जो इसे ‘मृगावती’ से श्रेष्ठ बनाती है?
इसकी भाषा अधिक कठिन है।
इसमें केवल वीर रस है।
इसमें दोहों का प्रयोग नहीं है।
इसकी कल्पना अधिक विशद और वर्णन अधिक हृदयग्राही है।
शुक्ल जी के अनुसार, मृगावती की अपेक्षा मधुमालती की कल्पना अधिक विशद और वर्णन अधिक विस्तृत तथा हृदयग्राही है।
39. ‘मधुमालती’ में नायक मनोहर और राजकुमारी मधुमालती का प्रथम साक्षात्कार किसके द्वारा संभव हुआ?
अप्सराओं के द्वारा
अप्सराएँ सोते हुए राजकुमार मनोहर को रातोंरात उठाकर मधुमालती की चित्रसारी में ले आई थीं।
एक दूती के द्वारा
राजा के द्वारा
एक योगी के द्वारा
40. ‘मधुमालती’ कथा में ‘प्रेमा’ ने मनोहर को अपना क्या माना?
सेवक
भाई
प्रेमा ने मनोहर के उपकार के बदले उसे अपना भाई माना और उसे उसकी प्रेयसी मधुमालती से मिलाने का वचन दिया।
पति
शत्रु
41. सूफी सिद्धांतों के अनुसार, ‘ईश्वर का विरह’ भक्त के लिए क्या है?
केवल कल्पना
प्रधान संपत्ति
सूफियों के यहाँ ईश्वर का विरह भक्त की प्रधान संपत्ति है, जिसके बिना साधना के मार्ग में कोई प्रवृत्त नहीं हो सकता।
एक अभिशाप
मानसिक रोग
42. जायसी ने ‘पद्मावत’ में अपने से पूर्व के किन चार काव्यों का उल्लेख किया है?
मुग्धावती, मृगावती, मधुमालती और प्रेमावती
जायसी ने पद्मावत में इन चार पूर्ववर्ती प्रेमाख्यानों का उल्लेख किया है, जिनमें से मृगावती और मधुमालती ही अब तक उपलब्ध हैं।
रामायण, महाभारत, गीता, पुराण
रामचरितमानस, सूरसागर, बीजक, पद्मावत
चित्रावली, ज्ञानदीप, इंद्रावती, हंस जवाहिर
43. आचार्य शुक्ल के अनुसार, कबीर और जायसी के ‘हृदय स्पर्श’ करने के तरीके में क्या अंतर है?
जायसी केवल डराते थे, कबीर प्रेम करते थे।
कबीर ने हिंदुओं का पक्ष लिया और जायसी ने मुसलमानों का।
कबीर की झाड़-फटकार चिढ़ाने वाली थी, जबकि सूफियों ने मनुष्यमात्र के हृदय को स्पर्श करने वाले सामान्य जीवन दशाओं को रखा।
शुक्ल जी का मानना है कि कबीर का कट्टरपन दूर करने का प्रयास अक्सर चिढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, जबकि जायसी आदि कवियों ने प्रत्यक्ष जीवन की एकता का दृश्य सामने रखा।
दोनों का तरीका एक समान था।
44. ‘पद्मावत’ में नागमती का वियोग वर्णन किस माह से प्रारंभ होता है?
जेठ
आषाढ़
जायसी का बारहमासा ‘चढ़ा असाढ़ गगन घन गाजा’ से शुरू होता है।
चैत
बैसाख
45. पद्मावत में ‘सिंहलद्वीप’ किसका प्रतीक माना गया है?
संसार का
हृदय का
ग्रंथ के अंत में जायसी ने स्पष्ट किया है कि ‘हिय सिंघल, बुधि पदमिनि चीन्हा’।
मन का
बुद्धि का
46. ‘चित्रावली’ के रचयिता उसमान ने अपना उपनाम क्या रखा है?
मान
उसमान गाजीपुर के रहने वाले थे और उन्होंने अपना उपनाम ‘मान’ लिखा है।
सुजान
शेख
प्रेमी
47. ‘चित्रावली’ में नायक सुजान को किस परम योगी के अंश से उत्पन्न बताया गया है?
विष्णु
ब्रह्मा
इंद्र
शिव
उसमान ने सुजान को महादेव (शिव) के अंश से उत्पन्न बताया है, जो पौराणिक शैली का प्रभाव है।
48. ‘चित्रावली’ में ‘चित्रावली’ और ‘कँवलावती’ क्रमशः किनके प्रतीक हैं?
विद्या और अविद्या
शुक्लजी के अनुसार, चित्रावली ‘विद्या’ (सत्यज्ञान) और कँवलावती ‘अविद्या’ के रूप में कल्पित जान पड़ती हैं।
माया और मोक्ष
प्रेम और घृणा
स्वर्ग और नर्क
49. ‘हंस जवाहिर’ के रचयिता कासिमशाह की रचना के बारे में शुक्ल जी की क्या राय है?
यह सर्वश्रेष्ठ सूफी काव्य है।
इसकी भाषा बहुत कठिन है।
इसमें ऐतिहासिक तथ्यों की भरमार है।
इनकी रचना बहुत निम्न कोटि की है और इसमें प्रौढ़ता नहीं है।
शुक्ल जी ने ‘हंस जवाहिर’ की आलोचना करते हुए इसे निम्न कोटि की रचना कहा है जिसमें जायसी की पदावली का अनुकरण तो है पर प्रौढ़ता नहीं है।
50. नूर मुहम्मद ने ‘अनुराग बाँसुरी’ की रचना किस संवत् में की थी?
संवत् 1700
संवत् 1900
संवत् 1821
नूर मुहम्मद ने ‘अनुराग बाँसुरी’ की रचना संवत् 1821 (1178 हिजरी) में की थी।
संवत् 1500
51. ‘अनुराग बाँसुरी’ की भाषा अन्य सूफी काव्यों से किस प्रकार भिन्न है?
इसकी भाषा बहुत अधिक संस्कृत-गर्भित है।
अन्य सूफी रचनाओं की तुलना में ‘अनुराग बाँसुरी’ की भाषा अधिक पांडित्यपूर्ण और संस्कृत-गर्भित है।
यह केवल फारसी में है।
इसमें केवल ग्रामीण अवधी है।
यह ब्रजभाषा का एकमात्र ग्रंथ है।
52. ‘अनुराग बाँसुरी’ में नायक ‘अंत:करण’ के दो सखा कौन बताए गए हैं?
संकल्प और विकल्प
बुद्धि और चित्त
रूपक के अनुसार, बुद्धि और चित्त को अंत:करण के दो सखा बताया गया है।
काम और क्रोध
प्रेम और विरह
53. शुक्ल जी के अनुसार, सूफी आख्यान काव्यों की ‘अखंडित परंपरा’ की समाप्ति किस कवि से मानी जा सकती है?
जायसी
उस्मान
कासिमशाह
नूर मुहम्मद
नूर मुहम्मद की ‘इंद्रावती’ और ‘अनुराग बाँसुरी’ के साथ ही सूफी आख्यान काव्यों की अखंडित परंपरा समाप्त मानी जा सकती है।

आचार्य रामचंद्र शुक्ल के ‘हिंदी साहित्य का इतिहास’ के मूल वक्तव्य और सूफी काव्यधारा पर आधारित हैं। ये वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) आपकी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह quiz कैसी लगी, कॉमेंट कर हमें भी बताएं।

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