महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी प्रश्नपत्र 2026

0
6

महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ (Maharaja Suhel Dev University, Azamgarh) द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र यहाँ उत्तर एवं व्याख्या सहित प्रस्तुत किया गया है। इस प्रश्नपत्र के सभी 40 बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक उत्तर-कुंजी (Official Answer Key 2026), Set A के अनुसार दिए गए हैं।

असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी परीक्षा 2026 के प्रश्नपत्र में भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र, हिंदी साहित्य का इतिहास, आदिकाल, भक्तिकाल, रीतिकाल, आधुनिक हिंदी साहित्य, साहित्यिक आलोचना, भाषा-विज्ञान तथा हिंदी व्याकरण से संबंधित प्रश्न पूछे गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और उसकी व्याख्या भी दी गई है, जिससे अभ्यर्थी न केवल अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं, बल्कि संबंधित विषयों का अध्ययन भी कर सकते हैं।

यह प्रश्नपत्र विशेष रूप से UGC NET हिंदी, UPESSC असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी एवं अन्य विश्वविद्यालयों की सहायक आचार्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है।

परीक्षा का संक्षिप्त विवरण

विवरणजानकारी
विश्वविद्यालयमहाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़
परीक्षा का नामअसिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2026
विषयहिंदी
विषय कोड117
परीक्षा तिथि27 अक्टूबर 2026
प्रश्नपत्र सेटSet A
कुल प्रश्न40
प्रश्नों का प्रकारबहुविकल्पीय
उत्तरों का आधारआधिकारिक उत्तर-कुंजी 2026

आधिकारिक उत्तर-कुंजी (MSDU Hindi Answer Key 2026)

महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय ने 27 अक्टूबर 2026 को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा की विषयवार उत्तर-कुंजी जारी कर दी है। हिंदी विषय (कोड 117) की उत्तर-कुंजी में प्रश्नपत्र के चारों सेट—A, B, C एवं D के उत्तर उपलब्ध हैं।

असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी की आधिकारिक उत्तर-कुंजी PDF डाउनलोड करें

विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार, अभ्यर्थी उत्तर-कुंजी से संबंधित आपत्तियाँ 30 अक्टूबर 2026 को शाम 5:00 बजे तक साक्ष्य सहित ईमेल recruitment@msdsu.ac.in पर भेज सकते हैं।

असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी प्रश्नपत्र 2026 : Set A

नीचे प्रश्नपत्र के सभी 40 प्रश्न उत्तर एवं व्याख्या सहित दिए गए हैं। अभ्यर्थी प्रत्येक प्रश्न को हल करने के बाद सही उत्तर एवं उसकी व्याख्या देख सकते हैं।

1. रीति सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य हैं:
भामह
दण्डी
भरत
वामन
आचार्य वामन को रीति सम्प्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने ‘रीतिरात्मा काव्यस्य’ कहकर रीति को काव्य की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया था।
2. “नैसर्गिकी च प्रतिभा श्रुतम् च बहु निर्मलम्।
अमन्दश्चाभियोगश्च कारणं काव्य सम्पदः॥”
उक्ति किसकी है?
आचार्य भामह
आचार्य दण्डी
यह श्लोक आचार्य दण्डी के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘काव्यादर्श’ से लिया गया है। इसमें उन्होंने नैसर्गिक प्रतिभा, निर्मल शास्त्र ज्ञान और निरंतर अभ्यास को काव्य का हेतु (कारण) माना है।
आचार्य भरतमुनि
आचार्य वामन
3. “सम्पत्ति चकई भरत चक, मुनि आयसु खेलवार।
तेहि निसि आश्रम पींजरा, राखे भा भिनुसार॥”
इन पंक्तियों में कौन सा अलंकार है?
रूपक
गोस्वामी तुलसीदास जी की इन पंक्तियों में सम्पत्ति पर चकई (चकवी), भरत पर चकवा, मुनि की आज्ञा पर खेलवार और आश्रम पर पिंजरे का अभेद आरोप किया गया है, अतः यहाँ सांगरूपक (रूपक) अलंकार है।
उपमा
व्यतिरेक
प्रतीप
4. “को तुम तीन देव महँ कोऊ।
नर-नारायण की तुम दोऊ॥”
इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
श्लेष
संदेह
यहाँ देखकर यह अनिश्चय की स्थिति (संदेह) बनी हुई है कि सामने वाले तीन देवताओं (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) में से कोई हैं या नर-नारायण हैं, अतः यहाँ संदेह अलंकार है।
यमक
रूपक
5. “मंगल करनि, कल-मल-हरनि, तुलसी कथा, रघुनाथ की।” इन पंक्तियों में कौन-सा छंद है?
सोरठा
चौपाई
हरिगीतिका
इस पंक्ति में कुल 28 मात्राएँ हैं, जो हरिगीतिका छंद का लक्षण है (16 और 12 मात्राओं पर यति होती है)।
चौपई
6. “सारा उपद्रव काव्य को कलाओं के भीतर लेने से हुआ है। इसी कारण काव्य के स्वरूप की भावना भी धीरे-धीरे बेलबूटे और नक्काशी वाली भावना के रूप में आती गयी। हमारे यहाँ काव्य की गिनती चौंसठ कलाओं में नहीं की गई है।”
यह कथन किसका है?
प्रसाद
निराला
सुमित्रानंदन पंत
रामचंद्र शुक्ल
यह प्रसिद्ध आलोचनात्मक कथन आचार्य रामचंद्र शुक्ल का है, जिसमें उन्होंने काव्य को केवल शिल्प या कला मानने का विरोध किया है।
7. “जनता की प्रवृत्तियों का औसत निकालने पर धर्म का जो मान निर्धारित होता है वही लोकधर्म है।”
यह कथन किसका है?
रामचंद्र शुक्ल
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने निबंधों (विशेषकर गोस्वामी तुलसीदास के मूल्यांकन में) लोकधर्म की यह परिभाषा दी है।
भरत
वामन
नगेन्द्र
8. ‘परम्परा और वैयक्तिक प्रतिभा’ सिद्धांत किसका है?
क्रोचे
टी.एस. इलियट
परम्परा और वैयक्तिक प्रतिभा पाश्चात्य काव्यशास्त्र में टी. एस. इलियट का अत्यंत प्रसिद्ध निबंध और सिद्धांत है।
अरस्तू
प्लेटो
9. “काव्य अनुकृति की अनुकृति है और काव्य के सत्य को मूल सत्य से तिगुना दूर मानता है” किसका कथन है?
मार्क्स
हीगेल
अरस्तू
प्लेटो
प्लेटो का मानना था कि ईश्वर का विचार सत्य है, भौतिक वस्तु उस विचार की अनुकृति है, और काव्य/कला उस भौतिक वस्तु की अनुकृति है। इस प्रकार कला सत्य से तीन गुना दूर है।
10. “जब कि प्रत्येक देश का साहित्य वहाँ की जनता की चित्तवृत्ति का संचित प्रतिबिम्ब होता है तब यह निश्चित है कि जनता की चित्तवृत्ति के परिवर्तन के साथ-साथ साहित्य के स्वरूप में भी परिवर्तन होता चला जाता है। आदि से अंत तक इन्हीं चित्तवृत्तियों की परम्परा को परखते हुए साहित्य परम्परा के साथ उनका सामंजस्य दिखाना ही ‘साहित्य का इतिहास’ कहलाता है।”
यह कथन हैः
नंद दुलारे वाजपेयी
नगेन्द्र
नामवर सिंह
रामचंद्र शुक्ल
यह आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा रचित ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ की भूमिका का सबसे प्रसिद्ध और आधारभूत कथन है।
11. ‘उत्तर अपभ्रंश ही पुरानी हिन्दी है।’ यह कथन किसका है?
हरदेव बाहरी
रामचंद्र शुक्ल
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ जी ने ही सर्वप्रथम भाषावैज्ञानिक दृष्टि से ‘उत्तर अपभ्रंश’ को ‘पुरानी हिन्दी’ नाम दिया था।
भोलानाथ तिवारी
12. ‘हिमालय के पाद देश में प्रचलित नाथ-पूजा बौद्ध धर्म को प्रभावित करके वज्रयान शाखा के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी थी।’ यह कथन किसका है?
मिश्र बंधु
रामचंद्र शुक्ल
हजारी प्रसाद द्विवेदी
यह कथन आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का है। इसमें हिमालय के पादप्रदेश की धार्मिक परंपराओं तथा बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा के संबंध की चर्चा की गई है।
रामविलास शर्मा
13. ‘वृक्ष न नीर न उत्तम चीर सुदेशन में गत देस है भारू’ सुंदरदास की पंक्तियाँ किस प्रदेश पर हैं?
मारवाड़
संत सुंदरदास ने मारवाड़ (राजस्थान) की भौगोलिक शुष्कता (जहाँ वृक्ष और पानी की कमी है) का वर्णन करते हुए यह पंक्ति रची थी।
गुजरात
अवध
उड़ीसा
14. अष्टछाप (1565 ई.) की स्थापना किसने की थी?
वल्लभाचार्य
विठ्ठलनाथ
गोस्वामी विट्ठलनाथ ने 1565 ई. में चार अपने और चार अपने पिता (वल्लभाचार्य) के शिष्यों को मिलाकर ‘अष्टछाप’ की स्थापना की थी।
गोकुलनाथ
यदुनाथ
15. कबीरदास भक्तिधारा के कवि हैं:
ज्ञानमार्गी
कबीरदास निर्गुण भक्ति शाखा के अंतर्गत ज्ञानाश्रयी (ज्ञानमार्गी) शाखा के प्रतिनिधि कवि हैं।
प्रेममार्गी
रामभक्ति धारा
कृष्णभक्ति धारा
16. ‘दोहावली’, ‘नगरशोभा’, ‘बरवै नायिका भेद’, ‘मदनाष्टक’ एवं ‘खेटकौतुक जातकम्’ ग्रंथों के रचयिता हैं:
तानसेन
रहीम
ये सभी प्रसिद्ध काव्य और ज्योतिष ग्रंथ अब्दुर्रहीम खानखाना (रहीम) द्वारा रचे गए हैं।
रसखान
मीराबाई
17. आचार्य रामचंद्र शुक्ल ‘हिन्दी रीतिग्रंथों की अखंड परम्परा’ किससे मानते हैं?
चिंतामणि
शुक्ल जी ने रीतिकाल की अखंड परम्परा केशवदास से न मानकर चिंतामणि त्रिपाठी से मानी है।
केशवदास
कृपाराम
देव
18. “भले बुरे सब एक सम जौ लौं बोलत नाहिं।
जानि परत हैं कागपिक ऋतु बंसत को माहिं॥”
ये पंक्तियाँ किस कवि की हैं:
बिहारी
मतिराम
भूषण
बृंद
यह नीतिपरक दोहा कवि वृंद (बृंद) का है, जिसका अर्थ है कि मौन रहने तक भला-बुरा एक समान लगता है, लेकिन वसंत आने पर कौए और कोयल की बोली से उनकी पहचान हो जाती है।
19. ‘अपनी अपनी रीति के काव्य और कवि रीति’ पंक्तियाँ हैं?
देव
यह उक्ति रीतिकालीन कवि देव की है।
घनानंद
ठाकुर
बोधा
20. ‘हंस’ पत्रिका के संस्थापक कौन थे?
राजेन्द्र यादव
प्रेमचंद
‘हंस’ पत्रिका की स्थापना 1930 में मुंशी प्रेमचंद ने की थी। बाद में राजेन्द्र यादव ने इसका संपादन/पुनर्प्रकाशन किया, लेकिन संस्थापक प्रेमचंद थे।
अमृतराय
अखिलेश
21. अकबर के समय के किस कवि ने ‘चंद छंद बरनन की महिमा’ पुस्तक लिखी?
विठ्ठलनाथ
गोकुलनाथ
नाभादास
गंग कवि
अकबर के दरबारी कवि गंग ने ‘चंद छंद बरनन की महिमा’ नामक रचना लिखी थी, जिसे खड़ी बोली गद्य की प्रारंभिक रचनाओं में गिना जाता है।
22. ‘कछुवा धरम’ और ‘मारेसि मोहि कुठाँव’ निबंध के लेखक हैं:
बालकृष्ण भट्ट
बालमुकुन्द गुप्त
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’
ये दोनों ही अत्यंत प्रसिद्ध और श्रेष्ठ निबंध चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ जी के हैं।
रामचंद्र शुक्ल
23. ‘घुसपैठिए’ कहानी संग्रह के लेखक हैं:
सूरजपाल चौहान
ओमप्रकाश वाल्मीकि
‘घुसपैठिए’ प्रसिद्ध दलित साहित्यकार ओमप्रकाश वाल्मीकि का चर्चित कहानी संग्रह है।
कँवल भारती
अखिलेश
24. इतिहास से आप क्या समझते हैं?
इतिहास अतीत की परम्परा और प्रवृत्ति का वर्तमान के संदर्भ में मूल्यांकन करता है।
इतिहास केवल बीती घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह अतीत की प्रवृत्तियों का वर्तमान के आलोक में सजीव विश्लेषण और मूल्यांकन है।
इतिहास में घटनाओं का सबसे ज्यादा महत्व है।
इतिहास को वर्तमान से जोड़ना ठीक नहीं है।
इतिहास अतीत का ब्यौरा मात्र प्रस्तुत करता है।
25. निम्नलिखित को सुमेलित करते हुए सही कूट का चयन कीजिए।
(a) जार्ज ग्रियर्सन – (1) सिद्ध सामंतकाल
(b) विश्वनाथ प्रसाद मिश्र – (2) चारणकाल
(c) हजारी प्रसाद द्विवेदी– (3) वीरगाथा काल
(d) रामचंद्र शुक्ल – (4) वीरकाल
(e) राहुल सांकृत्यायन – (5) आदिकाल।
क्रम: a, b, c, d, e
2, 4, 5, 3, 1
जार्ज ग्रियर्सन ने चारणकाल (2), विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने वीरकाल (4), हजारी प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल (5), रामचंद्र शुक्ल ने वीरगाथा काल (3) और राहुल सांकृत्यायन ने सिद्ध सामंतकाल (1) नाम दिया है।
2, 3, 4, 5, 1
3, 4, 5, 1, 2
4, 5, 1, 2, 3
26. ध्वनि संरचना, वाक्य संरचना एवं अर्थ संरचना किसकी देन है?
समास
संधि
विसर्ग
भाषा
ध्वनि, वाक्य और अर्थ भाषा-विज्ञान के प्रमुख अंग हैं। ये सभी भाषा की संरचना से ही उत्पन्न होते हैं।
27. दुनिया भर में भारत ही ऐसा देश है जहाँ विद्यालय शिक्षा व्यवस्था में कितनी भाषाएँ पढ़ायी जाती हैं?
चार भाषाएँ
पाँच भाषाएँ
तीन भाषाएँ
भारत की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में ‘त्रिभाषा सूत्र’ लागू है, जिसके अंतर्गत तीन भाषाएँ पढ़ाई जाती हैं।
दो भाषाएँ
28. प्रथम सरस्वती सम्मान किस रचनाकार को दिया गया है?
केदारनाथ अग्रवाल
हरिवंशराय बच्चन
के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा पहला सरस्वती सम्मान (1991) हरिवंशराय बच्चन को उनकी चार खंडों की आत्मकथा (क्या भूलूँ क्या याद करूँ आदि) के लिए दिया गया था।
मलयज
अखिलेश
29. ‘मोहनदास’ कहानी संग्रह पर साहित्य अकादमी पुरस्कार किस रचनाकार को मिला है?
उदय प्रकाश
उदय प्रकाश को उनकी प्रसिद्ध लंबी कहानी/कहानी संग्रह ‘मोहनदास’ के लिए वर्ष 2010 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
संजीव
ओमप्रकाश वाल्मीकि
मार्कण्डेय
30. वे कौन मेधावी छात्र थे, जो विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए, लेकिन क्रांति के सागर में गोता लगाने को लालायित ‘गदर पार्टी’ में शामिल हो गए और 1913 ई. में गिरफ्तार होने के बाद 21 वर्ष के लिए जेल भेज दिए गए?
खुदीराम बोस
खुशीराम
मंगल पांडे
भाई परमानंद
भाई परमानंद गदर पार्टी के प्रमुख संस्थापकों और विचारकों में से एक थे, जिन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार कर अंडमान की सेलुलर जेल (काले पानी) में कठोर कारावास की सजा दी गई थी।
31. सदल मिश्र, लल्लू लाल, सदासुखलाल, ईशा अल्ला खाँ ने किसका विकास किया?
हिन्दी खड़ी बोली
इन चारों को प्रारंभिक हिन्दी खड़ी बोली गद्य के चार प्रमुख स्तंभ (उन्नायक) माना जाता है। फोर्ट विलियम कॉलेज के आश्रय और स्वतंत्र रूप से इन्होंने खड़ी बोली गद्य को साहित्यिक रूप दिया।
ब्रजभाषा
अवधी
बिहारी
32. ‘दीनबंधु सुखसिन्धु कृपाकर, कारुणिक रघुराई’ नामक पद तुलसीदास के किस ग्रंथ से लिया गया है?
रामचरितमानस
कवितावली
विनय पत्रिका
यह पद विनय और आत्मनिवेदन से परिपूर्ण है। तुलसीदास जी ने राम दरबार में अपनी अर्जी लगाने के लिए ‘विनय पत्रिका’ की रचना की थी, यह उसी का पद है।
गीतावली
33. ‘मालव और मगध को भूलकर जब तुम आर्यावर्त का नाम लोगे, तभी वह मिलेगा।’ चाणक्य के इस कथन में किस भावना की अभिव्यक्ति हुई है?
क्षेत्रीयता
राष्ट्रीयता
यह जयशंकर प्रसाद के नाटक ‘चंद्रगुप्त’ का संवाद है। इसमें चाणक्य क्षुद्र क्षेत्रीय सीमाओं (मालव, मगध) को त्यागकर अखंड भारत (आर्यावर्त) की बात कर रहे हैं, जो उनकी प्रबल राष्ट्रीयता को दर्शाता है।
दूरदर्शिता
संकीर्णता
34. मनोभावों का सामाजिक व्यवहार से क्या सम्बंध है?
सामाजिक व्यवहार से मनोभाव उत्पन्न होते हैं।
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के निबंध ‘भाव या मनोविकार’ के अनुसार, बाहरी जगत और सामाजिक अंतःक्रिया (व्यवहार) से ही मनुष्य के भीतर विभिन्न भाव और मनोविकार उत्पन्न होते हैं।
सामाजिक व्यवहार से मनोभावों का कोई सम्बंध नहीं है।
मनोभावों से सामाजिक व्यवहार पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
व्यक्ति का व्यवहार उसके मनोभावों से निर्धारित होता है न कि सामाजिक होने से
35. कालक्रम के अनुसार रचनाकारों का संगत क्रम है:
सरहपा, कबीर, तुलसीदास, भारतेन्दु, जयशंकर प्रसाद
ऐतिहासिक कालक्रम इस प्रकार है: सरहपा (आदिकाल – 8वीं शती), कबीरदास (भक्तिकाल – 15वीं शती), तुलसीदास (भक्तिकाल – 16वीं शती), भारतेन्दु हरिश्चंद्र (आधुनिक काल/भारतेन्दु युग – 19वीं शती), और जयशंकर प्रसाद (आधुनिक काल/छायावाद – 20वीं शती)।
कबीर, सरहपा, भारतेन्दु, तुलसीदास, जयशंकर प्रसाद
जयशंकर प्रसाद, कबीर, सरहपा, भारतेन्दु, तुलसीदास
भारतेन्दु, सरहपा, जयशंकर प्रसाद, तुलसीदास, कबीर
36. ‘संस्कृति के चार अध्याय’ किताब के लेखक हैं?
प्रेमचंद
रामधारी सिंह दिनकर
‘संस्कृति के चार अध्याय’ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की एक अत्यंत प्रसिद्ध गद्य कृति है, जिस पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।
प्रसाद
निराला
37. विज्ञान की दृष्टि से विकसित देशों में वैज्ञानिक शब्दावली का निर्माण या निर्धारण कौन करते हैं?
भाषाविद्
प्रबुद्ध पाठक
वैज्ञानिक
विकसित देशों में वैज्ञानिक शब्दावली मुख्यतः स्वयं वैज्ञानिकों द्वारा ही गढ़ी या निर्धारित की जाती है क्योंकि वे विषय वस्तु के सटीक तकनीकी अर्थ से भलीभांति परिचित होते हैं।
अर्थशास्त्री
38. ‘केन्द्रीय हिन्दी संस्थान’ का मुख्यालय कहाँ पर है?
दिल्ली
अहमदाबाद
आगरा
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान का मुख्य परिसर (मुख्यालय) आगरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
गोहाटी
39. मानकीकरण का प्रथम अभिलक्षण क्या है?
शुद्ध प्रयोग
समरूपता
भाषा या किसी भी व्यवस्था के मानकीकरण का सबसे पहला और मुख्य उद्देश्य उसमें ‘समरूपता’ लाना होता है ताकि उसका एक सर्वमान्य मानक रूप हर जगह लागू हो सके।
तार्किक प्रयोग
शैलीगत प्रयोग
40. बहुवचन क्रिया रूप का प्रयोग कहाँ होता है?
आज्ञार्थ सूचक
प्रेरणा सूचक
आदर सूचक
हिंदी व्याकरण के नियमानुसार, जब किसी व्यक्ति के प्रति आदर या सम्मान प्रकट करना होता है, तो एकवचन कर्ता के साथ भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग किया जाता है (जैसे– पिताजी आ रहे हैं)।
विस्मयादिबोधक

Previous articleआषाढ़ का एक दिन नाटक MCQ | 50 महत्त्वपूर्ण प्रश्न