DSSSB TGT Hindi के सभी वर्षों के प्रश्न-पत्र देखें
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) द्वारा आयोजित TGT परीक्षा 23 अगस्त 2025 को तृतीय पाली में आयोजित हुई थी। हमने इस ब्लॉग पर DSSSB TGT 2023 के प्रश्नपत्र को क्विज के रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि आप इसे हल करते हुए अपनी तैयारी का स्तर परख सकें। यह क्विज आपको परीक्षा पैटर्न समझने, प्रश्नों की कठिनाई का अनुभव करने और आगामी परीक्षाओं के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।
1. ‘झाडू फेरना’ मुहावरे का सही अर्थ कौन सा है?
बुरा कार्य करना
अच्छा कार्य करना
नष्ट करना
‘झाडू फेरना’ मुहावरे का अर्थ ‘नष्ट करना’ है।
सफाई करना
2. ‘व’ का उच्चारण स्थान क्या है?
दंतोष्ठ
‘व’ और ‘फ’ का उच्चारण स्थान ‘दंतोष्ठ’ है।
दंत
मूर्धा
कण्ठ
3. निम्नलिखित में से किस पत्र/पत्रिका के प्रकाशन से हिंदी कहानियों का प्रारंभ स्वीकार किया गया है?
हिंदी गल्पमाला
उदंत मार्तंड
इंदु
सरस्वती
‘सरस्वती’ पत्रिका के प्रकाशन से हिंदी कहानियों का प्रारंभ स्वीकार किया गया है।
4. ‘जामे से बाहर होना’ मुहावरे का सही अर्थ कौन सा है?
मुर्खतापूर्ण कार्य करना
अति क्रुद्ध होना
‘जामे से बाहर होना’ मुहावरे का अर्थ- ‘अति क्रुद्ध होना’ है।
दुश्चरित्र होना
घर से बाहर निकलना
5. निम्न में से कौनसी रचना साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित है?
अंधेरे बंद कमरे
निराला की साहित्य साधना
रामविलास शर्मा कृत ‘निराला की साहित्य साधना’ को 1970 ई. में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वीणा
ज्योत्स्ना
6. निम्न में से कौन-सा वर्ण अर्धस्वर कहलाता है?
प
न
छ
य
‘य’ वर्ण अर्धस्वर कहलाता है।
7. “खुसरो ने ‘हिंदी’ शब्द का प्रयोग भारतीय मुसलमानों के लिए किया है और हिंदवी शब्द का ‘मध्यदेशीय भाषा’ के लिए। यह हिंदवी शब्द वस्तुतः ‘हिन्दुवी’ या ‘हिन्दुई’ है।” ये उद्धरण किसके द्वारा रचित है?
भोलानाथ तिवारी
उपरोक्त उद्धरण ‘भोलानाथ तिवारी’ के द्वारा रचित है।
कामताप्रसाद गुरु
वीरभारत तलवार
नंददुलारे वाजपेयी
8. मृदुला गर्ग का नाटक नहीं है-
जादू का कालीन
एक और अजनबी
दुलहिन एक पहाड़ की
ठहरा हुआ पानी
‘ठहरा हुआ पानी’ नाटक शांति मेहरोत्रा का है।
9. ‘मनहुँ उमंगि अंग-अंग छवि छलकै’- तुलसीदास की इस पंक्ति में कौन-सी शब्द-शक्ति है?
अभिधा
लक्षणा
तुलसीदास की उपर्युक्त पंक्ति में ‘लक्षणा’ शब्द-शक्ति है।
ध्वनि
व्यंजना
10. निबंध किस प्रकार की विधा है?
गद्य
निबंध ‘गद्य’ प्रकार की विधा है।
पद्य
काव्य
चम्पू काव्य
11. यात्रा वृत्तान्त लेखन का सूत्रपात किससे माना जाता है?
राहुल सांकृत्यायन
प्रताप नारायण मिश्र
भारतेन्दु हरिश्चंद्र
यात्रा वृत्तान्त लेखन का सूत्रपात ‘भारतेन्दु हरिश्चंद्र’ से माना जाता है।
देवी प्रसाद खत्री
12. निम्नलिखित में से धर्मवीर भारती के रिपोर्ताज को बताइए।
युद्ध यात्रा
‘युद्ध यात्रा’ धर्मवीर भारती का रिपोर्ताज है।
धरती के लिए
मुक्ति फौज
काल चिन्तन
13. शब्द की वह शक्ति जिससे वाच्यार्थ प्रकट होता है, क्या कहलाती है?
लक्षक
व्यंजना
लक्षणा
अभिधा
शब्द की वह शक्ति जिससे वाच्यार्थ प्रकट होता है, ‘अभिधा’ कहलाती है।
14. वर्तनी के आधार पर त्रुटियां पहचान कर शुद्ध वाक्य चिन्हित कीजिए।
एकता और हाथ की कारीगरी में जापान की कोई बराबरी नहीं कर सकता।
शुद्ध वाक्य: एकता और हाथ की कारीगरी में जापान की कोई बराबरी नहीं कर सकता।
एकता और हात की कारीगरी में जापान की कोई बराबरी नहीं कर सकता।
एकता और हाथ की कारीगरी में जापान कि कोई बराबरी नहीं कर सकता।
एकता और हाथ की करीगरी में जापान की कोई बराबरी नहीं कर सकता।
15. निम्न में से किस जीवनी को हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त है-
कलम का सिपाही
आकाल पुरुष गाँधी
निराला की साहित्य साधना
रामविलास शर्मा कृत ‘निराला की साहित्य साधना’ जीवनी को हिंदी साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त है।
मण्टो जिंदा है
16. ‘मृगनयनी’ किस प्रकार का उपन्यास है-
ऐतिहासिक
वृंदावनलाल वर्मा कृत ‘मृगनयनी’ ऐतिहासिक उपन्यास है।
सामाजिक
प्रयोगशील
मनोवैज्ञानिक
17. निम्नलिखित में से कौन प्राकृतवादी उपन्यासकार नहीं हैं?
ऋषभचरण जैन
बेचन शर्मा उग्र
चतुरसेन शास्त्री
जैनेन्द्र
जैनेन्द्र’ मनोविश्लेषणवादी उपन्यासकार हैं।
18. कंठ्य से उच्चरित ध्वनियों को क्या कहा जाता है?
काकु
ओष्ठ
काकल्य
कंठ्य
कंठ्य से उच्चरित ध्वनियों को ‘कंठ्य’ कहा जाता है।
19. हिंदी गद्य के विकास में निम्नलिखित में से किसका महत्त्वपूर्ण योगदान है और उनका संबंध फोर्टविलियम कॉलेज से भी रहा है?
सदल मिश्र
हिंदी गद्य के विकास में ‘सदल मिश्र’ का महत्त्वपूर्ण योगदान है और उनका संबंध फोर्टविलियम कॉलेज से भी रहा है।
पं. महावीरप्रसाद द्विवेदी
प्रतापनारायण मिश्र
भारतेन्दु हरिश्चंद्र
20. भारत में प्राचीन समय में कितनी लिपियाँ प्रचलित थीं?
5
2
3
भारत में प्राचीन समय में 3 लिपियाँ (ब्राह्मी, खरोष्ठी और सिंधु लिपि) प्रचलित थीं।
4
21. ‘मैं और मेरी कविता तो चाक पर चढ़ी हुई गीली मिट्टी हैं जिसमें से अनजान उँगलियाँ धीरे-धीरे मनचाहा रूप निकाल रही हैं’- कविता के संदर्भ में यह कथन ‘नई कविता’ के किस कवि का है-
श्रीकांत वर्मा
गिरजाकुमार माथुर
रघुवीर सहाय
धर्मवीर भरती
कविता के संदर्भ में यह कथन ‘नई कविता’ के कवि ‘धर्मवीर भरती’ का है।
22. भारतेंदु युगीन साहित्यकारों ने उपन्यास रचना की प्रेरणा प्राप्त की-
बंगला एवं रूसी उपन्यासों से
उर्दू एवं अंग्रेज़ी उपन्यासों से
बंगला और अंग्रेज़ी उपन्यासों से
भारतेंदु युगीन साहित्यकारों ने उपन्यास रचना की प्रेरणा ‘बंगला और अंग्रेजी’ उपन्यासों से प्राप्त की।
बंगला और उर्दू उपन्यासों से
23. राहुल सांकृत्यायन कृत ‘घुमक्कड़ शास्त्र’ का प्रकाश वर्ष है-
1943
1940
1948
राहुल सांकृत्यायन कृत ‘घुमक्कड़ शास्त्र’ का प्रकाश वर्ष 1948 है।
1946
24. गजानन माधव मुक्तिबोध द्वारा रचित ‘चाँद का मुँह टेढ़ा है’ का प्रकाशन वर्ष है-
1953 ई.
1975 ई.
1964 ई.
गजानन माधव मुक्तिबोध द्वारा रचित ‘चाँद का मुँह टेढ़ा है’ का प्रकाशन वर्ष 1964 ई. है।
1947 ई.
25. ‘नई कविता’ के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य नहीं है-
‘नई कविता’ के अग्रज कवि सच्चे अर्थों में मुक्तिबोध हैं
‘नई कविता’ युग का संबंध ‘नई कविता’ पत्रिका से है
‘भग्नदूत’ और ‘चिंता’ ‘नई कविता’ के महत्त्वपूर्ण काव्य-संकलन हैं
असत्य कथन: ‘भग्नदूत’ और ‘चिंता’ ‘नई कविता’ के महत्त्वपूर्ण काव्य-संकलन हैं
‘नई कविता’ नाम अज्ञेय का ही दिया हुआ है
26. आदिकाल को बीजवपन काल किसने कहा है।
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने आदिकाल को बीजवपन काल कहा है।
मिश्रबन्धु
रामकुमार वर्मा
सुमन राजे
27. ‘चक्रव्यूह’ काव्यग्रंथ के रचनाकार है-
उदय प्रकाश
विजयदेवनारायण साही
रघुवीर सहाय
कुँवर नारायण
‘चक्रव्यूह’ काव्यग्रंथ के रचनाकार ‘कुँवर नारायण’ हैं।
28. ‘मैथिल कोकिल’ की उपाधि किस कवि को दी गई है?
वृन्द
देव
विद्यापति
‘मैथिल कोकिल’ की उपाधि कवि ‘विद्यापति’ को दी गई है।
बिहारी
29. ‘पांचाली’ किसकी रचना है?
शिवमंगल सिंह सुमन
रांगेय राघव
‘पांचाली’ रांगेय राघव की रचना है।
रामधारी सिंह दिनकर
त्रिलोचन
30. ‘मनुष्य की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है।’ ये किस छायावादी कवि ने कहा है?
महादेवी वर्मा
निराला
यह कथन छायावादी कवि ‘निराला’ ने कहा है।
सुमित्रानंदन पंत
जयशंकर प्रसाद
31. पुस्तक और पुरस्कार का कौन-सा विकल्प सही नहीं है-
कितनी नावों में कितनी बार- ज्ञानपीठ पुरस्कार
अपूर्वा- साहित्य अकादमी पुरस्कार
उर्वशी- ज्ञानपीठ पुरस्कार
आत्महत्या के विरुद्ध- साहित्य अकादमी पुरस्कार
आत्महत्या के विरुद्ध- साहित्य अकादमी पुरस्कार
32. बालकृष्ण भट्ट द्वारा रचित ‘वेणु संहार’ नामक नाटक का प्रकाशन कब हुआ?
1903
1909
बालकृष्ण भट्ट द्वारा रचित ‘वेणु संहार’ नामक नाटक का प्रकाशन 1909 ई. में हुआ।
1930
1905
33. ‘एकांतवासी योगी’ रचना किसकी है?
मुकुटधर पांडेय
रामनरेश त्रिपाठी
श्रीधर पाठक
‘एकांतवासी योगी’ रचना ‘श्रीधर पाठक’ की है।
महावीर प्रसाद द्विवेदी
34. ‘काव्य के रूप’ के रचनाकार कौन हैं?
धनंजय
भगीरथ मिश्र
विवेकीराय
गुलाबराय
‘काव्य के रूप’ के रचनाकार ‘गुलाबराय’ हैं।
35. किस राजा ने रीति कालीन कवि पद्माकर भट्ट को पुरस्कृत किया?
जयपुर नरेश महाराजा प्रताप सिंह
जयपुर नरेश महाराजा प्रताप सिंह ने रीति कालीन कवि पद्माकर भट्ट को पुरस्कृत किया था।
महाराजा जय सिंह
जम्बू नरेश जोगजीत सिंह
भरतपुर के महाराजा बदन सिंह
36. भारतीय काव्यशास्त्र के प्रारंभिक काल का समय माना जाता है?
अज्ञात से 650 ई.
अज्ञात से 500 ई.
भारतीय काव्यशास्त्र के प्रारंभिक काल का समय ‘अज्ञात से 500 ई.’ तक माना जाता है।
अज्ञात से 550 ई.
अज्ञात से 600 ई.
37. निम्नलिखित में से कौन सी रचना नरेश मेहता द्वारा रचित नहीं है?
मेरा समर्पित एकांत
बुनी हुई रस्सी
‘बुनी हुई रस्सी’ भवानीप्रसाद मिश्र द्वारा रचित एक कविता–संग्रह है जिसके लिये उन्हें सन् 1972 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अरण्या
उत्सवा
38. निम्नलिखित में से कौन सी रचना केदारनाथ अग्रवाल द्वारा रचित नहीं है?
युग की गंगा
हिल्लोल
हिल्लोल शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ का पहला कविता-संग्रह है, जो 1939 में प्रकाशित हुआ था।
अपूर्वा
गुलमेहंदी
39. आदिकाल के किस कवि को अपभ्रंश भाषा का वाल्मीकि तथा व्यास कहा जाता है?
नारोपा
लुइपा
तिलोपा
स्वयंभू
आदिकाल के कवि ‘स्वयंभू’ को अपभ्रंश भाषा का वाल्मीकि तथा व्यास कहा जाता है।
40. ‘खड़ीबोली आंदोलन’ पुस्तक किसकी है?
प्रेमचंद
अयोध्या प्रसाद खत्री
‘खड़ीबोली आंदोलन’ पुस्तक ‘अयोध्या प्रसाद खत्री’ की है।
भारतेन्दु हरिश्चंद
अमीर ख़ुसरो
41. ‘तेग बहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी के पात्र समर्थ
तेग बहादुर, हाँ, वे ही थे गुरु-पदवी थी जिनके अर्थ’
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों में कौन सा अलंकार है-
लाटानुप्रास अलंकार
उपर्युक्त काव्य-पंक्तियों में ‘लाटानुप्रास’ अलंकार है। जहाँ शब्द और अर्थ दोनों दोहराए जाते हैं, पर उनके अन्वय में भेद होता है वहाँ ‘लाटानुप्रास’ अलंकार होता है।
श्रुत्यानुप्रास अलंकार
छेकानुप्रास अलंकार
अन्त्यानुप्रास अलंकार
42. वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के किस अंश में त्रुटि है, पहचानें-
भारत में भक्ति के क्षेत्र में रहस्यधर्मी मार्धय भाव का अधिक प्रचार नहीं हुआ।
प्रचार नहीं हुआ।
मार्धय भाव का अधिक
‘मार्धय भाव का अधिक’ त्रुटि अंश है। शुद्ध वाक्य होगा- भारत में भक्ति के क्षेत्र में रहस्यधर्मी माधुर्य भाव का अधिक प्रचार नहीं हुआ।
भारत में भक्ति के
क्षेत्र में रहस्यधर्मी
43. निम्नलिखित कथन किस विद्वान द्वारा कहा गया है-
‘हिंदी केवल उस खंड की भाषा को कह सकते हैं जिसे प्राचीन काल में मध्य देश अथवा अंतर्वेद कहते थे।’
भारतेन्दु हरिश्चंद्र
श्यामसुंदर दास
उक्त कथन ‘श्यामसुंदर दास’ द्वारा कहा गया है।
प्रतापनारायण मिश्र
बालमुकुंद गुप्त
44. देवनागरी लिपि के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य नहीं है-
देवनागरी लिपि का आरंभ 1000 ई. से माना जाता है
देवनागरी लिपि का विकास ब्राह्मी लिपि की उत्तरी शैली से हुई है
देवनागरी लिपि में हिंदी के अतिरिक्त मराठी, कोंकड़ी आदि कई भाषाएँ लिखी जाती हैं
देवनागरी लिपि में भारत की केवल पाँच भाषाएँ लिखी जाती हैं
असत्य कथन: देवनागरी लिपि में भारत की केवल पाँच भाषाएँ लिखी जाती हैं।
45. रेखांकित शब्द (कर्मशील) का सही पर्याय अंकित कीजिए।
जीवन की सफलता व्यक्ति के ‘कर्मशील’ होने में छिपी होती है।
द्विकर्मी
शीलवान
अकर्मण्य
कर्मवान
रेखांकित शब्द (कर्मशील) का पर्याय ‘कर्मवान’ है।
46. वर्तनी की दृष्टि से दिए गए वाक्य के किस अंश में त्रुटि है, पहचानें-
मानवेतर प्राणियों के वर्ग में असुर, राक्षस, बैताल, अप्सराएँ, परीयों आदि आते हैं।
वर्ग में असुर, राक्षस,
मानवेतर प्राणियों के
बैताल, अप्सराएँ,
परीयों आदि आते हैं।
‘परीयों आदि आते हैं।’ त्रुटिपूर्ण अंश है। शुद्ध वाक्य होगा- मानवेतर प्राणियों के वर्ग में असुर, राक्षस, बैताल, अप्सराएँ, पारियाँ आदि आते हैं।
47. ‘शब्दार्थों सहितो काव्यम’ यह उक्ति किसकी है?
भामह
‘शब्दार्थों सहितो काव्यम’ उक्ति ‘भामह’ का है।
दंडी
मम्मट
आनंदवर्धन
48. निम्नलिखित में से किस एक लेखिका ने नाटकों का सृजन नहीं किया है?
गिरीश रस्तोगी
कुसुम कुमार
शोभना भूटानी
कृष्णा सोबती
‘कृष्णा सोबती’ ने नाटकों का सृजन नहीं किया है।
49. ‘गहन’ के पर्याय से दिए गए वाक्य के रिक्त स्थान को पूर्ण करें-
राजस्थान के कई किले ……… पहाड़ियों पर निर्मित हैं।
दुर्जन
उच्च
दुर्गम
राजस्थान के कई किले ‘दुर्गम’ पहाड़ियों पर निर्मित हैं।
निर्जन
50. ‘आँख का काजल’ मुहावरे का सही अर्थ है-
आँख में धूल होना
देखा-देखी होना
अत्यंत प्रिय
‘आँख का काजल’ मुहावरे का अर्थ ‘अत्यंत प्रिय’ है।
साथ रहना
51. ‘मगही’ भाषा किस लिपि में लिखी जाती है?
रोमन
गुरुमुखी
देवनागरी
‘मगही’ भाषा ‘देवनागरी’ लिपि में लिखी जाती है।
उड़िया
52. ‘पेशोला की प्रतिध्वनि’ नामक रचना के रचयिता कौन है?
निराला
सुमित्रानंदन पंत
जयशंकर प्रसाद
‘पेशोला की प्रतिध्वनि’ नामक रचना के रचयिता ‘जयशंकर प्रसाद’ हैं।
महादेवी वर्मा
53. संविधान के किस अनुच्छेद में देवनागरी लिपि में लिखित हिंदी को संघ की राज भाषा घोषित किया गया है?
अनु. 348
अनु. 347
संविधान के ‘अनु. 347’ में देवनागरी लिपि में लिखित हिंदी को संघ की राज भाषा घोषित किया गया है।
अनु. 343
अनु. 345
54. द्विवेदी युग के किस कवि को ‘कविता कामिनी कांत’ उपाधि से विभूषित किया गया है?
जगन्नाथ दास रत्नाकर
ठाकुर गोपाल सिंह
नाथूराम शर्मा ‘शंकर’
द्विवेदी युग के कवि नाथूराम शर्मा ‘शंकर’ को ‘कविता कामिनी कांत’ उपाधि से विभूषित किया गया है।
सत्यनारायण ‘कविरत्न’
55. ‘परवर्ती अपभ्रंश’ को ‘पुरानी हिंदी’ किसने कहा?
चंद्रधर शर्मा गुलेरी
चंद्रधर शर्मा गुलेरी ने ‘परवर्ती अपभ्रंश’ को ‘पुरानी हिंदी’ कहा है।
महावीर प्रसाद द्विवेदी
आचार्य नरेन्द्र देव
आचार्य रामचंद्र शुक्ल
56. भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा खड़ी बोली में रचित कविता है-
प्रात समीरन
जीर्ण जनपद
फूलो का गुच्छा
भारतेंदु हरिश्चंद्र द्वारा खड़ी बोली में रचित कविता ‘फूलो का गुच्छा’ है।
गुलमोहर का गुच्छा
57. ‘तालाब’ के पर्याय से दिए गए वाक्य के रिक्त स्थान को पूर्ण करें-
कमल ……… में खिलते हैं।
तड़ाग
कमल ‘तड़ाग’ में खिलते हैं।
उदधि
तरी
आपगा
58. ‘उगल देना’ मुहावरे का सही अर्थ है-
भीषण गर्मी
भेद खोल देना
‘उगल देना’ मुहावरे का अर्थ ‘भेद खोल देना’ है।
अपच हो जाना
उलटी कर देना
59. दिए गए विकल्पों में से कौन-सा ‘पराधीन’ शब्द का पर्याय है?
परतंत्र
‘पराधीन’ शब्द का पर्याय ‘परतंत्र’ है।
कमज़ोर
पतंग
सेविका
60. ‘पंक्ति’ से पाली की उत्पत्ति मानने वाले विद्वान हैं-
प्रो. स्लेगन
वररुचि
मैक्स विल्सन
आचार्य विधुशेखर
‘पंक्ति’ से पाली की उत्पत्ति मानने वाले विद्वान ‘आचार्य विधुशेखर’ हैं।
61. उचित कारक का प्रयोग करते हुए वाक्य पूर्ण करें-
केशव ……… बाल सुन्दर है।
ने
के
रिक्त स्थान पर उचित कारक ‘के’ होगा- केशव ‘के’ बाल सुन्दर है।
में
का
62. हरिवंश राय बच्चन की आत्मकथा नहीं है-
दशद्वार से सोपान तक
क्या भूलूँ क्या याद करूँ
नीड़ का निर्माण फिर
प्रवासी की डायरी
‘प्रवासी की डायरी’ (प्रवास की डायरी) हरिवंश राय बच्चन द्वारा लिखित एक प्रमुख ‘डायरी विधा’ की कृति है, जो 1952-53 के दौरान उनके प्रवास (शोध कार्य) पर आधारित है। यह 1971 में प्रकाशित हुई थी और इसे बच्चन जी के व्यक्तिगत अनुभवों का चित्रण माना जाता है।
63. ‘स्निग्ध’ के पर्याय से दिए गए वाक्य के रिक्त स्थान को पूर्ण करें-
……… व्यवहार से किसी को भी अपना बनाया जा सकता है।
क्रोधी
स्नेहिल
‘स्निग्ध’ के पर्याय ‘स्नेहिल’ से रिक्त स्थान पूर्ण होगा- स्नेहिल व्यवहार से किसी को भी अपना बनाया जा सकता है।
कर्कश
ममतामय
64. वर्तनी के आधार पर त्रुटियां पहचान कर शुद्ध वाक्य चिन्हित कीजिए।
विद्यालयों में कम वेतन पर अप्रशिक्षित अध्यापक नियुक्त कर लिए जाते हैं।
शुद्ध वाक्य: विद्यालयों में कम वेतन पर अप्रशिक्षित अध्यापक नियुक्त कर लिए जाते हैं।
विद्यालयों में कम वेतन पर अप्रशिक्षित अध्यापक नियुक्त कर लिए जात हैं।
विद्यालयों में कम वेतन पर अप्पशिक्षित अध्यापक नियुक्त कर लिए जाते हैं।
विद्यालयों में कम वेतन पर अप्रशिक्षित अध्यापक नीयुक्त कर लिए जाते हैं।
65. निम्न में से तद्भव शब्द पहचानें-
कौड़ी
तद्भव शब्द ‘कौड़ी’ है।
ग्राम
गो
गुहा
66. निम्नलिखित में से कौन-सी एक विशेषता मानक हिंदी की नहीं है-
कानून, चिकित्सा एवं तकनीकी की भाषा
व्याकरणिक नियमों में संदिग्धता
‘व्याकरणिक नियमों में संदिग्धता’ मानक हिंदी की विशेषता नहीं है।
राज-काज की भाषा
साहित्य व संस्कृति की भाषा
67. वर्तनी के आधार पर त्रुटियां पहचान कर शुद्ध वाक्य चिन्हित कीजिए।
अपनी भाषा का गौरव मन को आनंद विभोर कर देता है।
शुद्ध वाक्य: अपनी भाषा का गौरव मन को आनंद विभोर कर देता है।
अपनी भषा का गौरव मन को आनंद विभोर कर देता है।
अपनी भाषा का गौरव मन को आनंद विभोर कर देता है।
अपनी भाषा का गौरव मन को आनंद वीभोर कर देता है।
68. ‘सबसे उत्तम कहानी वह होती है, जिसका आधार किसी मनोवैज्ञानिक सत्य पर हो।’ किसने कहा है?
इलाचंद्र जोशी
प्रेमचंद
उक्त कथन ‘प्रेमचंद’ का है।
महावीर प्रसाद द्विवेदी
जैनेन्द्र
69. हिंदी उपन्यास को कितने खंडों में विभक्त किया गया है-
तीन
पाँच
चार
हिंदी उपन्यास को ‘चार’ खंडों में विभक्त किया गया है- (1) प्रारंभिक/भारतेंदु युग (1877-1918), (2) प्रेमचंद युग (1918-1936), (3) प्रेमचंदोत्तर युग/स्वतंत्र्योत्तर युग (1936/1947 के बाद) और (4) समकालीन हिंदी उपन्यास।
दो
70. निम्न में से तद्भव शब्द पहचानें-
गौर
कास
गोस्वामी
खाज
‘खाज’ तद्भव शब्द है।
71. दिए गए वाक्य को पढ़कर उचित शब्द से मुहावरे को पूरा कीजिए-
‘तुमने तो मेरी सारी मेहनत पर ……… फेर दिया।’
मेहंदी
पानी
तुमने तो मेरी सारी मेहनत पर ‘पानी’ फेर दिया।
पहाड़
विष
72. मध्यदेश को वर्तमान हिंदी प्रदेश की संज्ञा किस विद्वान ने दी है:
रामविलास शर्मा
उदयानारायण तिवारी
धीरेन्द्र वर्मा
‘धीरेन्द्र वर्मा’ ने मध्यदेश को वर्तमान हिंदी प्रदेश की संज्ञा दी है।
रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव
73. शासन-प्रशासन, न्यायिक-विधायिक कार्यों, शिक्षण-प्रशिक्षण, व्यापार-वाणिज्य, तकनीकी-प्रौद्योगिकी, ज्ञान-विज्ञान, अन्वेषण-प्रबंधन, उद्योग, राजनीति, जनसंचार-माध्यम और अनुवाद कार्यों में हिंदी के किस रूप का व्यवहार होता है-
साहित्यिक हिंदी
मानक हिंदी
शासन-प्रशासन, न्यायिक-विधायिक कार्यों, शिक्षण-प्रशिक्षण, व्यापार-वाणिज्य, तकनीकी-प्रौद्योगिकी, ज्ञान-विज्ञान, अन्वेषण-प्रबंधन, उद्योग, राजनीति, जनसंचार-माध्यम और अनुवाद कार्यों में ‘मानक हिंदी’ रूप का व्यवहार होता है।
संस्कृतनिष्ठ हिंदी
पश्चिमी हिंदी
74. भारत के संविधान का मान्य हिंदी अनुवाद किस भाषा में किया गया है-
मानक हिंदी भाषा में
भारत के संविधान का ‘मानक हिंदी’ भाषा में अनुवाद किया गया है।
संस्कृतनिष्ठ हिंदी में
अंग्रेजी भाषा में
तमिल भाषा में
75. हिंदी भाषा का मानकीकरण करने वाली किस संस्था द्वारा ‘देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी का मानकीकरण’ नाम से लघु पुस्तिका प्रकाशित की गई थी-
हिंदी भाषा प्रवर्तक संस्थान
केंद्रीय हिंदी विकास संस्थान
केंद्रीय हिंदी निदेशालय
हिंदी भाषा का मानकीकरण करने वाली ‘केंद्रीय हिंदी निदेशालय’ संस्था द्वारा ‘देवनागरी लिपि तथा हिंदी वर्तनी का मानकीकरण’ नाम से लघु पुस्तिका प्रकाशित की गई थी।
हिंदी भाषा अध्ययन शाला
76. दलित आत्मकथाओं से संबंधित एक विकल्प सुमेलित नहीं है?
जूठन- सन् 1997 ई.
मणिकर्णिका- सन् 2024 ई.
डॉ. तुलसीराम द्वारा रचित प्रसिद्ध दलित आत्मकथा ‘मणिकर्णिका’ का प्रकाशन वर्ष 2014 है। इनकी आत्मकथा का पहला भाग ‘मुर्दहिया’ वर्ष 2010 में प्रकाशित हुआ था।
मेरी पत्नी और भेड़िया- सन् 2010 ई.
दोहरा अभिशाप- सन् 1999 ई.
77. रेखांकित शब्द (आभूषण) का सही पर्याय अंकित कीजिए।
चरित्र एक ऐसा ‘आभूषण’ है, जो व्यक्ति में गौरव को स्थापित करता है।
विलक्षण
दूषण
भीषण
विभूषण
रेखांकित शब्द (आभूषण) का पर्याय ‘विभूषण’ है।
78. अशोक के ब्राह्मी लिपि के लेखों में किन मूल स्वरों के संकेत हैं-
औ, ऊ, ऋ, अ
अ, आ, इ, उ
अशोक के ब्राह्मी लिपि के लेखों में ‘अ, आ, इ, उ’ मूल स्वरों के संकेत हैं।
आ, ऋ, लू, औ
ई, ऊ, ए, ओ
79. नीचे दिए गए वाक्य के लिए सही मुहावरा बताइए-
‘युवकों को ……… होने पर ही विवाह करना चाहिए।’
अपने पैरों पर खड़े होना
युवकों को ‘अपने पैरों पर खड़े होना’ होने पर ही विवाह करना चाहिए।
अपने मुंह मियां मिडू
अपने पैर पसारने के बाद
अपने पैरों पर दौड़ने योग्य
80. निम्नलिखित विशेषता के आधार पर विधा का नाम बताएं।
संपर्क में आने वाले लोगों पर लिखना।
काव्य
कहानी
संस्मरण
संपर्क में आने वाले लोगों पर लिखना ‘संस्मरण’ विधा की विशेषता है।
रिपोर्ताज
Comprehension
दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
हिंदी में राम भक्ति काव्य धारा अपनी उदार समन्वय साधना के कारण बड़े आदर से याद की जाती है। इस समन्वय साधना का सर्वोत्तम रूप तुलसीदास के रचना-कर्म में प्रतिफलित हुआ है। आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विवेदी का कहना है कि ‘लोक नायक वही हो सकता है जो समन्वय कर सके। तुलसीदास का सारा काव्य समन्वय की विराट चेतना चेष्टा है। लोक-शास्त्र का समन्वय, गृहस्थ और वैराग्य का समन्वय, भाषा और संस्कृत का समन्वय, ब्राह्मण और चाण्डाल का समन्वय, निर्गुण तथा सगुण का समन्वय, पाण्डित्य और अपाण्डित्य का समन्वय ‘रामचरित मानस’ शुरू से आखिर तक समन्वय का काव्य है।’ विद्वानों ने ठीक कहा है कि गौतम बुद्ध के बाद तुलसीदास ही भारत के सबसे बड़े लोक नायक हुए हैं। सिद्धों-नाथों-कापालिकों-तांत्रिकों के चमत्कारवाद, गुह्य-साधना, कृच्छ-साधना से भक्ति मार्ग के साधकों को टकराकर नया मार्ग निकालना पड़ा। वाममार्गी मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा और मैथुन- इन पाँच मकारों की उपासना करते थे, तुलसी ने इस शाक्त मत का विरोध किया। तुलसी को वेद-मार्ग आता था- वैष्णव चिंतन परम्परा स्वीकार्य थी। रामानंद ने वैष्णव भक्ति के द्वार निचली जातियों के लिए खोलकर बड़ा सामाजिक उपकार किया। कबीर और तुलसी, निर्गुण और सगुण दोनों को मिला देने का नतीजा सुखदायक सिद्ध हुआ।
81. आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार तुलसीदास के काव्य में निम्न में से किस किस संबंध में समन्वय नहीं दिखता-
गृहस्थ्य और वैराग्य का समन्वय
स्त्री और पुरुष का समन्वय
आचार्य हज़ारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार तुलसीदास के काव्य में ‘स्त्री और पुरुष का समन्वय’ नहीं दिखता।
ब्राह्मण और चाण्डाल का समन्वय
पाण्डित्य और अपाण्डित्य का समन्वय
82. गद्यांश में तुलसीदास जी की तुलना निम्न में से किस के साथ की गयी है-
महावीर स्वामी
गौतम बुद्ध
गद्यांश में तुलसीदास जी की तुलना ‘गौतम बुद्ध’ के साथ की गयी है।
गुरु नानकदेव
महात्मा गाँधी
83. सिद्धों, तांत्रिकों, कापालिकों के पंच मकार में निम्न में से सम्मिलित नहीं है-
मुद्रिका
सिद्धों, तांत्रिकों, कापालिकों के पंच मकार में ‘मुद्रिका’ सम्मिलित नहीं है।
मांस
मद्य
मत्स्य
84. तुलसी ने विरोध किया-
समन्वय की भावना का
वैष्णव सम्प्रदाय का
शाक्त-मत का
तुलसी ने ‘शाक्त-मत का’ विरोध किया।
निर्गुण भक्ति का
85. ‘उदार’ का विलोम निम्न में से है-
अनुदार
‘उदार’ का विलोम ‘अनुदार’ है।
विउदार
आनुदार
अवुदार
Comprehension
गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दें।
खड़ी बोली हिंदी गद्य और भारतेंदु युगीन साहित्य के विकास में उस काल के पत्र-पत्रिकाओं का बड़ा योगदान है। हिंदी के पहले साप्ताहिक ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन कलकत्ता से 30 मई 1826 ई. को प्रारंभ हुआ और ग्राहकों के अभाव में 4 दिसम्बर 1827 ई. को बंद हो गया। कलकत्ता से ही हिंदी का पहला दैनिक समाचार-पत्र श्यामसुंदर सेन ने जून 1854. ई. में ‘समाचार सुधावर्षण’ के नाम से निकाला है, जो कई वर्षों तक प्राकशित होता रहा। बनारस से जनवरी 1845 ई. में गोविंद रघुनाथ थते के सम्पादन में राजा शिवप्रसाद ने ‘बनारस अखबार’ निकाला। हिंदी क्षेत्र से निकलने वाला यह पहला पत्र था। इसकी भाषा का झुकाव अरबी-फारसी शब्दों की ओर अधिक था। इन पत्रों में साहित्य का प्रकाशन नगण्य था, समाचारों का प्रकाशन ही मुख्य था। साहित्य का प्रकाशन तो स्वयं लेखकों द्वारा निकाले गए पत्र-पत्रिकाओं द्वारा हुआ। भारतेंदु हरिश्चंद्र ने ‘कविवचन-सुधा’ (1868 ई.) और ‘हरिश्चंद्र मैग्ज़ीन’ (1873 ई.) का प्रकाशन किया। उनके अतिरिक्त प्रतापनारायण मिश्र ने ‘ब्राह्मण’, लाला श्रीनिवासदास ने ‘सदादर्श’ चौ. बद्रीनारायण ‘प्रेमघन’ ने ‘आनंदकादम्बिनी’, बालकृष्ण भट्ट ने ‘हिंदी प्रदीप’ आदि पत्र निकाले। राष्ट्रीय सांस्कृतिक चेतना जगाने, रूढ़ियों और अंधविश्वास से मुक्त करके समाज सुधारने और भारत के भविष्य को उज्जवल बनाने के अतिरिक्त इनका उद्देश्य ‘यथा हिंदी भाषा का प्रचार करना व हिंदी लिखने वालों की संख्या-वृद्धि’ करना भी था।
86. हिंदी के पहले साप्ताहिक पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का प्रकाशन बंद हुआ-
30 मई 1827 को
4 दिसम्बर 1827 को
हिंदी के पहले साप्ताहिक पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ का प्रकाशन ‘4 दिसम्बर 1827 को’ बंद हुआ।
30 मई 1826 को
4 दिसम्बर 1826 को
87. हिंदी का पहला दैनिक समाचार-पत्र निम्न में से था-
समाचार सुधावर्षण
हिंदी का पहला दैनिक समाचार-पत्र ‘समाचार सुधावर्षण’ था।
हिंदी प्रदीप
कविवचन सुधा
बनारस अखबार
88. बनारस अखबार के संदर्भ में असत्य है-
हिंदी क्षेत्र में प्रकाशित होने वाला यह पहला पत्र था।
इस अखबार के सम्पादक राजा शिव प्रसाद थे।
बनारस से जनवरी 1845 ई. में गोविंद रघुनाथ थते के सम्पादन में राजा शिवप्रसाद ने ‘बनारस अखबार’ निकाला।
इसकी भाषा का झुकाव अरबी-फारसी की और अधिक था।
इसका प्रकाशन 1845 ई. में बनारस में आरम्भ हुआ।
89. भारतेंदुयुगीन लेखकों द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाओं का उद्देश्य निम्न में से नहीं था-
हिंदी भाषा का प्रचार करना
अंग्रेज़ी साम्राज्य का गुण-गान करना
भारतेंदुयुगीन लेखकों द्वारा प्रकाशित पत्र-पत्रिकाओं का उद्देश्य ‘अंग्रेज़ी साम्राज्य का गुण-गान करना’ नहीं था।
ज्ञानपीठ पुरस्कार
gyanpeeth award भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं...