आषाढ़ का एक दिन नाटक MCQ | 50 महत्त्वपूर्ण प्रश्न

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UPESSC Hindi Exam Based MCQs Quiz
UPESSC हिंदी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

मोहन राकेश के नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ में प्रेम, सृजन, महत्त्वाकांक्षा और जीवन की व्यावहारिक आवश्यकताओं का गहरा द्वंद्व दिखाई देता है। कालिदास, मल्लिका, अंबिका और विलोम जैसे पात्रों के माध्यम से यह नाटक कलाकार के परिवेश, संबंधों और सत्ता से उसके जुड़ाव पर विचार करता है।

इस लेख में यूजीसी नेट हिंदी और सहायक प्रोफेसर परीक्षा की तैयारी के लिए नाटक पर आधारित 50 मौलिक बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। इनमें पात्र, घटनाक्रम, संवाद, नाट्यशिल्प और प्रतीकों से जुड़े प्रश्नों के साथ सुमेलन तथा कथन–कारण प्रश्न भी शामिल हैं। प्रत्येक प्रश्न का सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या आपकी समझ जाँचने तथा पुनरावृत्ति करने में सहायता करेगी।

1. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के आरंभिक रंग-निर्देशों के संबंध में विचार कीजिए।
कथन I: परदा उठने से पहले मेघ-गर्जन और वर्षा की ध्वनि सुनाई देती है।
कथन II: परदा उठने पर अंबिका धान फटकती दिखाई देती है।
दोनों कथन सत्य हैं।
आरंभिक ध्वनियाँ वर्षा का वातावरण बनाती हैं। अंबिका की कार्यरत उपस्थिति घरेलू जीवन का परिचय देती है।
केवल कथन I सत्य है।
केवल कथन II सत्य है।
दोनों कथन असत्य हैं।
2. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के संबंध में आलोचकों के मतों पर आधारित निम्न कथनों में से कौन-से सही हैं?
(i) नेमिचंद्र जैन इसे मूलतः कालिदास की प्रेयसी के जीवन और नियति का नाटक मानते हैं।
(ii) नेमिचंद्र जैन कालिदास के चरित्रांकन को नाटक का सबसे सशक्त पक्ष मानते हैं।
(iii) देवेंद्र राज अंकुर आरंभिक दृश्य-सज्जा और ध्वनि-संकेतों को यथार्थवादी शैली का सूचक मानते हैं।
(iv) देवेंद्र राज अंकुर इसमें अतीत को समकालीनता से जोड़ने वाली रंगदृष्टि देखते हैं।
(A) केवल (i), (ii) और (iii) [/wrong]
केवल (i), (iii) और (iv)
कथन (ii) असत्य है। नेमिचंद्र जैन कालिदास के चरित्रांकन को नाटक की कमजोरी मानते हैं। अंकुर इसकी यथार्थवादी प्रस्तुति तथा अतीत और समकालीनता के संबंध को रेखांकित करते हैं।
केवल (ii), (iii) और (iv)
केवल (i), (ii) और (iv)
3. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में अग्निमित्र से जुड़े विवाह-प्रसंग के विषय में कौन-सा कथन असत्य है?
अंबिका ने अग्निमित्र को विवाह-संबंध की बातचीत के लिए भेजा था।
मल्लिका अपने विवाह के लिए किए जा रहे प्रयत्न से असहमत थी।
दूसरे पक्ष ने प्रस्तावित संबंध के लिए असहमति जताई थी।
अग्निमित्र स्वयं मल्लिका से विवाह का प्रस्ताव लेकर आया था।
अग्निमित्र विवाह-संबंध का संदेश लाने वाला व्यक्ति है। वह स्वयं मल्लिका से विवाह का प्रस्ताव लेकर नहीं आया था।
4. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में अंबिका की जीवन-दृष्टि के आधार पर उत्तर दीजिए।
कथन: अंबिका मल्लिका के भावनात्मक संबंध को जीवन का पर्याप्त आधार नहीं मानती।
कारण: अंबिका जीवन की आवश्यकताओं और मल्लिका के भविष्य की चिंता उठाती है।
दोनों सत्य हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या है।
अंबिका संबंध को आजीविका और उत्तरदायित्व की कसौटी पर देखती है। इसलिए भावना की पवित्रता का दावा उसे पर्याप्त नहीं लगता।
दोनों सत्य हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
कथन सत्य है, किंतु कारण असत्य है।
कथन असत्य है, किंतु कारण सत्य है।
5. ‘आषाढ़ का एक दिन’ का कथन ‘माँ का जीवन भावना नहीं, कर्म है।’ किसके द्वारा किससे कहा गया है?
मल्लिका द्वारा अंबिका से
अंबिका द्वारा मल्लिका से
अंबिका यह कथन मल्लिका से कहती है। इसमें उसके मातृत्व और दैनिक श्रम का संबंध स्पष्ट होता है।
प्रियंगुमंजरी द्वारा मल्लिका से
अंबिका द्वारा कालिदास से
6. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में घायल हरिणशावक को पुचकारते समय कालिदास द्वारा बहुवचन सर्वनाम हम का प्रयोग क्या व्यक्त करता है?
राजकीय अधिकार का प्रदर्शन
पशु और मनुष्य के बीच असंबद्धता
दूसरे प्राणी की पीड़ा से आत्मीय तादात्म्य
कालिदास हरिणशावक की पीड़ा को साझा अनुभव बनाता है। उसका संबोधन कवि की संवेदनशीलता को व्यक्त करता है।
अपने साथियों को दिया गया सामूहिक आदेश
7. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में हरिणशावक को लेकर दंतुल और कालिदास का विवाद मूलतः किस विरोध को सामने लाता है?
नगर की भाषा और गाँव की बोली का
स्वामित्व के दावे और जीवदया का
दंतुल घायल प्राणी पर अपना अधिकार जताता है। कालिदास उसकी रक्षा को अपने परिवेश के प्रति आत्मीय दायित्व मानता है।
आखेट की दो भिन्न तकनीकों का
धार्मिक अनुष्ठान और लोकविश्वास का
8. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास की पहचान जानने के बाद दंतुल का व्यवहार क्यों बदल जाता है?
उसे कालिदास की सैन्य शक्ति का पता चलता है।
मल्लिका उसे राजदंड की धमकी देती है।
अंबिका सम्राट से उसकी शिकायत करने लगती है।
वह कालिदास को राजसभा में प्रतिष्ठित कवि जान लेता है।
दंतुल को पता चलता है कि कालिदास राजसभा में प्रशंसित ऋतुसंहार के रचनाकार हैं। कवि की प्रतिष्ठा ज्ञात होने पर वह अपने व्यवहार पर खेद प्रकट करता है।
9. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में अंबिका कालिदास की आलोचना मुख्यतः किस आधार पर करती है?
वह मल्लिका के प्रति उसके उत्तरदायित्व पर प्रश्न उठाती है।
अंबिका की चिंता संबंध की व्यावहारिक परिणति है। वह मल्लिका की आवश्यकताओं और भविष्य के प्रति कालिदास का दायित्व जानना चाहती है।
वह उसकी कविता को छंद की दृष्टि से दोषपूर्ण मानती है।
वह उसके राजवंश से संबंध को आरंभ से स्वीकार करती है।
वह उसके पशु-प्रेम को राजकीय दायित्व समझती है।
10. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास द्वारा राजकीय सम्मान अस्वीकार करने पर मातुल की प्रतिक्रिया किस प्रवृत्ति को प्रमुखता देती है?
राजकीय हस्तक्षेप से कवि की रक्षा का
काव्य-साधना हेतु संपत्ति के त्याग का
कुल की प्रतिष्ठा और राजकृपा पाने का
मातुल सम्मान को अपने वंश की प्रतिष्ठा से जोड़ता है। अवसर खोने और सम्राट के रुष्ट होने की आशंका उसे बेचैन करती है।
नगरीय वैभव से पूर्ण विरक्ति रखने का
11. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में उल्लिखित व्यक्तियों का उनकी भूमिकाओं से सुमेलन कीजिए।
सूची–I (व्यक्ति) – सूची–II (भूमिका)
(a) दंतुल – (i) कालिदास का मामा
(b) मातुल – (ii) उज्जयिनी से आया आचार्य
(c) निक्षेप – (iii) राजपुरुष
(d) वररुचि – (iv) मल्लिका को कालिदास से आग्रह करने के लिए प्रेरित करने वाला ग्राम-पुरुष
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(ii)
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(ii)
दंतुल राजपुरुष और मातुल कवि का मामा है। निक्षेप मल्लिका की मध्यस्थता चाहता है; वररुचि कवि को उज्जयिनी ले जाने के उद्देश्य से आया है।
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(iii)
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(iii), (d)–(i)
12. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में निक्षेप मातुल को कालिदास के जगदंबा-मंदिर में होने की सूचना क्यों नहीं देता?
कवि को उज्जयिनी जाने से रोकने के लिए
कवि के निवास का पता न होने के कारण
आचार्य की आज्ञा का पालन करने के लिए
मातुल से बात बिगड़ने की आशंका के कार
निक्षेप मातुल को परिस्थिति समझे बिना बोलते रहने वाला व्यक्ति मानता है। उसे कालिदास को मनाने के लिए मल्लिका का अनुरोध अधिक प्रभावी लगता है।
13. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में निक्षेप व्यक्तित्व-निर्माण में योग्यता और प्रतिष्ठा का योगदान किस प्रकार बताता है?
योग्यता आधी, प्रतिष्ठा आधी
योग्यता एक-चौथाई, शेष प्रतिष्ठा
निक्षेप योग्यता का योगदान एक-चौथाई मानता है। उसका तर्क कालिदास को व्यापक प्रतिष्ठा प्राप्त करने का अवसर स्वीकार कराने के लिए है।
योग्यता तीन-चौथाई, शेष प्रतिष्ठा
केवल योग्यता; प्रतिष्ठा का कोई योगदान नहीं
14. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के प्रथम अंक की निम्न घटनाओं का सही क्रम चुनिए।
(i) विलोम का अग्निकाष्ठ लेकर प्रवेश
(ii) मल्लिका का निक्षेप के साथ मंदिर जाना
(iii) दंतुल को कालिदास की पहचान होना
(iv) मातुल द्वारा कालिदास के सम्मान-अस्वीकार का समाचार देना
(iv) → (iii) → (ii) → (i)
(iii) → (ii) → (iv) → (i)
(iii) → (iv) → (ii) → (i)
पहले दंतुल कवि को पहचानता है। मातुल और निक्षेप के प्रसंग के बाद मल्लिका मंदिर जाती है; उसके पश्चात विलोम आता है।
(ii) → (iii) → (i) → (iv)
15. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में अपने लिए ‘एक असफल कालिदास’ और कालिदास के लिए ‘एक सफल विलोम’ का प्रयोग कौन करता है?
विलोम
विलोम दोनों व्यक्तियों के बीच निकटता और विरोध को एक साथ सामने रखता है। यह कथन उसे कालिदास के समानांतर स्थित पात्र के रूप में समझने में सहायक है।
निक्षेप
मातुल
दंतुल
16. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में विलोम का कालिदास से अकेले उज्जयिनी जाने के विषय में प्रश्न करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यात्रा में अपना स्थान सुनिश्चित करना
कवि की यात्रा का मार्ग निश्चित करना
मल्लिका का राजधानी में अध्ययन कराना
मल्लिका के प्रति दायित्व स्पष्ट कराना
विलोम ग्राम में प्रचलित चर्चाओं के संदर्भ में प्रश्न उठाता है। इससे कालिदास की व्यक्तिगत आकांक्षा और संबंधगत उत्तरदायित्व का तनाव उभरता है।
17. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में उज्जयिनी जाने से पहले कालिदास द्वारा व्यक्त ग्रामप्रांतर के प्रति लगाव के आधार पर उत्तर दीजिए।
कथन: कालिदास के लिए ग्रामप्रांतर का महत्त्व केवल मल्लिका की उपस्थिति तक सीमित है।
कारण: वह आकाश, मेघ, हरियाली, हरिणशावकों और पशुपालों से भी अपना संबंध बताता है।
दोनों सत्य हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या है।
दोनों सत्य हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
कथन सत्य है, किंतु कारण असत्य है।
कथन असत्य है, किंतु कारण सत्य है।
कालिदास का जुड़ाव पूरे परिवेश से है। मल्लिका उस व्यापक आत्मीय संसार का अत्यंत महत्त्वपूर्ण अंग है।
18. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास के उज्जयिनी प्रस्थान के समय मल्लिका की प्रतिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
वह राजकीय सम्मान को निरर्थक घोषित कर देती है।
वह कालिदास का मार्ग प्रशस्त होने की प्रार्थना करती है।
मल्लिका कवि की प्रगति चाहती है, किंतु वियोग की पीड़ा भी अनुभव करती है। उसके आँसू निर्णय के भीतर मौजूद भावनात्मक तनाव को व्यक्त करते हैं।
वह साथ चलने को प्रस्थान की अनिवार्य शर्त बनाती है।
वह अंबिका की उपस्थिति में संबंध समाप्त कर देती है।
19. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के द्वितीय अंक के आरंभिक परिवेश के संबंध में कौन-से कथन सत्य हैं?
(i) कुंभों की संख्या घटकर दो रह गई है।
(ii) चौकी एक ही है और वस्त्रों पर टाँकियाँ लगी हैं।
(iii) दीवारों के मांगलिक चिह्न पहले से अधिक चमकीले हैं।
केवल (i)
केवल (i) और (ii)
घरेलू वस्तुओं की कमी और जीर्णता आर्थिक कठिनाई के दृश्य संकेत हैं। मांगलिक चिह्न भी फीके पड़ चुके हैं।
केवल (ii) और (iii)
(i), (ii) और (iii)
20. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में निक्षेप से बातचीत करते समय मल्लिका द्वारा काव्य-प्रतियों की प्राप्ति के संबंध में दी गई जानकारी पर विचार कीजिए।
कथन I: मल्लिका के अनुसार दो वर्ष पहले आए व्यवसायी कुमारसंभव और मेघदूत की प्रतियाँ लाए थे।
कथन II: ये प्रतियाँ कालिदास ने अपने व्यक्तिगत दूत से भेजी थीं।
दोनों कथन सत्य हैं।
केवल कथन I सत्य है।
प्रतियों की प्राप्ति व्यवसायियों के माध्यम से हुई थी। कालिदास द्वारा व्यक्तिगत दूत से प्रतियाँ भिजवाने की बात इस प्रसंग में नहीं है।
केवल कथन II सत्य है।
दोनों कथन असत्य हैं।
21. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास के उज्जयिनी चले जाने के बाद निक्षेप के अपराधबोध का मुख्य कारण क्या है?
उसने मल्लिका की रचनाएँ राजधानी नहीं पहुँचाईं।
उसने अंबिका की बीमारी का समाचार छिपाया।
उसने मल्लिका को कवि के प्रस्थान की प्रेरणा दी थी।
निक्षेप ने मल्लिका को कालिदास के प्रस्थान के लिए प्रेरित किया था। अब वह उस निर्णय के परिणाम को देखकर दुखी है।
उसने कालिदास को राजकन्या से विवाह का प्रस्ताव दिया था।
22. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के पात्रों का उनकी गतिविधियों अथवा अभिरुचियों से सुमेलन कीजिए।
सूची–I – सूची–II
(a) रंगिणी – (i) अंबिका के लिए औषध पीसना
(b) संगिनी – (ii) नृत्याभ्यास और नाटक-लेखन में रुचि
(c) मल्लिका – (iii) राजसी वेश में अश्वारोही कालिदास को पहचानना
(d) निक्षेप – (iv) मृदंग-वीणा का अभ्यास और प्रणय-गीतों का लेखन
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(iii)
रंगिणी और संगिनी का कलात्मक प्रशिक्षण भिन्न है। मल्लिका घरेलू परिचर्या में लगी है, जबकि निक्षेप बाहर जाते कालिदास को पहचानता है।
(a)–(iv), (b)–(ii), (c)–(i), (d)–(iii)
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(iii), (d)–(i)
(a)–(i), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(iv)
23. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में रंगिणी–संगिनी की अध्ययन-पद्धति पर व्यंग्य का मुख्य आधार क्या है?
वे राजकीय उद्देश्य के बिना अध्ययन करती हैं।
वे सामान्य जीवन का सहज मूल्य स्वीकारती हैं।
वे काव्य-कल्पना को प्रत्यक्ष वस्तु से अलग रखती हैं।
वे कवि के परिवेश को सर्वथा असाधारण मानती हैं।
उनकी अपेक्षाएँ पहले से निश्चित हैं। वे सामान्य जीवन को समझने के स्थान पर अपनी धारणाओं के अनुकूल प्रमाण खोजती हैं।
24. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मल्लिका ने अपने हाथों से कोरे पृष्ठ बनाकर और सीकर किस उद्देश्य से रखे हैं?
राजकीय अधिकारियों के आदेश लिखने के लिए
कालिदास की उपलब्ध रचनाओं की नकल करने के लिए
कालिदास की भावी रचना के लिए भेंट देने के उद्देश्य से
मल्लिका चाहती है कि उन पृष्ठों पर लिखी जाने वाली रचना में उसे अपनी सहभागिता का अनुभव हो। भेंट उसके भावात्मक और सृजनात्मक संबंध की अभिव्यक्ति है।
प्रियंगुमंजरी को गृह-व्यय का विवरण देने के लिए
25. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में उल्लिखित मातृगुप्त की पहचान क्या है?
कालिदास के स्थान पर नियुक्त नया राजकवि।
शासन सँभालने जा रहे कालिदास का नया नाम।
अनुस्वार बताता है कि कश्मीर का शासन सँभालने जा रहे कालिदास का नया नाम मातृगुप्त है। यह नाम उनकी राजनीतिक भूमिका से जुड़ा है।
ग्राम में आचार्य वररुचि का प्रचलित नाम।
प्रियंगुमंजरी के साथ आया राजकीय स्थपति।
26. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में अनुस्वार–अनुनासिक द्वारा वस्तु-विन्यास बदलने के प्रसंग पर विचार कीजिए।
कथन I: दोनों कुंभों को अलग-अलग कोनों में रख देते हैं।
कथन II: चौकी हटाने पर सहमत होने के बाद भी दोनों में से कोई उसे नहीं हटाता।
दोनों कथन सत्य हैं।
केवल कथन I सत्य है।
केवल कथन II सत्य है।
कुंभ अपनी जगह बने रहते हैं। चौकी के प्रसंग में सहमति भी काम में परिणत नहीं होती; इससे प्रशासनिक निष्क्रियता पर व्यंग्य होता है।
दोनों कथन असत्य हैं।
27. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में प्रियंगुमंजरी मल्लिका से सौंदर्य के उपभोग को लेकर स्पर्धा होने की बात क्यों कहती है?
उसे कश्मीर में प्राकृतिक सौंदर्य नहीं मिलता।
वह मल्लिका को अधिक कुशल शासक मानती है।
उसे पर्वतीय प्रदेश में जाने की अनुमति नहीं है।
उसे राजनीति से सौंदर्योपभोग का अवकाश नहीं है।
प्रियंगुमंजरी प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा करती है। राजनीतिक उत्तरदायित्व और संकट उसे उसके निर्बाध आनंद का अवसर नहीं देते।
28. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में प्रियंगुमंजरी की जीवन-दृष्टि के आधार पर उत्तर दीजिए।
कथन: प्रियंगुमंजरी कालिदास को उनकी राजनीतिक भूमिका में स्थिर बनाए रखना चाहती है।
कारण: वह साहित्य को कालिदास के वर्तमान राजनीतिक जीवन के बाद आने वाला चरण मानती है।
दोनों सत्य हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या है।
दोनों सत्य हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
कथन सत्य है, किंतु कारण असत्य है।
प्रियंगुमंजरी के अनुसार साहित्य पहले का चरण है और राजनीति उसके बाद का। वह राजनीतिक भूमिका से पीछे लौटने की संभावना रोकना चाहती है।
कथन असत्य है, किंतु कारण सत्य है।
29. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में प्रियंगुमंजरी की योजनाओं के संबंध में कौन-से कथन सही हैं?
(i) कुछ हरिणशावकों का उनके उद्यान में पालन किया जाएगा।
(ii) कुछ अनाथ बच्चों को साथ ले जाकर शिक्षा दी जाएगी।
(iii) ग्राम के सभी परिवारों को अनिवार्यतः कश्मीर भेजने का आदेश दिया गया है।
केवल (i) और (ii)
हरिणशावकों और अनाथ बच्चों के विषय में योजनाएँ स्पष्ट रूप से कही गई हैं। सभी ग्राम-परिवारों के अनिवार्य स्थानांतरण की बात नाटक में नहीं है।
केवल (ii) और (iii)
केवल (i) और (iii)
(i), (ii) और (iii)
30. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में प्रियंगुमंजरी सबसे पहले किन दो अधिकारियों में से किसी एक के साथ मल्लिका के विवाह की संभावना प्रस्तुत करती है?
दंतुल और निक्षेप
वररुचि और दंतुल
निक्षेप और विलोम
अनुस्वार और अनुनासिक
प्रियंगुमंजरी अपने आने से पहले भेजे गए दोनों अधिकारियों का उल्लेख करती है। बाद में वह राज्य के अन्य अधिकारियों की संभावना भी बताती है।
31. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में प्रियंगुमंजरी की गृह-परिसंस्कार संबंधी चर्चा के दौरान मल्लिका किस बात का स्पष्ट विरोध करती है?
वर्तमान घर को गिराने का आदेश देने का
घर गिराकर नया निर्माण कराने की बात पर मल्लिका तुरंत प्रतिरोध करती है। उसकी प्रतिक्रिया वर्तमान घर से गहरे लगाव को प्रकट करती है।
घर में आने वाले प्रत्येक अतिथि का
औषधियों के लिए अलग स्थान बनाने का
अंबिका को दूसरे प्रकोष्ठ में रखने का
32. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में हरिणशावकों को एकत्रित करने के प्रयोजन के बारे में कौन-सा भेद सही है?
प्रियंगुमंजरी: भोजन की व्यवस्था; विलोम: उद्यान में पालन।
प्रियंगुमंजरी: नाट्य-प्रदर्शन; विलोम: शिक्षा की व्यवस्था।
प्रियंगुमंजरी: उद्यान में पालन; विलोम: भोजन की आशंका।
प्रियंगुमंजरी उद्यान में पालन की बात कहती है। विलोम की भोजन संबंधी आशंका को स्थापित घटना नहीं मानना चाहिए; मल्लिका उसके निष्कर्ष का विरोध करती है।
प्रियंगुमंजरी: वन में संरक्षण; विलोम: आखेट का विरोध।
33. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में व्यक्त विचारों का संबंधित वक्ताओं से सुमेलन कीजिए।
सूची–I (वक्ता) – सूची–II (विचार)
(a) प्रियंगुमंजरी – (i) राजकन्या की जीवन-दृष्टि के लिए वही उत्तरदायी है।
(b) अंबिका – (ii) राजधानी के कलाकार ग्राम की वस्तुओं को विचित्र उदाहरणों की तरह देखते हैं।
(c) मल्लिका – (iii) राजकन्या का आगमन कालिदास की इच्छा के बिना नहीं हुआ होगा।
(d) विलोम – (iv) साहित्य के बाद कालिदास का राजनीतिक चरण आया है।
(a)–(iv), (b)–(i), (c)–(iii), (d)–(ii)
(a)–(ii), (b)–(iii), (c)–(i), (d)–(iv)
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(ii), (d)–(i)
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(i), (d)–(ii)
चारों पात्र परिस्थिति को भिन्न दृष्टियों से देखते हैं। अंबिका का निष्कर्ष उसका अनुमान है; मल्लिका राजकन्या की दृष्टि का उत्तरदायित्व अलग रखती है।
34. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मल्लिका की कालिदास से भेंट की प्रतीक्षा के दौरान घोड़े की टापों का पास आकर दूर चले जाना किस नाटकीय प्रयोजन को पूरा करता है?
युद्ध के किसी प्रत्यक्ष दृश्य का आभास देना।
प्रतीक्षित मिलन के टल जाने को मूर्त करना।
मल्लिका की आशा टापों की निकटता के साथ तीव्र होती है। ध्वनि का दूर जाना बिना भेंट के रह जाने की पीड़ा को मूर्त करता है।
मल्लिका के प्रस्थान की सूचना स्पष्ट करना।
राजकीय उत्सव की समाप्ति की घोषणा करना।
35. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के द्वितीय अंक में निम्न पात्रों के आगमन का सही क्रम चुनिए।
(i) प्रियंगुमंजरी
(ii) रंगिणी–संगिनी
(iii) निक्षेप
(iv) अनुस्वार–अनुनासिक
(v) विलोम
(iii) → (ii) → (iv) → (i) → (v)
अंक का पहला आगंतुक निक्षेप है। अध्ययन करने वाली युवतियों और अधिकारियों के बाद प्रियंगुमंजरी आती है; उसके जाने के बाद विलोम प्रवेश करता है।
(ii) → (iii) → (i) → (iv) → (v)
(iii) → (iv) → (ii) → (v) → (i)
(iv) → (ii) → (iii) → (i) → (v)
36. ‘आषाढ़ का एक दिन’ के तृतीय अंक के आरंभ में भीतर के प्रकोष्ठ में तल्प के स्थान पर क्या दिखाई देता है?
नया राजकीय आसन
भोजपत्र रखने का संदूक
टूटा हुआ पालना
पालना मल्लिका के जीवन में आए मातृत्व का दृश्य संकेत है। वस्तु-परिवर्तन उसकी बदली हुई परिस्थिति की सूचना देता है।
बाघ-छाल से ढकी चौकी
37. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मातुल राजप्रासाद में दूसरों द्वारा अपने सामने सिर झुकाए जाने का अनुभव सुनाता है। इस प्रसंग का प्रमुख आशय क्या है?
अपने ज्ञान से मिले आदर पर गर्व करना।
पद से मिले आदर को कृत्रिम अनुभव करना।
मातुल अपने भीतर ऐसे सम्मान का आधार नहीं पाता। यह अनुभव राजकीय प्रतिष्ठा के बाहरी और आरोपित स्वरूप को उजागर करता है।
अपने नए शासनाधिकार को स्वीकार करना।
ग्राम में भी वैसा ही सम्मान प्राप्त करना।
38. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मातुल द्वारा दी गई किस सूचना को कालिदास बाद में स्वयं अस्वीकार करता है?
सम्राट की मृत्यु का समाचार सामने आया है।
कश्मीर में विद्रोही शक्तियाँ उठ खड़ी हुई हैं।
कालिदास कश्मीर का शासन छोड़कर चले गए हैं।
कालिदास संन्यास लेकर काशी चले गए हैं।
संन्यास की बात मातुल सुनी हुई खबर के रूप में बताता है। कालिदास बाद में स्पष्ट करता है कि उसने संन्यास नहीं लिया है।
39. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मल्लिका के आत्मालाप में आया भाव और अभाव का अंतर मुख्यतः किस द्वंद्व को व्यक्त करता है?
कालिदास से बने भावनात्मक संबंध और जीवन की कठोर विवशताओं का
कालिदास मल्लिका के भाव-जगत में बना रहता है। दूसरी ओर, अभाव उसके प्रत्यक्ष जीवन और संबंधों को बदलता है।
संस्कृत साहित्य और प्राकृत साहित्य का
दो राजवंशों के राजनीतिक संघर्ष का
नगर के संगीत और ग्राम के नृत्य का
40. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास के संन्यास की खबर सुनने के बाद मल्लिका के आत्मालाप के आधार पर विचार कीजिए।
कथन I: मल्लिका अपने वर्तमान रूप का उल्लेख वारांगना के संदर्भ में करती है।
कथन II: मल्लिका कहती है कि कालिदास की रचनाओं से उसका संबंध पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
दोनों कथन सत्य हैं।
केवल कथन I सत्य है।
मल्लिका सामाजिक और आर्थिक विडंबना के बीच अपने बदल चुके जीवन को पहचानती है। इसके बावजूद कालिदास और उसकी रचनाएँ उसके भाव-जगत में उपस्थित हैं।
केवल कथन II सत्य है।
दोनों कथन असत्य हैं।
41. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कश्मीर छोड़कर लौटने पर कालिदास अपनी वापसी का कौन-सा उद्देश्य बताता है?
राजकीय जीवन छोड़कर संन्यास अपनाना।
राजकीय दायित्व लेकर कश्मीर लौटना।
राजकीय पहचान छोड़कर कवि-रूप पाना।
कालिदास अपने लौटने को सत्ता-संबंध से मुक्ति के रूप में प्रस्तुत करता है। वह मातृगुप्त की भूमिका छोड़कर अपने सृजनात्मक व्यक्तित्व को पुनः पाना चाहता है।
राजकीय आदेश लेकर मल्लिका को बुलाना।
42. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में राजनीतिक जीवन के विषय में कालिदास के आत्मविश्लेषण के अनुसार कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभाव और भर्त्सना ने प्रतिष्ठा तथा अधिकार के आकर्षण में भूमिका निभाई।
(ii) उसे राज्याधिकारी और कवि के कार्यक्षेत्र में कोई अंतर दिखाई नहीं दिया।
(iii) दोनों क्षेत्रों में स्वयं को संतुलित रूप से बाँट लेने की आशा पूरी नहीं हुई।
केवल (i) और (ii)
केवल (ii) और (iii)
केवल (ii)
केवल (i) और (iii)
कालिदास शासन-ग्रहण में अभाव की प्रतिक्रिया और प्रतिशोध की संभावना पहचानता है। वह प्रशासनिक भूमिका को अपने स्वाभाविक कार्यक्षेत्र से भिन्न भी मानता है।
43. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास कश्मीर जाते समय मल्लिका से न मिलने का क्या कारण स्वयं बताता है?
उसे भय था कि मल्लिका की आँखें उसके मन को अस्थिर कर देंगी।
कालिदास को भय था कि मल्लिका की आँखें उसके अस्थिर मन को और अस्थिर कर देंगी।
मल्लिका ने उसे घर में आने से लिखित रूप में रोक दिया था।
दंतुल ने उस घर के मार्ग पर पहरा लगा दिया था।
उसे मल्लिका के दूसरे ग्राम में चले जाने का समाचार मिला था।
44. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास द्वारा बताए गए रचना और जीवनानुभव के संबंधों का सुमेलन कीजिए।
सूची–I – सूची–II
(a) कुमारसंभव – (i) अज के विलाप में अपनी वेदना
(b) मेघदूत – (ii) शकुंतला के रूप में मल्लिका
(c) अभिज्ञानशाकुंतलम् – (iii) हिमालय की पृष्ठभूमि और तपस्विनी उमा के रूप में मल्लिका
(d) रघुवंश – (iv) यक्ष की पीड़ा में अपनी पीड़ा और यक्षिणी के रूप में मल्लिका
(a)–(iii), (b)–(ii), (c)–(iv), (d)–(i)
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(i)
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(ii), (d)–(i)
कालिदास अपनी रचनाओं का स्रोत ग्राम के जीवन और मल्लिका से जुड़े अनुभवों में देखता है। वह बाद की रचनाओं को भी पहले के जीवन-संचय से जोड़ता है।
(a)–(ii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(iii)
45. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मल्लिका द्वारा तैयार पृष्ठों पर आँसू, श्रम और समय के चिह्न देखकर कालिदास उन्हें किस अर्थ में ग्रहण करता है?
अधूरे रह गए राजकीय इतिहास के रूप में।
मल्लिका के जिए हुए जीवन के लेखे के रूप में।
भावी रचना के लिए बनाए गए पृष्ठ अब मल्लिका के जिए हुए समय के साक्ष्य हैं। उनका प्रतीकार्थ प्रतीक्षा से विकसित होकर जीवनानुभव की अभिव्यक्ति बन जाता है।
अपनी काव्य-रचना की अशुद्ध नकल के रूप में।
भावी शासनादेश की अनुपयोगी प्रति के रूप में।
46. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में मल्लिका का कथन ‘यह मेरा वर्तमान है।’ किसके संदर्भ में है?
प्रियंगुमंजरी की भेजी हुई स्वर्ण-मुद्राएँ
कालिदास की लिखी हुई नवीन काव्य-रचना
मातुल के चलने में सहायक बनी बैसाखी
भीतर से सुनाई देती बच्ची की आवाज
बच्ची मल्लिका के वर्तमान जीवन और उत्तरदायित्व का सजीव केंद्र है। उसकी आवाज कालिदास की नए आरंभ की इच्छा के बीच प्रत्यक्ष जीवन की उपस्थिति दर्ज करती है।
47. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास की अंतिम वापसी पर विलोम स्वयं को मल्लिका के घर में आतिथ्य करने वाला व्यक्ति क्यों प्रस्तुत करता है?
वह राजकीय आदेश से घर का स्वामी नियुक्त हुआ है।
मल्लिका ने उसे कालिदास का अनुचर बना दिया है।
अब वह कालिदास के स्थायी अधिकार को चुनौती देता है।
विलोम अब स्वयं को अनचाहा आगंतुक नहीं मानता। उसका व्यवहार बताता है कि कालिदास की अनुपस्थिति में दूसरे लोगों का जीवन भी आगे बढ़ा है।
वह अपनी ग्राम-पुरुष की पहचान छिपाना चाहता है।
48. ‘आषाढ़ का एक दिन’ में कालिदास–मल्लिका के अंतिम संवाद के आधार पर उत्तर दीजिए।
कथन: कालिदास समय को अपनी पुनरारंभ की इच्छा से अधिक शक्तिशाली पाता है।
कारण: समय ने उसके लौटने तक मल्लिका के जीवन को पहले जैसी अवस्था में स्थिर रखा है।
दोनों सत्य हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या है।
दोनों सत्य हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
कथन सत्य है, किंतु कारण असत्य है।
मल्लिका का जीवन और उसके दायित्व बदल चुके हैं। कालिदास की इच्छा बीते समय को वापस नहीं ला सकती।
कथन असत्य है, किंतु कारण सत्य है।
49. ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के अंतिम घटनाक्रम का सही क्रम चुनिए।
(i) विलोम का प्रस्थान
(ii) बच्ची का फिर रोना और मल्लिका का भीतर जाना
(iii) कालिदास का चुपचाप चले जाना
(iv) मल्लिका का बच्ची के कारण देहली पर रुक जाना
(ii) → (i) → (iii) → (iv)
(i) → (iii) → (ii) → (iv)
(iii) → (i) → (iv) → (ii)
(i) → (ii) → (iii) → (iv)
विलोम के जाने के बाद कालिदास और मल्लिका का संवाद चलता है। बच्ची की आवाज से उत्पन्न व्यवधान के बाद कालिदास चला जाता है; लौटी मल्लिका उसके पीछे नहीं जा पाती।
50. ‘आषाढ़ का एक दिन’ की समग्र समय और स्थान संबंधी संरचना के विषय में कौन-से कथन सही हैं?
(i) अंकों के बीच वर्षों का अंतराल है।
(ii) तीनों अंकों की दृश्य-प्रस्तुति का केंद्र वही प्रकोष्ठ है।
(iii) अनेक बाहरी घटनाएँ संवादों, सूचनाओं और ध्वनि-संकेतों से सामने आती हैं।
(iv) शीर्षक के अनुरूप पूरी कथा की अवधि केवल एक दिन है।
केवल (i), (ii) और (iii)
स्थान की निरंतरता के साथ समय का व्यापक विस्तार नाटक की विशेषता है। परिवेश में क्रमिक परिवर्तन और बाहर से आती सूचनाएँ वर्षों के जीवन को मंच पर अनुभव कराती हैं।
केवल (i) और (iv)
केवल (ii), (iii) और (iv)
(i), (ii), (iii) और (iv)
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