चीड़ों पर चाँदनी यात्रावृत्तांत MCQ | 50 महत्त्वपूर्ण प्रश्न

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UPESSC Hindi Exam Based MCQs Quiz
UPESSC हिंदी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

निर्मल वर्मा के यात्रावृत्तांत ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में यात्रा-स्थलों के साथ वहाँ के लोगों, साहित्य, कला और संस्कृति की आत्मीय झलक मिलती है। इस क्विज़ में पुस्तक के प्रमुख प्रसंगों, उद्धरणों, व्यक्तियों, अध्यायों और घटनाक्रम पर आधारित 50 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और व्याख्या भी है, जिससे संबंधित तथ्यों को समझने और दोहराने में मदद मिलेगी। प्रश्नों में मिलान, कथन-आधारित, क्रम-निर्धारण और उद्धरण की पहचान जैसे विभिन्न प्रारूप शामिल हैं। यह MCQ अभ्यास UPESSC असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी और UGC NET हिंदी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।

1. “मैं कई होटलों में रह चुका हूँ… किन्तु जब कभी किसी अजनबी होटल में पहली रात बिताने की घड़ी पास आती है, तो मुझे अजीब-सा डर जकड़ लेता है।” -यह कथन ‘चीड़ों पर चाँदनी’ यात्रावृत्तांत में किसका है?
एंगुई
थोगियेर
यह कथन लेखक निर्मल वर्मा के घुमक्कड़ आइसलैंडी मित्र ‘थोगियेर’ का है, जब वे लोग प्राग से बर्लिन होते हुए कोपनहेगन पहुँचे थे और एक अजनबी होटल के कमरे के बाहर रात में खड़े थे।
बर्टोल्ट ब्रेख्त
हालदॉर लैक्सनेस
2: आइसलैंड के लोगों और उनकी संस्कृति के बारे में लेखक की टिप्पणियों पर विचार करें:
(a) आइसलैंड यूरोप का अकेला देश है जिसकी अपनी कोई सेना नहीं है।
(b) आइसलैंड का स्वतन्त्रता-संघर्ष इतिहास में सबसे लंबा ‘सत्याग्रह’ रहा है, जिसमें उन्होंने अस्त्र-शस्त्र की जगह तर्कों और भाषणों का सहारा लिया।
(c) मध्यकालीन यूरोप के ‘अंधेरे-युग’ में भी आइसलैंड का साहित्य (सागा-ग्रंथ) चर्च और ईसाई दर्शन से पूर्णतः प्रभावित था।
(d) आइसलैंड की जनसंख्या इतनी कम है कि वहाँ चोरी-डाके की घटनाएँ लगभग न के बराबर होती हैं।
कूट:
केवल (a), (b) और (d)
आइसलैंड यूरोप का अकेला देश है जिसकी अपनी कोई सेना नहीं है। आइसलैंड का स्वतन्त्रता-संघर्ष इतिहास में सबसे लंबा ‘सत्याग्रह’ रहा है, जिसमें उन्होंने अस्त्र-शस्त्र की जगह तर्कों और भाषणों का सहारा लिया। आइसलैंड की जनसंख्या इतनी कम है कि वहाँ चोरी-डाके की घटनाएँ लगभग न के बराबर होती हैं। तीसरा कथन असत्य है क्योंकि उनका साहित्य ईसाई दर्शन से अछूता और पूर्णतः धर्म-निरपेक्ष था।
केवल (b), (c) और (d)
केवल (a), (c) और (d)
(a), (b), (c) और (d) सभी
3. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के शीर्षक लेख में सोलन का कब्रिस्तान किस अनुभूति से जुड़ता है?
पर्यटकों की चहल-पहल और मनोरंजन से
युद्ध-विजय के सार्वजनिक उत्सव से
धार्मिक उपदेशों की नियमित सभा से
मौन, मृत्यु और अनजान जीवनों की स्मृति
सोलन में पुराने पत्थरों के नाम मिट रहे हैं और पत्ते कब्रों को ढक रहे हैं। उन नामों से व्यक्तिगत संबंध न होने पर भी लेखक बार-बार वहाँ आते हैं। दृश्य में मृत्यु, समय और एक रहस्यमय यात्री की पदचाप का अनुभव साथ आता है।
4: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: ‘चीड़ों पर चाँदनी’ मूलतः एक यात्रा-वृत्तांत है जिसमें लेखक ने केवल विभिन्न देशों के भौगोलिक और पर्यटन स्थलों का ही वर्णन किया है।
कथन II: इस पुस्तक में यात्रा के साथ-साथ यूरोपीय साहित्य, संस्कृति, कला और शीत-युद्ध की राजनीति पर भी गहरी दार्शनिक टिप्पणियाँ की गई हैं।
विकल्प:
कथन I और II दोनों सही हैं
कथन I और II दोनों ग़लत हैं
कथन I सही है, लेकिन कथन II ग़लत है
कथन I ग़लत है, लेकिन कथन II सही है
कथन I ग़लत है क्योंकि यह केवल पर्यटन स्थलों का वर्णन नहीं है; इसमें गहरी बौद्धिक और सांस्कृतिक पड़ताल है। कथन II पूर्णतः सही है, क्योंकि इसमें साहित्य (ब्रेख्त, काफ़्का, चेखव), कला और शीत-युद्ध (बर्लिन का विभाजन) का गहरा विश्लेषण मौजूद है।
5. ‘आइसलैंड’ के संदर्भ में निर्मल वर्मा का अभिमत नहीं है?
आइसलैंड यूरोप का अकेला देश है, जिसकी अपनी कोई सेना नहीं है।
यहाँ के निवासियों का अपनी भाषा और बीयर के प्रति असाधारण लगाव है।
आइसलैंड में वेश्यावृत्ति एक बहुत पुरानी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा है।
निर्मल वर्मा के अनुसार, आइसलैंड में वेश्यावृत्ति कोई पुरानी परंपरा नहीं है। युद्ध से पहले यह वहाँ अनजान चीज़ थी। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमेरिकी सैन्य अड्डों की स्थापना के साथ एक नए किस्म की ‘नारी’ का प्रादुर्भाव हुआ जिसे आइसलैंडी व्यंग्य में ‘स्टैच्यू ऑव लिबर्टी’ कहते हैं।
यहाँ ‘अवैध’ बच्चों को कुंठा या अपराध-भावना से नहीं देखा जाता, नैतिकता जीवन का नैसर्गिक अंग है।
6. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के अनुसार हैलेन वेगेल के बारे में कौन-से कथन सही हैं?
I. वे ब्रेख्त की पत्नी और अभिनेत्री थीं।
II. बर्लिन-एन्सेम्बल की स्थापना में उनका योगदान था।
III. उस रात प्रस्तुत नाटक की लेखिका वे थीं।
I, II और III
केवल II और III
केवल I और III
केवल I और II
हैलेन वेगेल ब्रेख्त की पत्नी और प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। ब्रेख्त और वेगेल ने 1949 में बर्लिन-एन्सेम्बल की स्थापना की थी। लेखक उन्हें थिएटर के बॉक्स में देखते हैं; प्रस्तुत नाटक की रचना ब्रेख्त ने की थी।
7. “संगीत कितना अर्थहीन है और, इसलिए कितना पूर्ण।” निर्मल वर्मा ने यह अभिमत ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के किस लेख में व्यक्त किया है?
बर्त राम्का: एक शाम
यह टिप्पणी ‘बर्त राम्का : एक शाम’ में संगीत सुनने की अनुभूति से जुड़ी है। यहाँ ‘अर्थहीन’ का आशय निरर्थक या मूल्यहीन होना नहीं है। संगीत की अनुभूति शब्दों में बँधे निश्चित अर्थ से आगे जाकर पूर्णता का अनुभव कराती है।
वियना
पेरिस: एक स्टिल लाइफ
सफेद रातें और हवा
8. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में प्राग का ‘वेनिस’ किसे कहा गया है?
लारेन्तो चैपल को
काम्पे के द्वीप को
पाठ में काम्पे के द्वीप को प्राग का वेनिस कहा गया है। वल्तावा मकानों के बीच बहती है और चार्ल्स ब्रिज की रोशनियाँ पानी पर झिलमिलाती हैं। इस दृश्य के साथ लारेन्तो चर्च की घंटियों का संगीत भी जुड़ता है।
बर्त राम्का के घर को
पेत्रशिन की पहाड़ी को
9. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के ‘वियना’ प्रसंग के संदर्भ में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
लेखक कार्ल्सकिर्खे के चर्च में कुछ समय बिताते हैं।
समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि उपस्थित हैं।
एवलिन लेखक का स्केच बनाती है।
एलिस कनाडा की चित्रकार है।
एलिस कनाडा की सामाजिक कार्यकर्ता है; चित्रकार एवलिन है। एलिस पहली बार यूरोप आई है। समारोह का खुला वातावरण विभिन्न देशों के लोगों के बीच की औपचारिकता और दूरी कम करता है।
10: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: लेखक ने बर्लिन की दीवार का बहुत मार्मिक वर्णन किया है, जिसके कारण हजारों परिवार पूर्वी और पश्चिमी बर्लिन में बँट गए थे।
कथन II: प्राग शहर का वर्णन करते हुए लेखक ने वल्तावा नदी के पुलों और पुरानी चर्चों की मीनारों की सुंदरता का बार-बार उल्लेख किया है।
विकल्प:
कथन I और II दोनों सही हैं
बर्लिन यात्रा के दौरान लेखक विभाजित शहर और परिवारों की त्रासदी का वर्णन करता है। प्राग के संस्मरणों में वल्तावा नदी और ऐतिहासिक वास्तुकला (गोथिक चर्च) का उल्लेख भी बिल्कुल सही है। दोनों कथन सत्य हैं।
कथन I और II दोनों ग़लत हैं
कथन I सही है, लेकिन कथन II ग़लत है
कथन I ग़लत है, लेकिन कथन II सही है
11. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में चेखव के अनुसार सुसंस्कृत व्यक्ति की कौन-सी पहचान गलत है?
निजी भेद और दुख दूसरों पर जबरन न थोपना
दूसरे व्यक्ति के सुनने के अधिकार का सम्मान करना
अपनी योग्यता दिखाकर हर जगह सहानुभूति माँगना
अपने भाई को लिखे पत्र में चेखव विनम्रता, सहिष्णुता और दूसरों की निजता का सम्मान महत्त्वपूर्ण मानते हैं। डींग मारना या खुद को सताया हुआ दिखाकर सहानुभूति माँगना संस्कृति का लक्षण नहीं है। “पिकविक पेपर्स” पढ़ना या ‘फाउस्ट’ रटना भर भी पर्याप्त नहीं है।
दूसरों के प्रति सहिष्णु और विनम्र रहना
12. “महज़ साँस ले पाना— जीवित रहकर धरती के चेहरे को पहचान पाना—यह भी अपने में एक सुख है…” ये पंक्तियाँ हिंदी साहित्य के किस लेखक की हैं?
राहुल सांकृत्यायन
अज्ञेय
निर्मल वर्मा
ये पंक्तियाँ निर्मल वर्मा की ‘चीड़ों पर चाँदनी’ की भूमिका से हैं। यात्राओं के कठिन और निराशाजनक क्षणों के बीच भी वे जीवित होने और संसार को अनुभव करने में सुख खोजते हैं। यह उनकी यात्रा-दृष्टि का महत्त्वपूर्ण सूत्र है।
मोहन राकेश
13: चेखव के पत्रों के संबंध ‘देहरी के भीतर’ में कौन-से कथन सत्य हैं?
(a) चेखव ने अपने पत्रों में अपने जीवन की घोर निराशाओं और तपेदिक की बीमारी का बहुत ही नाटकीय और भावुक वर्णन किया है।
(b) चेखव के अनुसार, एक लेखक को हमेशा ऑब्जेक्टिव होना चाहिए और अपनी भावनाओं को साहित्य पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
(c) चेखव ने सुदूर सखालिन द्वीप की यात्रा की थी, जो एक पीनल कॉलोनी था।
(d) चेखव के पत्रों में उनकी पत्नी ओल्गा के प्रति गहरे प्रेम और विरह की अभिव्यक्ति मिलती है।
कूट:
केवल (a), (b) और (c)
केवल (b), (c) और (d)
कथन (b), (c) और (d) सत्य हैं। कथन (a) असत्य है क्योंकि चेखव ने अपनी बीमारी और दुखों का वर्णन कभी भी भावुक या नाटकीय ढंग से नहीं किया; उनके पत्रों की सबसे बड़ी विशेषता उनका संयम, निर्लिप्तता और वस्तुपरकता है।
केवल (a), (c) और (d)
(a), (b), (c) और (d) सभी
14. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में बर्फ के नीचे धधकते ज्वालामुखी का दृश्य किससे जुड़ा है?
ईगल्स हिल
हैकला
हैकला का शिखर बर्फ से ढका है, जबकि उसके भीतर ज्वालामुखी है। लेखक बर्फ और आग के इस साथ होने पर विस्मय व्यक्त करते हैं। पाठ में 1947 के विस्फोट और लंबे समय तक लावा निकलने का उल्लेख भी है।
दीर होलेय
गुलफॉस
15. “कितने अरसे से आप पैसिफ़िस्ट संस्था में काम कर रही हैं?”—“दो साल पहले घर छोड़ा था…तब से मैं वापस नहीं गयी।” ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में यह वार्तालाप किनके बीच हुआ है?
निर्मल वर्मा और बर्ट
जहाज की यात्रा के दौरान लेखक की बातचीत बर्ट से होती है। वह शांतिवादी संस्था की ओर से आइसलैंड जा रही है। पहली मुलाकात में लेखक उसे राधाकृष्णन की पुस्तक ‘हिन्दू व्यू ऑफ लाइफ़’ पढ़ते हुए देखते हैं।
निर्मल वर्मा और एलिस
थोगियेर और एवलिन
एंगुई और बर्ट
16. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में आइसलैंड की लोक-संस्कृति अभिकथन (A) उसके उसके कारण (R) पर विचार कीजिए।
अभिकथन A: लेखक साहित्यिक संस्कृति को केवल बुद्धिजीवी वर्ग तक सीमित नहीं पाते।
कारण R: एक साधारण किसान के घर में भी पुस्तकें और आधुनिक चित्रों की अनुकृतियाँ मिलती हैं।
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
ग्रामीण घर का पहला कमरा पुस्तकों से भरा है और बैठक में आधुनिक चित्रों की अनुकृतियाँ लगी हैं। यह उदाहरण लेखक की बात को पुष्ट करता है। उनके अनुसार आइसलैंड में संस्कृति दैनिक जीवन में रची हुई है; पुस्तकें घर की सजावट भर नहीं हैं।
A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
A सही है, लेकिन R गलत है।
A गलत है, लेकिन R सही है।
17: निम्नलिखित सांस्कृतिक टिप्पणी को संदर्भ/स्थान से मिलान कीजिए:
सूची-I — सूची-II
(a) फ़ासिज़्म, नेवर अगेन — (i) आइसलैंड में स्ट्रीट-वॉकर के लिए प्रयुक्त व्यंग्यात्मक शब्द
(b) स्काऊल — (ii) यूरोप में छात्रों द्वारा बिना पैसे के मोटर गाड़ियों से लिफ्ट लेकर यात्रा करने का तरीका
(c) स्टैच्यू ऑव लिबर्टी — (iii) पूर्वी बर्लिन की दीवारों पर लिखी चेतावनी
(d) हिच-हाइकिंग — (iv) आइसलैंड में बीयर पीने से पहले बोला जाने वाला शब्द (चीयर्स)
कूट:
(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
‘फ़ासिज़्म, नेवर अगेन’ पूर्वी बर्लिन की दीवारों पर था। ‘स्काऊल’ आइसलैंड का ‘चीयर्स’ है। ‘स्टैच्यू ऑव लिबर्टी’ आइसलैंड में स्ट्रीट-वॉकर के लिए इस्तेमाल होता है। ‘हिच-हाइकिंग’ यूरोप में लिफ्ट लेकर मुफ्त यात्रा करने को कहते हैं।
(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(ii), (d)-(i)
(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
(a)-(i), (b)-(ii), (c)-(iii), (d)-(iv)
18. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में उल्लिखित निम्नलिखित घटनाओं को ऐतिहासिक कालक्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(i) पुस्तक की भूमिका का लेखन
(ii) नाजियों द्वारा लिदीत्से का विनाश
(iii) बर्लिन एन्सेम्बल की स्थापना
(iv) आइसलैंड का पूर्ण स्वतंत्र होना
(iv)–(ii)–(iii)–(i)
(ii)–(iii)–(iv)–(i)
(iii)–(ii)–(iv)–(i)
(ii)–(iv)–(iii)–(i)
सही क्रम है—लिदीत्से का विनाश: 10 जून 1942; आइसलैंड की पूर्ण स्वतंत्रता: 1944; बर्लिन एन्सेम्बल की स्थापना: 1949; पुस्तक की भूमिका: 7 जनवरी 1964।
19. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में काफ्का के लेखन और प्राग के संबंध पर निम्न कथन जाँचिए।
I. काफ्का जर्मन भाषा में लिखते थे।
II. उनके लेखन में प्राग केवल बाहरी नगर-विवरण है, प्रतीक नहीं।
I और II दोनों सही हैं।
I और II दोनों गलत हैं।
I सही है, II गलत है।
काफ्का की लेखन-भाषा जर्मन थी, पर उनका व्यक्तित्व प्राग के वातावरण में विकसित हुआ। उन्होंने प्राग को मात्र बाहरी ढाँचे की जगह प्रतीक के रूप में ग्रहण किया। लेखक उनके दोहरे अलगाव का भी उल्लेख करते हैं: चेकों के बीच जर्मन और जर्मनों के बीच यहूदी।
I गलत है, II सही है।
20: ‘चीड़ों पर चाँदनी’ से संदर्भित निम्नलिखित पंक्तियों में से कौन-से कथन निर्मल वर्मा के हैं?
(a) युरॅप के शहरों में घूमते हुए मुझे अकसर यह महसूस हुआ है कि इन लोगों के बीच मैं महज़ ‘आउटसाइडर’ हूँ
(b) जो व्यक्ति कला के आईने से बाहर आधुनिकता को नहीं पहचान पाता, वह उसके भीतर उसे परख सकेगा, मुझे इसमें सन्देह है।
(c) रूसियों के पास यौन-बम नहीं हैं, तो हम क्यों न रखें?
(d) क्या हम कुछ भी नहीं कर सकते? ‘लौह आवरण’ के पीछे लोग क्या सोचते हैं…
कूट:
केवल (a) और (b)
(a) और (b) निर्मल वर्मा के दार्शनिक कथन हैं। (c) (यौन-बम वाला कथन) नॉर्वे के छात्रों का एक रसिक नारा था। (d) (लौह आवरण के पीछे…) जहाज़ पर मिली एक ‘पैसिफिस्ट’ लड़की (बर्ट) का कथन है।
केवल (c) और (d)
केवल (a), (b) और (d)
केवल (b) और (c)
21. निम्नलिखित में कौन-सी पंक्ति निर्मल वर्मा के ‘चीड़ों पर चाँदनी’ का सही उद्धरण है?
पहाड़ी धूप हर शाम अपने पीछे एक स्थायी अँधेरा छोड़ जाती है।
पहाड़ी धूप कभी मरती नहीं, सिर्फ़ अपना रंग बदल लेती है।
यह पंक्ति पुस्तक के शीर्षक-लेख ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में है। लेखक बताते हैं कि पहाड़ों पर अँधेरा अचानक उजाले को हटाकर नहीं आता; दिन का उजाला धीरे-धीरे अँधेरे में सिमटता जाता है। इसी अनुभव को धूप के रंग बदलने के रूप में व्यक्त किया गया है।
पहाड़ी धूप का सौन्दर्य उसके एक ही रंग में टिके रहने में है।
पहाड़ी धूप केवल बर्फ़ पर पड़कर अपना वास्तविक रंग पाती है।
22. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के संदर्भ में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
यह भारतीय ज्ञानपीठ से 1964 में प्रकाशित हुई।
यह पुस्तक श्रीकांत वर्मा को समर्पित है।
यह पुस्तक निर्मल वर्मा के बड़े भाई ‘रामकुमार’ (जो स्वयं एक बहुत प्रसिद्ध चित्रकार और लेखक हैं) को समर्पित है, न कि साहित्यकार श्रीकांत वर्मा को।
इस पुस्तक में यूरोप प्रवास की स्मृतियों का आत्मीय वर्णन है।
इसमें कुल 12 अध्याय संकलित हैं।
23: लिदीत्से (चेकोस्लोवाकिया) गाँव के विनाश के संबंध में विचार करें:
(a) नाज़ियों ने लिदीत्से के हर बालिग पुरुष को गोलियों से भून दिया था।
(b) गाँव के सभी बच्चों को जर्मनकरण के लिए कॉन्सेंट्रेशन कैंपों में भेज दिया गया।
(c) नाज़ियों का उद्देश्य इस गाँव को नक़्शे से हमेशा के लिए मिटा देना था।
(d) आज लिदीत्से में एक भव्य ‘शहीद स्मारक’ बना है जहाँ हर वर्ष जर्मन चांसलर आकर माफ़ी मांगते हैं।
कूट:
केवल (b), (c) और (d)
केवल (a), (b) और (c)
कथन (a), (b) और (3) सत्य हैं। 10 जून 1942 को नाज़ियों ने यही क्रूरता की थी। लेकिन कथन (d) असत्य है। पुस्तक में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है कि वहाँ जर्मन चांसलर प्रतिवर्ष आकर माफ़ी मांगते हैं; वहाँ केवल मलबे का ढेर, कब्रें और एक म्यूज़ियम है।
केवल (a), (c) और (d)
(a), (b), (c) और (d) सभी
24. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में लेखक बर्लिन-एन्सेम्बल में कौन-सा नाटक देखने जाते हैं?
वेटिंग फॉर गोदो
गेलिलियो
मदर करेज
फियर ऐण्ड मिज़री ऑफ थर्ड रायख
उस रात बर्लिन-एन्सेम्बल में ‘फियर ऐण्ड मिज़री ऑफ थर्ड रायख’ प्रस्तुत किया जा रहा था। ब्रेख्त का यह नाटक हिटलर के शासन में व्याप्त भय और दमन को सामने लाता है। लेखक के लिए वहाँ ब्रेख्त का नाटक देखना पुरानी इच्छा की पूर्ति है।
25. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के शीर्षक-लेख से लिए गए इन अंशों को पाठ में आने के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(i) टापू पर पके गूलर गिरते हैं…
(ii) इन पहाड़ों के पीछे न जाने क्या होगा?
(iii) कालका और शिमला के बीच एक वीरान उपेक्षित हिल-स्टेशन है—सोलन।
(iv) नौ हज़ार फ़ीट की ऊँचाई पर नारकण्डे का डाक-बँगला…
(ii)–(iii)–(iv)–(i)
पहले बचपन की पर्वत-जिज्ञासा आती है। आगे सोलन का वर्णन, फिर नारकण्डे के डाक-बँगले की स्मृति और अंत की ओर भीमताल के टापू का प्रसंग है। यह पाठ में वर्णन का क्रम है।
(iii)–(ii)–(i)–(iv)
(ii)–(iv)–(iii)–(i)
(iv)–(iii)–(ii)–(i)
26. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के रंगमंच-संबंधी प्रसंगों में कौन-सा कथन असत्य है?
लेखक बर्लिन में ब्रेख्त के नाटक का प्रदर्शन देखते हैं।
‘वेटिंग फ़ॉर गोदो’ को ब्रेख्त की रचना बताया गया है।
‘वेटिंग फ़ॉर गोदो’ सैमुअल बैकेट का नाटक है। एंगुई से बातचीत में इसकी चर्चा आती है। लेखक बर्लिन से कोपनहेगन की यात्रा को एक दूसरे स्तर पर ‘ब्रेख्त से बैकेट तक की यात्रा’ के रूप में भी देखते हैं।
कोपनहेगन के प्रसंग में बैकेट की चर्चा होती है।
हेलेन वेगेल का परिचय अभिनेत्री के रूप में मिलता है।
27. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के शीर्षक लेख का प्रमुख परिवेश कौन-सा है?
भारतीय पहाड़ी स्थान और उनसे जुड़ी स्मृतियाँ
शीर्षक लेख में शिमला, गुलमर्ग, सोलन, नारकण्डा, डलहौजी और भीमताल जैसे भारतीय पहाड़ी स्थान आते हैं। उनका वर्णन बचपन की स्मृतियों, बदलते प्रकाश और निजी अनुभूतियों के साथ हुआ है। पूरे संग्रह का परिवेश इससे अधिक व्यापक है।
आइसलैंड की राजधानी और समुद्री बंदरगाह
पेरिस के कैफे और चित्र-प्रदर्शनियाँ
प्राग की गलियाँ और पुराने रंगमंच
28: नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में:
अभिकथन (A): आधुनिक चेक साहित्य में कारेल चापेक की ‘आर. यू. आर.’ को एक दूरदर्शी रचना माना जाता है।
कारण (R): चापेक ने इस रचना में ‘रोबोट’ शब्द का पहली बार प्रयोग किया और तकनीकी विकास के खतरे के प्रति आगाह किया।
विकल्प:
A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है
A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है
अभिकथन सही है। चापेक की आर.यू.आर. (रोसम्स यूनिवर्सल रोबोट्स) को उसकी दूरदर्शिता के लिए जाना जाता है क्योंकि इसी रचना में ‘रोबोट’ शब्द का जन्म हुआ और इसमें तकनीकी प्रगति के मानव जीवन पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों को दर्शाया गया है। कारण (R) अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
A सही है, लेकिन R ग़लत है
A ग़लत है, लेकिन R सही है
29. “मैं पूर्वग्रह-ग्रस्त नहीं हूँ, किन्तु आज भी मैं किसी जर्मन को देखता हूँ, मेरे भीतर एक फ़िजूल, बेमानी-सी बेचैनी होने लगती है।” यात्रावृत्त ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के संदर्भ में यह टिप्पणी किसकी है?
हालदॉर लैक्सनेस
निर्मल वर्मा
यह टिप्पणी निर्मल वर्मा की है। जब वे ट्रेन से मध्य-यूरोप (जर्मनी) से गुज़र रहे थे, तब दूसरे विश्वयुद्ध और नाज़ी अत्याचारों की स्मृतियाँ उनके मन में यह अचेतन बेचैनी पैदा करती हैं।
हैलेन वेगेल
थोगियेर
30: सूची-I का सूची-II से मिलान करें:
सूची-I (अध्याय/संस्मरण) — सूची-II (शहर)
(a) ब्रेख्त और एक उदास नगर — (i) रिक्याविक (आइसलैंड)
(b) रोती हुई मर्मेड का शहर — (ii) प्राग
(c) सफ़ेद रातें और हवा — (iii) बर्लिन
(d) बर्त राम्का: एक शाम — (iv) कोपनहेगन
कूट:
(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
(a)-(iii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(ii)
‘ब्रेख्त और एक उदास नगर’ बर्लिन से संबंधित है। ‘रोती हुई मर्मेड का शहर’ कोपनहेगन से संबंधित है। ‘सफ़ेद रातें और हवा’ आइसलैंड (रिक्याविक) से संबंधित है। ‘बर्त राम्का: एक शाम’ प्राग से संबंधित है।
(a)-(ii), (b)-(iv), (c)-(i), (d)-(iii)
(a)-(iv), (b)-(iii), (c)-(i), (d)-(ii)
31. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में बर्ट किसकी ‘हिन्दू व्यू ऑफ लाइफ’ पढ़ती मिलती है?
गांधी
राधाकृष्णन
जहाज के डेक पर बर्ट राधाकृष्णन की ‘हिन्दू व्यू ऑफ लाइफ’ पढ़ रही है। वह शांतिवादी संस्था से जुड़ी है और भारत जाना चाहती है। अल्जीरिया में शरणार्थियों की दुर्दशा देखने के अनुभव ने उसके लिए मानवीय पीड़ा का अर्थ बदल दिया था।
विवेकानंद
टैगोर
32: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: आइसलैंड में महिलाओं की सामाजिक स्थिति अत्यंत स्वतंत्र और कुंठा-रहित है, जहाँ अवैध बच्चों को कोई सामाजिक कलंक नहीं माना जाता।
कथन II: आइसलैंड की यात्रा के दौरान उसे हमेशा यह अहसास होता रहा कि वह दुनिया के अंतिम छोर पर पहुँच गया है।
विकल्प:
कथन I और II दोनों ग़लत हैं
कथन I और II दोनों सही हैं
आइसलैंड की स्त्रियों की स्वतंत्रता और वहां के समाज के कुंठारहित होने का उल्लेख सही है। साथ ही, आइसलैंड की भौगोलिक स्थिति के कारण लेखक को ‘दुनिया के अंतिम छोर’ पर होने का अहसास भी होता है। दोनों कथन सत्य हैं।
कथन I सही है, लेकिन कथन II ग़लत है
कथन I ग़लत है, लेकिन कथन II सही है
33. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में आए निम्नलिखित कथनों में कौन-से स्वयं निर्मल वर्मा के हैं?
(i) यात्रिक का सुख सब कोई जानते हैं, दुःख अपने में अकेला छिपा रहता है।
(ii) कोई भी चीज़ जो मानवीय है, हम अपने से बाहर नहीं रखना चाहते।
(iii) हम यात्री किसी भी जगह पहली बार नहीं जाते…
(iv) यह (प्राग) शहरों में एक शहर है। इसका अतीत वर्तमान से अधिक महान् था…
केवल (i) और (ii)
केवल (i) और (iii)
कथन (i) और (iii) निर्मल वर्मा के अपने विचार हैं। कथन (ii) वात्सलाव चर्नी का है और कथन (iv) काफ्का की डायरी से उद्धृत है। पुस्तक में किसी कथन का उपस्थित होना और उसका स्वयं निर्मल वर्मा का कथन होना अलग बातें हैं।
केवल (i), (iii) और (iv)
केवल (ii) और (iv)
34. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के गुलमर्ग-प्रसंग में निम्न कथनों पर विचार कीजिए।
I. लेखक होटल से खिलनमर्ग की हिमाच्छादित चोटियाँ देखते हैं।
II. चाँदनी का यह सौंदर्य उन्हें केवल आकर्षित करता है, आतंकित नहीं।
I और II दोनों गलत हैं।
I और II दोनों सही हैं।
I सही है, II गलत है।
गुलमर्ग के होटल से चाँदनी में खिलनमर्ग की चोटियाँ दिखाई देती हैं। बर्फ, बादल और चाँदनी एक सम्मोहन रचते हैं। लेखक इस सौंदर्य में आकर्षण और आतंक दोनों अनुभव करते हैं; उसे केवल सुखद दृश्य कहना प्रसंग को अधूरा समझना होगा।
I गलत है, II सही है।
35. निम्नलिखित में कौन-सा कथन निर्मल वर्मा के अनुसार एडिनबर्ग (स्कॉटलैंड) से संबंधित हैं?
(a) एडिनबर्ग की सड़कों पर लाल डबल-डेकर बसें और कुहरा देखकर उन्हें लंदन के बीते दिनों की याद आती है।
(b) प्रिंसेस स्ट्रीट के सामने बने एक छोटे-से बाग़ में स्कॉटिश कवि रॉबर्ट बर्न्स का स्मारक है।
(c) यहाँ के लोग अंग्रेज़ों की तरह बेहद औपचारिक और कम बोलने वाले हैं।
(d) एडिनबर्ग की आर्ट गैलरी में लेखक को ‘तितियान’ और ‘पूसाँ’ के चित्र देखने को मिले।
कूट:
केवल (a), (b) और (c)
केवल (b), (c) और (d)
केवल (a), (b) और (d)
कथन C असत्य है क्योंकि निर्मल वर्मा ने स्पष्ट लिखा है कि स्कॉटिश लोग पहाड़ी लोगों के समान सहज, निश्छल और खुशमिज़ाज होते हैं, उन्हें अंग्रेज़ों की अभिजात औपचारिकता छू भी नहीं गई है।
(a), (b), (c) और (d) सभी
36. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए।
I. पुस्तक के सभी लेख केवल विदेशों के पर्यटन-स्थलों का विवरण देते हैं।
II. पुस्तक में यात्रा-संस्मरणों के साथ साक्षात्कार और साहित्यिक विवेचन भी है।
I सही है, II गलत है।
I और II दोनों गलत हैं।
I और II दोनों सही हैं।
I गलत है, II सही है।
शीर्षक लेख में भारतीय पहाड़ी स्थानों की स्मृतियाँ हैं। दूसरी ओर लैक्सनेस से बातचीत, चेक साहित्य का विवेचन और चेखव के पत्रों पर विचार भी पुस्तक में शामिल हैं। इसलिए इसकी विषयवस्तु पर्यटन-स्थलों की सूची से बहुत व्यापक है।
37. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के निम्नलिखित आरंभिक अध्यायों का सही क्रम चुनिए।
(i) उत्तरी रोशनियों की ओर
(ii) रोती हुई मर्मेड का शहर
(iii) सफेद रातें और हवा
(iv) ब्रेख्त और एक उदास नगर
(ii)–(iv)–(i)–(iii)
(iv)–(i)–(ii)–(iii)
(iv)–(ii)–(iii)–(i)
(iv)–(ii)–(i)–(iii)
आरंभिक चार अध्यायों का क्रम है— ‘ब्रेख्त और एक उदास नगर’, ‘रोती हुई मर्मेड का शहर’, ‘उत्तरी रोशनियों की ओर’ और ‘सफेद रातें और हवा’। ये चारों पुस्तक के पहले खंड में हैं।
38. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में उल्लिखित चेक लेखकों और रचनाओं का सही मिलान चुनिए।
सूची I — सूची II
(a) बोजेना न्यमसोवा — (i) अच्छा सिपाही श्वायक
(b) कारेल हिनेक माखा — (ii) रोम्यो जूलियट और अँधेरा
(c) यारोस्लाव हाशेक — (iii) दादी माँ
(d) यान ओत्चेनाशेक — (iv) मई
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
(a)–(iii), (b)–(i), (c)–(ii), (d)–(iv)
(a)–(iv), (b)–(iii), (c)–(ii), (d)–(i)
(a)–(iii), (b)–(iv), (c)–(i), (d)–(ii)
“दादी माँ” बोजेना न्यमसोवा, “मई” कारेल हिनेक माखा, “अच्छा सिपाही श्वायक” यारोस्लाव हाशेक और “रोम्यो जूलियट और अँधेरा” यान ओत्चेनाशेक की रचनाएँ हैं। इनके माध्यम से लेख अलग-अलग कालों की चेक साहित्यिक प्रतिक्रियाओं को सामने लाता है।
(a)–(ii), (b)–(i), (c)–(iv), (d)–(iii)
39. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में भीमताल के मकान के नीचे दलदल बनने का क्या कारण बताया गया है?
भूस्खलन से झील का एक भाग मिट्टी से भरना
बरसाती नाले का बहाव दूसरी ओर मुड़ना
लंबे समय तक वर्षा न होने से पानी सूखना
निकटवर्ती स्थानों की जलापूर्ति के लिए पानी खींचना
मकान के नीचे पहले झील का पानी था। आसपास के जरूरतमंद स्थानों के लिए पानी खींच लेने पर वहाँ दलदल रह जाता है। बाद में उसका पानी सूखने से मिट्टी के बड़े चौकोर टुकड़े उभरते हैं, जिन पर पशुओं के खुरों के निशान दिखाई देते हैं।
40: “मुझे अमरीकी हमेशा बहुत अच्छे लगते हैं- यदि उनसे फ़ौजी पोशाक में अपने देश की धरती पर न मिलना पड़े!” उपर्युक्त कथन किसका है?
बर्टोल्ट ब्रेख्त
हालदॉर लैक्सनेस
यह तीखा व्यंग्यात्मक कथन आइसलैंड के सबसे महान लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता ‘हालदॉर लैक्सनेस’ का है। वे अपने देश में अमेरिकी सैन्य अड्डों की उपस्थिति के सख़्त विरोधी थे।
फ्रांज काफ़्का
थोगियेर
41. “क्योंकि जिस सदी में हम जीते हैं, हममें से हर व्यक्ति उसका गवाह है, और गवाह होने के नाते जवाबदेह भी…” -यह कथन ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के किस अध्याय से है?
लिदीत्से : एक संस्मरण
लिदीत्से के खंडहरों के बीच लेखक को अपने लिए ‘आउटसाइडर’ शब्द अर्थहीन लगता है। मानव-त्रासदी किसी एक देश या समुदाय तक सीमित नहीं रहती। अपने समय का साक्षी होना व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी भी तय करता है।
ब्रेख्त और एक उदास नगर
वियना
देहरी के भीतर : चेखव के पत्र
42: सूची-I का सूची-II से मिलान करें:
सूची-I — सूची-II
(a) स्कारलेट पिम्परनल — (i) प्राग का एक पुराना और आत्मीय शराबखाना
(b) गुलफॉस — (ii) कोपनहेगन का एक जगमगाता मनोरंजन पार्क/मेला
(c) होस्पोदा — (iii) कोपनहेगन का एक बीयर-घर जो आइसलैंडियों का अड्डा है
(d) तिवोली — (iv) आइसलैंड जाने वाले समुद्री जहाज़ का नाम
कूट:
(a)-C, (b)-D, (c)-A, (d)-B
स्कारलेट पिम्परनल कोपनहेगन का बीयर-घर है जहाँ आइसलैंडी इकट्ठा होते हैं। गुलफॉस उस जहाज़ का नाम है जिससे लेखक ने आइसलैंड की यात्रा की। होस्पोदा प्राग का एक आत्मीय शराबखाना है और तिवोली कोपनहेगन का प्रसिद्ध मनोरंजन पार्क है।
(a)-D, (b)-C, (c)-A, (d)-B
(a)-C, (b)-A, (c)-D, (d)-B
(a)-B, (b)-C, (c)-D, (d)-A
43. “आखिर दोनों ही तो—टेलेफ़ोन और मेरी मूर्तियाँ तकनीकी-युग की उपज हैं।” ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में यह कथन किसका है?
कियरवाल
पिकासो
आस्मुन्दुर स्वेनसॉन
यह कथन मूर्तिकार आस्मुन्दुर स्वेनसॉन का है। उनके कुछ आगंतुक आधुनिक मूर्तियों को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं, लेकिन टैक्सी बुलाने के लिए टेलीफ़ोन की सुविधा चाहते हैं। कलाकार इसी प्रसंग में तकनीक और आधुनिक कला की जरूरत का प्रश्न उठाते हैं।
एइनार जॉनसन
44. ‘पेरिस : एक स्टिल लाइफ’ में निर्मल वर्मा की टिप्पणी के इन अंशों को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(i) और आखिरी दिन जब उसे छोड़ने लगते हैं
(ii) हम हमेशा एक पुराने शहर में आते हैं
(iii) तब लगता है कि सचमुच में पहला दिन यही है, जब हम यहाँ आये हैं।
(iv) लेकिन हर दिन गुजरने के संग वह रहस्यमय ढंग से नया होता जाता है
(ii)–(i)–(iv)–(iii)
(iv)–(ii)–(i)– (iii)
(ii)–(iv)–(iii)–(i)
(ii)–(iv)–(i)–(iii)
लेखक की टिप्पणी पुराने शहर में पहुँचने से शुरू होती है। वहाँ बिताया प्रत्येक दिन उसे नया बनाता है और विदा के समय लगता है कि उसे वास्तव में पहचानना अब शुरू हुआ है। यह अनुभव नगर से धीरे-धीरे बनते आत्मीय संबंध को व्यक्त करता है।
45. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ की आइसलैंड-यात्रा के पड़ावों का सही क्रम चुनिए।
(a) प्राग
(b) बर्लिन
(c) कोपनहेगन
(d) लीथ
(e) रिक्याविक
(a)→ (b)→ (d)→(c)→(e)
(a)→(c)→ (b)→(d)→(e)
(a)→(b)→(c)→(d)→(e)
लेखक प्राग से बर्लिन और फिर कोपनहेगन पहुँचते हैं। वहाँ से गुलफॉस जहाज पर समुद्री यात्रा शुरू होती है। लीथ में जहाज रुकता है, जहाँ से वे एडिनबोरो जाते हैं; यात्रा का अंतिम पड़ाव रिक्याविक है।
(b)→(a)→(c)→(e)→(d)
46: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: आइसलैंड के निवासियों का अपनी भाषा के प्रति गहरा लगाव है, जिसकी तुलना लेखक ने भारत के बंगाली समुदाय से की है।
कथन II: आइसलैंड की भाषा और हिंदी भाषा में ‘संबंध’ शब्द का अर्थ बिल्कुल एक ही है, यद्यपि दोनों भाषाओं में कोई सीधा संबंध नहीं है।
विकल्प:
कथन I और II दोनों सही हैं
आइसलैंड के निवासियों का अपनी भाषा के प्रति गहरा लगाव है, जिसकी तुलना लेखक ने भारत के बंगाली समुदाय से की है। साथ ही, आइसलैंड की भाषा और हिंदी भाषा में ‘सम्बन्ध’ शब्द का अर्थ बिल्कुल एक ही है, यद्यपि दोनों भाषाओं में कोई सीधा संबंध नहीं है। इसलिए दोनों कथन सही हैं।
कथन I और II दोनों ग़लत हैं
कथन I सही है, लेकिन कथन II ग़लत है
कथन I ग़लत है, लेकिन कथन II सही है
47. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ में काफ्का के संबंध में कौन-सा कथन सही है?
वे चेक भाषा में लिखते थे और जर्मन से अपरिचित थे।
वे जर्मन में लिखते थे और चेक बोलने-लिखने में भी दक्ष थे।
काफ्का की लेखन-भाषा जर्मन थी, लेकिन वे चेक भाषा में भी दक्ष थे। निर्मल वर्मा उनके व्यक्तित्व और रचनात्मक विकास को प्राग की परिस्थितियों से जोड़ते हैं। उनके अनुसार काफ्का ने प्राग को मात्र बाहरी ढाँचे के रूप में नहीं, एक प्रतीक के रूप में अपनाया।
उनके व्यक्तित्व के विकास में प्राग का विशेष योगदान नहीं था।
उन्होंने अपनी रचनाओं में प्राग को केवल भौगोलिक विवरण बनाया।
48: सूची-I का सूची-II से मिलान करें:
सूची-I — सूची-II
(a) हालदॉर लैक्सनेस — (i) कोपनहेगन में परी-कथाओं के रचयिता
(b) हैन्स क्रिश्चियन ऐण्डर्सन — (ii) ‘विद्युत’ नामक अमूर्त मूर्ति के निर्माता
(c) आस्मुन्दुर स्वेन सॉन — (iii) आइसलैंड के कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष
(d) ओल्ग्येर ओल्लयेर सॉन — (iv) ‘इण्डिपेण्डेण्ट पीपुल’ के विश्वविख्यात लेखक
कूट:
(a)-(iv), (b)-(i), (c)-(ii), (d)-(iii)
हालदॉर लैक्सनेस ‘इण्डिपेण्डेण्ट पीपुल’ के विश्वविख्यात लेखक हैं। हैन्स क्रिश्चियन ऐण्डर्सन कोपनहेगन में परी-कथाओं के रचयिता हैं। आस्मुन्दुर स्वेन सॉन ‘विद्युत’ नामक अमूर्त मूर्ति के निर्माता हैं। ओल्ग्येर ओल्लयेर सॉन आइसलैंड के कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष हैं।
(a)-(iii), (b)-(i), (c)-(iv), (d)-(ii)
(a)-(iv), (b)-(ii), (c)-(i), (d)-(iii)
(a)-(i), (b)-(iv), (c)-(ii), (d)-(iii)
49. निर्मल वर्मा की पुस्तक ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के संदर्भ में कौन-सा एक तथ्य असत्य है?
यह यूरोप प्रवास के दौरान रचित यात्रा-वृत्तांतों और साहित्यिक संस्मरणों का अनूठा संग्रह है।
इसमें ‘शीत युद्ध’ के दौरान पूर्वी और पश्चिमी बर्लिन की राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक विडंबनाओं का जीवंत चित्रण है।
इस पुस्तक में स्पेन के गृहयुद्ध और पेरिस की कला-दीर्घाओं का सबसे बड़ा और प्रमुख हिस्सा है।
‘चीड़ों पर चाँदनी’ का सबसे प्रमुख हिस्सा स्पेन या पेरिस का नहीं, बल्कि चेकोस्लोवाकिया (प्राग) और स्कैंडिनेवियाई देशों (विशेषकर आइसलैंड और डेनमार्क) की यात्राओं, और वहाँ की संस्कृति व वास्तुकला से जुड़ा है।
इस कृति में लेखक का दृष्टिकोण महज़ एक पर्यटक का न होकर एक गहरी संवेदना वाले ‘ऑब्जर्वर’ का है।
50. ‘चीड़ों पर चाँदनी’ के स्वरूप के संदर्भ में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
इसमें यात्रा के साथ कला और संस्कृति पर विचार हैं।
इसमें वर्तमान अनुभवों के साथ पुरानी स्मृतियाँ जुड़ती हैं।
इसके सभी लेख एक ही यात्रा की प्रतिदिन लिखी गई डायरी हैं।
पुस्तक एक ही यात्रा की क्रमबद्ध दैनिक डायरी नहीं है। इसमें विभिन्न यात्राओं की स्मृतियाँ, सांस्कृतिक अनुभव और साहित्य संबंधी लेख शामिल हैं। भूमिका में लेखक अपने इन लेखों को ‘स्मृति-खण्ड’ कहते हैं।
इसमें स्थानों के वर्णन के साथ लेखक की निजी अनुभूतियाँ हैं।
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