DSSSB TGT Hindi के सभी वर्षों के प्रश्न-पत्र देखें
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) द्वारा आयोजित TGT परीक्षा 17 अगस्त 2025 को द्वितीय पाली में आयोजित हुई थी। हमने इस ब्लॉग पर DSSSB TGT 2025 के प्रश्नपत्र को क्विज के रूप में प्रस्तुत किया है, ताकि आप इसे हल करते हुए अपनी तैयारी का स्तर परख सकें। यह क्विज आपको परीक्षा पैटर्न समझने, प्रश्नों की कठिनाई का अनुभव करने और आगामी परीक्षाओं के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।
1. गुड़िया भीतर गुड़िया किसकी रचना है।
चन्द्र काँता
मैत्रयी पुष्पा
‘गुड़िया भीतर गुड़िया’ मैत्रयी पुष्पा की रचना है।
सुशीला टांकभोरे
अनीता राकेश
2. निम्नलिखित में से रेखाचित्र की पहचान कीजिये।
नहुष
हरी घाटी
रुसी सफरनामा
स्मृति के रेखाएं
‘स्मृति के रेखाएं’ महादेवी वर्मा की रचना है।
3. नीचे दिए विकल्पों में से जैनेन्द्र का कौन-सा उपन्यास शेष तीन के बाद प्रकाशित हुआ?
त्यागपत्र
सुनीता
कल्याणी
जैनेन्द्र कुमार के उपन्यासों का प्रकाशन वर्ष- परख (1929), सुनीता (1935), त्यागपत्र (1937), कल्याणी (1939), सुखदा (1953), विवर्त (1953), व्यतीत (1953), जयवर्धन (1956), मुक्तिबोध।
परख
4. निम्नलिखित में से असंगत बताइए-
अरे यायावर याद रहेगा- मोहन राकेश
‘अरे यायावर याद रहेगा’ अज्ञेय का यात्रा वृतांत है।
ठेले पर हिमालय- धर्मवीर भारती
भोर का सपना- राम दरश मिश्र
दिल्ली शहर दर शहर निर्मला जैन
5. निम्नलिखित में से किस लेखिका ने नाटक नहीं लिखे हैं?
कुसुम कुमार
इंदिरा दांगी
मीराकांत
महादेवी वर्मा
महादेवी वर्मा ने कोई भी नाटक नहीं लिखा है।
6. निम्न में से नाटककार और उनकी कृति के असुमेलित विकल्प का चयन करें-
मन्नू भंडारी-बिना दीवारों का घर
मीराकांत-काली बर्फ
मृदुला गर्ग-ठहरा हुआ पानी
‘ठहरा हुआ पानी’ शांति महरोत्रा द्वारा रचित हिंदी नाटक है, जो 1934 के आसपास लिखा गया था।
कुसुम कुमार-दिल्ली ऊँचा सुनती है
7. निम्नलिखित विशेषता के आधार पर विधा का नाम बताएं।
किसी स्थान के जन-जीवन एवं दर्शनीय स्थलों का वर्णन
कहानी
यात्रा-वृत्तांत
किसी स्थान के जन-जीवन एवं दर्शनीय स्थलों का वर्णन ‘यात्रा-वृत्तांत’ की विशेषता है।
आत्मकथा
जीवनी
8. उपन्यासकार अज्ञेय को आप किस कोटि में रखेंगे?
यथार्थवादी
मनोविश्लेषणवादी
अज्ञेय ‘मनोविश्लेषणवादी’ उपन्यासकार हैं।
ऐतिहासिक
सामाजिक
9. ज्ञानबोध किसकी रचना है?
रज्जब
धर्मदास
मलूकदास
ज्ञानबोध ‘मलूकदास’ की रचना है।
सींगा
10. निम्नलिखित रचनाओं में से कौन-सी जीवनी है?
टोपी शुक्ला
विचार-प्रवाह
बापू के कदमों में
‘बापू के कदमों में’ (1954) डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा रचित जीवनी है।
बुद्धिजीवी
11. हिंदी में उपन्यास रचना की प्रेरणा कहाँ से प्राप्त हुई?
बांग्ला से
हिंदी में उपन्यास रचना की प्रेरणा ‘बांग्ला’ से प्राप्त हुई।
अँग्रेज़ी से
अवधी से
ब्रज से
12. हिंदी में सचेतन कहानी को प्रारम्भ करने का श्रेय दिया जाता है-
गंगा प्रसाद विमल को
महीप सिंह को
हिंदी में ‘सचेतन कहानी’ को प्रारम्भ करने का श्रेय ‘महीप सिंह’ को दिया जाता है।
कमलेश्वर को
राजेंद्र यादव
13. नीचे दिए विकल्पों में से उपन्यासों का कौन-सा वर्ग प्रेमचंद पूर्व नहीं प्राप्त होता?
घटनात्मक
सामाजिक
जनवादी
जनवादी उपन्यासों का वर्ग प्रेमचंद पूर्व नहीं प्राप्त होता है।
ऐतिहासिक
14. नीचे दिए विकल्पों में जयशंकर प्रसाद के किस नाटक का प्रकाशन वर्ष गलत है?
चन्द्रगुप्त-सन् 1931 ई.
ध्रुवस्वामिनी-सन् 1933 ई.
स्कन्दगुप्त सन्-1928 ई.
अजातशत्रु-सन् 1912 ई.
जयशंकर प्रसाद के ‘अजातशत्रु’ नाटक का प्रकाशन वर्ष 1922 ई. है।
15. कौन सा कवि भारतेंदु मंडल का नहीं है?
प्रतापनाराण मिश्र
भारतेंदु
नाथूराम शर्मा शंकर
नाथूराम शर्मा ‘शंकर’ द्विवेदी युग के प्रमुख कवि हैं। उन्हें ‘भारत-ब्रजेंदु’ और ‘साहित्य-सुधाकर’ जैसी उपाधियों से सम्मानित किया गया था। उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा और खड़ीबोली दोनों में हैं।
अम्बिकादत्त व्यास
16. राजेन्द्र यादव का संबंध निम्न में से किस रचना से है?
अपने अपने पिंजरे
घुटन
देहरी भई विदेस
‘देहरी भई विदेस’ (2005) राजेन्द्र यादव द्वारा संपादित 20 लेखिकाओं के आत्मकथ्य (आत्म-जीवनी) है।
झोंपड़ी से राजभवन तक
17. निम्नलिखित में से किस जीवनी को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है।
एक पत्रकार की आत्मकथा
साधना का पथ पर
मेरा जीवन प्रवाह
प्रेमचंद: कलम का सिपाही
‘प्रेमचंद: कलम का सिपाही’ (1962) प्रेमचंद की प्रसिद्ध जीवनी है, जिसे उनके पुत्र अमृत राय ने लिखा है। अमृत राय को इस कृति के लिए 1963 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
18. 1900 में ‘इंदुमती’ कहानी का प्रकाशन किस पत्रिका में हुआ-
सरस्वती
वर्ष 1900 में ‘इंदुमती’ (किशोरी लाल गोस्वामी) कहानी का प्रकाशन ‘सरस्वती’ पत्रिका में हुआ था।
कविवचन सुधा
हिंदी प्रदीप
भारत मित्र
19. प्रियप्रवास किसके जीवन पर आधारित है?
लक्ष्मण
अकबर
कृष्ण
‘प्रियप्रवास’ (1914) अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ द्वारा रचित हिंदी खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है, जिसमें 17 सर्ग हैं। यह एक विरह-काव्य है, जो कृष्ण के मथुरा गमन और ब्रजवासियों की पीड़ा पर केंद्रित है। इसमें कृष्ण को भगवान के बजाय एक ‘महापुरुष’ और राधा को ‘लोक-सेविका’ के रूप में चित्रित किया गया है।
राम
20. निम्नलिखित रचनाओं में से रेखाचित्र कौन-सा है?
एक ब्रेक के बाद
गुलरा के बाबा
मैंने नाता तोड़ा
रेखा और रंग
‘रेखा और रंग’ (1955) आचार्य विनय मोहन शर्मा द्वारा रचित प्रसिद्ध रेखाचित्र/संस्मरण है।
21. भक्तिकाल की मुख्य भाषा कौन सी थी?
खड़ी बोली
अपभ्रंश
ब्रज भाषा
भक्तिकाल की मुख्य भाषा ‘ब्रजभाषा’ थी।
संस्कृत भाषा
22. रीति को काव्य की आत्मा किसने माना है?
धनंजय
दण्डी
वामन
रीति को काव्य की आत्मा आचार्य ‘वामन’ ने माना है।
उद्भट
23. निम्नलिखित में से कौन ‘नयी कविता’ पत्रिका की संपादन मंडली में शामिल है?
बच्चन सिंह
अज्ञेय
शमशेर बहादुर सिंह
जगदीश गुप्त
‘नयी कविता’ पत्रिका की संपादन मंडली में डॉ. जगदीश गुप्त, रामस्वरूप चतुर्वेदी और विजयदेव नारायण साही शामिल हैं।
24. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार हिंदी साहित्य के इतिहास के पूर्व मध्यकाल का समय है-
संवत् 1175 से 1700
संवत् 1475 से 1700
संवत् 1375 से 1700
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार हिंदी साहित्य के इतिहास के पूर्व मध्यकाल का समय संवत् 1375 से 1700 है।
संवत् 1275 से 1700
25. निम्नलिखित में से कौनसा क्रम असंगत है?
संदेश रासक – भक्ति काल
‘संदेश रासक’ अपभ्रंश भाषा में लिखा गया एक प्रसिद्ध खंडकाव्य है, जिसकी रचना 12वीं-13वीं शताब्दी के आसपास कवि अब्दुल रहमान (अद्दहमाण) ने की थी।
पृथ्वी राज रासो – आदिकाल
आलम केलि – रीतिकाल
अंधेर नगरी – आधुनिक काल
26. भारतीय काव्यशास्त्र का प्रथम सम्प्रदाय किसे माना जाता है-
रस सम्प्रदाय
‘रस सम्प्रदाय’ को भारतीय काव्यशास्त्र का प्रथम सम्प्रदाय माना जाता है।
ध्वनि सम्प्रदाय
रीति सम्प्रदाय
अलंकार सम्प्रदाय
27. तुलसीदास का जन्म वर्ष कौन सा माना जाता है?
1551 ई.
1478 ई.
1532 ई.
तुलसीदास का जन्म वर्ष 1532 ई. माना जाता है।
1623 ई.
28. ‘शृंगार विलास’ रचना किस कवि की है?
ठाकुर जगमोहन सिंह
बद्रिनारायण चौधरी
अम्बिकादत्त व्यास
प्रतापनारायण मिश्र
‘शृंगार विलास’ रचना प्रतापनारायण मिश्र की है।
29. ‘एक बूँद सहसा उछली’ के रचनाकार है-
कमलेश्वर
अज्ञेय
‘एक बूँद सहसा उछली’ के रचनाकार ‘अज्ञेय’ हैं।
नागार्जुन
ज्ञान रंजन
30. निबंध काव्य की विशेषता निम्न में से है-
इसमें प्राय: विचारधारा या भावधारा का प्राधान्य रहता है।
निबंध की विशेषता- इसमें प्राय: विचारधारा या भावधारा का प्राधान्य रहता है।
इसमें कथानक अनेक सर्गों में विभक्त होता है।
यह प्रायः ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित होता है।
इसमें चरित्र चित्रण का विस्तार से वर्णन होता है।
31. ‘मुकुल’ किसकी रचना है?
सुमित्रा कुमारी सिन्हा
लक्ष्मीनारायण मिश्र
माखनलाल चतुर्वेदी
सुभद्राकुमारी चौहान
‘मुकुल’ सुभद्राकुमारी चौहान की रचना है।
32. ‘बिहारी सतसई’ किस छंद में रचित है?
सोरठा
हरिगीतिका
दोहा
‘बिहारी सतसई’ दोहा छंद में रचित है।
चौपाई
33. किस रीति कालीन कवि को मंझौला के राजा ने पुरस्कार प्रदान किया?
मधुसुदन दास
रीति कालीन कवि ‘मधुसुदन दास’ को मंझौला के राजा ने पुरस्कार प्रदान किया था।
देवकीनंदन
कृष्णदास
लाला ठाकुरदास
34. निम्नलिखित के आधार पर विधा का नाम बताएं।
किसी के बहुआयामी व्यक्तित्व का आकलन
नाटक
संस्मरण
कविता
जीवनी
किसी के बहुआयामी व्यक्तित्व का आकलन ‘जीवनी’ विधा में होता है।
35. ‘धूप पौधों पर’ रचना के लिए गोविन्द मिश्र को कौन सा पुरस्कार दिया गया था?
शलाका सम्मान
व्यास सम्मान
सरस्वती सम्मान
‘धूप पौधों पर’ रचना के लिए गोविन्द मिश्र को ‘सरस्वती सम्मान’ दिया गया था।
भारत भारती सम्मान
36. निम्नलिखित रचनाओं को प्रकाशन वर्ष के अनुसार सही क्रम में लगाओ।
‘नाथ साहित्य’ रीतिकाल की धारा नही है, बल्कि यह आदिकाल की धारा है।
रीति मुक्त
39. तुलसीदास रचित ‘रामचरितमानस’ का रचनाकाल क्या है?
संवत् 1631
तुलसीदास रचित ‘रामचरितमानस’ का रचनाकाल संवत् 1631 है।
संवत् 1644
संवत् 1635
संवत् 1650
40. खण्डकाव्य के संदर्भ में असत्य कथन है
इसमे कथा संगठन आवश्यक होता है, सर्गबद्धता नहीं।
इसमें वस्तुवर्णन, चरित्र चित्रण के साथ कथा का विस्तार होता है।
खण्डकाव्य में वस्तुवर्णन, चरित्र चित्रण के साथ कथा का विस्तार नहीं होता है।
इसमें कथावस्तु सम्पूर्ण न होकर उसका एक अंश होता है।
प्राय: जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना आदि का मार्मिक उद्घाटन होता है।
41. ‘हालावाद’ का प्रवर्तक किसे माना जाता है?
नरेंद्र वर्मा
हरिवंश राय बच्चन
‘हालावाद’ का प्रवर्तक हरिवंश राय बच्चन को माना जाता है।
हरिशंकर शर्मा
रामकुमार वर्मा
42. ‘अछूत की शिकायत’ काव्य संग्रह कब प्रकाशित हुआ?
1910
1914
‘अछूत की शिकायत’ भोजपुरी कवि ‘हीरा डोम’ की रचना है। यह कविता सितंबर 1914 में महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा संपादित प्रसिद्ध पत्रिका सरस्वती में प्रकाशित हुई थी, जिसे हिंदी दलित साहित्य की पहली कविता माना जाता है।
1920
1915
43. यात्रा वृत्तांत साहित्य की कौन-सी विधा है?
पद्य विधा
नाट्यात्मक विधा
कहानी विधा
गद्य विधा
यात्रा वृत्तांत साहित्य की ‘गद्य विधा’ है।
44. निम्नलिखित वाक्य में चिन्हित शब्द (ध्येय) का उचित पर्यायवाची शब्द पहचानें।
इस काम को जल्दी करने से तुम्हारा ‘ध्येय’ पूरा हो जाएगा?
वसुधा
प्रयोजन
चिन्हित शब्द ‘ध्येय’ का उचित पर्यायवाची शब्द ‘प्रयोजन’ है।
दृष्टि
प्रयास
45. दिए गए शब्दों में विसर्ग संधि है-
दुर्गुण
दुर्गुण (दुः + गुण) विसर्ग संधि है।
महेश
विद्यालय
उपेन्द्र
46. जल ही जीवन है वाक्य में प्रयुक्त शब्द ‘जल’ का पर्यायवाची नहीं है-
तोय
वारि
दधि
‘दधि’ दही का पर्यायवाची शब्द है।
अम्बु
47. आभ्यंतर प्रयत्न के अनुसार, वर्णों के उच्चारण के मुख्य रूप से कितने भेद है?
दो
तीन
चार
आभ्यंतर प्रयत्न के अनुसार, वर्णों के उच्चारण के मुख्य रूप से चार भेद हैं- विवृत, स्पृष्ट, ईषत्- विवृत, ईषत्-स्पृष्ट।
सात
48. ‘हल्दीघाटी’ काव्य संग्रह किसका है?
महावीर प्रसाद द्विवेदी
रामनरेश त्रिपाठी
श्यामनारायण पांडेय
‘हल्दीघाटी’ काव्य संग्रह ‘श्यामनारायण पांडेय’ का है।
अनूप शर्मा
49. ‘मनोरथ’ में कौन-सी संधि है?
गुण संधि
दीर्घ संधि
विसर्ग संधि
‘मनोरथ’ (मनः + रथ) में विसर्ग संधि है।
व्यंजन संधि
50. केशवदास के काव्यशास्त्र संबंधी ग्रंथ ‘रसिकप्रिया’ का प्रकाशन वर्ष क्या है?
1617
1551
1591
केशवदास के काव्यशास्त्र संबंधी ग्रंथ ‘रसिकप्रिया’ का प्रकाशन वर्ष 1591 है।
1601
51. देवनागरी लिपि का सर्वप्रथम प्रयोग कहाँ हुआ?
गुजरात
देवनागरी लिपि का सर्वप्रथम प्रयोग ‘गुजरात’ में हुआ।
कर्नाटक
उत्तर प्रदेश
मध्य प्रदेश
52. स्पर्श व्यंजनों मे प्रत्येक वर्ग का दूसरा व चौथा वर्ण और ऊष्म वर्ण क्या कहलाता है?
ऊष्म
महाप्राण
स्पर्श व्यंजनों मे प्रत्येक वर्ग का दूसरा व चौथा वर्ण और ऊष्म वर्ण ‘महाप्राण’ कहलाता है।
अल्पप्राण
अन्तस्थ
53. प्राचीन देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से माना जाता है?
गुरुमुखी लिपि से
नेपाली लिपि से
सेमेलिट लिपि से
कुटिल लिपि से
प्राचीन देवनागरी लिपि का विकास ‘कुटिल लिपि’ से जाता है।
54. फारसी के प्रभाव से नागरी लिपि के निम्न में से किस वर्ण में नुक़्ते का प्रयोग होने लगा है-
ल
न
घ
फ
फारसी के प्रभाव से नागरी लिपि के ‘क, ख, ग, ज, फ’ वर्ण में नुक़्ते का प्रयोग होने लगा है।
55. गीता सभी ग्रंथों का ‘सार’ है। रेखांकित शब्द (सार) का अनेकार्थी नहीं है-
तत्व
रस
चोटी
चोटी के मुख्य अनेकार्थी शब्द शिखर (पहाड़ की चोटी), सिर/मूर्धा, वेणी (बालों की चोटी) और शिखा (कलगी) हैं।
निष्कर्ष
56. रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार भक्ति का समय सीमा है।
सन 1400-1650 ई.
संवत 1000-1375
सन 1350-1700 ई.
संवत् 1375-1700
रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार भक्ति का समय सीमा संवत् 1375-1700 है।
57. प्रगतिवाद का समय क्या है?
1930-1942
1936-1945
1930-1945
1936-1943
प्रगतिवाद का समय 1936-1943 ई. है।
58. ‘पउम चरियू’ किसकी रचना है?
लुइपा
कण्हपा
सरहपा
स्वयंभू
‘पउम चरियू’ स्वयंभू की रचना है।
59. ‘जगन्नाथ’ शब्द में कौन-सी संधि है?
गुण संधि
विसर्ग संधि
व्यंजन संधि
‘जगन्नाथ’ (जगत् + नाथ) शब्द में ‘व्यंजन संधि’ है।
स्वर संधि
60. ‘कुटिल लिपि’ से प्राचीन नागरी लिपि का विकास किस सदी में हुआ?
छठी सदी
ग्यारहवीं सदी
नवीं सदी
‘कुटिल लिपि’ से प्राचीन नागरी लिपि का विकास ‘नवीं सदी’ में हुआ।
चौथी सदी
61. उपयुक्त विकल्प का चयन कर वाक्य को पूर्ण करें।
‘नासिर नहा लिया’
पे
हे
ने
पूर्ण वाक्य- नासिर ‘ने’ नहा लिया।
से
62. दिए गए विकल्पों में ‘वराह’ शब्द का पर्यायवाची है-
घोडा
सुस्त
बकरी
शूकर
‘वराह’ शब्द का पर्यायवाची ‘शूकर’ है।
63. दिए गए विकल्पों में ‘सदन’ शब्द का पर्यायवाची है-
गोशाला
गाँव
निकेतन
‘सदन’ शब्द का पर्यायवाची ‘निकेतन’ है।
केतन
64. नीचे दिए गये वाक्य के किस भाग में त्रुटि है?
‘हमारे देश का ऊथान कब होगा’
कब होगा
ऊथान
हमारे देश का ‘ऊत्थान’ कब होगा।
हमारे
देश
65. निम्नलिखित लोकोक्ति का उचित अर्थ लिखें।
अंधे के आगे रोवे, अपना दीदा खोवे
मूर्ख को शाबाशी देना
अंधे व्यक्ति को डांटना
मूर्खों को सदुपदेश देना व्यर्थ है।
‘अंधे के आगे रोवे, अपना दीदा खोवे’ लोकोक्ति का अर्थ- मूर्खों को सदुपदेश देना व्यर्थ है।
अंधे व्यक्ति से झगड़ा हो जाना
66. दिये गए वाक्य में रेखांकित (भूँजी भाँग नहीं है) वाक्यांश / मुहावरे को प्रतिस्थापित करने के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन करें-
विद्युत-आपूर्ति तथा जल-आपूर्ति अभाव के कारण कृषकों के पास ‘भूँजी भाँग नहीं है’
तकनीकी सुविधाएँ न होना
उन्नत फसल न होना
कुछ भी धन-दौलत पास न होना
‘भूँजी भाँग नहीं है’ मुहावरे का अर्थ ‘कुछ भी धन-दौलत पास न होना’ है।
भाँग भुँजी हुई न होना
67. जहाँ पर एक ही स्थान में एक से अधिक अलंकार नीरक्षीरवत् मिले हुए हों, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है-
संकर अलंकार
जहाँ पर एक ही स्थान में एक से अधिक अलंकार नीरक्षीरवत् मिले हुए हों, वहाँ ‘संकर अलंकार’ होता है।
विशेषोक्ति अलंकार
अन्योक्ति अलंकार
संसृष्टि अलंकार
68. दिए गए विकल्पों में ‘अमुष्य’ शब्द का तद्भव रूप है-
अस्सी
अमानव
उस
‘अमुष्य’ शब्द का तद्भव रूप ‘उस’ है।
अमनुष्य
69. निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ पहचाने।
आँखों का तारा-
बहुत फीका
बहुत प्यारा
‘आँखों का तारा’ मुहावरे का अर्थ ‘बहुत प्यारा’ है।
बहुत स्वादिष्ट
बहुत गंदा
70. कुल कितनी शब्द-शक्तियाँ होती हैं?
2
4
3
कुल 3 शब्द-शक्तियाँ होती हैं- अभिधा, लक्षणा और व्यंजना।
6
71. दिए गए विकल्पों में ‘अष्ट’ शब्द का तद्भव रूप है।
अठावन
अनी
आठ
‘अष्ट’ शब्द का तद्भव रूप ‘आठ’ है।
अठखेली
72. राष्ट्रीय संपर्क भाषा हिंदी को भारत की संविधान सभा ने कब राजभाषा घोषित किया-
14 सितम्बर 1955
15 अगस्त 1947
15 नवंबर 1950
14 सितम्बर, 1949
राष्ट्रीय संपर्क भाषा हिंदी को भारत की संविधान सभा ने 14 सितम्बर, 1949 को राजभाषा घोषित किया था।
73. जो अलंकार शब्द और अर्थ दिनों पर आश्रित रहकर दोनों को चमत्कृत करता है क्या कहलाता है?
यमक अलंकार
उभयालंकार
जो अलंकार शब्द और अर्थ दिनों पर आश्रित रहकर दोनों को चमत्कृत करता है ‘उभयालंकार’ कहलाता है।
शब्दालंकार
अर्थालंकार
74. “प्रयोजनमूलक हिंदी के विपरीत अगर कोई हिंदी है तो वह निष्प्रयोजनमूलक नहीं वरन् आनंदमूलक हिंदी है। आनंद व्यक्ति सापेक्ष है और प्रयोजन समाज सापेक्ष, आनंद स्वकेंद्रित होता है और प्रयोजन समाज की ओर इशारा करता है” प्रयोजनमूलक हिंदी से सम्बन्धित यह मत किसका है-
डॉ. ब्रजेश्वर वर्मा
डॉ. नगेन्द्र
प्रयोजनमूलक हिंदी से सम्बन्धित यह मत ‘डॉ. नगेन्द्र’ का है।
स्टीवर्ट
डॉ. अर्जुन चह्नान
75. ‘दाल न गलना’ मुहावरे का सही अर्थ निम्नलिखित में से चुने।
वश न चलना
‘दाल न गलना’ मुहावरे का सही अर्थ ‘वश न चलना’ है।
दाल में पानी डालना
काम को आसान बनना
कठिन काम करना
76. “विद्युत की इस चकाचौंध में,
देख, दीप की लौ रोती है, अरी, हृदय को थाम,
महल के लिए झोपड़ी बलि होती है।”
इन पंक्तियों में कौन सी शब्द शक्ति है?
रूढ़ा लक्षणा
अभिधा
व्यंजना
प्रयोजनवती लक्षणा
इन पंक्तियों में ‘प्रयोजनवती लक्षणा’ शब्द शक्ति है। जहाँ किसी विशेष प्रयोजन (उद्देश्य), गुण या व्यंग्य को सिद्ध करने के लिए मुख्य अर्थ को छोड़कर उससे संबंधित अन्य लक्ष्यार्थ ग्रहण किया जाता है, प्रयोजनवती लक्षणा कहलाता है।
77. जो अलंकार शब्द और अर्थ दोनों पर आश्रित रहकर दोनों को चमत्कृत करते हैं, वे कौन से अलंकार कहलाते हैं-
अर्थालंकार
शब्दालंकार
पाश्चात्य अलंकार
उभयालंकार
जो अलंकार शब्द और अर्थ दोनों पर आश्रित रहकर दोनों को चमत्कृत करते हैं, वे ‘उभयालंकार’ कहलाते हैं।
78. दिये गये वाक्य के किस भाग में त्रुटि है-
‘राहुल बीमार था अत: इसलिए स्कूल नहीं गया’
बीमार था
स्कूल नहीं गया।
राहुल
अत: इसलिए
अत: या इसलिए में कोई एक ही वाक्य में प्रयुक्त होगा।
79. “अनेक भाषाओं की उपस्थिति के कारण जिस सुविधाजनक विशिष्ट भाषा के माध्यम से व्यक्ति-व्यक्ति, राज्य-राज्य, राज्य-केन्द्र तथा देश-विदेश के बीच सम्पर्क स्थापित किया जाता है, उसे सम्पर्क भाषा की संज्ञा दी जा सकती है”- सम्पर्क भाषा को इन शब्दों में किसने परिभाषित किया है-
डॉ. दंगल झाल्टे
सम्पर्क भाषा को इन शब्दों में ‘डॉ. दंगल झाल्टे’ ने परिभाषित किया है।
डॉ. महेन्द्र सिंह राणा
डॉ. पूरनचंद टंडन
डॉ. भोलानाथ तिवारी
80. संविधान में ‘सरकारी राजकाज के लिए प्रयुक्त भाषा’ किसे माना गया-
साहित्यिक भाषा
क्षेत्रीय भाषा
राजभाषा हिंदी
संविधान में ‘सरकारी राजकाज के लिए प्रयुक्त भाषा’ राजभाषा हिंदी को माना गया है।
विभाषा
Comprehension:
गद्यांश के आधार पर प्रश्न का उत्तर दें।
रामचरितमानस की विशिष्टता संसार के बड़े-बड़े रचनाकारों ने खुले हृदय से स्वीकार की है। महान लेखक व चिंतक जॉर्ज ग्रियर्सन ने रामचरितमानस की प्रशंसा करते हुए कहा है- ‘इसी जगत में बाइबल का जितना प्रचार है उससे कहीं अधिक हिंदू जनता में रामचरितमानस का प्रचार है। चाहे हिंदी के विशाल सागर में केवल रामचरितमानस ही शेष रह जाए तो भी हिंदी दरिद्र नहीं हो सकती। रामचरितमानस का आधार जितना महाराजाओं के राज प्रासाद में है उतना ही दीन दलित की पर्णकुटी में भी है। यदि एक तरफ बड़े-बड़े पंडित इसकी चौपाइयां मंत्र की तरह जपते हैं तो दूसरी तरफ निरक्षर भट्टाचार्य भी भैंस चराते हुए बड़ी सहजता से इसकी चौपाइयां गुनगुनाते हैं। यह मूलतः लोक समाज का महाकाव्य है। एक मनुष्य जब अपने चरम आदर्श को छू सकता है; तो यह ग्रंथ उसके आधार की स्थापना करता है।
81. गद्यांश में प्रयुक्त निम्न शब्द का सही पर्याय अंकित कीजिए।
चिंतक
चिता
विचारक
नश्वर
चिंता
चिंतक शब्द का पर्याय ‘चिंता’ है।
82. गद्यांश में प्रयुक्त निम्न शब्द का सही विलोम पहचानिए।
दरिद्र
धनाढ्य
दरिद्र का विलोम शब्द ‘धनाढ्य’ है।
दीन
शोषित
निर्धनता
83. गद्यांश में प्रयुक्त निम्न शब्द का सही अर्थ चिन्हित कीजिए।
निरक्षर
अपढ़
निरक्षर का सही अर्थ ‘अपढ़’ है।
साक्षर
पढ़ा लिखा
ज्ञानी
84. गद्यांश का उचित शीर्षक चिन्हित कीजिए।
मानस का हंस
रामचरितमानस की विशेषता
गद्यांश का उचित शीर्षक ‘रामचरितमानस की विशेषता’ है।
राम और सीता का जीवन चरित्र
राम की गाथा
85. गद्यांश का मुख्य विषय पहचानिए।
रामचरितमानस राजनीतिक जीवन का महाकाव्य
रामचरितमानस लोक जीवन का महाकाव्य
गद्यांश का मुख्य विषय ‘रामचरितमानस लोक जीवन का महाकाव्य’ है।
रामचरितमानस धार्मिक जीवन का महाकाव्य
रामचरितमानस संभ्रांत जीवन का महाकाव्य
दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नांकित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
उस समय तक राख ठंडी हो चुकी थी। सूरदास अटकल से द्वार की ओर झोंपड़े में घुसा; पर दो-तीन पग के बाद एकाएक पाँव भूबल में पड़ गया। ऊपर राख थी, लेकिन नीचे आग। तुरंत पाँव खींच लिया और अपनी लकड़ी से राख को उलटने-पलटने लगा, जिससे नीचे की आग भी जल्द राख हो जाए। आध घंटे में उसने सारी राख नीचे से ऊपर कर दी, और तब फिर डरते-डरते राख में पैर रखा। राख गर्म थी, पर असह्य न थी। उसने उसी जगह की सीध में राख को टटोलना शुरू किया, जहाँ छप्पर में पोटली रखी थी। उसका दिल धड़क रहा था। उसे विश्वास था कि रुपए मिलें या न मिलें, पर चाँदी तो कहीं गई ही नहीं। सहसा वह उछल पड़ा, कोई भारी चीज़ हाथ लगी। उठा लिया; पर टटोलकर देखा, तो मालूम हुआ ईंट का टुकड़ा है। फिर टटोलने लगा, जैसे कोई आदमी पानी में मछलियाँ टटोले। कोई चीज हाथ न लगी। तब तो उसने नैराश्य की उतावली और अधीरता के साथ सारी राख छान डाली। एक-एक मुट्ठी राख हाथ में लेकर देखी। लोटा मिला, तवा मिला, किंतु पोटली न मिली।
86. सूरदास का पाँव एकाएक किस पर पड़ गया?
पोटली पर
भूबल पर
सूरदास का पाँव एकाएक ‘भूबल’ पर पड़ गया।
बिस्तर पर
तवे पर
87. राख टटोलने पर सूरदास को क्या मिला?
चांदी
पोटली
सोना
लोटा
राख टटोलने पर सूरदास को ‘लोटा’ मिला।
88. सूरदास को किस चीज के मिलने का पूरा विश्वास था?
ज्ञानपीठ पुरस्कार
gyanpeeth award भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं...