UPHESC Hindi Quiz: सिलेबस की कहानियों पर आधारित महत्वपूर्ण MCQs

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UPHESC हिंदी प्रश्नोत्तरी

यदि आप UPHESC Assistant Professor Hindi परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो सिलेबस में शामिल कहानियों का गहन अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह 115 MCQs का quiz तैयार किया गया है, जो विशेष रूप से कहानी पर आधारित प्रश्नों पर केंद्रित है। इस quiz में शामिल प्रश्न uphesc परीक्षाओं के पैटर्न को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, जिससे आपकी परीक्षा तैयारी और भी प्रभावी हो सके। यह न केवल आपकी जानकारी को परखने में सहायक होगा, बल्कि महत्वपूर्ण topics को revise करने का भी एक बेहतरीन माध्यम है। नियमित अभ्यास से आप अपनी तैयारी को मजबूत बना सकते हैं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

1. ‘आकाशदीप’ कहानी की नायिका चम्पा के चरित्र के संदर्भ में कौन-सा विकल्प उचित है?
वह अपनी दासी जया को अपनी बड़ी बहन के समान मानती है
वह मणिभद्र के साथ विवाह करके अपना घर बसाना चाहती है
वह ताम्रलिप्ति के क्षत्रिय बुद्धगुप्त से घृणा ही करती है
वह प्रेम और प्रतिशोध के अंतर्द्वंद्व में फँसी एक युवती है
चम्पा बुद्धगुप्त से प्रेम करती है, लेकिन उसे अपने पिता का हत्यारा मानकर प्रतिशोध की भावना भी रखती है।
2. “खाओगे नहीं? एक तो बज गया” – यह कथन पत्नी कहानी की पात्र सुनंदा ने किसके लिए कहा है?
घर आए हुए पति के क्रांतिकारी मित्र
अपनी सास और घर के अन्य सदस्यों
अपने पति कालिंदीचरण के प्रति कहा
सुनंदा कालिंदीचरण को खाना खाने के लिए आग्रह करती है, जबकि वह मित्रों के साथ बहस में उलझा है।
अपने बीमार और भूखे बच्चे के लिए
3. ‘शरणदाता’ कहानी के आधार पर निम्नलिखित में से असंगत कथन है:
यह सांप्रदायिक दंगों के दौरान मित्रता की परीक्षा की कहानी है
रंफीकुद्दीन ने अपने मित्र देविन्दरलाल को सुरक्षित शरण दी थी
जेबुन्निसा ने देविन्दरलाल के खाने में जहर की चेतावनी दी थी
शेख अताउल्लाह ने मानवता के नाते देविन्दरलाल की रक्षा की थी
शेख अताउल्लाह ने देविन्दरलाल की रक्षा नहीं की थी, बल्कि उनके खाने में जहर मिलाकर उन्हें मारने की कोशिश की थी।
4. चन्द्रधर शर्मा गुलेरी की सुप्रसिद्ध कहानी ‘उसने कहा था’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
1911 ई.
1915 ई.
यह कहानी जून 1915 ई. में ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित हुई थी, जो प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर है।
1912 ई.
1913 ई.
5. ‘लाला रूपाराम’ किस कहानी के पात्र हैं, जिन्होंने अपनी बेटी को घर में कैद कर रखा है?
दिल्ली में एक मौत
कफ़न
ताई
जहाँ लक्ष्मी कैद है
लाला रूपाराम अंधविश्वास और कंजूसी के कारण अपनी बेटी लक्ष्मी को कैद रखते हैं।
6. “कफ़न लाश के साथ जल ही तो जाता है” – कफ़न कहानी के संदर्भ में यह संवाद किसका है?
बुधिया के ससुर घीसू का
गाँव के ज़मींदार का
बुधिया के पति माधव का
माधव कफ़न खरीदने के बजाय उन पैसों से पूरियाँ खाने के तर्क में यह बात कहता है।
कफ़न बेचने वाले दुकानदार का
7. ‘लाल पान की बेगम’ कहानी में ‘लाल पान की बेगम’ किसे कहा गया है?
बिरजू की माँ को संबोधित है
बिरजू की माँ का दबदबा और उनका स्वाभिमान उन्हें टोले में ‘लाल पान की बेगम’ के रूप में पहचान दिलाता है।
जंगी की पुतोहू को कहा गया है
सुनरी नामक गाँव की युवती को
चंपिया की माँ की छोटी बहन को
8. “किरन! तुम्हारे कानों में क्या है?” – इस आरंभिक कथन से किस कहानी की शुरुआत होती है?
आकाशदीप कहानी
कानों में कँगना
नरेन्द्र किरन के कानों में कंगन पहने देखकर उससे यह प्रश्न पूछता है, जो कहानी का महत्वपूर्ण मोड़ है।
परिंदे कहानी
ताई कहानी
9. ‘रोज़’ कहानी के संदर्भ में कौन-सा कथन असंगत है?
यह एक मध्यमवर्गीय स्त्री की यांत्रिक दिनचर्या पर आधारित है
मालती का जीवन घड़ी के घंटों के साथ नीरसता से बीतता है
महेश्वर गैंग्रीन के मरीजों का ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर है
मालती अपने अतिथि मित्र के साथ बहुत ही चंचल और खुश है
‘रोज़’ (गैंग्रीन) कहानी में मालती का व्यक्तित्व पूरी तरह बुझ चुका है और वह अतिथि के आने पर भी कोई विशेष उत्साह नहीं दिखाती।
10. ‘जहाँ लक्ष्मी कैद है’ कहानी के आधार पर असंगत कथन कौन-सा है?
लाला रूपाराम अपनी बेटी को अंधविश्वास के कारण कैद रखते हैं
लक्ष्मी घूँटन और कैद से मुक्ति के लिए व्याकुल दिखाई गई है
रूपाराम बहुत ही कंजूस और शक्की स्वभाव का एक वृद्ध पात्र है
रूपाराम अपनी पुत्री लक्ष्मी का जल्द विवाह करना चाहते हैं
रूपाराम का मानना है कि लक्ष्मी घर में रहेगी तभी उनकी संपत्ति बढ़ेगी, इसलिए वे उसका विवाह नहीं करते।
11. “मैं ईश्वर को नहीं मानता, मैं पाप को नहीं मानता, मैं दया को नहीं समझ सकता, मैं उस लोक में विश्वास नहीं करता। पर मुझे अपने हृदय के एक दुर्बल अंश पर श्रद्धा हो चली है।” – यह गद्यांश किस कहानी के नायक का आत्म-चिंतन है?
आकाशदीप कहानी
यहाँ एक नाविक पात्र नायिका के प्रति अपनी श्रद्धा और अपने नास्तिक विचारों के बीच के अंतर्द्वंद्व को व्यक्त करता है।
दुनिया का अनमोल रत्न
कानों में कँगना
परिंदे कहानी
12. ‘चीफ़ की दावत’ कहानी के संबंध में असंगत कथन का चुनाव करें:
यह मध्यमवर्गीय समाज की प्रदर्शनप्रियता पर व्यंग्य करती है
शामनाथ अपनी माँ को आधुनिक समाज के लिए बाधक मानता है
माँ अंत में भी अपने बेटे की तरक्की के लिए दुआ माँगती है
शामनाथ की पत्नी अपनी सास को बहुत आदर और प्रेम देती है
शामनाथ की पत्नी भी अपनी सास को बोझ समझती है और उन्हें दावत के दौरान छुपाकर रखना चाहती है।
13. “नीली साड़ी पहन लूं?” – दिल्ली में एक मौत कहानी में यह संवाद किसका है?
सरदारजी की पत्नी का संवाद है
लेखक की किसी परिचित सहेली का
वासवानी की पत्नी मिसेज वासवानी
मिसेज वासवानी सेठ दीवानचंद की मौत के दिन भी अपनी वेशभूषा के प्रति अधिक सजग दिखाई गई हैं।
प्रमिला नामक महिला पात्र का
14. निर्मल वर्मा की कहानी ‘परिंदे’, जिसे नयी कहानी की पहली कहानी माना जाता है, कब प्रकाशित हुई?
1950 ई.
1956 ई.
‘परिंदे’ कहानी का प्रकाशन 1956 ई. में हुआ था और इसी नाम से इनका कहानी संग्रह 1959 में आया था।
1952 ई.
1954 ई.
15. ‘रसप्रिया’ कहानी के संबंध में कौन-सा तथ्य असंगत है?
यह एक उपेक्षित कलाकार मिरदंगिया के जीवन की मार्मिक कथा है
मोहना की माँ और मिरदंगिया के बीच अतीत का एक गहरा संबंध है
मिरदंगिया मोहना को अपनी रसप्रिया गायन की कला सिखाना चाहता है
मिरदंगिया को समाज में एक प्रतिष्ठित कलाकार का दर्जा प्राप्त है
मिरदंगिया एक गुनी कलाकार होने के बावजूद वर्तमान में बहुत उपेक्षित है और भीख माँगकर गुज़ारा करता है।
16. कहानियों के महत्वपूर्ण प्रसंगों और स्थानों के संदर्भ में निम्नलिखित कौन-सा सुमेलित है:
चीफ़ की दावत – फ़्रांस और बेलजियम
कफ़न – मधुशाला
‘कफ़न’ में घीसू-माधव मधुशाला में दावत करते हैं, ‘चीफ़ की दावत’ शामनाथ के घर आयोजित होती है, ‘उसने कहा था’ में फ़्रांस और बेलजियम के युद्ध क्षेत्र का वर्णन है और ‘परिंदे’ में डॉ. मुकर्जी का संबंध रंगून से है।
परिंदे – शामनाथ का घर
उसने कहा था – रंगून
17. ‘मालती’ और ‘महेश्वर’ के नीरस दाम्पत्य जीवन का चित्रण किस कहानी में मिलता है?
पत्नी
ताई
वापसी
रोज़
‘मालती’ और ‘महेश्वर’ के नीरस दाम्पत्य जीवन का चित्रण रोज़ (अज्ञेय) कहानी में मिलता है।
18. ‘परिंदे’ कहानी की नायिका लतिका के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?
वह एक पहाड़ी कॉन्वेंट स्कूल में हॉस्टल वार्डन के रूप में कार्यरत है
वह अपने मृत प्रेमी कैप्टन गिरीश नेगी की यादों में ही जीवित रहती है
वह डॉक्टर मुकर्जी के परामर्श के बाद भी अपने अतीत को नहीं भूल पाती
वह संगीत शिक्षक मिस्टर ह्यूबर्ट के प्रेम और विवाह प्रस्ताव को स्वीकारती है
लतिका अतीत की स्मृतियों में कैद है और ह्यूबर्ट के पत्र या प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लेती, वह उसे केवल ममता की दृष्टि से देखती है।
19. प्रकाशन साक्ष्यों के आधार पर पत्रिकाओं और कहानियों का कौन-सा मिलान सत्य नहीं है?
दुनिया का अनमोल रत्न – ज़माना
कानों में कँगना – इन्दु
लाल पान की बेगम – कल्पना
‘कानों में कँगना’ 1913 में ‘इन्दु’ में, ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ 1907 में ‘ज़माना’ (उर्दू) में और ‘वापसी’ कहानी पत्रिका में छपी थी। वहीं फणीश्वर नाथ रेणु कीकहानी ‘लाल पान की बेगम’ पहली बार इलाहाबाद से प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘कहानी’ के जनवरी 1957 के अंक में प्रकाशित हुई थी।
वापसी – कहानी
20. ‘उसने कहा था’ कहानी के पात्रों के संबंध में कौन-सा मिलान सही नहीं है?
बोधा सिंह : सूबेदार का बीमार बेटा
लहना सिंह : कहानी का मुख्य नायक
गनी मियाँ : मुख्य सिख सैन्य पात्र
गनी मियाँ ‘मलबे का मालिक’ कहानी का पात्र है, जबकि लहना सिंह ‘उसने कहा था’ कहानी का मुख्य पात्र है।
वजीरा सिंह : एक विदूषक सिपाही
21. ‘मलबे का मालिक’ कहानी का मुख्य कथानक किस ऐतिहासिक घटना पर आधारित है?
प्रथम विश्व युद्ध की विभीषिका
भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम युद्ध
भारत-पाक विभाजन की त्रासदी
मोहन राकेश की यह कहानी 1947 के विभाजन के बाद पैदा हुई मानवीय और सामाजिक मनःस्थिति को दर्शाती है।
भारत-चीन के बीच सीमा संघर्ष
22. भीष्म साहनी की प्रसिद्ध कहानी ‘चीफ़ की दावत’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
1950 ई.
1956 ई.
यह कहानी 1956 ई. में उनके पहले कहानी संग्रह ‘भाग्य रेखा’ में प्रकाशित हुई थी।
1952 ई.
1954 ई.
23. ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ कहानी के अनुसार सबसे अनमोल चीज क्या है?
किसी सती स्त्री की चिता की राख
वतन के लिए गिरा खून का कतरा
दिलफ़िगार को दिलफ़रेब ने बताया कि देश की रक्षा में गिरने वाला खून का आखिरी कतरा ही दुनिया का सबसे अनमोल रत्न है।
प्रेमी की याद में बहाया गया आँसू
किसी निर्दोष बालक का सच्चा प्रेम
24. “शुद्ध रसपिरिया कौन गा सकता है आजकल?” – रसप्रिया कहानी में यह विचार किसका है?
सहरसा के निवासी जोगेंदर झा
मुख्य पात्र पँचकौड़ी मिरदंगिया
मिरदंगिया मोहना को गाते सुनकर रसप्रिया कला की लुप्त होती शुद्धता पर विचार करता है।
कमलपुर गाँव के बाबु नंदूबाबू
मृदंगिया का शिष्य बालक मोहना
25. “मानो इस अनैच्छिक समय गिनने-गिनाने में ही उसका मशीन-तुल्य जीवन बीतता हो, वैसे ही, जैसे मोटर का स्पीड-मीटर यंत्रवत् फ़ासला नापता जाता है, और यंत्रवत विश्रांत-स्वर में कहता है कि मैंने अपने अमित शून्यपथ का इतना अंश तय कर लिया।” – गद्यांश का स्रोत है:
पत्नी कहानी
वापसी कहानी
रोज कहानी
रोज (गैंग्रीन) कहानी एक मध्यमवर्गीय विवाहित स्त्री के जीवन की ऊब और समय की यांत्रिकता का सजीव चित्रण है।
ताई कहानी
26. अज्ञेय की मनोवैज्ञानिक कहानी ‘रोज’ का प्रकाशन प्रथम बार किस वर्ष हुआ था?
1931 ई.
1933 ई.
1934 ई.
यह कहानी अज्ञेय के प्रथम कहानी संग्रह ‘विपथगा’ (1934) में संकलित होकर प्रकाशित हुई थी।
1932 ई.
27. फणीश्वरनाथ रेणु की आंचलिक कहानी ‘लाल पान की बेगम’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
1953 ई.
1955 ई.
1957 ई.
यह कहानी वर्ष 1957 में उनके प्रसिद्ध कहानी संग्रह ‘ठुमरी’ में प्रकाशित हुई थी।
1951 ई.
28. ‘वजीरा सिंह’ और ‘लहना सिंह’ किस प्रसिद्ध कहानी के अविस्मरणीय पात्र हैं?
उसने कहा था
वजीरा सिंह अपनी रेजिमेंट का विदूषक और लहना सिंह कहानी का मुख्य नायक है।
शरणदाता
वापसी
परिंदे
29. विशिष्ट नगरों और क्षेत्रों के आधार पर कहानियों का निम्नलिखित में से कौन-सा मिलान सत्य है?
कानों में कँगना – लाहौर
रसप्रिया – कमलपुर
‘रसप्रिया’ में मृदंगिया कमलपुर के बाबू लोगों के यहाँ जा रहा था, ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ में दिलफ़रेब का दरबार शहर मीनोसबाद में था, ‘कानों में कँगना’ में हृषीकेश के पास एक सुंदर वन का वर्णन है और ‘शरणदाता’ लाहौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
दुनिया का अनमोल रत्न – हृषीकेश
शरणदाता – मीनोसबाद
30. ‘ताई’ कहानी में रामेश्वरी के हृदय में मनोहर के प्रति द्वेष का मुख्य कारण क्या था?
मनोहर स्वभाव से बहुत ही जिद्दी और शरारती बालक था
मनोहर के पिता कृष्णदास ने उनकी संपत्ति पर कब्जा किया
उनके पति रामजीदास मनोहर को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे
स्वयं के निस्संतान होने की पीड़ा और ईर्ष्या की भावना थी
रामेश्वरी अपनी संतान न होने के कारण देवर के बच्चों के प्रति ईर्ष्या भाव रखती थी।
31. निम्नलिखित में से कहानियों और उनकी मूल पत्रिकाओं का कौन-सा सुमेलित नहीं है?
आकाशदीप – इंदु
‘उसने कहा था’ जून 1915 में ‘सरस्वती’ में, ‘कफ़न’ 1936 में ‘चाँद’ में और ‘ताई’ प्रसिद्ध पत्रिका ‘विश्वामित्र’ में प्रकाशित हुई थी। वहीं जयशंकर प्रसाद की कहानी आकाशदीप, 1929 ई. में आकाशदीप कहानी संग्रह में प्रकाशित हुई थी।
कफ़न – चाँद
ताई – विश्वामित्र
उसने कहा था – सरस्वती
32. ‘गनी मियाँ’ (अब्दुल गनी) अपनी पुरानी यादों के साथ किस कहानी में अमृतसर लौटते हैं?
चीफ की दावत
मलबे का मालिक
गनी मियाँ विभाजन के वर्षों बाद अपने उजड़े मकान का मलबा देखने अमृतसर आते हैं।
शरणदाता
उसने कहा था
33. ‘आकाशदीप’ कहानी के संदर्भ में कौन-सा कथन असंगत है?
यह प्रेम और प्रतिशोध के अंतर्द्वंद्व पर आधारित कहानी है
चम्पा बुद्धगुप्त को अपने पिता का हत्यारा समझती रही थी
चम्पा आजीवन दीप-स्तम्भ पर दीप जलाने का व्रत लेती है
बुद्धगुप्त अंत में चम्पा को अपने साथ भारत ले आता है
बुद्धगुप्त स्वदेश लौट जाता है, जबकि चम्पा उसी द्वीप पर रहकर असहाय लोगों की सेवा करने का निर्णय लेती है।
34. “पराए धन से भी कहीं घर भरता है?” – यह कथन ताई कहानी के किस पात्र का है?
मनोहर की माँ यानी देवरानी का
ताई कहानी के बाल पात्र मनोहर
मनोहर से ईर्ष्या करने वाली ताई
रामेश्वरी (ताई) अपने देवर के बच्चों को पराया धन मानकर उनके प्रति उपेक्षा का भाव रखती थी।
बाबू रामजीदास के भाई कृष्णदास
35. ‘परिंदे’ कहानी में ‘करीमुद्दीन’ की भूमिका मुख्य रूप से क्या दिखाई गई है?
वह स्कूल का एक संगीत शिक्षक है
वह कॉन्वेंट होस्टल का एक नौकर है
करीमुद्दीन मिलिट्री में अर्दली रह चुका है और अब पहाड़ी होस्टल में नौकर के रूप में काम करता है।
वह लतिका का एक पुराना प्रेमी है
वह डॉक्टर मुखर्जी का निजी सहायक है
36. विश्वंभरनाथ शर्मा ‘कौशिक’ की प्रसिद्ध पारिवारिक कहानी ‘ताई’ का प्रकाशन वर्ष क्या है?
1914 ई.
1918 ई.
1920 ई.
‘ताई’ कहानी वर्ष 1920 के आसपास प्रकाशित हुई थी, जो बाल मनोविज्ञान पर आधारित है।
1916 ई.
37. समीक्षक डॉ. नामवर सिंह ने किस कहानी को ‘नयी कहानी’ की पहली कृति माना है?
निर्मल- परिंदे
नामवर सिंह के अनुसार ‘परिंदे’ नयी कहानी की पहली कृति है क्योंकि यह कला दृष्टि से आधुनिक मानव नियति को पकड़ती है।
प्रेमचंद- कफन
गुलेरी- उसने कहा था
अज्ञेय- रोज
38. “जिस समाज में रात दिन मेहनत करने वालों की हालत उनकी हालत से कुछ बहुत अच्छी न थी, और किसानों के मुक़ाबले में वे लोग, जो किसानों की दुर्बलताओं से लाभ उठाना जानते थे, कहीं ज़्यादा संपन्न थे, वहाँ इस तरह की मनोवृत्ति का पैदा हो जाना कोई अचरज की बात न थी।” – यह सामाजिक यथार्थ किस कहानी का है?
लाल पान की बेगम
रसप्रिया कहानी
कफ़न कहानी
यह गद्यांश कहानी के मुख्य पात्रों की कामचोरी और समाज के शोषणकारी चरित्र के बीच के संबंध की व्याख्या करता है।
मलबे का मालिक
39. ‘उसने कहा था’ कहानी के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उपयुक्त और सही है?
सुबेदारनी ने अमृतसर में लहना को पहचान लिया था
वजीरा सिंह ने जर्मन जासूस को मार गिराया था
बोधा सिंह युद्ध के मैदान में शहीद हो गया था
मृत्यु से पहले लहना को पुरानी स्मृतियाँ आती हैं
कहानी के अनुसार मृत्यु के समय लहना को पुरानी स्मृतियाँ साफ हो जाती हैं।
40. “ख़ून का वह आख़िरी क़तरा जो वतन की हिफ़ाज़त में गिरे…” – यह किस कहानी का मूल संदेश है?
कानों में कँगना
दुनिया का सबसे अनमोल रत्न
दिलफ़रेब दिलफ़िगार को बताती है कि देश के लिए बलिदान ही दुनिया का सबसे अनमोल रत्न है।
उसने कहा था
आकाशदीप कहानी
41. राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह की कहानी ‘कानों में कँगना’ का प्रकाशन किस वर्ष हुआ था?
1907 ई.
1909 ई.
1913 ई.
यह कहानी 1913 ई. में ‘इन्दु’ पत्रिका में प्रकाशित हुई थी, जो अपनी भाषा के लिए प्रसिद्ध है।
1911 ई.
42. ‘मलबे का मालिक’ कहानी के संदर्भ में असंगत कथन कौन-सा है?
यह भारत-पाक विभाजन की मानवीय त्रासदी पर आधारित है
गनी मियाँ साढ़े सात साल बाद लाहौर से अमृतसर आते हैं
कहानी में रक्खे पहलवान की आत्मग्लानि को दिखाया गया है
गनी मियाँ रक्खे पहलवान से बदला लेने के लिए लौटे थे
गनी मियाँ केवल अपने उजड़े हुए घर की सूरत और पुराने पड़ोसियों से मिलने के लिए अमृतसर आए थे।
43. निम्नलिखित में से किस कहानी का पात्र सुमेलित नहीं है?
लहना सिंह – उसने कहा था
गजाधर बाबू – वापसी
बुद्धगुप्त – कफ़न
बुद्धगुप्त ‘आकाशदीप’ का नायक है, जबकि कफ़न के मुख्य पात्र घीसू और माधव हैं।
शामनाथ – चीफ की दावत
44. ‘कफ़न’ कहानी के पात्रों घीसू और माधव की चारित्रिक विशेषता क्या दिखाई गई है?
वे बुधिया का इलाज कराने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते हैं
वे गाँव के सबसे अधिक ईमानदार और परिश्रमी मजदूर रहे हैं
वे बुधिया की मृत्यु के बाद बहुत ही दुखी और शोकग्रस्त हैं
वे अत्यधिक कामचोर, संवेदनहीन और भाग्यवादी पात्र हैं
घीसू और माधव कामचोरी की पराकाष्ठा पर हैं और बुधिया की मृत्यु पर भी कफन के पैसों से दावत करते हैं।
45. “मनुष्य का हृदय बड़ा ममत्व-प्रेमी है। कैसी ही उपयोगी और कितनी ही सुंदर वस्तु क्यों न हो, जब तक मनुष्य उसको पराई समझता है, तब तक उससे प्रेम नहीं करता।” – यह दार्शनिक गद्यांश किस कहानी के केंद्रीय भाव से जुड़ा है?
ताई कहानी
यह विचार कहानी की नायिका के हृदय परिवर्तन और बालक के प्रति उपजे ममत्व की मनोवैज्ञानिक व्याख्या करता है।
चीफ की दावत
वापसी कहानी
जहाँ लक्ष्मी कैद है
46. ‘रोज़’ कहानी के पात्र महेश्वर के कार्य और दिनचर्या के संबंध में क्या सही है?
वह शहर के एक बहुत बड़े निजी अस्पताल में सर्जन है
वह घर पर अपनी पत्नी मालती के साथ समय बिताता है
वह अतिथि के मनोरंजन के लिए अस्पताल से छुट्टी लेता है
वह एक पहाड़ी डिस्पेंसरी में कार्यरत सरकारी डॉक्टर है
महेश्वर एक सरकारी डॉक्टर है जिसका जीवन अस्पताल की नीरस दिनचर्या और गैंग्रीन के मरीजों तक सीमित है।
47. “मैं तुम्हें घृणा करती हूँ, फिर भी तुम्हारे लिए मर सकती हूँ” – यह कथन किस कहानी की नायिका का है?
आकाशदीप की नायिका चम्पा
चम्पा बुद्धगुप्त से प्रेम और प्रतिशोध के द्वंद्व में यह बात कहती है।
लाल पान की बेगम
पत्नी कहानी की सुनंदा
रोज़ कहानी की नायिका
48. ‘जहाँ लक्ष्मी कैद है’ कहानी के आधार पर लाला रूपाराम का स्वभाव कैसा है?
वे बहुत ही उदार और दानी व्यक्ति हैं
वे अपनी बेटी के लिए बहुत स्वतंत्र हैं
वे एक बहुत ही धार्मिक समाज सुधारक हैं
वे एक प्रसिद्ध कंजूस और शक्की पिता हैं
लाला रूपाराम अत्यधिक कंजूस हैं और उन्होंने लक्ष्मी को अंधविश्वास के कारण घर में कैद करके रखा हुआ है।
49. कमलेश्वर की महानगरीय संवेदनहीनता पर आधारित कहानी ‘दिल्ली में एक मौत’ कब प्रकाशित हुई?
1957 ई.
1963 ई.
यह कहानी वर्ष 1963 में प्रकाशित हुई थी, जो आधुनिक जीवन की अमानवीयता को दिखाती है।
1959 ई.
1961 ई.
50. “अर्थी अब सड़क पर ठीक मेरे कमरे के नीचे है। उसके साथ कुछेक आदमी हैं, एक-दो कारें भी हैं, जो धीरे-धीरे रेंग रही हैं। लोग बातों में मशगूल हैं। …हर हिस्से में ज़िंदगी की खनक है।” – प्रस्तुत परिवेश किस कहानी का है?
मलबे का मालिक
दिल्ली में एक मौत
यह गद्यांश महानगर की उस संवेदनहीनता को दर्शाता है जहाँ पड़ोसी की मृत्यु के बावजूद सबकी दिनचर्या सामान्य बनी रहती है।
चीफ की दावत
शरणदाता कहानी
51. ‘लाल पान की बेगम’ कहानी के संबंध में असंगत कथन कौन-सा है?
यह कहानी ग्रामीण अंचल के परिवेश और उत्सव को चित्रित करती है
बिरजू की माँ एक स्वाभिमानी और दबंग स्वभाव की महिला पात्र है
गाँव की औरतों के बीच आपसी नोक-झोंक का सुंदर वर्णन किया है
बिरजू के पिता अपनी पत्नी की बातों को बिल्कुल नहीं मानते हैं
बिरजू के पिता बहुत ही सीधे और डरपोक स्वभाव के हैं जो अपनी पत्नी के दबदबे को सहज स्वीकार करते हैं।
52. ‘शरणदाता’ कहानी के पात्र देविन्दरलाल को संकट से बचाने में किसकी भूमिका मुख्य थी?
रंफीकुद्दीन वकील ने उन्हें सुरक्षित भारत पहुँचाया था
आबिद मियाँ ने उन्हें अपने घर में सुरक्षित शरण दी थी
शेख अताउल्लाह ने उन्हें अपने घर में ससम्मान रखा था
जेबुन्निसा ने उन्हें जहर की सूचना देकर जान बचाई थी
जेबुन्निसा (जैबू) ने खाने में पुर्जा रखकर देविन्दरलाल को सचेत किया था कि खाना जहर वाला है।
53. ‘दयाराम’ (धर्मा) नामक पात्र का वर्णन किस कहानी में मुख्य रूप से हुआ है?
मलबे का मालिक
चीफ की दावत
दिल्ली में एक मौत
यह कहानी महानगरीय जीवन की संवेदनहीनता को पात्रों के माध्यम से दर्शाती है।
जहाँ लक्ष्मी कैद है
54. ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ कहानी के संदर्भ में असंगत है:
दिलफ़िगार अपनी प्रेमिका दिलफ़रेब को पाने के लिए यात्रा करता है
वतन के लिए बहाया गया खून ही दुनिया की सबसे अनमोल चीज़ है
कहानी में प्रेम और देशभक्ति का बहुत सुंदर समन्वय किया गया है
दिलफ़िगार अपनी प्रेमिका की कठोरता से बहुत अधिक प्रसन्न है
दिलफ़िगार प्रेमिका द्वारा बार-बार ठुकराए जाने और कठिन शर्तें रखने के कारण बहुत दुखी और निराश रहता है।
55. ‘ताई’ कहानी के कथानक के संदर्भ में असंगत कथन कौन-सा है?
रामेश्वरी अपनी संतान न होने के कारण बहुत दुखी रहती थी
ताई अपने देवर के बच्चों के प्रति बहुत ईर्ष्या भाव रखती थी
मनोहर को छत से गिरते देख ताई का ममता भाव जाग उठता है
मनोहर के पिता ताई को अपने घर से निकाल देना चाहते हैं
मनोहर के पिता कृष्णदास ताई और ताऊजी का बहुत सम्मान करते हैं और परिवार में कोई द्वेष नहीं रखते।
56. ‘वापसी’ कहानी में गजाधर बाबू कितने वर्षों की नौकरी के बाद रिटायर हुए थे?
तीस वर्ष
चालीस वर्ष
पैंतीस वर्ष
गजाधर बाबू पैंतीस साल की रेलवे की नौकरी के बाद परिवार के पास रहने की आशा लेकर वापस लौटे थे।
पच्चीस वर्ष
57. ‘मृदंगिया’ निम्नलिखित में से किस कहानी का मुख्य पात्र है?
रसप्रिया
मिरदंगिया (पँचकौड़ी) रसप्रिया कहानी का एक गुनी कलाकार है जो अब उपेक्षित है।
लाल पान की बेगम
मलबे का मालिक
उसने कहा था
58. जयशंकर प्रसाद की ऐतिहासिक और भावुकतापूर्ण कहानी ‘आकाशदीप’ का प्रकाशन वर्ष क्या है?
वर्ष 1926 ईस्वी में
वर्ष 1928 ईस्वी में
‘आकाशदीप’ कहानी वर्ष 1928 में प्रकाशित हुई थी, जो उनके इसी नाम के कहानी संग्रह में संकलित है।
वर्ष 1922 ईस्वी में
वर्ष 1924 ईस्वी में
59. ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ कहानी में दिलफ़िगार को सफलता कब प्राप्त होती है?
जब वह किसी सती स्त्री की चिता की मुट्ठी भर राख लाता है
जब वह किसी पापी के पश्चाताप का पहला आँसू लेकर आता है
जब वह रत्नजटित मंजूषा में रखे कीमती हीरे प्राप्त करता है
जब वह वतन की रक्षा में गिरे खून का आखिरी कतरा लाता है
दिलफ़िगार को देश की हिफ़ाज़त में गिरे खून के कतरे को ही सबसे अनमोल रत्न माना गया है।
60. ‘मिस्टर शामनाथ’ अपनी पदोन्नति के लिए अपनी माँ का उपयोग किस कहानी में करते हैं?
दिल्ली में एक मौत
शरणदाता
चीफ की दावत
शामनाथ चीफ़ को खुश करने के लिए माँ को उनकी लोककला दिखाने के लिए मजबूर करता है।
जहाँ लक्ष्मी कैद है
61. ‘उसने कहा था’ कहानी के संबंध में कौन-सा कथन असंगत है?
यह कहानी प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है
इसमें अमृतसर के बाज़ार का बहुत ही जीवंत चित्रण है
लहना सिंह अपना वादा निभाने के लिए प्राण दे देता है
बोधा सिंह युद्ध के मैदान में वीरगति को प्राप्त होता है
कहानी में लहना सिंह ने स्वयं घायल होकर भी बोधा सिंह के प्राणों की रक्षा की थी, जिससे वह जीवित बच गया था।
62. “सब कुछ बदल गया, मगर बोलियाँ नहीं बदलीं!” – उपर्युक्त कथन मलबे का मालिक कहानी के किस पात्र का है?
जुबैदा और किश्वर के पिता का
अमृतसर लौटे बुड्ढे गनी मियाँ का
गनी मियाँ विभाजन के वर्षों बाद अमृतसर लौटकर वहां की गलियों में बच्चों की बोली सुनकर यह कहते हैं।
चिरागदीन के दोस्त मनोरी का
गली का दबंग रक्खे पहलवान का
63. प्रेमचंद की यथार्थवादी और अंतिम महत्वपूर्ण कहानी ‘कफ़न’ का प्रकाशन वर्ष क्या है?
1936 ई.
कफ़न कहानी वर्ष 1936 में प्रकाशित हुई थी, जिसे प्रेमचंद के कहानी शिल्प का शिखर माना जाता है।
1930 ई.
1932 ई.
1934 ई.
64. ‘रसप्रिया’ कहानी के मुख्य पात्र पँचकौड़ी मिरदंगिया की व्यथा का कारण क्या है?
वह मोहना को मृदंग सिखाने में पूरी तरह से असफल रहा
उसे कमलपुर के बाबू लोगों के यहाँ कोई आदर नहीं मिला
उसकी उँगली खेती का काम करते समय टेढ़ी हो गई थी
वह कलाकार होकर भी भीख माँगने पर मजबूर एक वृद्ध है
मिरदंगिया एक गुनी कलाकार है जो अब उपेक्षित है और भीख माँगकर अपना गुजारा करता है।
65. ‘दिलफ़िगार’ और ‘दिलफ़रेब’ किस प्रेम और देशभक्ति पर आधारित कहानी के पात्र हैं?
कानों में कँगना
परिंदे
दुनिया का सबसे अनमोल रत्न
‘दिलफ़िगार’ और ‘दिलफ़रेब’ ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ कहानी के पात्र हैं। दिलफ़िगार अपनी प्रेमिका के लिए दुनिया की सबसे अनमोल चीज़ खोजने निकलता है।
आकाशदीप
66. ‘रामेश्वरी’ और बालक ‘मनोहर’ किस पारिवारिक संवेदना की कहानी के पात्र हैं?
जहाँ लक्ष्मी कैद है
वापसी
ताई
‘रामेश्वरी’ और बालक ‘मनोहर’ ताई कहानी के पात्र हैं। रामेश्वरी (ताई) अपनी निस्संतान होने की ईर्ष्या को त्यागकर मनोहर को अंत में गले लगा लेती है।
चीफ की दावत
67. ‘परिंदे’ कहानी के संबंध में कौन-सा तथ्य असंगत प्रतीत होता है?
नामवर सिंह इसे नयी कहानी की पहली कृति मानते हैं
लतिका कॉन्वेंट स्कूल के हॉस्टल में वार्डन की नौकरी करती है
कहानी में मनुष्य के अकेलेपन और प्रतीक्षा को दिखाया गया है
लतिका अंत में मिस्टर ह्यूबर्ट के साथ विवाह कर लेती है
लतिका अपने मृत प्रेमी कैप्टन नेगी की स्मृतियों में ही कैद रहती है और किसी अन्य संबंध को स्वीकार नहीं करती।
68. मोहन राकेश की भारत-पाक विभाजन पर आधारित कहानी ‘मलबे का मालिक’ कब प्रकाशित हुई?
1956 ई.
‘मलबे का मालिक’ वर्ष 1956 में उनके कहानी संग्रह ‘नये बादल’ में प्रकाशित हुई थी।
1950 ई.
1952 ई.
1954 ई.
69. पँचकौड़ी मृदंगिया के चारित्रिक गुणों और स्थिति के विषय में कौन-सा विकल्प गलत है?
वह रसप्रिया और विद्यापति की पदावली का एक अत्यंत गुनी और कुशल गायक है
वह मोहना नामक बालक की प्रतिभा में अपनी कला का सुरक्षित भविष्य देखता है
वह उपेक्षा और दरिद्रता के कारण वर्तमान में मृदंग बजाकर भीख माँगता है
वह कमलपुर गाँव के प्रभावशाली बाबू लोगों के यहाँ अत्यधिक सम्मानित पात्र है
मृदंगिया एक गुनी कलाकार होने के बावजूद समाज में उपेक्षित है और भीख माँगकर अपना गुजारा करता है।
70. ‘लाल पान की बेगम’ कहानी में बिरजू की माँ के व्यवहार के बारे में क्या सत्य है?
वह जंगी की पुतोहू से डरकर हमेशा चुपचाप ही रहती है
वह मखनी फुआ को अपने परिवार का अटूट हिस्सा मानती है
वह नाच देखने जाने के लिए अपने पति पर निर्भर नहीं है
वह एक स्वाभिमानी, दबंग और थोड़ी तुनकमिज़ाज स्त्री है
बिरजू की माँ अपने स्वाभिमान और अपनी स्थिति को लेकर टोले में अपनी धाक जमाए रखती है।
71. ‘गजाधर बाबू’ किस कहानी के पात्र हैं, जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद घर लौटते हैं?
ताई
वापसी
‘गजाधर बाबू’ वापसी कहानी के पात्र हैं। गजाधर बाबू को अपने ही परिवार में एक फालतू सामान की तरह महसूस होता है।
दिल्ली में एक मौत
चीफ की दावत
72. ‘चीफ की दावत’ कहानी के निम्नलिखित संवादों में से कौन-सा संवाद शामनाथ की पत्नी का है?
माँ आज दावत में कोई गाना सुना देंगी
माँ से कहें कि वे जल्दी खाना खा लेंगी
माँ को पिछवाड़े सहेली के घर भेज दो
शामनाथ की पत्नी ने सुझाव दिया था कि दावत के समय माँ को सहेली के घर भेज दिया जाए।
माँ के खड़ाऊँ उठाकर मैं बाहर फेंक दूँगा
73. ‘करीमुद्दीन’ किस कहानी का पात्र है, जो कॉन्वेंट स्कूल के होस्टल में नौकर है?
रसप्रिया
वापसी
परिंदे
करीमुद्दीन होस्टल का नौकर है जो पहले मिलिट्री में अर्दली रह चुका है।
शरणदाता
74. ‘कफ़न’ कहानी के संदर्भ में कौन-सा कथन असंगत है?
यह कहानी गरीबी की पराकाष्ठा और संवेदनहीनता को दर्शाती है
घीसू और माधव कफ़न के पैसों से शराब और पूरियाँ खाते हैं
बुधिया की मृत्यु प्रसव वेदना और समुचित इलाज न होने से हुई
माधव अपनी पत्नी की बीमारी पर बहुत ही दुखी और व्याकुल है
माधव अपनी पत्नी की पीड़ा के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन है और उसे केवल अपने आलस्य की चिंता रहती है।
75. फणीश्वरनाथ रेणु की लुप्त होती कला पर आधारित कहानी ‘रसप्रिया’ किस वर्ष प्रकाशित हुई थी?
1957 ई.
‘रसप्रिया’ कहानी 1957 ई. में रेणु जी के कहानी संग्रह ‘ठुमरी’ में संकलित होकर आई थी।
1951 ई.
1953 ई.
1955 ई.
76. कहानी ‘जहाँ लक्ष्मी कैद है’ के पात्र गोविंद की स्थिति का सही वर्णन क्या है?
वह लाला रूपाराम की पुत्री लक्ष्मी का बचपन का प्रेमी है
वह लाला रूपाराम के घर में एक घरेलू नौकर का काम करता है
वह शहर का एक बहुत बड़ा और प्रसिद्ध पत्रिका प्रकाशक है
वह रूपाराम की चक्की पर रहने वाला मुंशी और विद्यार्थी है
गोविंद पढ़ाई के साथ-साथ लाला रूपाराम की चक्की का हिसाब-किताब देखने के लिए उनके यहाँ रहता है।
77. ‘ताई’ कहानी में रामेश्वरी के हृदय परिवर्तन का मुख्य कारण क्या बना?
उनके पति रामजीदास की कड़ी फटकार
देवर कृष्णदास का उनके प्रति आदर
मनोहर की माँ का उनके प्रति व्यवहार
मनोहर का छत से गिरते समय बचाना
मनोहर को गिरते देख रामेश्वरी का वात्सल्य जाग उठा, जिससे उनका ईर्ष्या भाव प्रेम और ममत्व में बदल गया।
78. “कथरी के नीचे दुशाले का सपना! …दो बच्चों की माँ हो कर भी वह जस-की-तस है। उसका घरवाला उसकी बात में रहता है। वह बालों में गरी का तेल डालती है। उसकी अपनी ज़मीन है।” – यह गद्यांश किस कहानी की नायिका के स्वाभिमान को दर्शाता है?
लाल पान की बेगम
यह कहानी ग्रामीण परिवेश में एक महिला के दबदबे, उसके स्वाभिमान और उसके प्रति टोले के लोगों की ईर्ष्या को चित्रित करती है।
रसप्रिया कहानी
ताई कहानी
कफ़न कहानी
79. कहानियों और उनमें वर्णित प्रमुख भौगोलिक स्थानों का कौन-सा सुमेलित जोड़ा सही है?
परिंदे-अमृतसर
मलबे का मालिक – बाज़ार बांसा
‘उसने कहा था’ कहानी अमृतसर के बाज़ारों से शुरू होती है, ‘परिंदे’ में मीडोज़ एक प्रमुख पिकनिक स्थल है, ‘लाल पान की बेगम’ में बलरामपुर का नाच देखने जाने की चर्चा है और ‘मलबे का मालिक’ का घटनास्थल अमृतसर का बाज़ार बांसा है।
लाल पान की बेगम – मीडोज़
उसने कहा था – बलरामपुर
80. ‘नरेन्द्र’ और ‘किरन’ के प्रेम और पतन की कथा किस कहानी में वर्णित की गई है?
परिंदे
रसप्रिया
कानों में कँगना
‘नरेन्द्र’ और ‘किरन’ कानों में कँगना कहानी के पात्र हैं। नरेन्द्र अपनी पत्नी किरन को उपेक्षित कर एक नर्तकी के मोह में पड़कर सब खो देता है।
आकाशदीप
81. प्रेमचंद की पहली कहानी मानी जाने वाली ‘दुनिया का सबसे अनमोल रत्न’ कब प्रकाशित हुई थी?
1905 ई.
1907 ई.
यह कहानी 1907 ई. में ‘ज़माना’ पत्रिका में छपी थी और बाद में ‘सोज़-ए-वतन’ संग्रह में आई।
1901 ई.
1903 ई.
82. ‘चीफ़ की दावत’ कहानी में शामनाथ अपनी बूढ़ी माँ के प्रति कैसा दृष्टिकोण रखता है?
वह अपनी माँ को समाज में बहुत ही सम्मान देना चाहता है
वह माँ को पंजाब की लोक कला का संरक्षक मानता है
वह माँ को घर की मालकिन के रूप में प्रस्तुत करता है
वह माँ को दावत के दौरान एक बाधक वस्तु समझता है
शामनाथ को चिंता है कि अनपढ़ माँ की उपस्थिति चीफ़ के सामने उसे लज्जित न कर दे।
83. ‘शरणदाता’ कहानी में देविन्दरलाल को सुरक्षित स्थान पर ले जाने वाला पात्र कौन है?
रंफीकुद्दीन नामक एक मुस्लिम वकील
रंफीकुद्दीन अपने मित्र देविन्दरलाल को दंगों के दौरान सुरक्षा देने के लिए अपने घर में शरण देते हैं।
शेख अताउल्लाह नामक पुलिस क्लर्क
लाहौर का एक प्रसिद्ध हिन्दू डॉक्टर
जेबुन्निसा का भाई आबिद मियाँ है
84. ‘चीफ की दावत’ कहानी में शामनाथ की पत्नी ने माँ के लिए क्या सुझाव दिया था?
माँ को कोठरी में ताला बंद रखें
माँ को किसी विधवा आश्रम भेजें
माँ को उनके भाई के पास भेज दें
शामनाथ की पत्नी ने शुरू में सुझाव दिया था कि माँ को उनके भाई के पास भेज दिया जाए ताकि दावत में विघ्न न पड़े।
माँ को पिछवाड़े सहेली के घर भेजें
85. ‘वापसी’ कहानी के संबंध में असंगत कथन का चयन कीजिए:
गजाधर बाबू 35 वर्ष की रेलवे की नौकरी के बाद घर लौटे थे
परिवार के सदस्य गजाधर बाबू को एक फालतू सामान समझते हैं
गजाधर बाबू अंत में पुनः घर छोड़कर नौकरी पर चले जाते हैं
गजाधर बाबू के लौटने पर उनकी पत्नी बहुत अधिक सुखी हुई
गजाधर बाबू की पत्नी उनके घर में हस्तक्षेप से परेशान थी और उनके दोबारा जाने पर उसने राहत महसूस की।
86. उषा प्रियंवदा की सेवानिवृत्ति की समस्या पर आधारित कहानी ‘वापसी’ किस वर्ष प्रकाशित हुई?
1956 ई.
1958 ई.
1960 ई.
यह कहानी 1960 ई. में प्रकाशित हुई थी और नयी कहानी आंदोलन की महत्वपूर्ण रचना बनी।
1954 ई.
87. ‘परिंदे’ कहानी की मुख्य पात्र ‘लतिका’ के व्यक्तित्व के संबंध में कौन-सा तथ्य कहानी में वर्णित है?
वह छुट्टियों में अपने घर जाने के लिए बहुत ही उत्सुक है
वह डॉक्टर मुकर्जी के साथ बर्मा जाकर बसना चाहती है
वह अपने मृत प्रेमी कैप्टन नेगी की यादों में ही जीती है
लतिका कैप्टन नेगी की मृत्यु के बाद अकेलेपन और अतीत की यादों के साथ होस्टल में रहती है।
वह संगीत शिक्षक मिस्टर ह्यूबर्ट से विवाह करना चाहती है
88. ‘चीफ की दावत’ कहानी के पात्र शामनाथ के व्यक्तित्व के बारे में कौन-सा कथन असत्य है?
वह अपनी पदोन्नति के लिए अपने विदेशी बॉस को घर पर दावत के लिए बुलाता है
वह अपनी वृद्ध माँ को आधुनिक सभ्य समाज के सामने एक बाधक वस्तु मानता है
वह माँ को हरिद्वार जाने से रोककर फुलकारी बनाने के लिए विवश करता है
वह माँ की धार्मिक भावनाओं और हरिद्वार जाने की इच्छा का पूर्ण सम्मान करता है
शामनाथ माँ का सम्मान नहीं करता, बल्कि अपनी तरक्की के लिए उनकी भावनाओं की उपेक्षा करता है और उन्हें हरिद्वार जाने से रोकता है।
89. ‘सुनंदा’ और ‘कालिंदीचरण’ किस वैचारिक अंतर्द्वंद्व पर आधारित कहानी के पात्र हैं?
शरणदाता
वापसी
पत्नी
‘सुनंदा’ और ‘कालिंदीचरण’ पत्नी कहानी के पात्र हैं। सुनंदा अपने क्रांतिकारी पति कालिंदीचरण की उपेक्षा और अकेलेपन को सहती है।
रोज़
90. ‘वापसी’ कहानी में गजाधर बाबू के घर वापस लौटने पर उनकी स्थिति कैसी दिखाई गई है?
वे अपने बच्चों के साथ मिलकर नया बिजनेस शुरू करते हैं
उनकी पत्नी उनके आने से बहुत अधिक प्रसन्न और सुखी है
वे घर के सभी निर्णयों में मुख्य भूमिका निभाने लगते हैं
वे अपने ही परिवार में स्वयं को एक फालतू सामान समझते हैं
गजाधर बाबू को महसूस होता है कि परिवार के जीवन में उनके लिए अब कोई जगह नहीं बची है।
91. ‘कफन’ कहानी के पात्रों के जीवन के संबंध में कौन-सा तथ्य असंगत है?
घीसू और माधव बहुत कामचोर हैं
माधव घीसू का बहुत आज्ञाकारी पोता है
माधव घीसू का बेटा है, पोता नहीं, और दोनों मिलकर समाज की संवेदनहीनता और अपनी गरीबी को दर्शाते हैं।
बुधिया की प्रसव वेदना से मृत्यु हुई
वे कफन के पैसों से शराब पीते हैं
92. ‘मलबे का मालिक’ कहानी में अब्दुल गनी (गनी मियाँ) की यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या दिखाया गया है?
वे अमृतसर में अपनी पुरानी दर्जी की दुकान खोलना चाहते हैं
वे रक्खे पहलवान से अपनी पुरानी शत्रुता का बदला लेना चाहते हैं
वे अमृतसर में हॉकी का मैच देखने के लिए लाहौर से आए हैं
वे विभाजन के बाद अपने उजड़े हुए मकान का मलबा देखने आए हैं
गनी मियाँ अमृतसर में अपने उस मकान की सूरत देखने आते हैं जो अब मलबे में बदल चुका है।
93. ‘दिल्ली में एक मौत’ कहानी के संदर्भ में असंगत कथन है:
यह कहानी आधुनिक महानगरीय जीवन की संवेदनहीनता दिखाती है
सेठ दीवानचंद की मृत्यु पर लोग अपनी वेशभूषा की चर्चा करते हैं
कथावाचक अंत में सेठ की शवयात्रा में अकेले शामिल होता है
वासवानी परिवार सेठ की मृत्यु से बहुत अधिक शोकाकुल है
वासवानी परिवार सेठ की मृत्यु के दिन भी पिकनिक और कपड़ों की योजना बनाने में व्यस्त और संवेदनहीन है।
94. “मीठी बातों से बाघ के मुँह से अपना सिर नहीं निकाला जा सकता। उस वक़्त बाघ का मारना ही एक इलाज है। आतंक! हाँ, आतंक। हमें क्या आतंकवाद से डरना होगा?” – उपर्युक्त उग्र विचार किस कहानी के पात्रों की चर्चा का हिस्सा हैं?
शरणदाता कहानी
पत्नी कहानी
यह कहानी के नायक और उसके क्रांतिकारी मित्रों के बीच होने वाली वैचारिक बहस का एक अंश है।
रोज़ कहानी
मलबे का मालिक
95. ‘दिल्ली में एक मौत’ कहानी के पात्रों के माध्यम से किस सामाजिक सत्य को दर्शाया गया है?
दिल्ली के लोगों में आपसी प्रेम और भाईचारा बहुत अधिक है
वासवानी परिवार सेठ की मृत्यु से बहुत अधिक दुखी दिखाया है
अतुल मवानी शवयात्रा का नेतृत्व करने वाला एक मुख्य पात्र है
आधुनिक महानगरीय जीवन की संवेदनहीनता और औपचारिकता
कहानी में सेठ दीवानचंद की मृत्यु पर लोग शोक के बजाय अपनी वेशभूषा और काम की चर्चा करते हैं।
96. जैनेंद्र कुमार की कहानी ‘पत्नी’, जो स्त्री के आंतरिक द्वंद्व को दिखाती है, कब प्रकाशित हुई थी?
1929 ई.
1935 ई.
यह कहानी 1935 ई. में उनके कहानी संग्रह ‘वातायन’ में संकलित होकर प्रकाशित हुई थी।
वर्ष ई.
वर्ष ई.
97. ‘आकाशदीप’ कहानी के संदर्भ में पात्रों के बारे में कौन-सा कथन असंगत है?
मणिभद्र चम्पा का रक्षक एवं नायक है
मणिभद्र एक दस्यु और पोताध्यक्ष है जिसने चम्पा को बंदी बनाया था, जबकि बुद्धगुप्त इस कहानी का नायक है।
चम्पा एक क्षत्रिय कुल की बालिका है
बुद्धगुप्त ताम्रलिप्ति का एक क्षत्रिय है
जया एक सहायक आदिवासी युवती है
98. गुलेरी जी की अमर कहानी के नायक लहना सिंह की विशेषता निम्नलिखित में से नहीं है:
वह नं. 77 सिख राइफल्स रेजिमेंट में एक कर्तव्यनिष्ठ जमादार के पद पर है
वह सुबेदारनी को दिए गए वचन को निभाने हेतु अपने प्राणों का बलिदान देता है
वह सूबेदार हजारा सिंह और बोधा सिंह की युद्ध के मैदान में जान बचाता है
वह प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की सेना की ओर से युद्ध लड़ रहा है
लहना सिंह प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश-भारतीय सेना की ओर से फ्रांस और बेल्जियम में जर्मन सेना के विरुद्ध लड़ रहा था।
99. ‘उसने कहा था’ कहानी के पात्रों के संवाद और संबंधों के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
वजीरा सिंह और बोधा सिंह आपस में सगे भाई हैं
सुबेदार हजारा सिंह जर्मन सेना का एक गुप्तचर है
कीरत सिंह युद्ध के मैदान में लहना का सेनापति है
सुबेदारनी ने लहना सिंह से अपनों की रक्षा माँगी थी
कहानी में सुबेदारनी ने लहना सिंह को पहचानकर अपने पति और पुत्र की रक्षा की भिक्षा माँगी थी।
100. कहानियों के कथानक में आए विशिष्ट स्थानों के संदर्भ में सही मिलान का चयन कीजिए:
आकाशदीप – चम्पा-द्वीप
‘आकाशदीप’ में नायक बुद्धगुप्त एक निर्जन द्वीप का नाम चम्पा-द्वीप रखता है, ‘शरणदाता’ में मोजंग नामक मोहल्ले में दंगे भड़कते हैं, ‘वापसी’ में रानीपुर स्टेशन पर गनेशी चाय पहुँचाता था और ‘दिल्ली में एक मौत’ में पंचकुइयां श्मशान भूमि का उल्लेख है।
दिल्ली में एक मौत – मोजंग
वापसी – पंचकुइयां
शरणदाता – रानीपुर
101. ‘कानों में कँगना’ कहानी के पात्र नरेन्द्र के जीवन में आए बदलाव का मुख्य कारण क्या था?
उसे योगीश्वर ने अपने आश्रम से बाहर निकाल दिया था
उसे किरन के आभूषणों के प्रति अत्यधिक मोह हो गया था
वह अपनी पत्नी किरन के साथ शांतिपूर्ण जीवन चाहता था
वह शहर की चकाचौंध और एक नर्तकी के मोह में फँस गया
नरेन्द्र अपनी पत्नी किरन को भूलकर एक नाचने वाली के मोहजाल में फँस जाता है और उसका सर्वनाश होता है।
102. “मरने वाले के संग ख़ुद थोड़े ही मरा जाता है” – यह कथन ‘परिंदे’ कहानी के किस पात्र का है?
आधे बर्मी डॉक्टर मिस्टर मुकर्जी
डॉक्टर मुकर्जी लतिका को अतीत से बाहर निकलने के लिए यह बात कहते हैं।
संगीत शिक्षक मिस्टर ह्यूबर्ट
कॉन्वेंट की प्रिंसिपल मिस वुड
कुमाऊँ रेजिमेंट के कैप्टन नेगी
103. ‘कानों में कँगना’ कहानी के संबंध में असंगत तथ्य कौन-सा है?
यह कहानी वासना के कारण होने वाले नैतिक पतन की कथा है
नरेन्द्र अपनी पत्नी किरन को भूलकर नर्तकी के मोह में फँसता है
किरन के कानों के कंगन नरेन्द्र के वैराग्य का प्रतीक बनते हैं
नरेन्द्र अंत तक अपनी पत्नी किरन के प्रति पूर्णतः समर्पित है
नरेन्द्र अपनी पत्नी की उपेक्षा करता है और उसके सारे आभूषण नर्तकी पर लुटाकर उसका जीवन बर्बाद कर देता है।
104. जैनेंद्र की कहानी ‘पत्नी’ की पात्र सुनंदा के संदर्भ में कौन-सा तथ्य गलत है?
वह अपने क्रांतिकारी पति कालिंदीचरण के प्रति पूर्णतः समर्पित पत्नी है
वह घर के भीतर एक प्रकार की मानसिक उपेक्षा और अकेलेपन को झेलती है
वह अपने पति की क्रांतिकारी चर्चाओं और वैचारिक जोश को नहीं समझ पाती
वह अपने पति के क्रांतिकारी कार्यों में सक्रिय रूप से सहयोग प्रदान करती है
सुनंदा पति के क्रांतिकारी जीवन और चर्चाओं से खुद को अलग और उपेक्षित महसूस करती है; वह उन्हें समझ नहीं पाती।
105. “जंगल की आग कभी देखी है… एक अलमस्त नशे की तरह धीरे-धीरे फैलती जाती है। …मरने वाले के संग ख़ुद थोड़े ही मरा जाता है।” – यह संवाद प्रधान गद्यांश किस कहानी से उद्धृत है?
आकाशदीप कहानी
मलबे का मालिक
परिंदे कहानी
यह एक चिकित्सक पात्र का संवाद है जो नायिका को अतीत के मोह से मुक्त होने की सलाह देता है।
शरणदाता कहानी
106. अज्ञेय की कहानी ‘रोज’ किस अन्य शीर्षक से भी साहित्य जगत में जानी जाती है?
विपथगा
कोठरी की बात
गैंग्रीन
यह कहानी एक डॉक्टर की दिनचर्या और उसकी पत्नी मालती के नीरस जीवन पर आधारित है, जिसे ‘गैंग्रीन’ भी कहा जाता है।
शरणदाता
107. ‘घीसू’ और ‘माधव’ किस यथार्थवादी कहानी के संवेदनहीन और कामचोर पात्र हैं?
चीफ की दावत
कफ़न
घीसू और माधव गरीबी की उस पराकाष्ठा पर हैं जहाँ वे कफ़न के पैसों से दावत करते हैं।
मलबे का मालिक
लाल पान की बेगम
108. ‘पत्नी’ कहानी के कथानक के आधार पर असंगत कथन है:
सुनंदा अपने पति के प्रति मौन समर्पण और सेवा का भाव रखती है
कालिंदीचरण क्रांतिकारी गतिविधियों और मित्रों में ही व्यस्त है
यह कहानी स्त्री के आंतरिक अकेलेपन और उपेक्षा को चित्रित करती है
कालिंदीचरण अपनी पत्नी सुनंदा की भावनाओं का बहुत आदर करते हैं
कालिंदीचरण अपनी पत्नी के प्रति बहुत ही उपेक्षित व्यवहार करते हैं और उसकी भावनाओं को कभी नहीं समझते।
109. अज्ञेय की विभाजन की विभीषिका पर केंद्रित कहानी ‘शरणदाता’ का प्रकाशन वर्ष क्या है?
1945 ई.
1947 ई.
यह कहानी 1947 ई.के विभाजन के तुरंत बाद लिखी और प्रकाशित की गई थी।
1941 ई.
1943 ई.
110. ‘आकाशदीप’ कहानी की मुख्य पात्र चम्पा की चारित्रिक विशेषता नहीं है:
वह जाह्नवी के तट की रहने वाली एक अत्यंत साहसी क्षत्रिय बालिका है
वह बुद्धगुप्त को अपने पिता का हत्यारा मानकर प्रतिशोध की इच्छा रखती है
वह द्वीप पर दीप जलाकर असहाय नाविकों और जीवों की सेवा करना चाहती है
वह बुद्धगुप्त के साथ विवाह कर स्वदेश (भारत) लौटने का निर्णय लेती है
चम्पा बुद्धगुप्त से प्रेम करने के बावजूद उसके साथ भारत नहीं जाती, बल्कि आजीवन उसी द्वीप पर सेवा करने का व्रत लेती है।
111. ‘पत्नी’ कहानी की पात्र सुनंदा के चरित्र की प्रमुख विशेषता कहानी के आधार पर क्या है?
वह अपने पति कालिंदीचरण के क्रांतिकारी विचारों का समर्थन करती है
वह कालिंदीचरण के मित्रों के साथ खुलकर बहस और चर्चा करती है
वह घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए नौकरी करना चाहती है
वह मूक समर्पण और आंतरिक अकेलेपन को झेलने वाली एक स्त्री है
सुनंदा अपने पति के प्रति समर्पित है, लेकिन उनके उपेक्षित व्यवहार से वह भीतर ही भीतर घुटती रहती है।
112. कहानियों में पात्रों के आवास और कार्यस्थलों के आधार पर सुमेलित जोड़ा कौन-सा है?
ताई – शहर
‘ताई’ कहानी एक समृद्ध शहर के घर की है, ‘रोज़’ में महेश्वर का जीवन सरकारी क्वार्टर तक सीमित है, ‘पत्नी’ में सुनंदा शहर के एक तिरस्कृत मकान में रहती है और ‘जहाँ लक्ष्मी कैद है’ में लक्ष्मी चक्की के पास वाली कोठरी में कैद है।
रोज़ – तिरस्कृत मकान
पत्नी – चक्की वाली कोठरी
जहाँ लक्ष्मी कैद है – सरकारी क्वार्टर
113. “वन के फूल ऐसे नहीं। प्रकृति के हाथों से लगे हैं। मेघों की धारा से बढ़े हैं। चटुल दृष्टि इन्हें पाती नहीं। जगद्वायु इन्हें छूती नहीं। यह सरल सुन्दर सौरभमय जीवन हैं।” – यह सौंदर्य वर्णन किस कहानी का आरंभिक हिस्सा है?
आकाशदीप कहानी
कानों में कँगना
यह गद्यांश कहानी की नायिका के भोलेपन और उसके प्राकृतिक सौंदर्य की तुलना वन के फूलों से करता है।
रसप्रिया कहानी
परिंदे कहानी
114. “दुनिया में ख़तरा बुरे की ताक़त के कारण नहीं, अच्छे की दुर्बलता के कारण है। भलाई की साहसहीनता ही सबसे बड़ी बुराई है। घने बादल से रात नहीं होती, सूरज के निस्तेज हो जाने से होती है।” —प्रस्तुत दार्शनिक गद्यांश का संबंध किस कहानी से है?
आकाशदीप कहानी
जहाँ लक्ष्मी कैद है
शरणदाता कहानी
यह गद्यांश पात्र की उस मानसिक स्थिति को दर्शाता है जहाँ वह अच्छाई और बुराई के द्वंद्व पर विचार करता है।
दिल्ली में एक मौत
115. “बच जा लंबी वालिए। समष्टि में इनके अर्थ हैं, कि तू जीने योग्य है, तू भाग्यों वाली है, पुत्रों को प्यारी है, लंबी उमर तेरे सामने है, तू क्यों मेरे पहिए के नीचे आना चाहती है?—बच जा।” – उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कहानी की प्रारंभिक भूमिका का हिस्सा हैं?
मलबे का मालिक
लाल पान की बेगम
दुनिया का अनमोल रत्न
उसने कहा था
यह अमृतसर के बंबूकार्ट वालों की विशिष्ट बोली का वर्णन है, जिससे कहानी का परिवेश निर्मित होता है।

यह MCQ quiz UPHESC Assistant Professor Hindi परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक उपयोगी अभ्यास सामग्री है। सिलेबस की कहानियों पर आधारित ये प्रश्न आपकी समझ और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाने में मदद करेंगे। आप इस quiz को attempt करके अपनी तैयारी का मूल्यांकन कर सकते हैं और कमजोर क्षेत्रों पर काम कर सकते हैं। नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है, इसलिए इस quiz को अवश्य हल करें और अपनी तैयारी को एक नए स्तर तक ले जाएं।

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